मुख्य सुर्खियां
सीपीसी की धारा 151 | बॉम्बे हाईकोर्ट ने 38 साल बाद सेल डीड में सुधार की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 151 और 152 के तहत न्यायालय की शक्तियां त्रुटियों को सुधारने और पर्याप्त न्याय करने के लिए हैं, 38 वर्षों बाद सेल डीड में सुधार की अनुमति दी।औरंगाबाद पीठ में जस्टिस शर्मिला देशमुख ने कहा कि लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 न्याय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कानून को सार्थक तरीके से लागू करने के लिए पर्याप्त लोचदार है।अदालत द्वितीय संयुक्त सिविल न्यायाधीश, जूनियर डिवीजन द्वारा पारित 2020 के आदेश रद्द करने की मांग वाली याचिका पर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को गाली देने वाला वीडियो बनाने और शेयर करने के आरोपी को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति (सुजीत शर्मा) को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाली देने वाला वीडियो बनाने और व्हाट्सएप पर शेयर करने के आरोप में जमानत दे दी। जस्टिस अजय भनोट की पीठ ने अभियुक्त के वकील द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद यह आदेश देते हुए कहा कि अभियुक्त संवैधानिक गणमान्य लोगों को सर्वोच्च सम्मान देता है और उसका उच्च संवैधानिक गणमान्य व्यक्तियों का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।न्यायालय के समक्ष यह भी प्रस्तुत किया गया कि आरोपी को सह-आरोपी व्यक्तियों द्वारा शराब...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस साजिश मामले में सिद्दीक कप्पन के सह-आरोपी अतीक-उर-रहमान को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को 'हाथरस षड्यंत्र' मामले के आरोपी अतीकुर रहमान (जिसे अतीक-उर-रहमान भी कहा जाता है) को ज़मानत दे दी। अतीकुर रहमान को अक्टूबर 2020 में पत्रकार सिद्दीकी कप्पन और दो अन्य लोगों के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए हाथरस जाते समय गिरफ्तार किया गया था। जस्टिस अताउर रहमान मसूदी और जस्टिस रेणु अग्रवाल की पीठ ने इस तथ्य को ध्यान में रखा कि अतीकुर रहमान पिछले दो वर्षों से जेल में है और इस मामले में सह-आरोपी सिद्दीकी कप्पन...
एनआई एक्ट| आरोपी को कठिनाई शिकायतकर्ताओं के पक्ष में अंतरिम मुआवजा जारी नहीं करने के लिए कोई आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपीलीय अदालत द्वारा शिकायतकर्ताओं के पक्ष में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए अभियुक्तों द्वारा जमा किए गए अंतरिम मुआवजे को जारी करने से इनकार करने के आदेश को रद्द कर दिया है।जस्टिस के नटराजन की सिंगल जज बेंच ने याचिकाओं के एक समूह को अनुमति दी और निर्देश दिया कि जमा राशि का 20% याचिकाकर्ताओं - शिकायतकर्ताओं को उचित पहचान के साथ जारी किया जाए, इस शर्त के साथ कि यदि आरोपी को अपीलीय अदालत द्वारा बरी कर दिया जाता है तो वे आदेश की तारीख से 60 दिनों के भीतर...
मजिस्ट्रेट के अंतरिम आदेश के खिलाफ डीवी एक्ट की धारा 29 के तहत अपील सुनवाई योग्य, अपीलीय अदालत अंतरिम राहत दे सकती है: पीएंड एच हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि घरेलू हिंसा कानून, 2005 की धारा 29 (अपील) के तहत एक अपील उक्त कानून की धारा 23 (अंतरिम और एक्स पार्टे ऑर्डर की शक्ति) के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा पारित अंतरिम आदेश के खिलाफ सुनवाई योग्य है, और डीवी एक्ट और अपीलीय अदालत के पास डीवी एक्ट की धारा 29 के तहत अंतरिम आदेश पारित करने की शक्ति है।जस्टिस जगमोहन बंसल की सिंगल जज बेंच ने कहा,"अपीलीय अदालत अंतरिम आदेश पारित करने की शक्ति का प्रयोग कर सकती है या नहीं कर सकती है, हालांकि, अगर यह माना जाता है कि धारा 29 के...
कृष्ण जन्मभूमि विवाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबित मुकदमों को हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका में उत्तरदाताओं को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से संबंधित विभिन्न राहतों के लिए मथुरा कोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमों को स्थानांतरित करने की मांग करने वाली याचिका में प्रतिवादियों को बुधवार को आखिरी मौका दिया। जस्टिस अरविंद कुमार मिश्रा- I की खंडपीठ ने आज यह आदेश भगवान श्रीकृष्ण विराजमान और 7 अन्य की मथुरा कोर्ट में लंबित मुकदमों को हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर पारित किया।इससे पहले प्रतिवादी पक्षकारों ( यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, प्रबंधन ट्रस्ट की...
