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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कानूनी सबूत के अभाव में दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकती: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट (Jammu & Kashmir High Court) ने हाल ही में एक आपराधिक मामले में बरी करने की अपील को खारिज कर दिया।कोर्ट ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साक्ष्य को किसी भी तरह से कानूनी सबूत के अभाव में अभियुक्तों की दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता है। न्यायमूर्ति मोहन लाल और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा,"एक आपराधिक मुकदमे में, यह सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय का कर्तव्य है कि केवल अनुमान या संदेह कानूनी सबूत की जगह नहीं लेते हैं। संदेह मजबूत या संभावित...
तमिलनाडु सरकार ने LGBTQIA+ समुदाय के उत्पीड़न को रोकने के लिए पुलिस आचरण नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों के आचरण नियम, 1964 में नियम 24-सी को शामिल करके एक संशोधन अधिसूचित किया। उक्त नियम पुलिस अधिकारियों को LGBTQIA+ व्यक्तियों को परेशान करने से रोकता है।तमिलनाडु जिला पुलिस अधिनियम, 1859 की धारा आठ और चेन्नई शहर पुलिस अधिनियम, 1888 की धारा नौ द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तमिलनाडु सरकार के सर्कुलर में संशोधन को अधिसूचित किया गया।संशोधित पुलिस आचरण नियमावली में नियम 24-सी इस प्रकार है:"24-सी. कोई भी पुलिस अधिकारी LGBTQIA (समलैंगिक,...
'कदाचार का स्पष्ट मामला': राजस्थान हाईकोर्ट ने अनधिकृत गैर-हाज़री के लिए सेवा से हटाए गए सीआरपीएफ कांस्टेबल को राहत से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर खंडपीठ ने अनुशासनात्मक प्राधिकारी के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसने सीआरपीएफ कांस्टेबल-याचिकाकर्ता को छुट्टी की अवधि पूरी होने पर ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं करने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया था।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस सुदेश बंसल की खंडपीठ ने कहा,"हमारे विचार में याचिकाकर्ता ने हस्तक्षेप के लिए कोई मामला नहीं बनाया। याचिकाकर्ता सीआरपीएफ के एक कांस्टेबल के रूप में कार्यरत था, जो एक अनुशासित बल है। वह लगभग एक वर्ष तक बिना स्वीकृत छुट्टी या विभाग को...
'जनहित याचिका में लगाए गए आरोपों के संबंध में कम से कम एक बुनियादी सबूत पेश करने से छूट नहीं': राजस्थान हाईकोर्ट ने पब्लिक फंड में गबन का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर ने कहा है कि एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता अपने द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कम से कम एक बुनियादी सबूत पेश करने से छूट नहीं है।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस सुदेश बंसल की खंडपीठ ने कहा,"अन्यथा भी हम पाते हैं कि लंबी दलीलों वाली याचिका कथनों में लंबी है लेकिन सामग्री में कम है। याचिका में लगाए गए आरोपों के लिए सहायक साक्ष्य की आवश्यकता होती है। यहां तक कि एक जनहित याचिका में भी याचिकाकर्ता को अपने द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कम से कम एक बुनियादी सबूत...
[SSB Exam] दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट में अयोग्य घोषित किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते तीन उम्मीदवारों द्वारा दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उच्च अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिन्हें उनके दाहिने हाथों (फोरआर्म) पर धार्मिक टैटू के कारण मेडिकल टेस्ट में अयोग्य घोषित कर दिया गया है।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी के वकील को इस संबंध में निर्देश लेने का निर्देश दिया और मामले को 23 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट किया गया।याचिका में क्या कहा गया है?अवनीश कुमार और 2 अन्य लोग सशस्त्र सीमा बल...
जन्म और मृत्यु के देरी से हुए पंजीकरण की शुद्धता को सत्यापित करने का अधिकार केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के पास जन्म और मृत्यु के देरी से किए गए पंजीकरण, ऐसे पंजीकरण जिन्हें घटना के एक वर्ष के अंदर नहीं किया गया है, की शुद्धता को सत्यापित करने का अधिकार है। इस संबंध में कार्यपालक दंडाधिकारी को कोई अधिकार नहीं है।इस फैसले के विपरीत, इसने एमपी जन्म और मृत्यु पंजीकरण नियम, 1999 के नियम 9 को रद्द कर दिया, जिसने उक्त उद्देश्य के लिए जेएमएफसी के साथ कार्यकारी...
हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में नया जिला बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य में एक नया जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के निर्माण के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया।याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना को रद्द करने की मांग की थी। इसके तहत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 13 (2) के तहत रायगढ़ और बलौदा बाजार -भाटापारा की सीमा में परिवर्तन करके नए जिले का निर्माण करने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की।उक्त आवेदन ग्राम पंचायत कंडोला ने अपने...
