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बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, रेलवे मुआवजा अवॉर्ड में बच्चे भी मृतक मां के हिस्से के हकदार, उन्होंने खुद के हिस्से का मुआवजा पा लिया हो तो भी...:

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चे मुआवजे में अपना हिस्सा पाने के बाद भी, अपनी मां की ओर से रेलवे के मुआवजे के अवॉर्ड के निष्पादन की मांग कर सकते हैं।कोर्ट ने रेलवे क्लेम्स ट्र‌िब्यूनल के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता-बेटे अपनी मृतक मां और दादी को दिए गए मुआवजे को पाने के पात्र नहीं हैं। उन्होंने रेलवे दुर्घटना में अपने पिता की मृत्यु के बाद पहले ही मुआवजे का अपना हिस्सा प्राप्त कर चुके हैं।जज ने कहा, "मैं मानता हूं, अपीलकर्ता लक्ष्मीबाई और इंदुबाई के कारण ‌‌दिए गए...

बार काउंसिल ऑफ इंडिया
एलएलबी एडमिशन के लिए एग्जाम- यूनिवर्सिटी के नियम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों से ऊपर होंगे: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट के जज, जस्टिस वैभवी डी. नानावती की एकल पीठ ने माना कि एलएलबी कोर्स में एडमिशन के लिए परीक्षा और परिणाम के मामले में यूनिवर्सिटी के नियम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों पर प्रबल होंगे।इस मामले में हाईकोर्ट ने सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के नियमों को बरकरार रखा, जो उन मामलों में एलएलबी कोर्स में एडमिशन पर रोक लगाते हैं, जहां ग्रेजुएट ने एक भी प्रयास में अपनी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी।संक्षेप में मामले के तथ्य यह हैं कि याचिकाकर्ता बीकॉम की परीक्षा में बैठा और सात विषयों में से दो...

मद्रास हाईकोर्ट
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर निर्धारित प्रक्रिया से बंधा: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में थेनी जिले के जिला कलेक्टर के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कलेक्टर ने मानवविज्ञानी की रिपोर्ट और उप-कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर सामुदायिक प्रमाण पत्र की वास्तविकता पर निर्णय दिया था।जस्टिस एसएस सुंदर और जस्टिस एस श्रीमती की खंडपीठ ने कहा,सामुदायिक स्थिति के संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए विद्वान एडवोकेट द्वारा उठाए गए विशिष्ट तर्कों को छोड़ दें, यह तथ्य कि जिला कलेक्टर ने ऊपर उल्लिखित दो सरकारी आदेशों के तहत अपेक्षित प्रक्रिया का पालन किए बिना...

जम्मू-कश्मीर में निजी स्कूलों की मान्यता रद्द हो रही है : हाईकोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया
जम्मू-कश्मीर में निजी स्कूलों की मान्यता रद्द हो रही है : हाईकोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने शुक्रवार को इस साल 15 अप्रैल को सरकार द्वारा शिक्षा नियमों में किए गए संशोधन के कारण मान्यता रद्द करने वाले निजी स्कूलों पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।पीठ ने इन संशोधनों को चुनौती देने वाले ऐसे निजी स्कूलों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से सीनियर एडवोकेट जफर शाह को सुनने के बाद जस्टिस मोक्ष खजूरिया काजमी ने आदेश दिया,"याचिकाकर्ताओं ने इस स्तर पर अंतरिम राहत के लिए प्रथम दृष्टया मामला...

Gujarat High Court
दत्तक लेने के विलेख को चुनौती न होने पर रजिस्ट्रार दत्तक पिता के नाम पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रार दत्तक पिता के नाम पर प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बाध्य है, जहां आवेदक के दत्तक विलेख का कोई खंडन नहीं है।जस्टिस एएस सुपेहिया ने 'निधि' की मां द्वारा दायर याचिका सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी, जिसमें निधि के जन्म प्रमाण पत्र में अपने दूसरे पति/निधि के दत्तक पिता का नाम शामिल करने की मांग की गई थी।पीठ ने कहा कि रजिस्ट्रार अदालत के फैसले पर जोर नहीं दे सकता, क्योंकि दत्तक ग्रहण के संबंध में हिंदू दत्तक ग्रहण और...

मामूल लेने ने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करें: मद्रास हाईकोर्ट
'मामूल' लेने ने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करें: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने तीन साल के लिए वेतन के समयमान में तीन चरणों में कटौती की सजा के आदेश को चुनौती देने वाली सेवानिवृत्त उप-निरीक्षक की याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने और इस तरह लोगों के कल्याण को प्रभावित करने पर चिंता व्यक्त की।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम का विचार था कि जब भी रिश्वत प्राप्त करने का पता चलता है तो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने चाहिए। इन अपराधों को बिना किसी नरमी या गलत सहानुभूति के निपटाया जाना चाहिए।कोर्ट ने...

