मुख्य सुर्खियां

Gauhati High Court
पुलिस की अवैध 'बुलडोजर कार्रवाई' से प्रभावित लोगों को मुआवजा दें: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को निर्देश दिए

गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने बुलडोजर से कुछ आरोपियों के घरों को गिराने की कार्रवाई पर असम पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति घटना की जांच कर रही है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस आरएम छाया और जस्टिस सौमित्र सायका की खंडपीठ ने पिछले साल जुलाई में अदालत द्वारा शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही को बंद करते हुए मंगलवार को पारित आदेश में कहा,"इस तरह के आश्वासन पर और इस तथ्य के मद्देनजर कि राज्य अब मामले को...

महज रुपए की मांग को लेकर विवाद आईपीसी की धारा 405 के तहत आपराधिक विश्वासघात का अपराध नहीं बनता : सुप्रीम कोर्ट
महज रुपए की मांग को लेकर विवाद आईपीसी की धारा 405 के तहत आपराधिक विश्वासघात का अपराध नहीं बनता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महज मौद्रिक मांग पर विवाद आईपीसी की धारा 405 के तहत आपराधिक विश्वासघात का अपराध नहीं बनता है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि “आरोपी जेआईपीएल द्वारा 6,37,252 रुपये 16 पैसे की झूठी मांग की गई थी। हालांकि शिकायतकर्ता ने आईपीसी की धारा 405, 420, 471, और 120बी के तहत शिकायत की थी, मजिस्ट्रेट ने केवल आईपीसी की धारा 406 के तहत समन जारी किया था। इस समन आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पहले...

Allahabad High Court
अगले आदेश तक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का विकल्प न चुनने वाले राज्य कर्मचारियों का वेतन न रोकें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक वह कर्मचारियों का वेतन केवल इस आधार पर नहीं रोकेगा कि उन्होंने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का विकल्प नहीं चुना है।जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने मंगलवार को कुछ राज्य कर्मचारियों (योगेंद्र कुमार सागर और अन्य) द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना खिलाफ दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।जिन याचिकाकर्ताओं ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का विकल्प नहीं चुना...

पीड़िता की गवाही अविश्वसनीय, बयान में काफी सुधार किए गएः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार करने के मामले में कांस्टेबल को बरी किया
पीड़िता की गवाही अविश्वसनीय, बयान में काफी सुधार किए गएः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार करने के मामले में कांस्टेबल को बरी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पुलिस कांस्टेबल को बरी कर दिया है, जिसे 2018 में एक ट्रायल कोर्ट ने 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित रूप से बलात्कार करने का दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट ने आरोपी कांस्टेबल को बरी करते हुए कहा कि चिकित्सा साक्ष्य अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करते हैं। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की पीठ ने यह भी कहा कि पीड़िता की गवाही में काफी सुधार हुआ है और इसलिए, आरोपी-अपीलकर्ता को अपराध का दोषी ठहराने में निचली अदालत सही नहीं थी। हाईकोर्ट ने...

वैवाहिक विवादों में माता-पिता द्वारा नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण के लिए आवेदन न करने की स्थिति में बच्चों के हितों की रक्षा करना न्यायालय का कर्तव्य : मद्रास हाईकोर्ट
वैवाहिक विवादों में माता-पिता द्वारा नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण के लिए आवेदन न करने की स्थिति में बच्चों के हितों की रक्षा करना न्यायालय का कर्तव्य : मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने तलाक की याचिका पूनमल्ले से तिरुचिरापल्ली ट्रांसफर करने की मांग को लेकर दायर महिला की याचिका को अनुमति देते हुए कहा कि माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों का भरण-पोषण करने के लिए बाध्य हैं और किसी औपचारिक आवेदन की गैर मौजूदगी में न्यायालय का कर्तव्य है कि वह नाबालिग बच्चों के हितों की रक्षा के लिए अंतरिम भरण-पोषण का आदेश देने पर विचार करे।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि हालांकि अंतरिम भरण-पोषण का आदेश इस शर्त पर है कि पत्नी या पति, जो दावा करता है, उसके पास उसके या उसके समर्थन के...

