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"एडवोकेट क्लर्क बार और बेंच के बीच के संबंधों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं": केरल हाईकोर्ट में एडवोकेट क्लर्कों को ई-फाइलिंग प्रक्रिया में शामिल करने की मांग वाली याचिका दायर
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) में याचिका दायर कर अधिवक्ता क्लर्कों को अदालतों के लिए इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग नियमों (केरल), 2021 और डिजिटल प्रक्रियाओं के नए शासन में शामिल करने की मांग की गई है।न्यायमूर्ति एन. नागरेश ने शुक्रवार को मामले को स्वीकार किया।याचिकाकर्ता एक अधिवक्ता क्लर्क हैं। उन्होंने ने आरोप लगाया है कि राज्य भर की अदालतों में ई-फाइलिंग प्रक्रिया की शुरूआत ने संविधान के अनुच्छेद 14, 19 (1) जी और 21 के तहत गारंटीकृत क्लर्कों के मौलिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।याचिकाकर्ता...
स्कूलों को 16 फरवरी से फिजिकल क्लासेस के लिए पूरी फीस लेने की अनुमति; 31 मार्च तक भुगतान में चूक के लिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने शुक्रवार को कहा कि COVID-19 मामलों में गिरावट और राज्य के स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करते हुए निजी स्कूलों द्वारा शारीरिक कक्षाओं के संबंध में ली जाने वाली फीस में 20 प्रतिशत की कटौती का उसका पूर्व निर्देश 16 फरवरी, 2022 से समाप्त हो जाएगा।कोर्ट ने कहा कि स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को 16 फरवरी, 2022 से छात्रों के साथ उनकी नीति और व्यवस्था के अनुसार फीस लेने की अनुमति दी जाएगी।न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी और न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की...
लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने केएसएलयू के कुलपति के कथित तौर पर निर्धारित आयु सीमा के बाद भी पद पर रहने के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
एक गैर-लाभकारी संगठन, लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने कर्नाटक राज्य लॉ यूनिवर्सिटी (केएसएलयू) के कुलपति के रूप में कथित तौर पर 65 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा के बाद भी अपने पद पर बने रहने वाले प्रो. (डॉ.) पी. ईश्वर भा पर सवाल उठाते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।याचिकाकर्ताओं की ओर से शुक्रवार को पेश हुए एडवोकेट विट्टल बी आर ने कहा कि केएसएलयू अधिनियम, 2009 की धारा 14 में कुलपति के कार्यकाल का स्पष्ट रूप से उल्लेख है। वर्तमान कुलपति के जन्म का वर्ष जैसा कि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में कहा गया...
एजी ने कहा, हिजाब इस्लाम की अनिवार्य प्रथा नहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, सरकारी आदेश में ऐसा कहने की क्या जरूरत थी?
कर्नाटक हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने शुक्रवार को मुस्लिम छात्राओं द्वारा दायर याचिकाओं पर राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी (एडवोकेट जनरल) को सुना। छात्राओं ने हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनने पर उन्हें एक सरकारी कॉलेज में प्रवेश करने से इनकार करने कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती दी है।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की खंडपीठ से एजी नवादगी ने कहा कि वह मुख्य रूप से निम्नलिखित आधारों पर बहस करेंगे:(i) हिजाब पहनना इस्लाम की आवश्यक धार्मिक प्रथा के...
धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों को गलत दावों से बचाना, उनकी रक्षा करना अदालतों का कर्तव्य: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने बुधवार को कहा कि धार्मिक और चैरिटेबल संस्थानों की संपत्तियों को गलत दावों या हेराफेरी से बचाना और उनकी रक्षा करना अदालतों का कर्तव्य है।न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पीजी अजितकुमार की खंडपीठ ने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड द्वारा दिल्ली के एक ट्रस्ट को पंबा क्षेत्र में नौ दिवसीय 'रामकथा' पाठ कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति वापस ले ली।पीठ ने कहा, "उदाहरण कई ऐसे हैं जहां मंदिरों, देवताओं और देवस्वम बोर्डों की संपत्तियों के प्रबंधन और सुरक्षा का...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए कुछ पदों को 'अनिवार्य' करने के यूपी सरकार के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। इस याचिका में सरकार के नेत्रहीन व्यक्तियों को कई सरकारी पदों के लिए आवेदन करने के लिए अयोग्य बनाने के फैसले को चुनौती दी गई है।अधिवक्ता श्वेताभ सिंह के माध्यम से ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड एंड नेशनल एसोसिएशन ऑफ द विजुअली हैंडीकैप द्वारा याचिका दायर की गई। इसमें कहा गया कि कई पद, जो पहले से ही नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए चिन्हित थे और ऐसे व्यक्ति पहले से ही ऐसे पदों पर प्रभावी ढंग से...
