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अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना RP Act की धारा 123(4) के तहत भ्रष्ट आचरण नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना RP Act की धारा 123(4) के तहत 'भ्रष्ट आचरण' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि नामांकन हलफनामे में अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना, Representation of the People Act, 1951 की धारा 123(4) के तहत "भ्रष्ट आचरण" नहीं माना जाएगा।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की एक डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में करोल बाग विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार के चुनाव को चुनौती देने वाली एक चुनाव याचिका से जुड़े एक संदर्भ का जवाब दे रहे थे।चुनाव याचिकाकर्ता ने चुने गए उम्मीदवार के चुनाव को इस...

अच्छा कदम: हाईकोर्ट ने लॉरेंस ऑफ पंजाब पर राज्य सरकार की कार्रवाई की प्रशंसा की
'अच्छा कदम': हाईकोर्ट ने 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' पर राज्य सरकार की कार्रवाई की प्रशंसा की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार की तारीफ़ की, जिसने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का महिमामंडन करने वाले ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक की, जिसमें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर दिए गए उसके इंटरव्यू भी शामिल हैं।पंजाब के AG मनिंदरजीत सिंह बेदी ने जब कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने बिश्नोई के अपराधों के महिमामंडन से जुड़े 2,600 से ज़्यादा लिंक ब्लॉक कर दिए हैं तो चीफ़ जस्टिस शील नागू ने मौखिक रूप से कहा, "यह आपकी तरफ़ से एक अच्छा कदम है।"यह घटनाक्रम लुधियाना के सांसद राजा वारिंग द्वारा वकील निखिल घई...

इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे, जिहादी सामग्री फैलाई: दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी को 12 साल हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत देने से इनकार किया
'इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे, जिहादी सामग्री फैलाई': दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी को 12 साल हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को UAPA मामले में आरोपी दो लोगों को ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि ये लोग न सिर्फ़ भारत में, बल्कि पाकिस्तान में भी इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे और जिहादी सामग्री फैलाते थे।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने कहा कि लगभग 12 साल से हिरासत में होने के बावजूद, उन्हें रिहा करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह लगातार खतरा बना हुआ है कि अगर उन्हें ज़मानत दी गई तो वे फिर से ऐसी ही गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।कोर्ट ने कहा,"अपील...

शादियों की जांच और युवा जोड़ों का पीछा कर रही UP Police: हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- परेशान करने वाला चलन
शादियों की जांच और युवा जोड़ों का पीछा कर रही UP Police: हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- परेशान करने वाला चलन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि पुलिस उन युवा जोड़ों के खिलाफ FIR दर्ज करके और उनका पीछा करके बहुत बड़ी गलती कर रही है, जिन्होंने अपनी मर्ज़ी से शादी की है।पुलिस द्वारा अन्य अपराधों की जांच करने के बजाय आपसी सहमति से हुई शादियों की जांच करने और FIR दर्ज करने के 'परेशान करने वाले चलन' पर चिंता जताते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।इस निर्देश के साथ बेंच ने...

लॉरेंस ऑफ पंजाब वेब सीरीज पर रोक की मांग: केंद्र की सलाह के बाद हाईकोर्ट ने किया याचिका का निपटारा
'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज पर रोक की मांग: केंद्र की सलाह के बाद हाईकोर्ट ने किया याचिका का निपटारा

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' नामक वेब सीरीज के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका का निपटारा किया। यह फैसला उस समय आया जब केंद्र सरकार ने संबंधित मंच को इस सीरीज को जारी न करने की सलाह दी।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस प्रमोद गोयल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान बताया कि पंजाब सरकार ने 22 अप्रैल को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर इस वेब सीरीज के प्रसारण पर रोक लगाने और इसके ट्रेलर तक की पहुंच बंद करने का अनुरोध किया था।केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर...

