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Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
आदेश 41 नियम 3-ए सीपीसी | देरी की माफी के लिए आवेदन ना होना सुधार योग्य गलती, ऐसा आवेदन बाद में दिया जा सकता है: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक प्रश्न कि यदि अपील सीपीसी के आदेश 41 में नियम 3ए के उपनियम (1) में उल्लिखित आवेदन के साथ नहीं होगी तो क्या परिणाम होंगे, का जवाब देते हुए कहा, "देरी की माफी के लिए आवेदन ना होना सुधार योग्य गलती है, और यदि आवश्यक हो तो ऐसा आवेदन बाद में दायर किया जा सकता है और अपील को आदेश 41 सीपीसी के नियम 3A के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकता है"।जस्टिस विनोद चटर्जी कौल की पीठ अनुच्छेद 227 के तहत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने एक अपील से उत्पन्न...

मधु लिंचिंग केस| केरल हाईकोर्ट ने 11 आरोपियों की जमानत रद्द करने के विशेष न्यायालय का आदेश बरकरार रखा
मधु लिंचिंग केस| केरल हाईकोर्ट ने 11 आरोपियों की जमानत रद्द करने के विशेष न्यायालय का आदेश बरकरार रखा

केरल हाईकोर्ट ने फरवरी, 2018 में आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में 11 आरोपियों को दी गई जमानत रद्द करने के विशेष न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों को सोमवार को खारिज कर दिया।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मन्नारक्कड़ विशेष अदालत द्वारा 11 आरोपियों की जमानत रद्द करने के आदेश की पुष्टि की। हालांकि एक आरोपी की जमानत बरकरार रखी गई।अदालत ने कहा,"आरोपी नंबर 11 को छोड़कर सभी अपीलें खारिज कर दी गईं।"फरवरी, 2018 में केरल...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता की धारा 155- 'अधिग्रहण कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान तहसीलदार राजस्व रिकॉर्ड सही कर सकते हैं': हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की नागपुर बेंच ने कहा कि महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता के तहत तहसीलदार के पास राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की स्थिति को सही करने का अधिकार है, जो मुआवजे की राशि को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है, भले ही अधिग्रहण की कार्यवाही उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित हो।अदालत ने कहा,"संहिता की धारा 155 के तहत तहसीलदार के समक्ष कार्यवाही स्पष्ट रूप से स्वतंत्र कार्यवाही है और यदि वे भूमि मालिकों को उचित मुआवजा निर्धारित करने में सहायता करते हैं, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम के कामकाज और उनके समक्ष ममामलों के लंबित होने पर डेटा मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम के कामकाज और उनके समक्ष ममामलों के लंबित होने पर डेटा मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर भर में सभी जिला उपभोक्ता निवारण फोरम के कामकाज और उनके समक्ष अंतिम मामलों के लंबित होने पर रजिस्ट्रार जनरल से डेटा-आधारित रिपोर्ट मांगी।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि रजिस्ट्रार जनरल डेटा एकत्र करने के लिए टीम का गठन कर सकते हैं, यह कहते हुए कि वह फोरम से भौतिक यात्राओं और पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं।अदालत ने मामले को एक नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए आदेश दिया,"उपरोक्त वर्णित विवरणों को निर्धारित करने वाली व्यापक रिपोर्ट योग्य रजिस्ट्रार जनरल द्वारा इस...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
"गवाहों का परीक्षण होने तक अभियोजक, जांच अधिकारी का वेतन रोकें": पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने POCSO मामले में अभियोजन के 'कैजुअल' रवैये की आलोचना की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक लोक अभियोजक और एक जांच अधिकारी के वेतन को रोकने का निर्देश जारी किया। कोर्ट ने यह नोट करने के बाद कि पोक्सो के एक मामले में अभियोजन पक्ष ने मुकदमे का संचालन 'कैजुअल' होकर ‌किया था, उक्त निर्देश दिए।जस्टिस राजबीर सहरावत ने कहा,"चूंकि लोक अभियोजक और मामले के जांच अधिकारी ने उचित तत्परता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया है, इसलिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि उन्हें मुकदमे की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए मजबूर किया जा सके। ...