'बच्चे के जीवित रहने या सामान्य जीवन जीने की संभावना बहुत कम': कलकत्ता हाईकोर्ट ने लगभग 35 सप्ताह के भ्रूण के मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक महिला को उसके 34 सप्ताह व 6 दिन के भ्रूण को समाप्त करवाने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह अनुमति इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए दी है कि बच्चे के जीवित रहने या सामान्य जीवन जीने की संभावना बहुत कम है। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि अगर गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करवाने की अनुमति नहीं दी जाती है तो इससे मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम होगा। जस्टिस राजशेखर मंथा की पीठ इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से दायर उस याचिका पर अपना फैसला सुना रही...
मृत व्यक्ति के खिलाफ आयकर अधिनियम, 1861 की धारा 148 के तहत जारी पुनर्मूल्यांकन नोटिस अमान्यः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मृत व्यक्ति के खिलाफ आयकर अधिनियम, 1861 की धारा 148 के तहत जारी पुनर्मूल्यांकन नोटिस अमान्य (null and void) है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने सविता कपिला बनाम सहायक आयकर आयुक्त के मामले पर एक मृत व्यक्ति के खिलाफ नोटिस और परिणामी कार्यवाही की वैधता के सवाल का जवाब देने के लिए भरोसा किया।उक्त मामले में यह निर्धारित किया गया था कि,"एक आकलन को फिर से खोलने के लिए अधिकार क्षेत्र प्राप्त करने की अनिवार्यता यह है कि धारा 148 के तहत नोटिस एक सही...
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 12 के तहत जुवेनाइल को जमानत देते समय जमानती और गैर-जमानती अपराध में कोई अंतर नहीं: उत्तराखंड हाईकोर्ट
किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (JJ Act), 2015 की धारा 12 के आलोक में उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जो स्पष्ट रूप से एक बच्चा है, जमानतदार पेश करने की शर्त या बिना शर्त के जमानत पर रिहा होने का हकदार है या इसको एक परिवीक्षा अधिकारी की देखरेख में या किसी योग्य व्यक्ति की देखरेख में रखा जाएगा।न्यायमूर्ति आर.सी. खुल्बे ने कहा कि एक किशोर के संबंध में जमानती या गैर-जमानती अपराध के बीच का अंतर समाप्त कर दिया गया है।आगे कहा, "दूसरे शब्दों...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नीट काउंसलिंग के लिए अनजाने में गलत श्रेणी का चयन करने वाली एसटी उम्मीदवार के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया, अपवाद मानते हुए पंजीकरण की अनुमति दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने हाल ही में अनुसूचित जनजाति के एनईईटी उम्मीदवार की स्थितियों पर सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण लिया। उसने अनजाने में खुद को यूआर/एनआरआई कोटा के तहत पंजीकृत कर दिया था। कोर्ट ने काउंसलिंग के अंतिम दौर में उसे फिर से पंजीकृत करने की अनुमति दी।आमतौर पर, अदालतें ऐसी याचिकाओं को अनुमति देने से हिचकती हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस राजेंद्र कुमार (वर्मा) की खंडपीठ ने कहा, " यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि याचिकाकर्ता, जो एसटी वर्ग की छात्रा है...
मद्रास हाईकोर्ट ने FL2 लाइसेंस के बिना क्लब परिसर में शराब परोसने की वैधता पर राज्य से जवाब मांगा
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत क्लब परिसर के अंदर शराब की खपत के लिए FL2 लाइसेंस के कब्जे पर एकल पीठ द्वारा जोर देने के खिलाफ एक रिट अपील पर सुनवाई शुरू की।कांचीपुरम रीडिंग क्लब और टेनिस एसोसिएशन द्वारा एकल पीठ के आदेश के खिलाफ रिट अपील को प्राथमिकता दी गई। इसने उनके खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा के लिए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।पुलिस अधिकारी जो लगातार और अनावश्यक निरीक्षण के साथ अपने सदस्यों को कथित रूप से परेशान कर रहे थे।क्लब द्वारा एकल पीठ के समक्ष यह भी...
'जब एक महिला अपनी संतान को मारती है तो ऐसे मामलों में अक्सर जो दिखता है उससे ज्यादा कुछ होता है', केरल हाईकोर्ट ने 9 साल के बेटे की कथित हत्या के मामले में मां को बरी किया
केरल हाईकोर्ट ने एक मामले में एक महिला की सजा को उलटते हुए कहा, 'भगवान हर जगह नहीं हो सकता और इसलिए उसने मां बनाई।' निचली अदालत उसे अपने 9 साल के बेटे को मारने की आरोप में सजा सुनाई थी। उसने अपने अशांत वैवाहिक जीवन का बदला लेने के लिए ऐसा किया था।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस सी जयचंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर जो दिखता है उससे ज्यादा कुछ होता है।मामलाअभियोजन पक्ष का मामला यह था कि 2016 में महिला ने अपने बेटे के गले को बुरी तरह से रेत दिया और उसका मुंह तौलिये से दबाकर उसे मौत...
