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क्या पासपोर्ट अधिकारी पिता की सहमति पर जोर दे सकता है, जहां मां के पास नाबालिग की विशेष कस्टडी हो: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट जांच करेगा
क्या पासपोर्ट अधिकारी पिता की सहमति पर जोर दे सकता है, जहां मां के पास नाबालिग की विशेष कस्टडी हो: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट जांच करेगा

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख ‌हाईकोर्ट ने हाल ही में एक याचिका पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के माध्यम से यूनियन ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है।याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी नाबालिग के पासपोर्ट पर पिता के नाम का उल्लेख करने पर जोर दे सकता है, खासकर जब नाबालिग आवेदक की मां कानूनी रूप से तलाकशुदा है और आवेदक बच्चे की विशेष कस्टडी उसी के पास है।याचिकाकर्ता के वकील को सुनने के बाद जस्टिस संजीव कुमार की पीठ ने मामले में नोटिस जारी किया और प्रतिवादियों को अपनी...

बुनियादी संरचना सिद्धांत के सवालों पर बहस महत्वपूर्णः जस्टिस जयशंकरन नांबियार
बुनियादी संरचना सिद्धांत के सवालों पर बहस महत्वपूर्णः जस्टिस जयशंकरन नांबियार

कोच्चि स्थित एर्नाकुलम गवर्नमेंट लॉ कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एंड टीचर्स एसोसिएशन ने शनिवार को 'भारतीय संविधान की मूल संरचना और इसकी वर्तमान चुनौतियां' विषय पर व्याख्यान आयोजित किया। केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार ने कार्यक्रम में अध्यक्षीय भाषण दिया।उन्होंने भारतीय संविधान की गतिशील प्रकृति की चर्चा की और बताया कि कैसे हमारे जैसे जीवंत लोकतंत्र में संवैधानिक मामलों पर सक्रिय चर्चा को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।जस्टिस नांबियार ने कहा कि नागरिकों को संविधान पर चर्चा करने से हिचकना...

सुप्रीम कोर्ट ने कैदियों को जम्मू-कश्मीर से दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने कैदियों को जम्मू-कश्मीर से दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जम्मू और कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 1978 के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिए गए कुछ बंदियों को जम्मू और कश्मीर के भीतर स्थानीय जिला और केंद्रीय जेलों से देश के अन्य राज्यों की जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर राज्य अपने जवाबी हलफनामों को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया। याचिका श्रीनगर के...

दिल्ली के घने वन क्षेत्रों में वृद्धि एक अच्छा संकेत, वनों के बाहर पेड़ों का संरक्षण उतना ही महत्वपूर्ण : केंद्र ने हाईकोर्ट में कहा
दिल्ली के घने वन क्षेत्रों में वृद्धि एक अच्छा संकेत, वनों के बाहर पेड़ों का संरक्षण उतना ही महत्वपूर्ण : केंद्र ने हाईकोर्ट में कहा

भारत संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि वर्ष 2001 से 2021 तक राष्ट्रीय राजधानी में सघन वन क्षेत्रों में वृद्धि एक स्वागत योग्य संकेत है और वनों के बाहर पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर 2015 में अदालत द्वारा शुरू की गई एक जनहित याचिका में 07 मार्च को दायर एक हलफनामे में केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को सूचित करते हुए उक्त प्रस्तुति दी।भारत के वन सर्वेक्षण द्वारा प्रकाशित भारत राज्य वन रिपोर्ट 2021 का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने...

सुप्रीम कोर्ट ने ईसाइयों के खिलाफ हमलों का आरोप लगाने वाली याचिका पर झारखंड राज्य को वैरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने ईसाइयों के खिलाफ हमलों का आरोप लगाने वाली याचिका पर झारखंड राज्य को वैरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पर्दीवाला की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने देश भर में ईसाई पादरियों और ईसाई संस्थानों के खिलाफ कथित हमलों को रोकने के निर्देश की मांग करने वाली एक याचिका में झारखंड राज्य को कथित हिंसा के संबंध में अपनी वैरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया अदालत ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय को 8 राज्यों, अर्थात् बिहार, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से वैरिफिकेशन रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश दिया...

दिल्ली पुलिस के पास जामिया परिसर में प्रवेश करने का कोई कानून अधिकार नहीं था, ताकत का प्रयोग पूरी तरह से असंगत : सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने हाईकोर्ट में कहा
दिल्ली पुलिस के पास जामिया परिसर में प्रवेश करने का कोई कानून अधिकार नहीं था, ताकत का प्रयोग पूरी तरह से असंगत : सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने हाईकोर्ट में कहा

सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि दिल्ली पुलिस के पास 2019 में जामिया मिलिया इस्लामिया में प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं था और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध कर रहे छात्रों पर बल का प्रयोग किसी भी सार्वजनिक भलाई के लिए पूरी तरह से असंगत था। . जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस तलवंत सिंह की खंडपीठ के समक्ष यह सबमिशन किया गया, जो दिसंबर 2019 में यूनिवर्सिटी में भड़की हिंसा से संबंधित याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रही थी।जेएमआई के छात्रों...

