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केंद्र ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में सचिन सिंह राजपूत की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
केंद्र ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में सचिन सिंह राजपूत की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की

केंद्र सरकार ने शनिवार को एड्वोकेट सचिन सिंह राजपूत को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति करने की अधिसूचना जारी की। उनकी यह नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो साल की अवधि तक प्रभावी होगी। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार दोपहर अपने ट्विटर हैंडल के जरिए इसकी जानकारी दी।भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि"भारत के राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 224 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते...

राजपत्रित अधिकारी जो छापे का हिस्सा है वह स्वतंत्र नहीं है, उसके द्वारा ली गई तलाशी एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का अनुपालन नहीं करती: कलकत्ता हाईकोर्ट
राजपत्रित अधिकारी जो छापे का हिस्सा है वह 'स्वतंत्र' नहीं है, उसके द्वारा ली गई तलाशी एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का अनुपालन नहीं करती: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक राजपत्रित अधिकारी, जो छापा मारने वाली पार्टी का सदस्य है, उसे एक स्वतंत्र व्यक्ति नहीं कहा जा सकता है और इस प्रकार आरोपी व्यक्तियों द्वारा ऐसे अधिकारी द्वारा तलाशी लेने की व्यक्त की गई इच्छा स्वैच्छिक त्याग नहीं है, जो नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 50 के तहत निहित अधिकार है।जस्टिस बिवास पटनायक और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की एक खंडपीठ संबंधित निचली अदालत द्वारा एनडीपीएस एक्‍ट की धारा 29 के साथ पठित धारा 22 (सी) के तहत दंडनीय अपराध के...

एनआई एक्ट की धारा 138 को लागू करने से धारा 406, 420 आईपीसी के तहत अपराध के पंजीकरण पर रोक नहीं है: कर्नाटक हाईकोर्ट
एनआई एक्ट की धारा 138 को लागू करने से धारा 406, 420 आईपीसी के तहत अपराध के पंजीकरण पर रोक नहीं है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि भले ही शिकायत में एनआई एक्ट की धारा 138 लागू की गई हो, आईपीसी की धारा 420 के तहत कार्यवाही सुनवाई योग्य है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने कहा,"अधिनियम के तहत एक मामले में ध्यान देने की आवश्यकता है कि क्या यह कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण के लिए है और जुर्माना लगाया जाता है। धारा 406 या 420 आईपीसी के तहत एक ही साधन पर शामिल अपराध में सात साल की सजा दी जा सकती है और अन्य बातों के साथ-साथ आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के अपराध के मामले में मेन्स री...

कलकत्ता हाईकोर्ट
पीड़िता को नग्न करना आरोपी की आपराधिक मानसिक स्थिति को साबित करता है, निजी अंग को छूना आवश्यक नहीं है: कलकत्ता हाईकोर्ट पॉक्सो मामले में गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए सजा को बरकरार रखा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पोक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न के दोषी की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा नाबालिग पीड़िता को नग्न करने जैसी परिस्थितियां आरोपी की अपराधी मानसिक स्थिति को साबित करती हैं।जस्टिस विवेक चौधरी ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि चूंकि किसी ने भी आरोपी को पीड़ित लड़की के निजी अंगों को छूते नहीं देखा, इसलिए यह यौन उत्पीड़न का अपराध नहीं होगा।कोर्ट ने कहा, "अपीलकर्ता की ओर से पेश विद्वान एडवोकेट का निवेदन कि किसी ने भी आरोपी को पीड़िता के निजी...

कलकत्ता हाईकोर्ट
एसएससी भर्ती घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) की कथित सिफारिश पर पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में ग्रुप-सी पदों की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं पर शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी।एक डिवीजन बेंच ने पहले भर्ती घोटाले की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजीत कुमार बाग की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था। समिति के अन्य सदस्यों में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग के सदस्य आशुतोष घोष, पश्चिम बंगाल माध्यमिक...