लगभग 2 साल से तहसील वकील हड़ताल पर हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को उत्तर प्रदेश में हड़ताल कर रहे वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्होंने 5 फरवरी, 2020 से 5 जनवरी, 2022 के बीच हर तारीख को लगातार काम से परहेज किया था।न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने यह असाधारण आदेश यह देखने के बाद जारी किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने वकीलों द्वारा की गई हड़ताल को अवैध माना है और निर्देश दिया कि वकीलों के कहने पर न्यायिक कार्य को रोका और बाधित नहीं किया जा सकता...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के दस एडवोकेट को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति करने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 16 फरवरी को हुई अपनी बैठक में बॉम्बे हाईकोर्ट के दस एडवोकेट को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की।पदोन्नति किए जाने वाले एडवोकेट में शामिल हैं:1. एडवोकेट किशोर चंद्रकांत संत,2. एडवोकेट वाल्मीकि मेनेजेस एसए,3. एडवोकेट कमल रश्मि खाता,4. एडवोकेट शर्मिला उत्तमराव देशमुख,5. एडवोकेट अरुण रामनाथ पेडनेकर,6. एडवोकेट संदीप विष्णुपंत मार्ने,7. एडवोकेट गौरी विनोद गोडसे,8. एडवोकेट राजेश शांताराम पाटिल,9. एडवोकेट आरिफ सालेह डॉक्टर, और10. एडवोकेट सोमशेखर सुंदरसनसिफारिश...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट के छह एडवोकेट को न्यायाधीशों के रूप पदोन्नति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 16 फरवरी, 2022 को हुई अपनी बैठक में मद्रास हाईकोर्ट में निम्नलिखित एडवोकेट को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।पदोन्नति के लिए स्वीकृत एडवोकेट हैं:1. एडवोकेट निदुमोलु माला,2. एडवोकेट सुंदर मोहन,3. एडवोकेट कबाली कुमारेश बाबू,4. एडवोकेट एस. सौंथर,5. एडवोकेट अब्दुल गनी अब्दुल हमीद, और6. एडवोकेट आर. जॉन सत्यन।सिफारिश डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें
पत्नी को किडनी डोनेट करने के लिए पति से एनओसी की जरूरत नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में कहा कि याचिकाकर्ता/मां द्वारा अपने बीमार बेटे को किडनी डोनेट करने के लिए प्रतिवादी/अस्पताल द्वारा उसके पति द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी न करने के आधार पर आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव याचिकाकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रहे थे, जो अस्पताल से संचार से व्यथित थी। अस्पताल ने किडनी ट्रांसप्लांट के उसके अनुरोध को खारिज कर दिया था।याचिकाकर्ता का मामला यह था कि उसका बेटा...
वित्तीय संकट विलंब का आधार हो सकता है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि वित्तीय संकट को विलंब को माफ करने का आधार माना जा सकता है। जस्टिस एपी ठाकर की पीठ ने कहा, कानूनी रूप से तय प्रस्ताव के रूप में, पक्षकारों और देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति के मद्देनजर वित्तीय संकट को विलंब के माफी के आधारों में से एक माना जा सकता है।उन्होंने एक आदेश से पैदा हुई अपील को दायर करने में हुई 399 दिनों की देरी के लिए एक दीवानी आवेदन के संबंध में यह अवलोकन किया। फैसले में आवेदक को वाद संपत्ति में तीसरे पक्ष के हित को स्थानांतरित करने, पृथक करने या निर्मित...
[पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी] पंजाब और हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए हाईकोर्ट में समय-सीमा बताई
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब और हरियाणा राज्य सरकारों ने परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह और अन्य में सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए एक समयसीमा प्रस्तुत की। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी लगाने के लिए निर्देशित किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीन कार्यरत प्रत्येक पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।जस्टिस अमोल रतन सिंह की खंडपीठ हरियाणा सरकार ने बताया गया कि वह अन्यथा 01.04.2022...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फेसबुक पर पीएम नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पिछले हफ्ते उस व्यक्ति को जमानत दे दी, जिस पर फेसबुक और व्हाट्सएप पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था। इससे कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लोग नाराज हो गए थे।न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की खंडपीठ ने उसे अपराध की प्रकृति, अभियुक्त की मिलीभगत के बारे में रिकॉर्ड पर सबूत, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के बड़े जनादेश को ध्यान में रखते हुए जमानत दी।क्या है पूरा मामलाअनिवार्य रूप से, अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि...
