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''मां के प्यार की शक्ति को कम करके नहीं आंका जा सकता, यह बिना शर्त बच्चों को मिलना चाहिए'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो बच्चों की कस्टडी मां को सौंपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो बच्चों की कस्टडी उनकी मां को सौंपते हुए इस बात पर जोर दिया है कि एक बच्चे के जीवन में विश्वास और भावनात्मक अंतरंगता की एक मजबूत नींव स्थापित करने के लिए उसको मां का प्यार बिना किसी शर्त के मिलना चाहिए। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने सीमा शर्मा की तरफ से दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हैबियस कार्पस) पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है, जिसमें उसने अपने दो बच्चों की कस्टडी की मांग की गई थी, जो अपनी दादी के साथ रह रहे हैं। संक्षेप में मामला सीमा शर्मा...
वकील मुवक्किल के पापों को सहन नहीं करेगा": मद्रास हाईकोर्ट ने जमानतदारों के फर्जी दस्तावेजों पर वकील के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज किया
मद्रास हाईकोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, थेनी की फाइल पर आरोप पत्र और एक वकील के खिलाफ बदले गए आरोपों के लिए नए सिरे से ट्रायल (de-nova trial) के आदेश को रद्द कर दिया। वकील पर ज़मानत के फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाने का आरोप लगाया गया था।न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन की मदुरै खंडपीठ ने कहा कि वकील केवल जमानत देने के संबंध में अपनी पेशेवर सेवा का निर्वहन कर रहा था। उन्होंने विचाराधीन दस्तावेजों को फ्रेगमेन्टेड या बनाया नहीं था, बल्कि जमानतदार अदालत में आए थे और वे अपने साथ दस्तावेज लाए...
'सीएम को थप्पड़ मारने' की टिप्पणी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को दो सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ उनकी 'थप्पड़' वाली टिप्पणी पर धुले में दर्ज एफआईआर में दो सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।महाराष्ट्र सरकार द्वारा बयान देने से इनकार करने और मंत्री के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के बाद अदालत ने राणे को उक्त सुरक्षा प्रदान की। इन दो हफ्तों के भीतर राणे या तो अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं या एफआईआर के हस्तांतरण की मांग कर सकते हैं।जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस एसएम मोदक की...
मामूली विरोधाभास या मामूली सुधार साक्ष्य को पूरी तरह से खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने हाल ही में कहा कि गवाह द्वारा मामूली विरोधाभास, असंगति या तुच्छ बिंदुओं में सुधार को साक्ष्य को पूरी तरह से खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है।जस्टिस सुनील कुमार पंवार और जस्टिस एएम बदर की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की,"गवाहों के मुंह से कुछ भिन्नताएं स्वाभाविक हैं जो एक वर्ष बीत जाने के बाद बयान दे रहे थे। घटना के स्थान पर अभियोजन पक्ष के गवाहों की उपस्थिति पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है।"यह देखा गया कि गैरकानूनी सभा के एक अधिनियम में, यह महत्वहीन है कि...
कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के नामखाना बलात्कार मामले में आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को जांच की निगरानी करने के आदेश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने शुक्रवार को आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को नामखाना बलात्कार मामले (Namkhana Rape Case) की जांच की निगरानी करने के लिए कहा, जिसमें पश्चिम बंगाल के नामखाना गांव में आठ अप्रैल को पांच पुरुषों द्वारा एक 40 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था और पीड़िता के गुप्तांगों में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का प्रयास भी किया गया था।आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन, जो अब कलकत्ता पुलिस के विशेष आयुक्त हैं, एक दशक पहले हुए पार्क स्ट्रीट सामूहिक बलात्कार...
दस्तावेज की प्रामाणिकता वादी को साबित करनी होगी जो उस पर भरोसा करता है, फिर प्रतिवादी को इसे फर्जी दस्तावेज़ के रूप में खारिज करना है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने हाल ही में दोहराया कि दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को वादी द्वारा साबित करना होगा जो दस्तावेज़ पर निर्भर है। उसके बाद, प्रतिवादियों को दस्तावेज़ की विश्वसनीयता को एक नकली, दिखावटी और फर्जी दस्तावेज़ के रूप में खारिज करना है।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने देखा,"यह अच्छी तरह से तय कानूनी स्थिति है कि प्रारंभिक दायित्व हमेशा वादी पर तथ्य को साबित करने के लिए होता है और यदि वह उस दायित्व का निर्वहन करता है और एक मामला बनाता है जो उसे राहत का हकदार बनाता...
एसबीआई ब्रांच से 11 करोड़ रूपये के सिक्के गायब: राजस्थान हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच ट्रांसफर की
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मेहंदीपुर बालाजी शाखा से 11 करोड़ रूपये के सिक्कों के 'गायब' होने के मामले में कथित तौर पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेश (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार दायर की गई, जिसके तहत 4 मार्च, 2022 को अदालत ने मामले की जांच एजेंसी को ट्रांसफर कर दी थी।रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2021 में बैंक द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में बैंक में जमा किए गए सिक्कों के कुल मूल्य और बैंक द्वारा किए गए एक ऑडिट में पाए गए सिक्कों के बीच विसंगति...