अनुच्छेद 226| रिट कोर्ट वित्तीय विशेषज्ञ नहीं बन सकता व्यावसायिक विवेक न्यायिक जांच का विषय नहीं हो सकता: गुजरात हाईकोर्ट
अनुच्छेद 226| रिट कोर्ट वित्तीय विशेषज्ञ नहीं बन सकता व्यावसायिक विवेक न्यायिक जांच का विषय नहीं हो सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने रिट कोर्ट की कार्य प्रणाली पर एक महत्वपूर्ण टिप्‍पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर रहीं अदालतें रिट अदालतें वित्तीय विशेषज्ञों नहीं बन सकती हैं और व्यावसायिक विवेक के मामलों का फैसला नहीं कर सकती हैं।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और ज‌‌स्टिस आशुतोष जे शास्त्री की खंडपीठ ने कहा कि वित्तीय और बैंकिंग मामलों में हस्तक्षेप केवल तभी किया जाएगा जब विवादित निर्णय स्पष्ट रूप से प्रतिकूल, अवैध, या मामले के स्वीकृत तथ्यों के विपरीत...

जमानत का आधार यह तय करने के लिए महत्वपूर्ण कि अभियुक्त की निवारक हिरासत जरूरी या नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
जमानत का आधार यह तय करने के लिए महत्वपूर्ण कि अभियुक्त की निवारक हिरासत जरूरी या नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि हिरासतकर्ता प्राधिकरण जब यह तय करे कि अभियुक्त को निवारक रूप से हिरासत में लेने की जरूरत है या नहीं, उसे जमानत के आधारों पर विचार करना होगा।जस्टिस सुनील बी शुकरे और जस्टिस एमडब्ल्यू चंदवानी की खंडपीठ ने एमपीडीए एक्‍ट की धारा 3 के तहत एक व्यक्ति की निवारक हिरासत के आदेश को रद्द कर दिया।याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन अपराधों में मामला दर्ज किया गया था। तीनों अपराधों में उसे जमानत मिल दे दी गई थी।याचिकाकर्ता ने पुलिस आयुक्त की ओर से दिए गए निवारक निरोध आदेश के...

भीमा कोरेगांव के आरोपी एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग ने डिफ़ॉल्ट जमानत से इनकार करने के स्पेशल एनआईए कोर्ट के आदेश खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
भीमा कोरेगांव के आरोपी एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग ने डिफ़ॉल्ट जमानत से इनकार करने के स्पेशल एनआईए कोर्ट के आदेश खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

भीमा कोरेगांव - एल्गार परिषद जाति हिंसा मामले में आरोपी-वकील सुरेंद्र गाडलिंग ने स्पेशल एनआईए कोर्ट द्वारा उनकी डिफ़ॉल्ट जमानत अर्जी को खारिज करने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है।एनआईए अधिनियम की धारा 21 (4) के तहत याचिका में गाडलिंग ने अपील दायर करने में देरी को सही ठहराने के लिए विशेष अदालत के आदेश की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने में लगभग दो महीने की देरी के लिए जेल विभाग को दोषी ठहराया है।जस्टिस एएस गडकरी की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने उनके वकील की...

अनुबंध में शामिल आर्बिट्रेशन क्लाज बाध्यकारी हैं, न कि पर्चेज ऑर्डर में निहित क्लाज: दिल्ली हाईकोर्ट
अनुबंध में शामिल आर्बिट्रेशन क्लाज बाध्यकारी हैं, न कि पर्चेज ऑर्डर में निहित क्लाज: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जहां पक्षकारों ने विस्तृत नियमों और शर्तों को निर्धारित करते हुए विस्तृत अनुबंध निष्पादित किया, पक्षकार अनुबंध में निहित आर्बिट्रेशन क्लाज द्वारा बाध्य होंगी, न कि पर्चेज ऑर्डर में निहित खंड द्वारा। भले ही पर्चेज ऑर्डर अनुबंध से पहले जारी किया गया।जस्टिस मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि पर्चेज ऑर्डर अनुबंध से स्वतंत्र नहीं है और पक्षकारों ने स्पष्ट रूप से अनुबंध को मुख्य समझौता बनाने का इरादा किया। इस प्रकार, न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि पक्षकारों को अनुबंध में...

हल्द्वानी अतिक्रमण: इन कारणों से उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दिया गफूर बस्ती में बेदखली का आदेश [निर्णय पढ़ें]
हल्द्वानी अतिक्रमण: इन कारणों से उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दिया गफूर बस्ती में बेदखली का आदेश [निर्णय पढ़ें]

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले महीने रेलवे और स्थानीय अधिकारियों को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गफूर बस्ती में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को एक सप्ताह का नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।न्यायालय ने यह कहते हुए आदेश दिया कि विवादित क्षेत्र रेलवे की संपत्ति है, नजूल भूमि नहीं, जैसा कि निवासियों ने दावा किया है। उल्लेखनीय है कि 29 एकड़ में फैले इस क्षेत्र में धार्मिक स्थल, स्कूल, व्यापारिक प्रतिष्ठान और आवास बने हुए हैं।चीफ जस्टिस आरसी खुल्बे और जस्टिस शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ...