दिल्ली दंगे: अदालत ने न्यायिक आदेशों के बावजूद हथकड़ी में पेश करने के खिलाफ उमर खालिद की याचिका पर जेल, डीजीपी को नोटिस जारी किया
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में आरोपी उमर खालिद की याचिका पर डीजीपी, जेल को नोटिस जारी किया। इसमें न्यायिक आदेशों के बावजूद जेल अधिकारियों द्वारा हथकड़ी में उनकी अवैध पेशी की विभागीय जांच की मांग की गई।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आदेश दिया,"इस बात को दोहराने की आवश्यकता नहीं है कि एक अंडर-ट्रायल कैदी पूरी कार्यवाही के दौरान अदालत की हिरासत में रहता है। उसे बेड़ियों/हथकड़ी लगाने जैसा कोई भी कदम तभी लिया जा सकता है जब न्यायालय अनुरोध या आवेदन...
'सीआरपीसी का सहारा लें': कलकत्ता हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 226 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने वैकल्पिक उपाय की उपलब्धता के स्थापित सिद्धांत पर विचार करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका पुलिस अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज न करने से संबंधित शिकायत पर निर्णय के लिए दायर नहीं की जा सकती है।मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा,"शिकायत याचिकाकर्ता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज न करने के संबंध में है, इसलिए यह व्यक्तिगत प्रकृति की शिकायत है, जिसे एक जनहित याचिका...
स्पेशल कोर्ट ने अहमदाबाद ब्लास्ट मामले में 49 दोषियों में से 38 को फांसी,11 को उम्रकैद की सजा सुनाई
स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में (Ahmedabad serial blasts case) 49 दोषियों में से 38 को फांसी की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बाकी 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इनमें से एक दोषी, अयाज सैयद को जांच में मदद करने के एवज में बरी किया जा चुका है। इसके अलावा 29 भी सबूतों के अभाव में बरी हो चुके हैं।दोषी अहमदाबाद, भोपाल, गया, बेंगलुरु और देश के अन्य हिस्सों की जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यवाही में...
एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप लगाने के लिए अभियुक्तों को पीड़ित की जाति की जानकारी होना आवश्यकः गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए, यह स्थापित किया जाना चाहिए कि आरोपी को पीड़ित की जाति की जानकारी थी।जस्टिस बीएन करिया ने कहा, "यदि हम अधिनियम की धारा 3(5) (ए) का उल्लेख करते हैं तो आरोपी को यह जानकारी होना चाहिए कि ऐसा व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य है या ऐसी संपत्ति ऐसे सदस्य की है। यह आरोप कही भी नहीं लगा है कि शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों को यह जानकारी थी कि...
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जघन्य अपराध के मामले में जांच पूरी होने से पहले दी जमानत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने "न्यायिक विवेक" सीखने का निर्देश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, मैसूर को "न्यायिक विवेक" सीखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है ऐसा संस्था के हित में होगा और न्याय की तलाश में आए लोगों के हितों की सुरक्षा होगी। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि जज को न्यायिक विवेक सीखाने के लिए न्यायिक अकादमी में भेजा जाए।जस्टिस एचपी संदेश की बेंच ने कहा,रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि संबंधित न्यायिक अधिकारी को जघन्य अपराधों के मामले में जमानत देने से पहले अपने न्यायिक विवेक का प्रयोग करने में न्यायिक विचार...
केरल हाईकोर्ट के वकीलों ने वकीलों की फीस सीमित करने के लिए सिविल रूल्स ऑफ प्रैक्टिस में संशोधन का प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
केरल में कानूनी बिरादरी के लिए एक बड़ा झटका है। सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हाल ही में राज्य में वकीलों की फीस के संबंध में नियमों में संशोधन के प्रस्ताव के साथ बार काउंसिल ऑफ केरल के अध्यक्ष को एक पत्र संबोधित किया है।उच्च न्यायालय द्वारा प्रख्यापित केरल सिविल रूल्स ऑफ़ प्रैक्टिस, 1971 के परिशिष्ट VII में वकीलों की फीस के संबंध में कई नियमों का प्रावधान है।पत्र की सामग्री के अनुसार, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने 2019 में राज्य सरकार को एक पत्र लिखा था जिसमें अधिवक्ताओं द्वारा अपने...
एसएसबी परीक्षा- दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण उम्मीदवारों को मेटिकल टेस्ट में अनफिट घोषित किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह तीन उम्मीदवारों की ओर से दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उच्च अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिन्हें उनके दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित कर दिया गया था।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी के वकील को इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने को कहा और मामले को 23 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया।मामलाअवनीश कुमार और 2 अन्य लोग सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हेड कांस्टेबल (मंत्रिस्तरीय)...



