गुजरात हाईकोर्ट ने रिट क्षेत्राधिकार में मां को चार साल की बच्चे की कस्टडी दी, अनुचित व्यवहार का हवाला देते हुए छह महीने तक पिता को मुलाकात करने से रोका
गुजरात हाईकोर्ट ने रिट क्षेत्राधिकार में मां को चार साल की बच्चे की कस्टडी दी, अनुचित व्यवहार का हवाला देते हुए छह महीने तक पिता को मुलाकात करने से रोका

गुजरात हाईकोर्ट ने बच्चे की बेहतर परवरिश सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग किया और चार साल के लड़के को उसकी मां (याचिकाकर्ता) को कॉर्पस की कस्टडी दी।मामला यह है कि वैवाहिक विवाद के बाद बच्चे का पिता बच्चे को मां से दूर ले गया था।जस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस मौना एम भट्ट की पीठ ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद बच्चे के पिता द्वारा अदालत में अनियंत्रित माहौल बनाने के प्रयास को नोट किया। इस प्रकार, कोर्ट ने...

[अवमानना] अगर न्यायपालिका का सम्मान कम हुआ तो समाज का लोकतांत्रिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा : दिल्ली हाईकोर्ट
[अवमानना] अगर न्यायपालिका का सम्मान कम हुआ तो समाज का लोकतांत्रिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अवमानना ​​क्षेत्राधिकार का उद्देश्य कानून की अदालतों की महिमा और गरिमा को बनाए रखना है। कोर्ट ने कहा कि अगर न्यायपालिका का सम्मान कम किया गया तो समाज के लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान होगा।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा:"अवमानना ​​क्षेत्राधिकार का उद्देश्य कानून की अदालतों की महिमा और गरिमा को बनाए रखना है, क्योंकि कानून की अदालतों द्वारा दिए गए सम्मान और अधिकार सामान्य नागरिक के लिए सबसे बड़ी गारंटी हैं। समाज के लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान होगा यदि ...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
तलाक- राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड को माफ करने से इनकार करने वाला फैमिली कोर्ट का आदेश खारिज किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना है कि फैमिली कोर्ट ने किसी भी दस्तावेजी साक्ष्य के अभाव में छह महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड को माफ करने की मांग करते हुए पक्षकारों की तरफ से दायर आवेदन को खारिज करने में अवैधता की है, खासकर जब पक्षकारों ने पहले ही शपथ पत्र के माध्यम से कहा है कि वे दोनों जुलाई, 2018 से अलग-अलग रह रहे हैं। हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13-बी के तहत 26.04.2022 को प्रदान किए गए छह महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड को माफ करने या इससे छूट देने के लिए दोनों पक्षकारों ने फैमिली कोर्ट के समक्ष एक...

दिल्ली हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत असाधारण शक्ति का प्रयोग ऐसे रसूखदार आरोपियों के लिए नहीं किया जा सकता, जो कानून तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट की असाधारण शक्तियों का प्रयोग ऐसे रसूखदार आरोपियों के लिए नहीं किया जा सकता, जो कानून तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं।जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने रेलिगेयर फिनवेस्ट के पूर्व प्रमोटर मलविंदर मोहन सिंह द्वारा रेलिगेयर फिनवेस्ट घोटाला मामले के संबंध में दायर याचिका को खारिज कर दिया।इस याचिका में ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित सात दिसंबर, 2021 के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने हिरासत में रहते हुए जेल परिसर के बाहर सुप्रीम...

मद्रास हाईकोर्ट
सीनियर सिटीजन होम निर्माण के लिए टेंपल फंड का उपयोग नहीं किया जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु सरकार ने कहा

मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु सरकार द्वारा चेन्नई, पझानी और तिरुनेलवेली में अतिरिक्त टेंपल फंड का उपयोग करके सीनियर सिटीजन होम निर्माण के लिए जारी एक आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर आश्वासन दिया गया कि यह योजना छह सप्ताह तक लागू नहीं की जाएगी।एडवोकेट जनरल आर शुनमुगसुंदरम ने प्रस्तुत किया,"छह सप्ताह की अवधि के लिए आक्षेपित शासनादेश के अनुसार किसी भी स्रोत से कोई भाग शामिल नहीं किया जाएगा।"जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की पीठ इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट और मंदिर उपासक सोसायटी...

