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तलाक के सभी रूप अवैध नहीं, केवल तीन तलाक अपराध: मुस्लिम पुरुष ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
एक मुस्लिम पुरुष ने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में उसने कहा है कि तलाक के सभी रूपों को अवैध घोषित नहीं किया गया है, जिसे अपराध बनाया गया है वह "तलाक-ए-बिद्दत" (तीन तलाक) है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने झारखंड हाईकोर्ट के 17 जनवरी, 2022 के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया है।हाईकोर्ट ने आक्षेपित फैसले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। याचिकाकर्ता के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का...
पुलिस शिकायत प्राधिकरण में मुख्य जांच अधिकारी की नियुक्ति में देरी का स्पष्टीकरण दें: केरल हाईकोर्ट ने राज्य से कहा
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य से राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में मुख्य जांच अधिकारी की नियुक्ति में हुए विलंब का स्पष्टीकरण मांगा। चीफ जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी चाली की खंडपीठ ने राज्य की इस दलील से असहमति जताई कि उसने इस मामले में अदालत के पिछले निर्देशों को लागू करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।कोर्ट ने कहा,"हालांकि श्री वी मनु, विद्वान वरिष्ठ सरकारी वकील ने प्रस्तुत किया कि इस न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों को लागू करने के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं, हम इस कारण से उक्त...
हिजाब फैसला: तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल ने जजों को मिली धमकी पर चिंता व्यक्त की
कक्षाओं में हिजाब प्रतिबंध (Hijab Ban) को बरकरार रखने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के फैसले को लेकर जजों को धमकी मिली। इसको लेकर तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा है, जिसमें उसने कर्नाटक राज्य सरकार से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया है।बार काउंसिल ने कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को धमकी देने वाले एक व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने के लिए तमिलनाडु सरकार को धन्यवाद दिया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें...
'पुलिस इस तथ्य से प्रभावित हो गई कि याचिकाकर्ता एक विशेष समुदाय से संबंधित हैं': गुजरात हाईकोर्ट ने हिरासत में यातना की जांच के आदेश दिए
गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को एक मामले में कड़ी फटकार लगाई है। पुलिस आईपीसी की धारा 328 और 394 के तहत चोरी और अन्य गलतियों की जांच करने की प्रक्रिया में "इस तथ्य से प्रभावित हुई कि याचिकाकर्ता एक विशेष समुदाय से संबंधित हैं"। कोर्ट ने पुलिस विशेषकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की "उदासीनता" पर निराशा व्यक्त की।जस्टिस निखिल करील याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर एक विशेष आपराधिक आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे। आवदेन पुलिस अधिकारियों की "ज्यादतियों" के संबंध में था, जिसमें डीएसपी और एसपी स्तर के वरिष्ठ...
जैविक पिता का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने पर भी दत्तक पुत्र दत्तक माता की जाति पाने का हकदार: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि गोद लिया हुआ बच्चा हर तरीके से अपने दत्तक माता-पिता के परिवार का सदस्य बन जाता है, अधिकारियों को उसकी मां की अनुसूचित जाति की पहचान के आधार पर 18 वर्षीय बेटे को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस सुनील शुक्रे और जस्टिस जीए सनप की बेंच ने कहा कि एक गोद लिया हुआ बच्चा अपनी दत्तक मां की जातिगत पहचान पाने का हकदार होगा, इसके बावजूद अधिकारियों ने बच्चे के जैविक पिता के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने पर जोर दिया।पीठ ने कहा कि मामले में राहत नहीं देने का...
दोषियों की समय से पहले रिहाई के लिए जेल प्राधिकरण की सिफारिश राज्य के लिए बाध्यकारी नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने समय पूर्व रिहाई के लिए जॉन डेविड के मामले पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जॉन डेविड 1996 में हुए पोन नवरसु हत्या मामले में दोषी है। जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस एए नक्कीरन ने कहा कि राज्य सरकार और राज्यपाल जेल अधिकारियों द्वारा जॉन डेविड के पक्ष में की गई सिफारिश से बाध्य नहीं हैं। अदालत ने कहा कि केवल राज्यपाल ही संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत किसी कैदी को समय से पहले रिहा करने के लिए दी गई शक्ति का राज्य मंत्रिमंडल की सलाह पर कर सकते हैं। मद्रास...
जब अन्य दंड कानून स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त हों तो निवारक नजरबंदी मान्य नहीं है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा, "जब तक कि यह मामला बनाने के लिए सामग्री न हो कि व्यक्ति समाज के लिए खतरा बन गया है, जिससे पूरा समाज परेशान हो रहा है और जिससे सामाजिक तंत्र खतरे में है, यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी गुजरात एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट, 1985 की धारा 2 (बी) के अर्थ में ऐसा व्यक्ति है।"जस्टिस राजेंद्र सरीन की पीठ अधिनियम की धारा 3 (2) के तहत याचिकाकर्ता के खिलाफ दिसंबर 2021 के नजरबंदी के आदेश के खिलाफ एक विशेष दीवानी आवेदन पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि...
