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दिल्ली हाईकोर्ट
हाईकोर्ट में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा आपराधिक मानहानि मामले में भाजपा के चार नेताओं को तलब करने के निचली अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इस याचिका में दिल्ली जल बोर्ड और उसके उपाध्यक्ष राघव चड्ढा द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत में दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता सहित चार भाजपा नेताओं को तलब करने वाली शहर की एक अदालत द्वारा पारित हालिया आदेश को रद्द करने की मांग की गई।यह मामला बोर्ड पर 26,000 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर लगाए गए आरोपों से संबंधित है।याचिका दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रामवीर सिंह बिदुरी ने दायर की है। उन्हें ट्रायल कोर्ट...

बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी एक वैश्विक समस्या, शून्य सहनशीलता होनी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट
बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी एक वैश्विक समस्या, शून्य सहनशीलता होनी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वित्तीय संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी, भले ही नगण्य हो, को बहुत गंभीरता से देखा जाना चाहिए और ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने ग्राहकों के पैसे के दुरुपयोग के आरोपों के बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से बर्खास्त किए गए के सतीशचंद्र शेट्टी द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा, "बैंक कर्मचारियों द्वारा किए गए धोखाधड़ी अब एक वैश्विक समस्या बन गई है।" आगे कहा,"नकद चोरी...

क्या भारतीयों को वैध वीजा पर विदेशी तब्लीगी जमात में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया है? दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा
क्या भारतीयों को वैध वीजा पर विदेशी तब्लीगी जमात में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया है? दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस से इस सवाल पर जवाब मांगा कि क्या किसी भारतीय नागरिक को अपने निवास पर किसी विदेशी को रखने पर कोई रोक है, जो पिछले साल प्रासंगिक समय पर वैध पासपोर्ट और वीजा पर तब्लीगी जमात में शामिल होने के लिए भारत आया था।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता पिछले साल COVID-19 लॉकडाउन के बीच अपने घरों या मस्जिदों में तब्लीगी जमात में शामिल लोगों को पनाह देने के लिए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करने वाली भारतीय नागरिकों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थीं।अदालत...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलीमथ ने ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलीमथ ने ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ई-समिति की पहल पर विचार करते हुए ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया है।मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमथ ने न्यायमूर्ति रोहित आर्य, अध्यक्ष, ई-समिति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और अन्य साथी न्यायाधीशों की उपस्थिति में इसका उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में एम.पी.एस. रघुवंशी, अध्यक्ष, उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, ग्वालियर भी शामिल हुए। ई-समिति की पहल के तहत सुप्रीम कोर्ट ई-सेवा केंद्रों की स्थापना उच्च न्यायालयों और प्रत्येक राज्य के जिला न्यायालयों में की जाती है।ई-सेवा केंद्र वादियों...

वह तय नहीं कर सकता कि उसे जेल से कैसे लाया जाए: दिल्ली कोर्ट ने दंगों के आरोपी शाहरुख पठान की अलग वैन की मांग पर कहा
वह तय नहीं कर सकता कि उसे जेल से कैसे लाया जाए: दिल्ली कोर्ट ने दंगों के आरोपी शाहरुख पठान की अलग वैन की मांग पर कहा

दिल्ली कोर्ट ने पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के आरोपी शाहरुख पठान की जेल से कोर्ट लाने के लिए अलग वैन की मांग को खारिज कर दिया। लॉकअप इंचार्ज द्वारा दायर एक आवेदन में कहा गया कि दंगों के आरोपी शाहरुख पठान ने जेल वैन में सवार होने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह एक अलग वैन में कोर्ट जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि पठान यह निर्देश नहीं दे सकता कि उसे अदालत में कैसे लाया जाए।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि किसी व्यक्ति से किसी विशेष खतरे की आशंका के बिना शाहरुख पठान अपने लिए एक अलग वैन...

अधूरी केस डायरी न्याय प्रशासन में बाधा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस थानों को निर्देश जारी करने के आदेश दिए
'अधूरी केस डायरी न्याय प्रशासन में बाधा': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस थानों को निर्देश जारी करने के आदेश दिए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने अधूरी केस डायरी (Case Diary) या केस डायरी में भौतिक चूक की प्रवृत्ति को देखते हुए, जो न्याय प्रशासन में बाधा डालती है, हाल ही में पुलिस थानों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने के आदेश दिए।न्यायमूर्ति आनंद पाठक की खंडपीठ सुरेंद्र रावत द्वारा दायर तीसरी जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे जून 2021 में शिवपुरी पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8, 21 के तहत दर्ज एक मामले के संबंध में गिरफ्तार किया था।गौरतलब है कि आवेदक-आरोपी की पूर्व जमानत याचिका...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल, मंदिर और अस्पताल के पास स्थित शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक चिल्ड्रन स्कूल, अस्पताल और 50 साल पुराने मंदिर और आवासीय क्षेत्र के सामने स्थित एक लाइसेंसी शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर दायर पिछले एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर हफ्ते उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा।न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ याचिकाकर्ता इन-पर्सन अशोक कुमार शुक्ला द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसने हरि बाजार बालागंज, हरदोई रोड, लखनऊ में देशी शराब की दुकान, विदेशी शराब की दुकान और बीयर की दुकान को तत्काल स्थानांतरित /...