Chinese Manjha
गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चाइनीज मांझा के उपयोग को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने को कहा

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने राज्य सरकार से उत्तरायण के त्योहार के दौरान राज्य में चीनी लालटेन और पतंग उड़ाने के लिए चीनी मांझा के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के हाईकोर्ट के 2017 के आदेश को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करने के लिए कहा है।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष जे. शास्त्री की पीठ ने मामले में दायर एक नए आवेदन से निपटने के दौरान उच्च न्यायालय के आदेश के प्रभावी कार्यान्वयन की स्टेटस जानने की मांग की।गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 2017 के अपने आदेश में निम्नलिखित...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेईई मेन्स को टालने की मांग वाली जनहित याचिका स्थगित की, याचिकाकर्ता से संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेईई मेन्स को टालने की मांग वाली जनहित याचिका स्थगित की, याचिकाकर्ता से संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को जेईई मेन्स 2023 को स्थगित करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एग्जाम ब्रोशर को रिकॉर्ड पर रखने में विफल रहा है।अदालत ने कहा,"आपने उन नियमों को रिकॉर्ड पर दर्ज नहीं किया है, जिन्हें आप चुनौती दे रहे हैं? आप उन नियमों के बिना कैसे याचिका दायर कर सकते हैं जिन्हें आप चुनौती दे रहे हैं? ... हमें यह देखना होगा कि वे नियम गलत कैसे है।" एक्टिंग चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ पात्रता मानदंड के रूप में...

Allahabad High Court
‘भविष्य में सावधानी बरतें’: ट्रायल कोर्ट ने जजमेंट में कथित रेप पीड़िता के नाम का उल्लेख किया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में सेशन कोर्ट, कानपुर देहात द्वारा दिए गए एक फैसले पर आपत्ति जताई जिसमें बलात्कार पीड़िता के नाम का उल्लेख किया गया था।कोर्ट ने कहा कि जज को भविष्य में ऐसे मामलों से निपटने में सावधानी बरतनी चाहिए।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने कहा कि यह अच्छी तरह से स्थापित है कि वर्तमान जैसे मामलों में किसी भी कार्यवाही में पीड़िता का नाम नहीं बताया जाना चाहिए।कोर्ट ने आदेश दिया,"मामले को समाप्त करने से पहले यह उल्लेख करना आवश्यक है कि भारतीय दंड संहिता, 1860 की...

UAPA
दिल्ली की अदालत ने यूएपीए मामले में कश्मीरी फोटो पत्रकार मनन डार को जमानत दी, कहा-'आरोप ठोस और सत्य प्रतीत नहीं होते'

दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीर के 25 वर्षीय फोटो जर्नलिस्ट मोहम्मद मनन डार को यूएपीए मामले में जमानत दे दी है। कोर्ट ने फैसले में कहा उसके खिलाफ एनआईए द्वारा लगाए गए आरोप ठोस और सत्य प्रतीत नहीं होते।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने कहा कि "प्रतिबंधित आतंकी संगठन की गुप्त रूप से सहायता करने" के आरोप की समर्थ में प्रत्यक्ष साक्ष्य पेश किए जाने चाहिए, जबकि आरोपी जहिरा तौर पर अधिवक्ता, पत्रकार आदि जैसे कार्यों में शामिल है।इस आरोप पर कि डार ने फोटो जर्नलिस्ट होने की आड़ में सुरक्षा बलों और...

दिल्ली सरकार रिलायंस इन्फ्रा को बकाये के भुगतान के लिए तैयार नहीं: हाईकोर्ट में DMRC ने कहा
दिल्ली सरकार रिलायंस इन्फ्रा को बकाये के भुगतान के लिए तैयार नहीं: हाईकोर्ट में DMRC ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बुधवार को बताया कि दिल्ली सरकार रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा प्रवर्तित दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (DAMEPL) को आर्बिट्रेशन अवार्ड के अवैतनिक बकाये के भुगतान में योगदान करने के लिए इच्छुक नहीं है।जस्टिस यशवंत वर्मा ने DMRC द्वारा दायर हलफनामे पर ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि दिल्ली सरकार ने सूचित किया कि वह ब्याज के साथ मध्यस्थ राशि के भुगतान के लिए इक्विटी के लिए 3565.64 करोड़ रुपये प्रदान करने की इच्छुक नहीं...