अधिवक्ता के चैंबर से अंतर्जातीय विवाह करने वाली लड़की का अपहरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी/एसपी को मामले की जांच करने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुर्भाग्यपूर्ण मामला बताते हुए बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, प्रयागराज/पुलिस अधीक्षक, जौनपुर को उस लड़की को पेश करने का निर्देश दिया, जिसने अंतर्जातीय विवाह किया था। उक्त लड़की का वकील के चैंबर से जबरदस्ती अपहरण कर लिया गया।जस्टिस उमेश कुमार की पीठ लड़की द्वारा दायर सुरक्षा याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उक्त लड़की ने हाल ही में ओबीसी समुदाय के व्यक्ति से शादी की थी और अपने परिवार के सदस्यों से अपने जीवन और स्वतंत्रता को खतरा बताया था।पिछली सुनवाई में परिवार के सदस्यों ने...
उमर खालिद का भाषण प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं, आपत्तिजनक: दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार को छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली दंगों के बड़े साजिश मामले में खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने यह भी कहा कि अमरावती में उमर खालिद द्वारा दिया गया भाषण, जिसका उल्लेख प्राथमिकी में है, आपत्तिजनक, घृणित और प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं है।उमर खालिद के वकील ने अदालत के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो साल से अधिक समय से सेशन कोर्ट में मामला सौंपने में विफलता को स्पष्ट करने के लिए एसीजेएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट नंबर चार, हरदोई को सेशन कोर्ट में दो साल से अधिक समय तक आपराधिक मामला में विफलता को स्पष्ट करने के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा।जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ सूरज पाल/अभियुक्त द्वारा पेश की गई जमानत याचिका पर विचार कर रही थी। उक्त अभियुक्त के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 के तहत आरोप पत्र दायर किया है। इस पर तीन जनवरी, 2020 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरदोई द्वारा लिया गया था। जांच अभी...
दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में फिर हुई फायरिंग, दो घायल
दिल्ली की रोहिणी अदालत में एक बार फिर फायरिंग हुई है। हालांकि घटना के बारे में पुलिस का अभी तक कोई बयान नहीं आया है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोली रोहिणी अदालत में प्रवेश करने के स्थान पर चेकिंग के दौरान चली है।घटना में एक वकील और एक मुव्वकिल घायल हुआ है। दोनों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इससे पहले पिछले साल 24, सिंतबर को रोहिणी कोर्ट में गोलीबारी की एक घटना हुई थी। इसमें घटना में एक गैंगस्टर और दो अपराधी मारे गए थे। इस गोलीबारी में जितेंद्र मान गोगी गैंगस्टर मारा गया था।गोगी पर गोली...
'पुलिस एडवोकेट और क्लाइंट्स के बीच की प्रिविलेज कम्युनिकेशन लीक कर रही है' : वकील ने बार काउंसिल में शिकायत की
अभिनेता दिलीप से जुड़े मामलों में वकीलों और उनके मुवक्किलों के बीच विशेषाधिकार प्राप्त संचार को कथित रूप से लीक करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए वकील ने बार काउंसिल ऑफ केरल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।यह उन रिपोर्टों में कहा गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता बी. रमन पिल्लई जो ज्यादातर मामलों में अभिनेता का प्रतिनिधित्व करते हैं और दिलीप के भाई अनूप के बीच कॉल मीडिया में लीक हो गए हैं।अपनी शिकायत में अधिवक्ता वी. सेतुनाथ ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को...
बलात्कार पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से मांगा जवाब
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के समक्ष सीआरपीसी की की धारा 482 के तहत याचिका दायर कर बलात्कार पीड़िता और उसके दोस्त को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दर्ज मामले के संबंध में संज्ञान आदेश को रद्द करने की मांग की है।इस मामले में एक महिला और उसके दोस्त ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर खुद को आग लगा ली थी और झुलने के कारण बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।24 वर्षीय महिला, जिसके साथ 2019 में बहुजन समाज पार्टी के सांसद अतुल राय द्वारा कथित रूप से बलात्कार...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य पर बिना वैध स्वीकृति के अभियुक्तों/संदिग्धों के घरों को "ध्वस्त" करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य में पुलिस द्वारा कथित तौर पर कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों के घरों और अन्य पक्के निर्माणों को ध्वस्त करने पर अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस रवि मलीमथ और जस्टिस पी.के. कौरव ने कहा कि पेशे से वकील याचिकाकर्ता और उक्त कार्यवाही से पीड़ितों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वे लोग न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं, जो सीधे तौर पर विध्वंस से पीड़ित...