प्रतिवादी ने जब उत्तर नहीं दिया तो पक्षकारों को बातचीत करने के लिए नहीं कहा जा सकता, इस आधार पर परिसीमा अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती: तेलंगाना हाईकोर्ट
प्रतिवादी ने जब उत्तर नहीं दिया तो पक्षकारों को बातचीत करने के लिए नहीं कहा जा सकता, इस आधार पर परिसीमा अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि पक्षकारों को बातचीत करने के लिए नहीं कहा जा सकता है जब प्रतिवादी ने आवेदक के पत्रों का जवाब नहीं दिया हो। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता को लागू करने की परिसीमा अवधि को ऐसे परिदृश्य में नहीं बढ़ाया जाएगा।जस्टिस के लक्ष्मण की एकल पीठ ने माना कि परिसीमा अवधि तब शुरू होगी जब भुगतान की देयता पक्षकार द्वारा विवादित हो और केवल पत्र लिखने से परिसीमा अवधि का विस्तार नहीं होगा।कोर्ट ने आगे कहा कि केवल इसलिए कि पक्षकार ने अपने नामित मध्यस्थ को नियुक्त किया है, यह स्वीकार...

गुजरात हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 439- जमानत- कोर्ट किसी भी अन्य अधिनियम के तहत परिकल्पित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए कोई शर्त नहीं लगा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के जस्टिस निरल आर मेहता की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि सीआरपीसी (CrPC) की धारा 439 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अदालत ऐसी कोई शर्त नहीं लगा सकती है, जो किसी अन्य अधिनियम के तहत परिकल्पित शक्तियों का प्रयोग करती हो। अदालत ने माना कि इस तरह की कोई भी शर्त पूरी तरह से अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर होगी।संक्षेप में, मामले के तथ्य यह है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 114 और 120 (बी) और गुजरात प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स...

चीनी वीज़ा घोटाला : ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 12 जुलाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया
चीनी वीज़ा घोटाला : ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 12 जुलाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को चीनी वीज़ा के कथित घोटाले के संबंध में एजेंसी द्वारा की जा रही जांच में कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 12 जुलाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का मौखिक आश्वासन दिया । प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया कि कार्ति के खिलाफ उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 12 जुलाई तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।राजू ने कहा, "मैं बयान नहीं दूंगा लेकिन समझा...

यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर चर्चा करने से छात्रों को कभी नहीं रोका: एनएलएसआईयू ने पूर्व छात्रों के खुले पत्र का जवाब दिया
'यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर चर्चा करने से छात्रों को कभी नहीं रोका': एनएलएसआईयू ने पूर्व छात्रों के खुले पत्र का जवाब दिया

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) के प्रशासन ने पूर्व छात्रों द्वारा जारी खुले पत्र के जवाब में एक बयान जारी किया है, जिसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए Code to Combat Sexual Harassment (SHARIC) के तहत नियुक्त दो महिला छात्र फैसिलिटेटरों ( female student facilitators) के खिलाफ एनएलएसआईयू के एक वर्तमान स्टूडेंट द्वारा यौन उत्पीड़न के के अनुभव को बताने के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की निंदा की गई है। पूर्व छात्रों के पत्र के अनुसार, यौन...

एक नॉन परफॉर्मिंग न्यायतंत्र को स्वतंत्र नहीं कहा जा सकता: जस्टिस जेबी पारदीवाला ने अपने विदाई भाषण में कहा
एक नॉन परफॉर्मिंग न्यायतंत्र को स्वतंत्र नहीं कहा जा सकता: जस्टिस जेबी पारदीवाला ने अपने विदाई भाषण में कहा

जस्टिस जेबी पारदावाला ने गुरुवार को कहा, "हम अक्सर एक स्वतंत्र न्यायपालिका की बात करते हैं- एक स्वतंत्र न्यायपालिका से हमारा क्या मतलब है? एक न्यायपालिका के स्वतंत्र होने के लिए, उसे परफॉर्मिंग न्यायपालिका होना चाहिए। एक नॉन परफॉर्मिंग न्यायपालिका को स्वतंत्र नहीं कहा जा सकता है। जब मैं कहता हूं कि न्यायपालिका परफॉर्म कर रही है, इसका मतलब है कि प्रत्येक न्यायाधीश तथ्यों के अपने आकलन और कानून की अपनी समझ के अनुसार बिना किसी अनुचित प्रभाव, प्रलोभन या दबाव के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी भी...