पत्नी से भरण-पोषण मांगने वाले पति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, झूठे हलफनामे देने पर लगाया 15 लाख रुपये का जुर्माना
पत्नी से भरण-पोषण मांगने वाले पति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, झूठे हलफनामे देने पर लगाया 15 लाख रुपये का जुर्माना

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में पत्नी से भरण-पोषण मांगने वाले पति पर 15 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया। अदालत ने पाया कि पति ने अपनी आय छिपाने और खुद को बेरोजगार बताने के लिए झूठे हलफनामे दाखिल किए।जस्टिस विनोद दिवाकर ने कहा कि पति की याचिका में कोई सच्चाई नहीं है और वह अदालत की निगरानी अधिकार का लाभ पाने के योग्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि याचिका को खारिज किया जाता है और 15 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि छह सप्ताह के भीतर पत्नी को दी जाए।मामले में पति ने दावा किया था कि वह...

महिला की संपत्ति पर भाई का दावा खारिज, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पति के वारिसों को प्राथमिकता: बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला
महिला की संपत्ति पर भाई का दावा खारिज, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पति के वारिसों को प्राथमिकता: बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 15(1) पूरी तरह लागू है और जब तक इसे असंवैधानिक घोषित नहीं किया जाता इसका पालन अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि किसी महिला की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति के उत्तराधिकार का क्रम इसी प्रावधान के अनुसार तय होगा।जस्टिस फिरदौस पी. पूनीवाला ने यह फैसला उस अंतरिम आवेदन पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें मृत महिला के भाई ने खुद को एकमात्र वारिस बताते हुए संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार मांगा था और अन्य पक्षों को संपत्ति से छेड़छाड़ करने से रोकने की...

दिल्ली दंगा साजिश मामले में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से किया इनकार
दिल्ली दंगा साजिश मामले में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में पूर्व पार्षद इशरत जहां को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की अपील खारिज की। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने कहा कि जमानत दिए हुए चार साल से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान इशरत जहां द्वारा किसी भी शर्त का उल्लंघन करने का कोई आरोप सामने नहीं आया।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“हम यह स्पष्ट करते हैं कि हमने मामले के गुण-दोष पर कोई...

NIA ने बिल्कुल नई कहानी पेश की, ATS और CBI के निष्कर्षों को नज़रअंदाज़ किया: मालेगांव धमाकों की जांच पर बॉम्बे हाईकोर्ट
NIA ने 'बिल्कुल नई कहानी' पेश की, ATS और CBI के निष्कर्षों को नज़रअंदाज़ किया: मालेगांव धमाकों की जांच पर बॉम्बे हाईकोर्ट

2006 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में चार व्यक्तियों को आरोपमुक्त करने के अपने आदेश में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि एनआईए ने महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई जांच का पालन नहीं किया और विस्फोटों के संबंध में एक 'पूरी तरह से नई कहानी' पेश कर दी।गौरतलब है कि मामले की शुरुआती जांच करने वाली एटीएस ने दावा किया था कि नौ व्यक्तियों (जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया) ने साजिश रची थी और 8...

असम CM की पत्नी की FIR: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
असम CM की पत्नी की FIR: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। यह याचिका असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दायर एक FIR के संबंध में थी, जिसमें रिनिकी पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए थे।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की बेंच ने 21 अप्रैल को दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई के बाद अपना अंतिम आदेश सुरक्षित रख लिया था।खेड़ा की ओर से पेश होते हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि CM हिमंत ने खेड़ा के खिलाफ कथित तौर पर बयान दिया। साथ ही यह भी कहा...

पत्नी की मामूली सैलरी स्टेटस के अंतर को नहीं भर पाती, बेरोज़गार पति की कमाई की अच्छी-खासी क्षमता: हाईकोर्ट ने गुज़ारा भत्ता बरकरार रखा
पत्नी की मामूली सैलरी स्टेटस के अंतर को नहीं भर पाती, बेरोज़गार पति की 'कमाई की अच्छी-खासी क्षमता': हाईकोर्ट ने गुज़ारा भत्ता बरकरार रखा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दायर रिट याचिका खारिज की, जिसमें उसने अपनी अलग रह रही पत्नी के लिए हर महीने ₹20,000 के अंतरिम गुज़ारा भत्ते के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर वाला, अच्छी तरह से पढ़ा-लिखा पति बेरोज़गारी का बहाना बनाकर गुज़ारा भत्ता देने की अपनी कानूनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकता।जस्टिस डॉ. के. मनमधा राव की सिंगल जज बेंच ने 17 अप्रैल के अपने आदेश में कहा कि सिर्फ़ इस बात से कि अलग रह रही पत्नी हर महीने ₹40,000 की सैलरी कमा रही है, उसे गुज़ारा भत्ता...