गुजरात हाईकोर्ट
'स्वतंत्रता का दुरुपयोग या जमानत शर्तों का उल्लंघन नहीं': गुजरात हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत रद्द करने से संबंधित कानून की व्याख्या की

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के जस्टिस आशुतोष शास्त्री की खंडपीठ ने हाल ही में जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने नोट किया कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं हुआ है या आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ स्वतंत्रता के दुरुपयोग का मामला नहीं बनाया जा सकता।आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 114, 34 और 120 (बी) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए 20 एफआई दर्ज की गई थीं। इन एफआई में मुख्य आरोपी व्यक्ति विकास सहकारी बैंक लिमिटेड ('आवेदक बैंक')...

Gujarat High Court
'कोई सकारात्मक सामग्री नहीं': गुजरात हाईकोर्ट ने पुलिस की बर्बरता के झूठे आरोपों से जुड़े मामले में अवमानना क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने से इनकार किया

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने आवेदक द्वारा अपनी बहन (नाबालिग) के माध्यम से अदालत की अवमानना अधिनियम की धारा 10 के तहत दायर एक झूठे आवेदन को खारिज करते हुए कहा,"यह सामान्य कानून है कि अवमानना की कार्यवाही शुरू करना एक गंभीर कदम है, इसे नियमित तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। जब तक कोई निश्चित सामग्री और स्पष्ट मामला नहीं बनता, यह कोर्ट अवमानना क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने से इनकार कर देगा।"यहां आवेदक ने डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपनी बहन और खुद द्वारा सहन...

दिल्ली हाईकोर्ट में नौ एडवोकेट न्यायाधीश के रूप में नियुक्त, जजों की संख्या बढ़कर 44 हुई
दिल्ली हाईकोर्ट में नौ एडवोकेट न्यायाधीश के रूप में नियुक्त, जजों की संख्या बढ़कर 44 हुई

केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नौ अधिवक्ताओं की नियुक्ति की पुष्टि की है, जिससे दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। इस संबंध में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया,"भारत के संविधान के तहत प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित वकीलों को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाता है। मैं उन सभी को शुभकामनाएं देता हूं।"निम्नलिखित नाम हैं:- सुश्री तारा वितस्ता गंजु- श्रीमती मिनी पुष्करण - श्री विकास महाजन - श्री तुषार राव...

तलाकशुदा मुस्लिम महिला अपनी जरूरत पूरी करने के लिए सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण पोषण की हकदार : इलाहाबाद हाईकोर्ट
तलाकशुदा मुस्लिम महिला अपनी जरूरत पूरी करने के लिए सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण पोषण की हकदार : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक मुस्लिम महिला अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अपने पति से भरण-पोषण का दावा करने की हकदार है। जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने आगे कहा कि जहां पत्नी कहती है कि उसे खुद को और अपनी बेटी के भरण पोषण में बहुत कठिनाइयां हैं, जबकि उसके पति की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी है, पत्नी पति से भरण पोषण प्राप्त करने की हकदार होगी।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता (अर्शिया रिज़वी) अपनी बेटी के साथ प्रधान न्यायाधीश / एडीजे, परिवार न्यायालय, लखनऊ...

कदाचार की शिकायत पर ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी कर्मचारियों के खिलाफ आईसीसीआर जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कदाचार की शिकायत पर ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी कर्मचारियों के खिलाफ आईसीसीआर जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा नियुक्त और ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी में रखा गया व्यक्ति, ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी का कर्मचारी है और यह कदाचार की शिकायत पर कर्मचारी के खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।जस्टिस पीएस दिनेश कुमार और ज‌स्टिस एमजी उमा ने आईसीसीआर की याचिका को स्वीकार करते हुए और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के आदेश को रद्द करते हुए कहा, "इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में, हमारे विचार में, कैट की जांच कि आईसीसीआर...

