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वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सरकारी कर्मचारियों को सेवा से नहीं हटाया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट (Orissa High Court) ने कहा कि वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सरकारी कर्मचारियों को सेवा से नहीं हटाया जा सकता है।जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने कहा, "इस तथ्य के बावजूद कि याचिकाकर्ता को पांच साल से अधिक समय तक लगातार अनुपस्थित रहने पर प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी ठहराया जा सकता है, फिर भी उसे निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का सहारा लिए बिना हटाया नहीं जा सकता है।"क्या है पूरा मामला? स्कूल इंस्पेक्टर, जयपुर सर्कल ने ओडिशा सर्विस कोड के नियम...
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के जुहू बंगले को बीएमसी नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
मुंबई के आलीशान इलाके जुहू में स्थित एक बंगले के खिलाफ मुंबई नागरिक निकाय (म्यूनिसिपल सिविक बॉडी) द्वारा पारित आदेशों को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इस बंगले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनका परिवार रहता है।बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने जुहू में आदिश बंगले के खिलाफ आदेश जारी कर मालिकों/कब्जाधारियों को बंगले के अवैध विस्तार को ध्वस्त करने को कहा है। यदि मालिक/कब्जेदार ऐसा करने में विफल रहते हैं तो बीएमसी आगे बढ़कर उक्त विध्वंस को अंजाम देगी और...
गुजरात हाईकोर्ट ने ₹1,000 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले में अग्रिम जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में 1,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कथित मामले में आवेदकों-आरोपियों को अग्रिम जमानत दी।आरोप लगाया गया कि आवेदकों ने समझौते के नियमों और शर्तों का दुरुपयोग किया और 1000 करोड़ रुपये की कंपनी और इसकी संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने के उद्देश्य से केवल नौ करोड़ रूपये का वितरण किया।जस्टिस इलेश वोरा ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी, 420, 406 और धारा 114 के तहत कथित रूप से अपराध करने के आरोपियों द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत की याचिका को स्वीकार करते हुए...
"झूठे दावों को हतोत्साहित किया जाना चाहिए": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नौकरी के विवरण और अपनी आय छिपाने वाली एक महिला की भरण-पोषण की मांग वाली याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने हाल ही में कहा है कि झूठे दावों को पक्षकारों द्वारा हतोत्साहित किया जाना चाहिए, जबकि वे अदालत में राहत की मांग कर रहे हैं।कोर्ट ने इस प्रकार एक महिला के मामले के संबंध में कहा, जिसने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अपने द्वारा दायर एक भरण-पोषण याचिका में अपनी नौकरी के विवरण और अपनी आय छिपाई थी। जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की पीठ ने कहा कि अदालत में झूठे दावे करने की प्रथा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि एक पक्षकार के इस तरह के आचरण से...
अभियोजन के लिए स्वीकृति आदेश भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 74(iii) के तहत एक सार्वजनिक दस्तावेज: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते टिप्पणी की कि (अभियोजन के लिए) एक मंजूरी आदेश भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 74 (1) (iii) के अर्थ के भीतर एक सार्वजनिक दस्तावेज है और इसलिए, साक्ष्य अधिनियम की धारा 76/77 के तहत तैयार की गयी उसी की प्रमाणित प्रति साक्ष्य में स्वीकार्य है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए एसीजेएम, भिवानी (हरियाणा) द्वारा पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट, भिवानी को उनके द्वारा पारित एक मंजूरी आदेश को औपचारिक रूप...
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरीश चंद्र मिश्रा दिल्ली के लोकायुक्त नियुक्त
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति हरीश चंद्र मिश्रा को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली का लोकायुक्त नियुक्त किया। दिसंबर, 2020 में न्यायमूर्ति सुश्री रीवा खेत्रपाल के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त था।आधिकारिक गजट (दिनांक 15 मार्च) में जारी एक अधिसूचना के अनुसार, उपराज्यपाल अनिल बैजल ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मिश्रा को लोकायुक्त नियुक्त किया।अधिसूचना में कहा गया:"दिल्ली लोकायुक्त और उपलोकायुक्त अधिनियम, 1995 (1996 का दिल्ली अधिनियम 1) की धारा 5 सपठित धारा 3 की...
"राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामला": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान को पैसे भेजने, फर्जी लॉटरी चलाने के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक व्यक्ति-आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर फर्जी लॉटरी चला कर भारतीय नागरिकों को ठगने और पाकिस्तान में संचालकों को पैसे भेजने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने कहा कि भले ही जमानत-आवेदक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधान शुरू नहीं किए गए हैं। चूंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है और इसलिए, जमानत के लिए यह एक उपयुक्त मामला नहीं है।क्या है पूरा मामला?मूल रूप से जमानत आवेदक पर भारतीय दंड...