केरल हाईकोर्ट
इंस्पेक्टर केरल इंडस्ट्रियल स्टेबलिस्टमेंट (नेशनल एंड फेस्टिवल हॉलेडी) एक्ट के तहत मुआवजे के रूप में देय मजदूरी का निर्णय नहीं कर सकता: हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में इस सवाल पर विचार किया कि क्या केरल इंडस्ट्रियल स्टेबलिस्टमेंट (नेशनल एंड फेस्टिवल हॉलीडे) एक्ट, 1958 के तहत नियुक्त इंस्पेक्टर क़ानून के तहत मुआवजे के रूप में देय वेतन की मात्रा पर निर्णय ले सकता है।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने अपने फैसले में कहा कि किसी कर्मचारी को देय राशि की मात्रा निर्धारित करना या किसी विशेष राशि के हकदार होने के लिए किसी व्यक्ति के अधिकार पर निर्णय लेना और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा निश्चित मात्रा में राशि का भुगतान करने की संबंधित बाध्यता संबंधित...

पोक्सो एक्ट| घटना के संबंध में बच्‍चों का विवरण महत्वपूर्ण, क्योंकि उन्हें समझ नहीं कि यौन हमला क्या हैः मद्रास हाईकोर्ट
पोक्सो एक्ट| घटना के संबंध में बच्‍चों का विवरण महत्वपूर्ण, क्योंकि उन्हें समझ नहीं कि यौन हमला क्या हैः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि पोक्सो मामलों में यह तय करने के लिए कि क्या पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट किया गया है, घटना के संबंध में बच्‍चों की ओर से दिया गया वर्णन बहुत महत्वपूर्ण होता है।उक्त टिप्पणियों के साथ पीठ ने पोक्सो मामले में एक व्यक्ति पर लगे आरोपों को रद्द करने से मना कर दिया।जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस आनंद वेंकटेश की पीठ ने कहा कि बच्चे के दृष्टिकोण से यौन हमले को केवल शारीरिक हमले के रूप में नहीं देखा जा सकता है क्योंकि बच्चे को यह समझ नहीं होती कि यौन हमला क्या है। इसलिए अदालतों एक...

जेंडर स्टीरियोटाइप, असंवैधानिक: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पूर्व सैनिकों की योजना से विवाहित बेटियों को बाहर करने की गाइडलाइन खारिज की
जेंडर स्टीरियोटाइप, असंवैधानिक: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पूर्व सैनिकों की योजना से विवाहित बेटियों को बाहर करने की गाइडलाइन खारिज की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सैनिक कल्याण और पुनर्वास विभाग द्वारा जारी जेंडर स्टीरियोटाइप में उस मानदंड को समाप्त कर दिया, जिसके द्वारा 25 वर्ष से कम आयु की विवाहित बेटियों को आश्रित पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी करने के लिए अपात्र ठहराया गया है। वहीं, यदि आई-कार्ड जारी किया जाता है तो उन्हें पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित श्रेणी में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के योग्य बनाता है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने प्रियंका आर पाटिल द्वारा दायर याचिका की अनुमति दी, जो मृतक सूबेदार रमेश खंडप्पा...

कभी-कभार क्लास गए, मिनिमम अटेंडेंस क्राइटेरिया को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट से कहा
कभी-कभार क्लास गए, मिनिमम अटेंडेंस क्राइटेरिया को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने थर्ड ईयर के के लॉ स्टूडेंट को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है, जिसे कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पांचवे-सेमेस्टर एग्जाम में बैठने से रोक दिया गया।अदालत ने कहा,"सुनवाई के दौरान उपस्थिति रहे याचिकाकर्ता के पिता ने अपनी निराशा व्यक्त की और अदालत से आग्रह किया कि इस तथ्य पर विचार करते हुए कि यूनिवर्सिटी का निर्णय याचिकाकर्ता के कोर्स को लम्बा खींच देगा और छह कीमती महीनों की बर्बादी होगी। अदालत कि हालांकि असंबद्ध बनी हुई है, क्योंकि याचिकाकर्ता पूरे सेमेस्टर...