केरल हाईकोर्ट
जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए आवेदन सरसरी तौर पर खारिज नहीं किया जा सकता, रजिस्ट्रार को साक्ष्यों पर विचार करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में नगर पालिका और ग्राम पंचायत के तहत सभी रजिस्ट्रारों को जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत प्रावधानों का पालन करते हुए जन्म प्रमाण पत्र में सुधार की मांग करने वाले आवेदनों पर विचार करने और ऐसे आवेदनों को सरसरी तौर पर खारिज नहीं करने का निर्देश दिया।जस्टिस अमित रावल ने यह निर्देश उन उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए दिया जहां रजिस्ट्रार, धारा 15 और नियम 11 और अन्य नियमों के प्रावधानों का पालन किए बिना, जन्म रिकॉर्ड में सुधार के लिए आवेदनों को खारिज कर रहे हैं।यदि...

एफआईआर में आरोपी, पीड़ित के धर्म का उल्लेख न हो, यह तय करने के लिए क्या कदम उठाए गए; पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब डीजीपी से हलफनामा दायर करने को कहा
एफआईआर में आरोपी, पीड़ित के धर्म का उल्लेख न हो, यह तय करने के लिए क्या कदम उठाए गए; पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब डीजीपी से हलफनामा दायर करने को कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह निर्दिष्ट करना होगा कि एफआईआर में अभियुक्त, पीड़ित और गवाहों के धर्म का उल्लेख ना किया जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी की पीठ दरअसल एनडीपीएस एक्ट के तहत एक आरोपी द्वारा पेश की गई जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जब उन्होंने नोट किया कि स्‍थानीय भाषा में लिखी एफआईआर में 'सरदार' शब्द का इस्तेमाल किया गया है।इसके अलावा, कोर्ट ने मार्च 2022 में पुलिस...

सीजेआई ललित ने ओडिशा के सभी 30 जिलों में पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया; उड़ीसा हाईकोर्ट की ई-पहल की सराहना
सीजेआई ललित ने ओडिशा के सभी 30 जिलों में पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया; उड़ीसा हाईकोर्ट की ई-पहल की सराहना

सीजेआई उदय उमेश ललित, जस्टिस धनंजय वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एम.आर. शाह ने ओडिशा के 'सभी 30 जिलों' में 34 पेपरलेस न्यायालयों का उद्घाटन किया।ओडिशा न्यायिक अकादमी, कटक में आयोजित कार्यक्रम में उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. जस्टिस एस. मुरलीधर, जस्टिस एस. तलापात्रा, उच्च न्यायालय की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना प्रौद्योगिकी समिति के अध्यक्ष और उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश शामिल थे।इसके अलावा, उच्च न्यायालय की 75वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए, उड़ीसा के उच्च न्यायालय की विशेषता वाले 6...

दिल्ली हाईकोर्ट
जहां मौत का कारण अज्ञात हो, वहां एफएसएल रिपोर्ट में देरी से पीड़ित परिवार को भुगतना पड़ता है, सैंपल खराब हो सकते हैं : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जांच से संबंधित वैज्ञानिक रिपोर्ट प्राप्त करने में देरी से न केवल सामाजिक नुकसान होता है, बल्कि पीड़ित परिवार को अत्यधिक पीड़ा होती है, क्योंकि वे मृत्यु के सही कारण से अनजान रहते हैं।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने कहा कि "किसी भी कारण से" देरी को कानून के तहत नहीं माना जा सकता। यहां तक ​​​​कि टेस्ट के उद्देश्य को नकारते पर "सैंपल का खराब या उनमें सड़न" भी हो सकती है।अदालत ने 14 वर्षीय लड़के की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट आगे बढ़ाने में अत्यधिक देरी पर चिंता व्यक्त...

