मुख्य सुर्खियां
एनआई एक्ट| कानून की उचित प्रक्रिया को बाधित करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के क्षेत्राधिकार को लागू नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चेक डिसऑनर से संबंधित मामले में माना कि याचिकाकर्ता सीआरपीसी की धारा 482 को लागू नहीं कर सकता है। हालांकि, अप्रत्यक्ष रूप से उक्त अधिकार को बहाल करने का निर्देश मांग सकता है। उक्त मामले में परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत कार्यवाही लागू करने की सीमा अवधि समाप्त हो गई थी।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा,"कानून में निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार करने के लिए कानून की प्रक्रिया का सहारा नहीं लिया जा सकता।"याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी द्वारा...
"अर्नेश कुमार" दिशानिर्देशों के उल्लंघन में गिरफ्तारी: केरल हाईकोर्ट ने आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के अनुपालन में गिरफ्तारी की गई है या नहीं, यह संतुष्ट किए बिना एक आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए एक न्यायिक मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा।जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस और जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन की एक खंडपीठ ने कार्यवाही में अपनी ओर से प्रतिक्रिया की कमी की निंदा करते हुए गिरफ्तारी करने वाले पुलिस अधिकारी को अवमानना नोटिस भी जारी किया।कोर्ट ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट ने विवेक का प्रयोग किए...
3 बच्चे पैदा करने के कारण सदस्य की भागीदारी अयोग्य: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रद्द किया
गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने याचिकाकर्ता -ग्राम पंचायत अध्यक्ष पर अविश्वास व्यक्त करने वाले प्रस्ताव को रद्द कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें असम पंचायत अधिनियम, 1994 के साथ असम पंचायत (संविधान) नियम, 1995 के रूल 62 का गैर-अनुपालन का हवाला देते हुए पद से हटा दिया गया है।याचिकाकर्ता ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का हवाला देते हुए तर्क दिया कि एक प्रतिवादी, गांव पंचायत की सदस्य, जिसने याचिकाकर्ता के खिलाफ मतदान किया था, ने पिछले साल अपने तीसरे बच्चे को जन्म दिया था। इसलिए,...
केवल स्थगन अनुरोध की अनुमति देने के कारण जज की ईमानदारी पर संदेह नहीं किया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निचली अदालत के जज को कदाचार का दोषी ठहराने के आदेश को रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत के एक पूर्व जज के खिलाफ अनुशासनात्मक प्राधिकारी के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें कदाचार का दोषी ठहराया गया था। साथ ही अदालत ने उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश भी रद्द कर दिया। अनुशासनात्मक प्राधिकारी ने उन्हें अन्य बातों के साथ "भ्रष्ट या परोक्ष कारणों" से जमानत देने और "बेहद कमजोर आधार" पर स्थगन देने का दोषी ठहराया था।याचिकाकर्ता/निचली अदालत के पूर्व जज ने दिए गए स्थगनों के संबंध में अनुशासनात्मक प्राधिकारी की ओर से पेश तर्कों से असहमति...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने आवारा कुत्ते के हमले में दो साल के बच्चे की मौत के लिए 10 रुपये लाख मुआवजा देने का आदेश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों का उनके अधिकार क्षेत्र में रहने वाले मनुष्यों को किसी भी आवारा कुत्तों या ऐसे आवारा कुत्तों द्वारा किसी भी हमले के खतरे से बचाना वैधानिक दायित्व है।जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा,"नगरपालिका अधिकारियों के पास सार्वजनिक कर्तव्य और / या वैधानिक कर्तव्य है, जो क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को स्ट्रीट डॉग्स के हमले से बचाने के लिए है।"पीठ ने 2018 में आवारा कुत्तों के हमले में अपने 22 महीने के बेटे को खोने वाले राजमिस्त्री...
धारा 138 एनआई एक्ट| गुजरात हाईकोर्ट ने 'फेयर ट्रायल के विशालतर हित' में विवादित चेक को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा
गुजरात हाईकोर्ट ने 'फेयर ट्रायल के विशालतर उद्देश्य' को सुनिश्चित करने के लिए चेक के कथित दुरुपयोग से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दरमियान विवादित चेक को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की राय के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजने का निर्देश दिया है।नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत आरोपी याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने चेक की फोरेंसिक जांच के लिए पेश की गई उसकी याचिका को खारिज कर दिया था।याचिकाकर्ता ने चेक पर उम्र और लेखन की जांच के चेक को...
'अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित न्याय का अधिकार निहित': गुजरात हाईकोर्ट ने DRT अहमदाबाद में पीठासीन अधिकारी की शीघ्र नियुक्ति का निर्देश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद में लोन वसूली न्यायाधिकरण- I (DRT-I) में पीठासीन अधिकारी की शीघ्र नियुक्ति का निर्देश देते हुए परमादेश का रिट (Writ of Mgujarat-high-court-speedy-justice-article-21-appointment-presiding-officer-drtandamus) जारी किया। इसके साथ हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित न्याय का अधिकार निहित है।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की खंडपीठ ने गुजरात बार काउंसिल में नामांकित वकील द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। उक्त वकील विभिन्न अदालतों...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेकेदातु पदयात्रा को लेकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ COVID-19 प्रतिबंधों पर रोक लगाई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक महामारी रोग अधिनियम, 2020 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अन्य धाराओं के तहत कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार और अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई की अगली तारीख तक आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।राज्य में विपक्ष दल के नेता सिद्धारमैया और अन्य नेताओं ने जनवरी में पदयात्रा करते हुए मेकेदातु परियोजना को लागू करने की मांग की थी, जब कथित तौर पर COVID-19 प्रतिबंध लागू थे।जस्टिस सुनील दत्त यादव की एकल पीठ ने प्रतिवादियों को नोटिस...
पर्सनल रिलेशन की सामाजिक स्वीकृति कानून की नजर में उन्हें मान्यता देने का आधार नहीं: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि पर्सनल रिलेशन की सामाजिक स्वीकृति उन्हें कानून की नजर में मान्यता देने का आधार नहीं है।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस पूर्णेंदु सिंह की पीठ अमित राज द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार कर रही थी। उक्त याचिका में उसकी पत्नी (कथित तौर पर उसके परिवार के सदस्यों की कस्टडी में थी) को पेश किए जाने की मांग की गई थी।अदालत के आदेश के अनुसार, लड़की/पत्नी को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उससे पूछा कि क्या उसने स्वेच्छा से याचिकाकर्ता से शादी की है।...
गिरफ्तारी के लिए 'अर्नेश कुमार' मामले में जारी किए गए दिशा-निर्देश 7 साल से कम कारावास की सज़ा के प्रावधान वाले अपराधों में लागू : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए 'अर्नेश कुमार' मामले में जारी किए गए दिशा-निर्देश 7 साल से कम कारावास की सज़ा के प्रावधान वाले अपराधों में लागू होंगे।जस्टिस अनूप चितकारा की खंडपीठ ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406 और धारा 420 के तहत दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते हुए कहा,अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य, (2014) 8 एससीसी 273, (पैरा 13) में पारित निर्देश उस याचिका पर लागू होते हैं, जिसमें माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे...
ट्रायल कोर्ट को मुख्य केस और काउंटर-केस में स्पीकिंग ऑर्डर देना चाहिए, तुच्छ आधार पर काउंटर-केस को खारिज करने से बचना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने केस और काउंटर केस होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया निर्धारित की, यदि ट्रायल कोर्ट की राय है कि काउंटर केस को डिस्चार्ज किया जाना है।न्यायमूर्ति पी वी कुन्हीकृष्णन ने कहा कि निचली अदालतों को नन-स्पीकिंग आदेशों के माध्यम से फिल्मी अंदाज में काउंटर-केस को खारिज करके शॉर्टकट लेने से बचना चाहिए।"जब एक सत्र अदालत एक केस और काउंटर केस की सुनवाई करती है, तो ट्रायल कोर्ट मामले के आरोपी को आरोप मुक्त करने के लिए इस तरह के कमजोर रुख नहीं ले सकती है और उसके बाद मुख्य मामले की सुनवाई के साथ...
बाबासाहेब अंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के आरोपी आरटीआई एक्टिविस्ट को मुंबई पुलिस ने क्लीन चिट दी
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर (Babasaheb Ambedkar) के खिलाफ एक कथित अपमानजनक पोस्ट करने के आरोपी आरटीआई एक्टिविस्ट को मुंबई पुलिस द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बाद अग्रिम जमानत दे दी।एक फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जस्टिस प्रकाश नाइक की अदालत को सूचित किया कि आरोपी अब्दुल रहीम अब्दुल गनी घड़ियाली अपराध में शामिल नहीं था। लोक अभियोजक ने कहा कि एक रिपोर्ट, अन्वेषण को बंद करने के लिए संबंधित अदालत के समक्ष दायर की जाएगी।घड़ियाली पर भारतीय दंड संहिता...
हैदरपोरा एनकाउंटर: हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के एडवोकेट जनरल की दलीलें सुनीं
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने मंगलवार को हैदरपोरा एनकाउंटर (Hyderpora Encounter) में मारे गए अमीर लतीफ माग्रे के शव को निकालने से संबंधित मामले में आंशिक रूप से सुनवाई की।एडवोकेट जनरल की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे और जस्टिस वसीम सादिक नरगल की खंडपीठ ने लतीफ माग्रे की वकील दीपिका सिंह राजावत द्वारा किए गए अनुरोध पर बहस के निष्कर्ष के लिए मामले को आज के लिए फिर से सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।यूटी प्रशासन के लिए तर्क देते हुए एडवोकेट जनरल डी सी रैना ने प्रस्तुत किया कि...