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलटी से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के लिए कहने के लिए वकील को अवमानना के लिए नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक वकील को "अदालत की अवमानना" के लिए नोटिस जारी किया। इस वकील ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित एक आदेश को अनदेखा करने के लिए कहा था। एनसीएलटी में दायर अपने आवेदन में वकील ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का 23.09.2022 का आदेश शून्य (nullity) है क्योंकि उस बेंच के सदस्यों में से एक जिसने आदेश पारित किया था, वह दूसरे पक्ष से संबंधित था। इस प्रकरण में उल्लेखनीय तथ्य यह है कि न्यायाधीश, जो कथित रूप से पार्टी से संबंधित थे, उस पीठ के सदस्य ही नहीं थे,...
प्रगति के बाद भी हमारे देश में महिलाओं को घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ रहा, उनकी उम्र, जाति या धर्म जो भी होः पीएंड एच हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि शैक्षिक योग्यता और मानवीय संबंधों की समझ में वृद्धि के बावजूद, हमारे देश में अभी भी महिलाओं को घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ता है, उनकी उम्र, जाति या धर्म जो भी हो।जस्टिस आलोक जैन की पीठ ने माना कि घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत एक साझा घर में रह रही महिला की ओर से सास के खिलाफ दायर की गई शिकायत सुनवाई योग्य है।खंडपीठ ने यह दावा हरविंदर कौर (सास) की ओरसे जनवरी में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, गुरुग्राम की ओर से पारित एक आदेश के खिलाफ दायर...
शिवसेना केस - राज्यपाल उस क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकते जो सरकार गिरने का कारण बनता हो : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा
सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने शिवसेना मामले की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के विद्रोह के आधार पर फ्लोर टेस्ट बुलाने के फैसले पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुन रही थी, जो महाराष्ट्र के राज्यपाल की ओर से पेश हो रहे थे।एसजी मेहता द्वारा उठाया गया प्राथमिक विवाद यह था कि राज्यपाल...
आरक्षण गर्व का विषय, इसका दुरुपयोग उचित नहीं, भले ही देर से पता चला होः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक रिटायर्ड अपर डिवीजन क्लर्क द्वारा फर्जी कम्यूनिटी सर्टिफिकेट बनाने के कृत्य की आलोचना करते हुए कहा कि आरक्षण नीति गर्व का विषय है और इसके दुरुपयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता है, भले ही यह देर से पता चले।कोर्ट ने कहा,"याचिकाकर्ता का तर्क है कि चार दशक से अधिक समय बीत चुका है और इसलिए, विवादित आदेश टाइम बार्ड हो गया है, यह बहुत प्रभावशाली नहीं है। ऐसा इसलिए कि आरक्षण नीति हमारी विविधता के लिए गर्व का विषय है और किसी भी दुरुपयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता हो, भले ही उसका...
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में गुरमीत राम के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरु रविदास और संत कबीर के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया।गुरु रविदास के अध्यक्ष जस्सी तल्हान की शिकायत पर इस महीने की शुरुआत में आईपीसी की धारा 295 ए के तहत प्राथमिकी [जानबूझकर किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचना] इस महीने की शुरुआत में दर्ज किया गया था।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राम रहीम ने एक वीडियो में गुरु रविदास और संत...
'ईस्ट इंडिया कंपनी युग की मानसिकता को दर्शाता है': कर्नाटक हाईकोर्ट ने जमींदारों को टीडीआर सर्टिफिकेट देने से इनकार करने पर बीडीए की खिंचाई की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बंगलौर विकास प्राधिकरण द्वारा पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें टीडीआर सर्टिफिकेट (विकास अधिकारों का हस्तांतरण) से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अपनी भूमि का अधिग्रहण करते समय भूमि मालिकों से किए गए वादे को देखते हुए कहा,"आक्षेपित आदेश का केवल अवलोकन करने से यह आभास होता है कि यह बीते युग की ईस्ट इंडिया कंपनी के ड्राफ्ट्समैन की मानसिकता के साथ लिखा गया है, न कि उस व्यक्ति द्वारा जिसका दिल सही जगह पर है।"जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की एकल न्यायाधीश...
एनआरएचएम आरोपी डॉक्टर की मौत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया, हत्या के मुकदमे का सामना करने के लिए 7 अभियुक्तों को समन करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में सीबीआई जांच रिपोर्ट को बरकरार रखा जिसमें पाया गया कि जून 2011 में लखनऊ जेल के अंदर उप सीएमओ डॉ. वाई.एस. सचिन की मौत आत्महत्या थी न कि मानव हत्या।इसके साथ ही जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने डॉ. वाई.एस. सचान की हत्या करने और सबूतों को मिटाने से जुड़े मामले में हत्या के मुकदमे का सामना करने के लिए 7 अभियुक्तों को समन करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द किया।कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए एक विस्तृत वैज्ञानिक, सावधानीपूर्वक और...