कंपाउंडेबल अपराध के लिए समझौता सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि आरोपी पर एससी/एसटी एक्ट के तहत भी आरोप लगा था, लेकिन बरी कर दिया गया: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने हाल ही में आईपीसी की धारा 323 के तहत अपराध के कंपाउंडिंग की अनुमति दी, भले ही आरोपी पर मूल रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत आरोप लगाया गया था।जस्टिस अशोक कुमार जोशी की खंडपीठ ने कहा कि निचली अदालत ने याचिकाकर्ताओं-आरोपियों को आईपीसी की धारा 504, 506 (2), 427 के साथ पठित 114 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3 (1) (x) के तहत बरी कर दिया था। और इस तरह के दोषमुक्ति के खिलाफ शिकायतकर्ता / राज्य द्वारा कोई अपील नहीं की...
कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उड़ान में हवा में अशांति की जांच की मांग वाली जनहित याचिका दायर, केंद्र से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने सोमवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका में भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार से जवाब मांगा, जिसमें 4 मार्च को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चार्टर्ड उड़ान के दौरान हवा में अशांति की घटना की जांच की मांग की गई थी।चार मार्च को बनर्जी चुनाव प्रचार के बाद वाराणसी से कोलकाता लौट रही थीं। वो एक चार्टर्ड फ्लाइट में सवार हुईं, लेकिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने से ठीक पहले उन्हें हवाई अशांति का सामना करना पड़ा।कथित तौर पर इस घटना के...
दिल्ली दंगा: उमर खालिद की जमानत याचिका पर फैसला 23 मार्च तक टला
दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और यूएपीए के तहत आरोपों को शामिल करते हुए 2020 के दिल्ली दंगों में बड़ी साजिश का आरोप लगाने वाले एक मामले के सिलसिले में छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद द्वारा दायर जमानत याचिका पर सोमवार को एक बार फिर फैसले को टाल दिया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत अब बुधवार 23 मार्च को फैसला सुनाएंगे।खालिद की जमानत याचिका पर आदेश मूल रूप से 14 मार्च को सुनाया जाना था। हालांकि, पिछले सप्ताहांत में खालिद के लिए लिखित प्रस्तुतियां दाखिल करने के कारण इसे टाल दिया...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ड्रीम 11 के सह-संस्थापकों के खिलाफ एफआईआर रद्द की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक भावित शेठ और हर्ष जैन के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया। उक्त कंपनी 'ड्रीम 11' गेमिंग ऐप को बढ़ावा देती है।दोनों ने कर्नाटक पुलिस (संशोधन) अधिनियम, 2021 के तहत पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। यह अधिनियम राज्य में ऑनलाइन गेमिंग और जुए पर प्रतिबंध लगाता है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा,"कर्नाटक पुलिस अधिनियम में संशोधन कई रिट याचिकाओं...
वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सरकारी कर्मचारियों को सेवा से नहीं हटाया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट (Orissa High Court) ने कहा कि वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सरकारी कर्मचारियों को सेवा से नहीं हटाया जा सकता है।जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने कहा, "इस तथ्य के बावजूद कि याचिकाकर्ता को पांच साल से अधिक समय तक लगातार अनुपस्थित रहने पर प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी ठहराया जा सकता है, फिर भी उसे निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का सहारा लिए बिना हटाया नहीं जा सकता है।"क्या है पूरा मामला? स्कूल इंस्पेक्टर, जयपुर सर्कल ने ओडिशा सर्विस कोड के नियम...
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के जुहू बंगले को बीएमसी नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
मुंबई के आलीशान इलाके जुहू में स्थित एक बंगले के खिलाफ मुंबई नागरिक निकाय (म्यूनिसिपल सिविक बॉडी) द्वारा पारित आदेशों को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इस बंगले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनका परिवार रहता है।बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने जुहू में आदिश बंगले के खिलाफ आदेश जारी कर मालिकों/कब्जाधारियों को बंगले के अवैध विस्तार को ध्वस्त करने को कहा है। यदि मालिक/कब्जेदार ऐसा करने में विफल रहते हैं तो बीएमसी आगे बढ़कर उक्त विध्वंस को अंजाम देगी और...