सीआरपीसी की धारा 227 - आरोपी को 'गंभीर संदेह' के अभाव में आरोप मुक्त कर दिया जाना चाहिए: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में यह व्यवस्था दी है कि कोर्ट द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय करने से पहले आरोपी के खिलाफ 'गंभीर संदेह' होना चाहिए न कि केवल 'संदेह' होना चाहिए। अन्यथा, आरोपी को बरी करने के लिए सीआरपीसी की धारा 227 के तहत 'पर्याप्त आधार' होगा।ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण की अनुमति देते हुए, न्यायमूर्ति शशिकांत मिश्रा की एकल पीठ ने कहा,"आगे की व्याख्या करने के लिए, संदेह पूरी तरह से अटकलों या कल्पना के दायरे में हो सकता है और बिना किसी आधार के भी हो सकता है, जबकि गंभीर...
कर्नाटक सरकार ने हिजाब मामले में फैसला सुनाने वाले जजों को Y कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की; धमकी भरे मैसेजस मिलने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया
कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी सहित तीन न्यायाधीशों को 'Y' कैटेगरी की सुरक्षा कवर प्रदान करने का निर्णय लिया है, जो उस पीठ का हिस्सा थे जिसने कॉलेजों में कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने पर प्रतिबंध को बरकरार रखा था।मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए इस फैसले की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट के मद्देनजर जजों के खिलाफ जान से मारने वाले मैसेज थे, जो...
कोर्ट शिकायतकर्ता/पीड़ित को सीआरपीसी की धारा 311ए के तहत नमूना हस्ताक्षर देने का निर्देश नहीं दे सकता: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि सीआरपीसी की धारा 311ए कोर्ट को यह अनुमति नहीं देती कि वह किसी शिकायतकर्ता या पीड़ित को संहिता के तहत किसी भी जांच या कार्यवाही के लिए नमूना हस्ताक्षर या लिखावट सौंपने का आदेश दे।गौरतलब है कि यह प्रावधान न्यायिक मजिस्ट्रेट को संहिता के तहत किसी भी जांच या कार्यवाही के उद्देश्य से, आरोपी व्यक्ति सहित किसी भी व्यक्ति को नमूना हस्ताक्षर या लिखावट देने का निर्देश देने का अधिकार देता है।हालांकि, मजिस्ट्रेट के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह पहले...
सीआरपीसी धारा 319 के तहत किसी व्यक्ति को बतौर आरोपी समन करने के लिए मामले को प्रथम दृष्टया से अधिक प्रस्तुत करने की आवश्यकता : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दोहराया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दोहराया है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत किसी व्यक्ति को समन करने के लिए मामले को प्रथम दृष्टया से अधिक प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। ट्रायल कोर्ट के इस तरह के समन के आदेश के खिलाफ एक संशोधन को खारिज करते हुए, जस्टिस नारायण सिंह धनिक की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि धारा 319 सीआरपीसी के तहत शक्ति का प्रयोग करने के लिए, एक मामला प्रथम दृष्टया से अधिक हो , लेकिन इस हद तक संतोष की कमी है कि अगर सबूत अखंडित हो जाता है तो...
गुजरात हाईकोर्ट में गर्भवती महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए जनहित याचिका दायर
गुजरात हाईकोर्ट ने अजन्मे शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के अधिकार की सुरक्षा की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता को एक गरीब गर्भवती महिला के मामले का पता चला। इस महिला को इस आधार पर इलाज से वंचित कर दिया गया कि वह इलाज से पहले 42,000 रुपये का भुगतान नहीं कर सकी थी, उसने अब यह याचिका दायर की है।याचिकाकर्ता ने मांग की:1. डॉक्टर और अस्पताल और अन्य आवश्यक संस्थान किसी भी गर्भवती महिला को अत्यधिक प्रसव पीड़ा या चिकित्सा आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता प्रदान करने...
यदि समझौते के बावजूद आपराधिक कार्यवाही जारी रहती है तो पक्षकारों के साथ अन्याय होगा : जेकेएल हाईकोर्ट ने आरपीसी की धारा 498ए के तहत एफआईआर रद्द की
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 498ए (क्रूरता का अपराध) के तहत दर्ज एक एफआईआर को रद्द करते हुए कहा है कि यदि मामले के पक्षकारों द्वारा समझौता किए जाने के बावजूद, आपराधिक कार्यवाही को जारी रखने की की अनुमति दी जाती है तो यह मामले के पक्षकारों के साथ अत्यधिक अन्याय होगा।जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने आगे कहा कि इस तरह के मामले में एफआईआर रद्द करने से इनकार करना दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के परिणाम को नष्ट करने के समान होगा। अदालत अब्दुल्ला...