'इस मामले की जांच 4 सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी': बिहार सरकार ने शेल्टर होम मामले में पटना हाईकोर्ट को बताया
बिहार सरकार (Bihar Government) ने गायघाट शेल्टर होम मामले में पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) को बताया कि इस मामले की जांच 4 सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी।सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने चीफ जस्टिस संजय करोल (Justice Sanjay Karol) और जस्टिस एस कुमार (Justice S Kumar) की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया,"इस मामले की जांच 4 सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी और पटना के एसपी द्वारा हलफनामे के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।"पिछली सुनवाई में...
[भरण-पोषण भत्ता का भुगतान न होना] मजिस्ट्रेट सीआरपीसी धारा 421 के तहत जुर्माना लगाए बिना गिरफ्तारी का वारंट जारी नहीं कर सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भरण-पोषण भत्ता देने के न्यायालय के आदेश का पालन करने में किसी भी व्यक्ति की ओर से किसी भी विफलता की स्थिति में अदालतों के लिए सही/उपयुक्त तरीका पहले राशि की वसूली के उद्देश्य से सीआरपीसी की धारा 421 के तहत प्रदान किया गया जुर्माना लगाने के लिए वारंट जारी करना है।इसके साथ ही जस्टिस अजीत सिंह की पीठ ने कहा कि भरण-पोषण भत्ते का भुगतान न करने के ऐसे मामलों में दंडाधिकारी के पास सीआरपीसी की धारा 421 के तहत पहले से देय राशि को जुर्माने के रूप में लगाए बिना,...
[एससी/एसटी एक्ट] जब अपराध कानून का दुरुपयोग प्रतीत होता है, तो कोर्ट को अग्रिम जमानत देने का अधिकार है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने हाल ही में टिप्पणी की कि जब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का अपराध कानून का दुरुपयोग प्रतीत होता है, तो कोर्ट के पास अग्रिम जमानत देने की शक्ति है।इसके साथ ही न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी ने अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत एक आरोपी को अग्रिम जमानत दी।आरोपी-अपीलकर्ता ने अग्रिम जमानत के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम), 1989 की धारा 14 (ए) (2) के तहत अपील दायर की...
नाना-नानी के साथ रहने वाली बेटी को भरण-पोषण देने की जिम्मेदारी से पिता बच नहीं सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि एक पिता अपनी पत्नी और बेटी को भरण-पोषण देने की अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकता, भले ही उसे अपने माता-पिता की देखभाल करनी पड़ रही हो। इस प्रकार हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है,जिसमें उसे पत्नी और बेटी को भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि बेटी अपने नाना-नानी के साथ रह रही है, यह नहीं कहा जा सकता है कि पिता अपने बच्चे के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मुक्त है। कोर्ट...
मृतक सरकारी कर्मचारी का विवाहित भाई 'आश्रित' नहीं होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति का हकदार नहीं है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने पाया कि याचिकाकर्ता मृतक सरकारी कर्मचारी का विवाहित भाई है, और इसलिए याचिकाकर्ता को आश्रित नहीं माना जा सकता है और राजस्थान मृतक सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति नियम, 1996 के संदर्भ में अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) का हकदार नहीं है।जस्टिस रेखा बोराना ने रिट याचिका खारिज करते हुए कहा,"जाहिर है, याचिकाकर्ता विवाहित है और इसलिए, 1996 के नियमों के अनुसार, याचिकाकर्ता को आश्रित नहीं माना जा सकता है और अनुकंपा नियुक्ति का...
"वह भयावह परिस्थितियों की व्याख्या करने में विफल रहा": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी, 3 बच्चे को जलाकर हत्या करने के मामले में दोषी-व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक व्यक्ति को अपनी ही पत्नी और 3 बच्चों को जिंदा जलाकर मारने के लिए दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।अदालत ने कहा कि दोषी अपने अपराध की ओर इशारा करते हुए आपत्तिजनक परिस्थितियों की व्याख्या करने में विफल रहा है।न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति सुभाष चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि दोषी को उन परिस्थितियों के संबंध में धारा 313 सीआरपीसी के तहत उचित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए बाध्य किया गया था जिसके तहत मृतक की घर के अंदर...















![[भरण-पोषण भत्ता का भुगतान न होना] मजिस्ट्रेट सीआरपीसी धारा 421 के तहत जुर्माना लगाए बिना गिरफ्तारी का वारंट जारी नहीं कर सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट [भरण-पोषण भत्ता का भुगतान न होना] मजिस्ट्रेट सीआरपीसी धारा 421 के तहत जुर्माना लगाए बिना गिरफ्तारी का वारंट जारी नहीं कर सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/04/21/500x300_415431-allahabadhighcourt.jpg)
![[एससी/एसटी एक्ट] जब अपराध कानून का दुरुपयोग प्रतीत होता है, तो कोर्ट को अग्रिम जमानत देने का अधिकार है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [एससी/एसटी एक्ट] जब अपराध कानून का दुरुपयोग प्रतीत होता है, तो कोर्ट को अग्रिम जमानत देने का अधिकार है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in//356287-chhattisgarh-hc-2.jpg)