जजों को अपनी छुट्टियां नहीं गिननी चाहिए, कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं: जस्टिस एमआर शाह
'जजों को अपनी छुट्टियां नहीं गिननी चाहिए, कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं': जस्टिस एमआर शाह

बिहार न्यायिक अकादमी द्वारा रविवार को बिहार न्यायिक सेवा के 30 वें बैच के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के सत्र का आयोजन किया गया था।सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एमआर शाह ने के समापन सत्र में कहा,"कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। न्यायाधीशों को अपनी छुट्टियों की गिनती नहीं करनी चाहिए, बल्कि लोगों की सेवा के लिए हर समय समर्पित करना चाहिए। इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति एमआर शाह के साथ न्यायमूर्ति संजय करोल, मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय सह संरक्षक, बिहार न्यायिक अकादमी; न्यायमूर्ति राजन गुप्ता,...

एनआईए ने भीमा कोरेगांव मामले में एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को डिफ़ॉल्ट जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ तुरंत सुनवाई की मांग की
एनआईए ने भीमा कोरेगांव मामले में एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को डिफ़ॉल्ट जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ तुरंत सुनवाई की मांग की

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए) ने सोमवार को भीमा कोरेगांव मामले में वकील-एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को डिफ़ॉल्ट जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई की मांग की।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार सुबह भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष एनआईए की याचिका का उल्लेख किया।सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "डिफॉल्ट जमानत देने का आदेश (दिसंबर) 8 तारीख से प्रभावी होगा, इसलिए मुझे कल सफल होना है या हारना है। दोष दूर हो गए हैं। याचिका को क्रमांकित किया गया है।"सीजेआई ने...

बिहार कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में नाबालिग-आरोपी को 24 घंटे के भीतर दोषी ठहराया, किशोरों में महिलाओं के प्रति सम्मान के लिए समाज में जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया
बिहार कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में नाबालिग-आरोपी को 24 घंटे के भीतर दोषी ठहराया, किशोरों में महिलाओं के प्रति सम्मान के लिए समाज में जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया

बिहार कोर्ट (Bihar Court) ने हाल ही में नाबालिगों में महिलाओं के प्रति सम्मान, अच्छे मूल्यों (संस्कार) की आवश्यकता पर जोर देते हुए 24 घंटे के भीतर 4 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) मामले में नाबालिग आरोपी को दोषी ठहराया।नालंदा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के प्रधान न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्रा और उषा कुमारी (सदस्य) ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा 4 के तहत अपराधों के लिए 14 वर्षीय नाबालिग को...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मॉब लिंचिंग मामले की जांच नहीं करने पर पुलिस अधिकारियों के व्यवहार की जांच करने को कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मॉब लिंचिंग मामले की जांच नहीं करने पर पुलिस अधिकारियों के व्यवहार की जांच करने को कहा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मॉब लिंचिंग के मामले में बंगाल के पुलिस विनियमन का पालन नहीं करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की खिंचाई करते हुए पिछले सप्ताह राज्य के दो पुलिस स्टेशनों के प्रभारी अधिकारियों के आचरण की जांच करने को कहा।न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की खंडपीठ ने यह आदेश शिबपुर और शेक्सपियर सरानी पुलिस थानों की ओर से यूडी (अप्राकृतिक मौत) का मामला दर्ज नहीं करने या मॉब लिंचिंग मामले की जांच करने में चूक के बाद जारी किया।अदालत दिसंबर, 2018 में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करने...

स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को रियायतें प्रदान करने पर फिर से विचार करने की आवश्यकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार से कहा
स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को रियायतें प्रदान करने पर फिर से विचार करने की आवश्यकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि यह उचित समय है कि सरकारें स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को रियायतें प्रदान करने पर फिर से विचार करें और इस बात की जांच करें कि क्या ऐसी सुविधाओं को आगे भी जारी रखने की अनुमति देना वांछनीय है।न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की खंडपीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोजगार और अन्य लाभों में आरक्षण प्रदान करके स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों को दिए गए लाभों को हमेशा के लिए जारी नहीं रखा जाना चाहिए और न ही...