"आप सरकारी स्कूलों के मानकों में सुधार क्यों नहीं कर रहे?" मद्रास हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग से पूछा
मद्रास हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए उच्च शिक्षा विभाग से सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के बारे में सवाल किए।चीफ जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी और जस्टिस डी भरत चक्रवर्ती की पीठ ने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेजों में 7.5 प्रतिशत सीटों के आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका में आदेश सुरक्षित रखते हुए कहा कि आजकल बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और सीधे कोचिंग क्लास में जा रहे हैं।पीठ ने कहा,"अब यह चलन है। यहां तक कि जब छात्रों को प्रतियोगिताओं के लिए जाना पड़ता है, तब भी छात्र...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (14 मार्च, 2022 से 18 मार्च, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मोटर दुर्घटना दावा - लापरवाह ड्रायवर का बयान चार्जशीट का हिस्सा नहीं बन सकता : गुजरात हाईकोर्टगुजरात हाईकोर्ट ने माना है कि जब ड्रायवर की लापरवाही के कारण हुई मोटर दुर्घटना लिए एक ड्रायवर के खिलाफ कार्यवाही शुरू की जाती है तो उस ड्रायवर के बयान उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र का हिस्सा नहीं हो सकते।जस्टिस...
बेटा अपने जीवित माता-पिता के फ्लैट में अधिकार या हिस्से का दावा नहीं कर सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि एक बेटे के पास अपने माता-पिता के फ्लैट में उनके जीवित रहने तक कोई अधिकार, निश्चित स्वामित्व और लागू करने योग्य हिस्सा नहीं है। जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस माधव जामदार की खंडपीठ ने बेटे के उस सुझाव को खारिज कर दिया कि उसके पास वास्तविक मालिकों, उसके माता-पिता के जीवनकाल में उनके फ्लैट में एक निश्चित और लागू करने योग्य हिस्सा है क्योंकि कोर्ट को उसका यह सुझाव ''बेतुका'' लगा। पीठ ने कहा कि ''तथ्य यह है कि वह उनका बेटा है और उनके किसी भी फ्लैट को 'साझा घर' नहीं...
आपराधिक अपील की अनुमति स्वत: नहीं दी जा सकती, इसे मंज़ूर करने के लिए विवेक का इस्तेमाल करना होगा : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक अपील के लिए अनुमति केवल न्यायालय द्वारा यह देखने के बाद ही दी जा सकती है कि अपील में बहस योग्य बिंदु उठाए गए हैं या नहीं।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने महाराष्ट्र राज्य बनाम सुजय मंगेश पोयारेकर [(2008) 9 एससीसी 475] में निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जहां यह निर्णय लिया गया कि मंज़ूरी दी जानी चाहिए या नहीं। हाईकोर्ट को अपना विवेक लगाना चाहिए और विचार करना चाहिए कि क्या अपील में प्रथम दृष्टया मामला बनाया गया है और बहस योग्य बिंदु उठाए गए हैं।अभियोजन का मामला यह है कि तीन...
धारा 307 आईपीसी को आकर्षित करने के लिए इरादा या ज्ञान आवश्यक: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा, "आईपीसी की धारा 307 के तहत अपराध को आकर्षित करने के लिए सामग्री वह इरादा या ज्ञान है, जिसके साथ सभी कृत्यों को परिणामों के बावजूद किया जाता है"।जस्टिस संदीप भट्ट ने यह टिप्पणी बरी के एक आदेश के खिलाफ आपराधिक अपील के संबंध में की। आरोपी पर आईपीसी की धारा 147 (दंगा), 148 (दंगा, घातक हथियार से लैस होकर), 149/143 (गैरकानूनी सभा), 307 (हत्या का प्रयास), धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से...
जब ऊपरी अदालत ने आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई हो तो पासपोर्ट को नवीनीकृत करने के लिए ट्रायल कोर्ट की अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि जब हाईकोर्ट द्वारा कार्यवाही पर रोक लगाई जाती है तो पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए निचली अदालत की अनुमति आवश्यक नहीं होती है।अदालत ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को निर्देश दिया कि वह संबंधित आपराधिक अदालत के एक सुविधाजनक आदेश पर जोर दिए बिना अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए एक महिला के आवेदन पर विचार करे, जिसके समक्ष उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की एकल पीठ ने कस्तूरी राजूपेटा द्वारा दायर याचिका की अनुमति देते हुए कहा, "यह याचिका सफल होती है।...
"उसने अपनी बेटी को मारने की साजिश रची", पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग मामले में मां को जमानत देने से इनकार किया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 11 मार्च, 2022 को नाबालिग बेटी की ऑनर किलिंग के मामले में शामिल याचिकाकर्ता की नियमित जमानत की याचिका खारिज कर दी।जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल की पीठ ने याचिकाकर्ता की जमानत याचिका खारिज करते हुए सुनवाई तेज करने का निर्देश दिया।"अभियोजन पक्ष अपने गवाहों की उन तारीखों पर उपस्थिति सुनिश्चित करेगा, जैसा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके बयान दर्ज करने के लिए तय किया जा सकता है ताकि मुकदमे की कार्यवाही में और देरी न हो। निचली अदालत पीडब्लू को समन करने के लिए पहले से एक कार्यक्रम...




