दोस्ताना रिश्ते शारीरिक संबंध बनाने की सहमति नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा कि एक लड़की की किसी लड़के से सिर्फ दोस्ती होने के कारण लड़के को यह नहीं समझा जाना चाहिए कि लड़की उसे अपने साथ यौन संबंध स्थापित करने की अनुमति दे रही है। अदालत ने शादी का वादा करके लड़की को गर्भवती करने के आरोपी व्यक्ति की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि लड़की की दोस्ती को उसकी सहमति के रूप में गलत तरीके से समझने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस भारती डांगरे ने शादी के बहाने एक महिला से बलात्कार के आरोपी आशीष चकोर द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका...
प्रयागराज हिंसा के आरोपी जावेद की पत्नी का घर तोड़े जाने के खिलाफ याचिका : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा, 30 जून को अगली सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज हिंसा (10 जून) के आरोपी जावेद मोहम्मद की पत्नी द्वारा जिला प्रशासन द्वारा 12 जून को उनका घर गिराए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) से जवाब मांगा है। जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा और जस्टिस सैयद वाइज मियां की बेंच ने यूपी सरकार और पीडीए को नोटिस जारी कर बुधवार तक जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 30 जून के लिए टाल दी है।इससे पहले सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने इस मामले की सुनवाई से खुद...
ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। ज़ुबैर को रविवार को दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और उनके ट्वीट के जरिए दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीएमएम स्निग्धा सरवरिया ने देखा कि जुबैर मामले की जांच में "असहयोगी" बना हुआ है और ट्वीट पोस्ट करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस की बरामदगी अभी बाकी है।आदेश में कहा गया है," यह मानते हुए कि विवादित ट्वीट पोस्ट करने के लिए उसके द्वारा...
जब तक देश के आर्थिक हित में न हो, बैंक बकाया की वसूली के लिए 'लुक आउट सर्कुलर' जारी करने की मांग नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने या किसी व्यक्ति (लोन डिफॉल्टर) को विदेश यात्रा करने से रोकने का अनुरोध बैंक द्वारा बकाया राशि की वसूली का तरीका नहीं हो सकता है, जब तक कि धोखाधड़ी की आशंका न हो और उसमें देश का आर्थिक हित जुड़ा हो।जस्टिस एसजी पंडित की एकल पीठ ने लीना राकेश द्वारा दायर याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया, जिसने विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रेशन अधिकारी (एफआरआरओ) द्वारा जारी किए गए निर्देश पर सवाल उठाया था। उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया और उसे बेंगलुरु से...
अदालतों को डिफॉल्ट के बजाय मैरिट के आधार पर मामले को निपटाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने कहा कि अदालतों को मामलों को डिफ़ॉल्ट के बजाय मैरिट के आधार पर निपटाने का प्रयास करना चाहिए और जब कोई मामला पेश किया जाता है तो हाइपरटेक्निकल दृष्टिकोण का उपयोग करने से बचना चाहिए।जस्टिस सी.एस. डायस ने यह देखने के बाद कहा कि एक निचली अदालत ने मनी सूट में एक लिखित बयान को समय पर प्रस्तुत करने की अनदेखी की थी, क्योंकि इसमें कुछ औपचारिक दोष थे।पीठ ने कहा,"मुझे लगता है कि निचली अदालत द्वारा अपनाया गया पाठ्यक्रम अति-तकनीकी और अनुचित है, खासकर जब याचिकाकर्ताओं ने...
आर्बिट्रेटर की नियुक्ति के लिए कई सालों बाद आवेदन दाखिल किया, झारखंड हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज की
झारखंड हाईकोर्ट ने एक फैसला में कहा है कि यदि ऑर्बिट्रेशन एंड कन्सिलिएशन एक्ट, 1996 की धारा 11 (6) (सी) के तहत ऑर्बिट्रेटर की नियुक्ति के लिए आवेदन दाखिल करने में अत्यधिक विलंब के आधार पर आवेदन खुद सुनवाई योग्य नहीं है तो परिसीमन के मुद्दे को न्यायनिर्णयन के लिए मध्यस्थ के पास नहीं भेजा जा सकता।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की सिंगल बेंच ने माना कि, भारत संचार निगम लिमिटेड और अन्य बनाम नॉर्टेल नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (2021) के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मद्देनजर सीमा के मुद्दे...
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट: बॉम्बे हाईकोर्ट में सीएम उद्धव ठाकरे, संजय राउत और आदित्य ठाकरे के खिलाफ 'सार्वजनिक उपद्रव' और 'देशद्रोह' के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray), संजय राउत (Sanjay Raut) और आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) के खिलाफ कथित 'सार्वजनिक उपद्रव' और 'देशद्रोह' के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दायर की गई।पुणे के सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता हेमंत पाटिल ने उन्हें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस या दौरे आयोजित करने से रोकने की मांग की है। पाटिल ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में...




