बोर्ड एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट को असुविधा नहीं होनी चाहिए, मंदिर महोत्सव को रोकना समाधान नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने सार्वजनिक एग्जाम के दौरान पंगुनी उत्सव समारोह को स्थगित करने की मांग करने वाले दायर जनहित याचिका खारिज कर दी।एक्टिंग चीफ जस्टिस टी राजा और जस्टिस भरत चक्रवर्ती की पीठ ने कहा कि एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट को किसी भी तरह की असुविधा न हो। यह महत्वपूर्ण है। वार्षिक मंदिर उत्सव को रोकना समाधान नहीं है। अदालत ने हालांकि संबंधित ग्राम अधिकारियों को एग्जाम के दिनों में लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा,"बेशक बच्चों को असुविधा नहीं हो सकती, लेकिन त्योहार...
'5 साल तक सहमति से सेक्स रेप नहीं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने युवक को रेप केस से किया बरी (वीडियो)
मामला कर्नाटक का है। एक शख्स पर उसकी प्रेमिका ने रेप और विश्वासघात करने का आरोप लगाया। विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसकी सुनवाई कर्नाटक हाईकोर्ट में हुई। कोर्ट ने लड़की की याचिका खारिज कर दी। और शख्स को रेप के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पांच साल तक शादी के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने को बलात्कार नहीं कहा जा सकता।लड़की ने अपने प्रेमी पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झूठा वाद करके उसके साथ संबंध बनाए थे, लेकिन बाद में उसने ये रिश्ता तोड़ दिया।पूरी वीडियो यहां देखें:
दिल्ली हाईकोर्ट ने अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में CLAT-UG 2024 एग्जाम कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT UG) 2024 एग्जाम को न केवल अंग्रेजी बल्कि भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में करने के लिए जनहित याचिका पर बुधवार को नोटिस जारी किया।उक्त एग्जाम इस साल दिसंबर में होना है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने चार सप्ताह के भीतर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी संघ और अन्य से जवाब मांगा और मामले को 19 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।याचिका सुधांशु पाठक ने दायर की, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ...
दिल्ली की अदालत ने ‘जमीन के बदले नौकरी’ मामले में लालू प्रसाद यादव, अन्य को ज़मानत दी
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती को कथित "जमीन के बदले नौकरी" मामले में जमानत दे दी।राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने आरोपी व्यक्तियों को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि का एक जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत दे दी।लालू यादव, उनकी पत्नी और उनकी बेटी को पिछले महीने समन जारी किए जाने के बाद अदालत में पेश होने के बाद जमानत दे दी गई।उन्हें तलब...
बीसीआई ने विदेशी वकीलों और फर्मों को भारत में विदेशी कानून, विविध अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन मामलों की प्रैक्टिस करने की अनुमति दी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने विदेशी वकीलों और कानून फर्मों को पारस्परिकता के आधार पर भारत में विदेशी कानून और विविध अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन मामलों की अभ्यास करने की अनुमति देने का फैसला किया।इसने भारत में विदेशी वकीलों और विदेशी लॉ फर्मों के रजिस्ट्रेशन और विनियमन के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों, 2022 को अधिसूचित किया।नियमों के उद्देश्य और कारण बताते हैं,"विदेशी कानून के प्रैक्टिस के क्षेत्र में विदेशी वकीलों के लिए भारत में कानून के प्रैक्टिस को खोलना;...
बिना गंदी नीयत नाबालिग के सिर और पीठ पर हाथ फेरना 'सेक्सुअल हैरेसमेंट' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने सेक्सुअल हैरेसमेंट यानी यौन शोषण के मामले में 28 साल के एक शख्स की सजा रद्द की और कहा कि बिना किसी गंदी नीयत के नाबालिग लड़की की पीठ और सिर पर केवल हाथ फेरना यौन शोषण नहीं माना जा सकता है।जस्टिस भारती डांगरे की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। जस्टिस भारती ने शख्स को आरोपों से रिहा करते हुए कहा कि दोषी का कोई सेक्सुअल इंटेंशन नहीं था और उसके कथन से पता चलता है कि उसने लड़की को एक बच्चे के रूप में देखा था।क्या है पूरा मामला?मामला...
दिल्ली दंगे: दो एफआईआर में बरी होने के बाद अदालत ने उस पुलिस वाले के साक्ष्य के आधार पर अभियुक्तों को दोषी ठहराया, जिसने पहले मेमोरी लॉस का हवाला दिया था
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दो मामलों में सबूतों के अभाव में विभिन्न अभियुक्तों को बरी कर दिया, क्योंकि हेड कांस्टेबल मेमोरी लॉस का हवाला देते हुए उनकी पहचान करने में विफल रहा था। वहीं महीनों बाद दिल्ली की अदालत ने अन्य मामले में अभियुक्तों को दोषी ठहराया, जब उसी कांस्टेबल ने इसके बारे में विस्तृत विवरण दिया। उसने कहा कि सभी आरोपी गैरकानूनी रूप से जमा भीड़ का हिस्सा थे।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने सोमवार को मो. शाहनवाज, मो. शोएब, शाहरुख, राशिद,...




