केरल हाईकोर्ट
स्कूल की छात्रा द्वारा बस में सवार होने के दौरान कंडक्टर के इशारे पर ड्राइवर द्वारा बस को आगे बढ़ाने पर चोट लगने का मामला: केरल हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 308 के तहत दोषी की सजा बरकरार रखी

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि एक स्टेज कैरिज बस का कंडक्टर, उसकी घंटी बजाना और ड्राइवर को आगे बढ़ने के लिए संकेत देना जब कोई यात्री उसमें सवार हो, जिससे यात्री को गंभीर चोट लग जाए, यह भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत दंडनीय कृत्य है।धारा 308 गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास को दंडित करती है।जस्टिस पी.जी. अजितकुमार ने यह पाया कि कंडक्टर के पास यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक वैधानिक कर्तव्य है और इससे उसे पर्याप्त ज्ञान होगा कि घंटी बजाने की उसकी कार्रवाई के घातक...

गुजरात हाईकोर्ट
न्यायिक हिरासत रह रही सरोगेट मां से अपने 3 दिन के बच्चे की कस्टडी की मांग को लेकर दंपत्ति ने गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया

3 दिन के बच्चे के इच्छित माता-पिता ने सरोगेट मां से बच्चे की कस्टडी की मांग करते हुए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया है। सरोगेट मां वर्तमान में एक आपराधिक अपराध के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में है।दरअसल दंपति (जैविक माता-पिता) ने सरोगेसी का विकल्प चुना था और एक 31 वर्षीय तलाकशुदा महिला के साथ एक सरोगेसी समझौता किया था। हालांकि, गर्भावस्था की अवधि के दरमियान, सरोगेट मां को एक आपराधिक मामले में फंसाया गया और साबरमती सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।20 जून, 2022 को सरोगेट मां को...

मद्रास हाईकोर्ट
धारा 148 एनआई एक्ट के तहत पारित आदेश इंटरलोक्यूटरी प्रकृति में, पुनरीक्षण योग्य नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 148 के तहत पारित आदेशों के मामले में संशोधन के दायरे पर चर्चा करते हुए, मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि ऐसे आदेश प्रकृति में अंतर्वर्ती हैं और हाईकोर्ट के पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।जस्टिस डी भरत चक्रवर्ती की पीठ प्रधान सत्र न्यायाधीश, चेन्नई के एक आदेश के खिलाफ एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अधिनियम की धारा 148 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए चेक अनादर के लिए कारावास (अपील के निपटान तक) के आदेश को, चेक राशि का 15%...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटेल स्टोर पर हेटिच ट्रेडमार्क और ट्रेडनेम का इस्तेमाल करके किसी भी नकली उत्पाद को बेचने पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटेल स्टोर पर 'हेटिच' ट्रेडमार्क और ट्रेडनेम का इस्तेमाल करके किसी भी नकली उत्पाद को बेचने पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक रिटेल स्टोर को HETTICH और HETTICH लोगो ट्रेडमार्क और ट्रेड नेम का इस्तेमाल करके किसी भी नकली उत्पाद या किसी अन्य संबंधित सामान को बेचने से रोक दिया है।जस्टिस ज्योति सिंह, हेटिच मार्केटिंग-अंड वर्ट्रीब्स जीएमबीएच एंड कंपनी द्वारा गुप्ता स्टोर नाम के एक रिटेल स्टोर के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई कर रही थीं, जिसमें उसे ट्रेडमार्क 'HETTICH' और उसके लोगो का उल्लंघन करने से रोकने की मांग की गई थी।यह वादी का मामला था कि ट्रेड नेम और ट्रेडमार्क HETTICH की...

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गन राइट्स का विस्तार किया, सार्वजनिक रूप से हथियार रखने के अधिकार को सीमित करने वाले कानून को रद्द किया
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गन राइट्स का विस्तार किया, सार्वजनिक रूप से हथियार रखने के अधिकार को सीमित करने वाले कानून को रद्द किया

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को न्यूयॉर्क के एक कानून को खारिज कर दिया, जिसमें आत्मरक्षा के लिए सार्वजनिक रूप से छुपाकर आग्नेयास्त्रों को ले जाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि सदियों पुराने कानून की आवश्यकता है कि आवेदक "उचित कारण" और "अच्छे नैतिक चरित्र" का प्रदर्शन करें, यह दूसरे संशोधन का उल्लंघन करता है।।6-3 के फैसले में, जिसमें रूढ़िवादी जज बहुमत में और उदारवदी जज अल्पमत में थे, पाया गया कि 1913 में अधिनियमित कानून ने अमेरिकी संविधान के दूसरे संशोधन के तहत एक...