मद्रास हाईकोर्ट
रजिस्ट्रार हस्तांतरण विलेख, जिस पर पहले से ही कार्रवाई की जा चुकी है, को रद्द करने के लिए निरस्तीकरण विलेख को स्वीकार नहीं कर सकताः मद्रास हाईकोर्ट (फुल बेंच)

मद्रास हाईकोर्ट की एक खंडपीठ एक संदर्भ का जवाब देते हुए कहा कि रजिस्ट्रार के पास पहले किए गए हस्तांतरण विलेख (Deed Of Conveyance) को रद्द करने के लिए निरस्तीकरण विलेख (Deed Of Cancelation) को स्वीकार करने की शक्ति नहीं है, जब हस्तांतरण विलेख पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी हो। पीठ में जस्टिस एसएस सुंदर, जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस आर विजयकुमार शामिल थे।कोर्ट जस्टिस एस वैद्यनाथन की ओर से एकतरफा निरस्तीकरण विलेख के पंजीकरण के खिलाफ दायर एक रिट याचिका के सुनवाई योग्य होने के संबंध में दिए गए एक...

COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2-18 वर्ष पुराने COVAXIN के क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्र की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया
COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2-18 वर्ष पुराने COVAXIN के क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्र की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में COVAXIN के दूसरे और तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल करने के लिए केंद्र की अनुमति के खिलाफ COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान दायर एक याचिका का निपटारा किया।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने जैकब पुलियेल बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया, जिसमें माना गया कि COVID-19 वैक्सीनेशन पॉलिसी पर केंद्र की नीति उचित है।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि प्रासंगिक डेटा की गहन समीक्षा...

बीयर की बोतलें और डिब्बे मिनटों की जांच में नहीं खरीदे जाते: ब्रेवरीज के बीच ट्रेडमार्क विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा
'बीयर की बोतलें और डिब्बे मिनटों की जांच में नहीं खरीदे जाते': ब्रेवरीज के बीच ट्रेडमार्क विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बहुराष्ट्रीय शराब बनाने वाले कार्ल्सबर्ग के ट्रेडमार्क के समान ट्रेडमार्क का उपयोग करने के लिए टेन्सबर्ग ब्रेवरीज इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की।अदालत ने यह भी कहा कि प्रतिवादी द्वारा अपनाए जाने बोतल का आकार भ्रामक रूप से कार्ल्सबर्ग के समान प्रतीत होता है।जस्टिस नवीन चावला ने आदेश में कहा,"बीयर की बोतलें और डिब्बे सूक्ष्म जांच के साथ नहीं बल्कि अधिक आकस्मिक तरीके से खरीदे जाते हैं। अनजान उपभोक्ता के परीक्षण को अधूरी याद के साथ...

संस्कृति स्कूल एडमिशन- दिल्ली न्यायिक सेवा को आरक्षण लाभ के लिए सिविल सेवा श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट
संस्कृति स्कूल एडमिशन- दिल्ली न्यायिक सेवा को आरक्षण लाभ के लिए सिविल सेवा श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट

निचली अदालत के न्यायाधीश की बेटी की ओर से संस्कृति स्कूल में सरकारी कोटे के तहत दाखिले के लिए दायर याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली न्यायिक सेवा के अधिकारियों को केंद्रीय अधिकारियों (ग्रुप ए) की शिक्षण संस्थान में आरक्षण योजना श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता।जस्टिस चंद्रधारी सिंह उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें कहा गया कि दिल्ली न्यायिक नियम 1970 के नियम 3 (सी) के आधार पर एक सिविल ग्रुप ए राजपत्रित पद पर तैनान न्यायिक अधिकारी को डीजेएस नियमों के नियम 33 के...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने 8 साल के बच्चे की हत्या के लिए दोषी व्यक्ति की उम्रकैद की सज़ा डाईंग डिक्लेरेशन के आधार पर बरकरार रखी
उड़ीसा हाईकोर्ट ने '8 साल के बच्चे' की हत्या के लिए दोषी व्यक्ति की उम्रकैद की सज़ा डाईंग डिक्लेरेशन के आधार पर बरकरार रखी