दिल्ली हाईकोर्ट का Rapido को निर्देश: दृष्टिबाधित यूज़र्स के लिए पहुंच सुनिश्चित करें
दिल्ली हाईकोर्ट का Rapido को निर्देश: दृष्टिबाधित यूज़र्स के लिए पहुंच सुनिश्चित करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय राइड-हेलिंग सर्विस Rapido को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसका एप्लिकेशन, जब तक भी वह चालू रहता है, अपने यूज़र्स के लिए हर तरह से 'दिव्यांग-अनुकूल' बना रहे।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्विस देने वालों का यह सकारात्मक कर्तव्य है कि वे यह सुनिश्चित करें कि डिजिटल इंटरफ़ेस स्वाभाविक रूप से सुलभ हों। साथ ही सहायक तकनीकों के साथ संगत हों; इनमें स्क्रीन रीडर और दृष्टिबाधित व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अन्य पहुंच उपकरण शामिल...

सिर्फ़ FIR के आधार पर हथियार का लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सिर्फ़ FIR के आधार पर हथियार का लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि हथियार का लाइसेंस सिर्फ़ FIR के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसमें हथियार के गलत इस्तेमाल या उसे चलाने का कोई ज़िक्र न हो।इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले फ़ैसले राजीव कुमार @ मोनू शुक्ला बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (प्रधान सचिव, गृह और अन्य के ज़रिए) पर भरोसा करते हुए जस्टिस इरशाद अली ने कहा:“यह बिल्कुल साफ़ है कि सिर्फ़ FIR के आधार पर—जहां साफ़ तौर पर हथियार का कभी इस्तेमाल नहीं हुआ और हथियार के गलत इस्तेमाल के कोई आरोप नहीं हैं—लाइसेंस रद्द नहीं किया जा...

नाबालिग के तौर पर छोटे-मोटे अपराध के लिए सज़ा, डिफेंस सर्विसेज़ में नौकरी में रुकावट नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
नाबालिग के तौर पर छोटे-मोटे अपराध के लिए सज़ा, डिफेंस सर्विसेज़ में नौकरी में रुकावट नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के फ़ायदेमंद स्वभाव पर ज़ोर देते हुए फ़ैसला दिया कि नाबालिगों द्वारा किए गए छोटे-मोटे अपराध किसी उम्मीदवार को मिलिट्री फ़ोर्स में नौकरी पाने से नहीं रोकेंगे।चीफ़ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ़ की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की:"हम माननीय सिंगल जज के इस विचार से पूरी तरह सहमत हैं कि ये अपराध छोटे-मोटे हैं और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के अपवादों के दायरे में नहीं आते। प्रतिवादी को सिर्फ़ सज़ा मिलना उसके नौकरी पाने में रुकावट...

अभिजीत मित्रा के खिलाफ FIR का आदेश, न्यूज़लॉन्ड्री की मनीषा पांडे के खिलाफ की थी अपमानजनक पोस्ट
अभिजीत मित्रा के खिलाफ FIR का आदेश, न्यूज़लॉन्ड्री की मनीषा पांडे के खिलाफ की थी अपमानजनक पोस्ट

दिल्ली कोर्ट ने बुधवार (22 अप्रैल) को टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। यह निर्देश डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की संपादकीय निदेशक मनीषा पांडे द्वारा दायर शिकायत मामले पर दिया गया, जिसमें उन्होंने मित्रा पर सोशल मीडिया पर उनके और अन्य महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।साकेत कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भानु प्रताप सिंह ने पांडे द्वारा दायर उस याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने मित्रा के खिलाफ FIR...

सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता गौरव भाटिया की याचिका पर X यूज़र से मांगा जवाब
सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता गौरव भाटिया की याचिका पर X यूज़र से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) यूज़र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यह मामला भाटिया के टीवी डिबेट से जुड़े एक कथित अश्लील वीडियो पोस्ट को लेकर है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने रैंटिंग गोला नाम के यूज़र को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।भाटिया का आरोप है कि उक्त यूज़र ने 19 दिसंबर को वीडियो पोस्ट किया जो उनके द्वारा दायर मानहानि मामले में 25 सितंबर, 2025 को...