गुजरात हाईकोर्ट ने ₹1,000 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले में अग्रिम जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में 1,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कथित मामले में आवेदकों-आरोपियों को अग्रिम जमानत दी।आरोप लगाया गया कि आवेदकों ने समझौते के नियमों और शर्तों का दुरुपयोग किया और 1000 करोड़ रुपये की कंपनी और इसकी संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने के उद्देश्य से केवल नौ करोड़ रूपये का वितरण किया।जस्टिस इलेश वोरा ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी, 420, 406 और धारा 114 के तहत कथित रूप से अपराध करने के आरोपियों द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत की याचिका को स्वीकार करते हुए...
"झूठे दावों को हतोत्साहित किया जाना चाहिए": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नौकरी के विवरण और अपनी आय छिपाने वाली एक महिला की भरण-पोषण की मांग वाली याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने हाल ही में कहा है कि झूठे दावों को पक्षकारों द्वारा हतोत्साहित किया जाना चाहिए, जबकि वे अदालत में राहत की मांग कर रहे हैं।कोर्ट ने इस प्रकार एक महिला के मामले के संबंध में कहा, जिसने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अपने द्वारा दायर एक भरण-पोषण याचिका में अपनी नौकरी के विवरण और अपनी आय छिपाई थी। जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की पीठ ने कहा कि अदालत में झूठे दावे करने की प्रथा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि एक पक्षकार के इस तरह के आचरण से...
अभियोजन के लिए स्वीकृति आदेश भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 74(iii) के तहत एक सार्वजनिक दस्तावेज: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते टिप्पणी की कि (अभियोजन के लिए) एक मंजूरी आदेश भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 74 (1) (iii) के अर्थ के भीतर एक सार्वजनिक दस्तावेज है और इसलिए, साक्ष्य अधिनियम की धारा 76/77 के तहत तैयार की गयी उसी की प्रमाणित प्रति साक्ष्य में स्वीकार्य है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए एसीजेएम, भिवानी (हरियाणा) द्वारा पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट, भिवानी को उनके द्वारा पारित एक मंजूरी आदेश को औपचारिक रूप...
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरीश चंद्र मिश्रा दिल्ली के लोकायुक्त नियुक्त
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति हरीश चंद्र मिश्रा को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली का लोकायुक्त नियुक्त किया। दिसंबर, 2020 में न्यायमूर्ति सुश्री रीवा खेत्रपाल के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त था।आधिकारिक गजट (दिनांक 15 मार्च) में जारी एक अधिसूचना के अनुसार, उपराज्यपाल अनिल बैजल ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मिश्रा को लोकायुक्त नियुक्त किया।अधिसूचना में कहा गया:"दिल्ली लोकायुक्त और उपलोकायुक्त अधिनियम, 1995 (1996 का दिल्ली अधिनियम 1) की धारा 5 सपठित धारा 3 की...
"राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामला": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान को पैसे भेजने, फर्जी लॉटरी चलाने के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक व्यक्ति-आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर फर्जी लॉटरी चला कर भारतीय नागरिकों को ठगने और पाकिस्तान में संचालकों को पैसे भेजने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने कहा कि भले ही जमानत-आवेदक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधान शुरू नहीं किए गए हैं। चूंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है और इसलिए, जमानत के लिए यह एक उपयुक्त मामला नहीं है।क्या है पूरा मामला?मूल रूप से जमानत आवेदक पर भारतीय दंड...
सीआरपीसी की धारा 227 - आरोपी को 'गंभीर संदेह' के अभाव में आरोप मुक्त कर दिया जाना चाहिए: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में यह व्यवस्था दी है कि कोर्ट द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय करने से पहले आरोपी के खिलाफ 'गंभीर संदेह' होना चाहिए न कि केवल 'संदेह' होना चाहिए। अन्यथा, आरोपी को बरी करने के लिए सीआरपीसी की धारा 227 के तहत 'पर्याप्त आधार' होगा।ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण की अनुमति देते हुए, न्यायमूर्ति शशिकांत मिश्रा की एकल पीठ ने कहा,"आगे की व्याख्या करने के लिए, संदेह पूरी तरह से अटकलों या कल्पना के दायरे में हो सकता है और बिना किसी आधार के भी हो सकता है, जबकि गंभीर...
कर्नाटक सरकार ने हिजाब मामले में फैसला सुनाने वाले जजों को Y कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की; धमकी भरे मैसेजस मिलने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया
कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी सहित तीन न्यायाधीशों को 'Y' कैटेगरी की सुरक्षा कवर प्रदान करने का निर्णय लिया है, जो उस पीठ का हिस्सा थे जिसने कॉलेजों में कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने पर प्रतिबंध को बरकरार रखा था।मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए इस फैसले की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट के मद्देनजर जजों के खिलाफ जान से मारने वाले मैसेज थे, जो...



