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में मृतक के मरने से पहले दिए बयान (Dying Declaration) के आधार पर आठ (8) साल के लड़के की हत्या के दोषी व्यक्ति के आजीवन कारावास को बरकरार रखा।चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर और जस्टिस चित्तरंजन दास की खंडपीठ ने कहा,"विसरा में ऑर्गनोफॉस्फोरस कीटनाशक जहर था। इससे यह तथ्य सामने आया कि मौत का कारण जहर दिया जाना था। मृतक के पिता के साथ पिछली दुश्मनी और झगड़े ने अपराध के लिए मकसद दिया और वह भी पीड़ित पक्ष द्वारा स्थापित किया गया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी के आचरण पर ध्यान दिया, जो मृतक...

झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने एक सीनियर वकील द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं पर सर्विस टेक्स के भुगतान के लिए जारी डिमांड नोटिस खारिज किया

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने एक सीनियर वकील द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं पर सर्विस टेक्स के भुगतान के लिए जारी डिमांड नोटिस खारिज कर दिया।चीफ जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने हालांकि, कर अधिकारियों द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 18/2016-एसटी दिनांक 1.3.2016 और अधिसूचना संख्या 9/2016-एसटी दिनांक 1.3.2016 को रद्द करने की प्रार्थना की अनुमति नहीं दी, इस हद तक कि वह उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं के लिए सीनियर वकीलों से सीधे सेवा कर वसूलने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीडब्ल्यूसीडी के 57 चाइल्ड केयर होम के लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इनकार करने पर कड़ी आपत्ती जताई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीडब्ल्यूसीडी के 57 चाइल्ड केयर होम के लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इनकार करने पर कड़ी आपत्ती जताई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला और बाल विकास आयुक्त (सीडब्ल्यूसीडी) के किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत कम से कम 57 गैर सरकारी संगठनों के लाइसेंस नवीनीकरण प्रस्तावों को बिना सुनवाई या उन्हें सही करने का अवसर दिए बिना खारिज करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।जस्टिस मगेश पाटिल और जस्टिस संदीप मार्ने की औरंगाबाद बेंच में बैठी खंडपीठ ने सीडब्ल्यूसीडी को कम से कम नौ गैर सरकारी संगठनों के प्रस्तावों पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया, जिन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।बेंच ने कहा,"आक्षेपित संचार किसी...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच द्वारा लिखित पुस्तक के विमोचन पर रोक लगाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच सोजर्ड मारिजेन की किताब के विमोचन पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की मेडिकल कंडीशन के संबंध में कोई निजता नहीं हो सकती।पुस्तक "विल पावर: द इनसाइड स्टोरी ऑफ द इनक्रेडिबल टर्नअराउंड इन इंडियन वीमेन्स हॉकी" का विमोचन 21 सितंबर को होने वाला है।फील्ड हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर ने स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा के साथ-साथ पुस्तक के प्रकाशक हार्पर कॉलिन्स पब्लिशर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इसके लेखक सोजर्ड मारिजने के खिलाफ हर्जाने की मांग...

दिल्ली हाईकोर्ट ने हैदराबाद रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले मीडिया हाउस के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका में सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हैदराबाद रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले मीडिया हाउस के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका में सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एक जनहित याचिका में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है, जिसमें हैदराबाद बलात्कार मामले की पीड़िता और आरोपी व्यक्तियों की पहचान उजागर करने के लिए कुछ मीडिया घरानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि चार सप्ताह के भीतर दस्तावेजों के पूरे सेट के साथ जॉन को आदेश की सूचना दी जाए।कोर्ट ने मामले को 12 जनवरी, 2023 को सुनवाई के लिए पोस्ट करते हुए कहा,"मामले को...