इस तरह की फाइलिंग पूरी तरह से अस्वीकार्य: दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका में दस्तावेज़ को गलत तरीके से दाखिल करने पर नाखुशी जाहिर की
"इस तरह की फाइलिंग पूरी तरह से अस्वीकार्य": दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका में दस्तावेज़ को गलत तरीके से दाखिल करने पर नाखुशी जाहिर की

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में याचिका में एक 'मुड़ा हुआ तस्वीर' के रूप में एक नोटिस को अनुचित तरीके से दाखिल करने पर नाखुशी व्यक्त की है, जिसमें कहा गया है कि इस तरह की फाइलिंग अदालत या इसकी प्रक्रिया की पवित्रता की बहुत कम सेवा करती है।न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रतिवादी को इस मामले में 23 फरवरी, 2021 को जारी नोटिस एक मुड़ी हुई तस्वीर के रूप में दायर किया गया, जिसमें कागज रखने वाले की उंगलियां भी दिखाई दे रही थीं।अदालत ने कहा,"मेरे विचार से, इस तरह की फाइलिंग पूरी तरह...

राजनेता खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, इस खतरे से सख्ती से निपटने की जरूरत: इलाहाबाद हाईकोर्ट
राजनेता खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, इस खतरे से सख्ती से निपटने की जरूरत: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में यूपी विधानसभा में एक पूर्व विधायक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। उक्त पूर्व विधायक को निचली अदालत ने लॉकअप में एक व्यक्ति पर हमला करने के लिए दोषी ठहराया था।हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि,"आजकल विधायिका और राजनीतिक व्यक्ति खुद को कानून से ऊपर सोच रहे हैं। इस खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इससे सख्ती के साथ निपटा जाना चाहिए।"जस्टिस मो. असलम की पीठ हसरतुल्ला शेरवानी (पूर्व विधायक) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।...

केरल हाईकोर्ट
वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञ की सलाह को संवैधानिक न्यायालयों के फैसले से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है: केरल हाईकोर्ट कोविशिल्ड के लिए 84 दिनों की खुराक अंतराल को बरकरार रखते हुए कहा

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सिंगल जज के एक फैसले को उलटते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया कि कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक 84 दिनों के निर्धारित अंतराल के बाद ही दी जा सकती है।चीफ जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी चाली की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र द्वारा खुराक अंतराल में छूट को अस्वीकार करने का निर्णय उचित क्यों है। उन्होंने कहा, "एक बार जब यह स्थापित हो जाता है कि सरकार ने इस तरह की सलाह के आधार पर कार्रवाई की है तो यह सरकार को तय करना है कि इसके बारे में कैसे जाना है, ताकि आकस्मिक COVID-19...

दिल्ली हाईकोर्ट
पुलिस अधिकारियों को परेशान करने के लिए दायर की गई ओछी याचिकाएं पर विचार नहीं करना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि कोर्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस अधिकारियों को परेशान करने के लिए दायर ओछी याचिकाओं पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा,"देश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना राज्य का कर्तव्य है, लेकिन साथ ही इस न्यायालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ओछी याचिकाएं, जो केवल जांच में हस्तक्षेप करने और पुलिस अधिकारियों को परेशान करने के लिए दायर की जाती हैं, उन पर सुनवाई नहीं होनी चा‌‌हिए।"अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पुलिस...

जजों के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्टिंग को साजिश और संस्था के खिलाफ हमला माना जा सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों को जमानत से इनकार किया
जजों के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्टिंग को साजिश और संस्था के खिलाफ हमला माना जा सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों को जमानत से इनकार किया

सु्प्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में पांच लोगों को जमानत देने से इनकार करते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि जजों के खिलाफ सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी संस्था के खिलाफ साजिश और हमला माना जा सकता है।जस्टिस डी रमेश की खंडपीठ ने कहा कि जजों के खिलाफ लगाए गए आरोप न्यायालयों को बदनाम करने के दायरे में आते हैं।मामलापिछले साल चीफ जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस ललिता कन्नेगंती की खंडपीठ ने एक सांसद और एक पूर्व विधायक सहित 49 लोगों के खिलाफ...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पेड़ों के कंक्रीटीकरण पर स्कूलों की सामुदायिक भागीदारी और सहायता के लिए कहा; कोर्ट ने कहा- बच्चे वार्ड आर्मी होंगे

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में वसंत विहार इलाके में पेड़ों के कंक्रीटीकरण पर अधिकारियों की निष्क्रियता को उजागर करने वाली एक याचिका पर विचार करते हुए इस मुद्दे पर सामुदायिक भागीदारी और पड़ोसी स्कूलों की सहायता का आह्वान किया।न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने आदेश दिया,"वृक्ष अधिकारी इस संबंध में उचित कार्रवाई करेगा, जिसमें आरडब्ल्यूए के साथ बैठकें भी शामिल हैं ताकि सामुदायिक भागीदारी और बढ़ाया जा सके। यदि आवश्यक हो तो कार्यशालाएं आवासीय कॉलोनियों में भी आयोजित की जा सकती हैं। पड़ोस के स्कूलों की सहायता...