महज अपने घर में तंबाकू उत्पाद रखना अपराध नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि केवल किसी के घर पर तंबाकू उत्पादों को रखने से कोई अपराध नहीं होता।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने एक आरोपी द्वारा दायर याचिका की अनुमति दी। इस आरोपी पर कथित तौर पर बच्चों को बेचने के लिए अपने आवास पर तंबाकू उत्पादों का संग्रह करने का आरोप लगाया गया था।कोर्ट ने कहा,"केवल आरोपी के घर पर तंबाकू उत्पादों को रखने से किसी भी तरह से अपराध नहीं होगा। अभियोजन पक्ष के पास ऐसा कोई मामला नहीं है कि याचिकाकर्ता ने सिगरेट या तंबाकू उत्पादों को बेचा या बेचने की पेशकश की या...
दिल्ली कोर्ट ने मानहानि मामले में सत्येंद्र जैन समेत आम आदमी पार्टी के 5 नेताओं को समन जारी किया
दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने भाजपा (BJP) नेता छैल बिहारी गोस्वामी द्वारा दायर मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पांच नेताओं सत्येंद्र जैन, आतिशी मार्लेना, राघव चड्ढा, दुर्गेश पाठक और सौरभ भारद्वाज को समन जारी किया है।अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडेय का प्रथम दृष्टया विचार है कि आरोपियों ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 34 के साथ पाठित धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत अपराध किया है।अदालत ने आदेश दिया, "आरोपी व्यक्तियों को 14.03.2022 को दोपहर...
पगड़ी पहनने वाले सेना में हो सकते हैं तो हिजाब पहनने वाली लड़कियां क्लास में क्यों नहीं आ सकतीं : अधिवक्ता रविवर्मा कुमार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी
कर्नाटक हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने बुधवार को भी हिजाब पर प्रतिबंध मामले में मुस्लिम छात्राओं द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखी। याचिकाकर्ता छात्राओं ने एक सरकारी कॉलेज के हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनने पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें कॉलेज में प्रवेश करने से इनकार करने की कार्रवाई को चुनौती दी।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रोफेसर रविवर्मा कुमार ने बुधवार को तर्क दिया कि राज्य मुस्लिम लड़कियों के साथ केवल उनके धर्म के आधार पर भेदभाव कर रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 5 फरवरी...
अगर ट्रायल कोर्ट का नजरिया 'विकृत' पाया जाता है तो बरी के खिलाफ अपील में हाईकोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते कहा कि हाईकोर्ट को ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित फैसले और बरी करने के आदेश में हस्तक्षेप करना चाहिए, अगर यह निष्कर्ष निकलता है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला विकृत या अन्यथा अस्थिर था। जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, मथुरा द्वारा पारित 2017 के आदेश के खिलाफ दायर एक अपील को खारिज करते हुए 3 व्यक्तियों को आईपीसी की धारा 302 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत बरी करते हुए उक्त टिप्पणी की।बाबू बनाम केरल राज्य (2010) 9...
यदि आरोपी का वकील पेश होने में विफल रहता है तो ट्रायल कोर्ट कानूनी सहायता वकील नियुक्त करने के लिए बाध्य : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि हिरासत में लिए गए आरोपी का प्रतिनिधित्व करने वाला वकील अदालत के सामने पेश होने में विफल रहता है, तो ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) आरोपी के बचाव के लिए कानूनी सहायता वकील नियुक्त करने के लिए बाध्य है।जस्टिस के एस मुदगल की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा, "भारत के संविधान का अनुच्छेद 39ए राज्य को आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के आधार पर न्याय तक पहुंच से वंचित नहीं करने का कर्तव्य देता है। संविधान के अनुच्छेद 39ए के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम...
पक्षकारों की सहमति से फैमिली कोर्ट द्वारा पारित किसी भी आदेश में अपील सुनवाई योग्य नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने हाल ही में कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 19(2), सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96(3) के तहत प्रावधान के समान है, जो पक्षकारों की सहमति से पारित डिक्री की अपील को प्रतिबंधित करती है।पीठ ने कहा गया है कि यह बार धारा 19(2) के तहत और विस्तार के साथ काम करता है। इसके अनुसार पक्षकारों की सहमति से फैमिली कोर्ट द्वारा पारित किसी भी आदेश में कोई अपील नहीं होगी।मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ द्वारा की जा रही थी, जिसने...












![[पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी] पंजाब और हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए हाईकोर्ट में समय-सीमा बताई [पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी] पंजाब और हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए हाईकोर्ट में समय-सीमा बताई](https://hindi.livelaw.in//356885-punjab-and-haryana-high-court.jpg)