मुंबई कोर्ट ने ऐसी सुविधाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक शौचालयों के बाहर महिला सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति का सुझाव दिया
मुंबई कोर्ट ने ऐसी सुविधाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक शौचालयों के बाहर महिला सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति का सुझाव दिया

मुंबई में यौन अपराधों से बच्चों की विशेष सुरक्षा (पोक्सो) कोर्ट ने सार्वजनिक शौचालयों के बाहर महिला सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति की सिफारिश की, जो ऐसी सुविधाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगी।स्पेशल जज एचसी शेंडे ने सार्वजनिक शौचालय के अंदर 7 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के लिए एक सफाईकर्मी को दोषी ठहराया और पांच साल की जेल की सजा सुनाई हुए। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 506 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 के साथ पठित धारा 9...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
'रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने कंज़्यूमर फोरम में खाली पदों और बुनियादी सुविधाओं पर बेहतर स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के कंज़्यूमर फोरम में खाली पदों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के जिलेवार विवरण को उजागर करते हुए एक बेहतर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार द्वारा दायर पूर्व की स्टेटस रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा,"वही तथ्य और आंकड़े दिये गए हैं। हालांकि, हम इससे संतुष्ट नहीं हैं।"इस प्रकार बेंच ने निम्नलिखित पहलुओं पर दिल्ली सरकार से बेहतर स्टेटस रिपोर्ट मांगी:- कंज़्यूमर फोरम के सदस्यों के स्वीकृत पदों की...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
बच्चों के समग्र विकास में माता-पिता दोनों शामिल हैं, सेटलमेंट एग्रीमेंट में यह प्रतिबिंबित होना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चों के समग्र विकास में माता-पिता दोनों को शामिल होने चाहिए और सेटलमेंट एग्रीमेंट में यह प्रतिबिंबित होना चाहिए।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने फैमिली कोर्ट के एक आदेश के कथित गैर-अनुपालन के मद्देनजर पत्नी की ओर से दायर अवमानना ​​​​याचिका पर सुनवाई के दरमियान यह टिप्पणियां कीं।याचिकाकर्ता पत्नी की ओर से पेश वकील ने कहा कि प्रतिवादी पति ने उस आदेश का उल्लंघन किया जो एक सेटलमेंट एग्रीमेंट पर आधारित था क्योंकि पति न तो दूसरे समझौते के लिए आगे आ रहा था और न ही वह बच्चे के...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
[नोटरी अधिनियम की धारा 13] वकील, नोटरी द्वारा किए गए अपराधों का संज्ञान नहीं ले सकते; चार्जशीट दाखिल करने और संज्ञान लेने के लिए केंद्र/राज्य की अनुमति आवश्यक: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने फैसला सुनाया कि नोटरी अधिनियम की धारा 13 के अनुसार, एक वकील और नोटरी द्वारा किए गए अपराधों के लिए न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के लिए एक बार है, जबकि अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल करने और संज्ञान लेने के लिए केंद्र सरकार या राज्य सरकार से पुलिस को अनुमति प्राप्त करनी होगी।जस्टिस के नटराजन की एकल पीठ ने केंद्र सरकार के नोटरी प्रवीण कुमार आद्यापडी और ईश्वर पुजारी द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 420, 465, 468, 472,...

डर के मारे किसी में खूंखार अपराधियों के खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण मामले में अतीक अहमद के सहयोगी को जमानत देने से इनकार किया
"डर के मारे किसी में खूंखार अपराधियों के खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं है": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण मामले में अतीक अहमद के सहयोगी को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपहरण-जबरदस्ती वसूली मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद (वर्तमान में देवरिया जेल में बंद) के मुख्य सहयोगी को जमानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में अब यह स्पष्ट हो गया है कि कोई भी डर के मारे खूंखार और कठोर अपराधियों के खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं करता।संक्षेप में मामलाअदालत सांसद अतीक अहमद के कथित गुर्गे गुलाम सरवर की जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर शिकायतकर्ता/पीड़ित से जबरदस्ती...