सिविल कोर्ट के आदेशों में विरोधाभास रिट कोर्ट को उप-न्यायिक मामले का वर्चुअली निर्णय करने का अधिकार नहीं देता: कलकत्ता हाईकोर्ट
सिविल कोर्ट के आदेशों में विरोधाभास रिट कोर्ट को उप-न्यायिक मामले का वर्चुअली निर्णय करने का अधिकार नहीं देता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि दीवानी अदालत के आदेशों में विरोधाभास रिट अदालत को दीवानी अदालत के विशिष्ट डोमेन में दखल देने और उस आदेश को पारित करने का अधिकार नहीं दे सकता, जिसके द्वारा मामले का फैसला वर्चुअली किया जाता है, जब मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने कहा,"यह दीवानी अदालत के लिए है, अगर किसी पक्षकार द्वारा संपर्क किया जाता है तो विशिष्ट निष्कर्ष पर आने के लिए कि क्या अदालत के आदेश का उल्लंघन हुआ है, क्योंकि आदेश पारित होने...

बीआरएस विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जांच शुरू नहीं करने को कहा
बीआरएस विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जांच शुरू नहीं करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को मौखिक रूप से कहा कि वह बीआरएस विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले की जांच ना शुरु करे। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की खंडपीठ मामले की जांच को राज्य सरकार की ओर से नियुक्त विशेष जांच दल से सीबीआई को स्थानांतरित करने के तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य पुलिस की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।जस्टिस खन्ना ने कहा,"हम स्पष्ट कर रहे हैं। मामले के विचाराधीन होने तक जांच जारी नहीं रखनी चाहिए अन्यथा यह निष्फल हो जाएगी। यह थंब रूल है। जांच जारी न रखें।...

जब जारीकर्ता प्राधिकरण ने अनुभव प्रमाणपत्र की पुष्टि की है, तब प्रति-हस्ताक्षरकर्ता प्राधिकरण की ओर से किया गया इनकार, जांच के अभाव में सेवा समाप्ति का आधार नहीं हो सकताः जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
जब जारीकर्ता प्राधिकरण ने अनुभव प्रमाणपत्र की पुष्टि की है, तब प्रति-हस्ताक्षरकर्ता प्राधिकरण की ओर से किया गया इनकार, जांच के अभाव में सेवा समाप्ति का आधार नहीं हो सकताः जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा, उचित जांच या नतीजे के अभाव में एक प्रमाण पत्र पर काउंटर सिग्नेचर से इनकार करने भर से सेवा समाप्ति (Termination of Service) की गंभीर सजा नहीं दी जा सकती है।जस्टिस वसीम सादिक नर्गल ने याचिकाओं के एक समूह पर फैसला देते हुए कहा, ऐसी सजा प्रकृति में दंडात्मक हो जाती है, विशेषकर तब जबकि टर्मिनेशन का आदेश साधारण नहीं है, बल्‍कि उससे कलंक भी जुड़ गया है।याचिकाकर्ताओं ने मुख्य अभियंता परियोजना, बीकन सी/ओ 56 एपीओ की ओर से जारी टर्मिनेशन...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग को जर्मनी वापस भेजने से इनकार किया, कहा- मां को कस्टडी देने के अंतरिम आदेश के मद्देनजर हैबियस कॉर्पस क्षेत्राधिकार नहीं बनता

कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने अपनी पत्नी को नाबालिग बेटे को अदालत में पेश करने और फिर उसे जर्मनी वापस भेजने का निर्देश देने की मांग की थी।जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विजयकुमार ए पाटिल की खंडपीठ ने पिता द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा,“फैमिली कोर्ट द्वारा पारित 08.06.2017 के अंतरिम आदेश द्वारा बेटे की अंतरिम कस्टडी पत्नी को दी गई है। पूर्वोक्त अंतरिम आदेश अभी भी लागू है। इसलिए पूर्वोक्त अंतरिम आदेश का उल्लंघन करते हुए, जो...

[उदुमलाई शंकर ऑनर किलिंग] मद्रास हाईकोर्ट ने अंतर-जातीय विवाहों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शंकर की पत्नी को बैठक आयोजित करने की अनुमति दी
[उदुमलाई शंकर ऑनर किलिंग] मद्रास हाईकोर्ट ने अंतर-जातीय विवाहों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शंकर की पत्नी को बैठक आयोजित करने की अनुमति दी

मद्रास हाईकोर्ट ने शंकर की पत्नी कौशल्या को शंकर की याद में सभा आयोजित करने की अनुमति दी, जिसे दूसरी जाति में शादी करने के कारण मार डाला गया था। राज्य द्वारा कानून और व्यवस्था की समस्याओं का हवाला देते हुए सभा की अनुमति से इनकार करने के बाद कौशल्या ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस जी चंद्रशेखरन ने कहा कि ऑनर किलिंग का अपराध हर दिन बढ़ रहा है और तमिलनाडु में ऑनर किलिंग का उन्मूलन नहीं हुआ है।ऑनर किलिंग का अपराध आए दिन होता रहता है। ऐसा नहीं है कि तमिलनाडु में ऑनर किलिंग नहीं होती और इसे पूरी तरह...

मद्रास हाईकोर्ट ने गेमर की आत्महत्या पर सीबी-सीआईडी नोटिस के खिलाफ ऑनलाइन गेमिंग कंपनी की याचिका पर नोटिस जारी किया
मद्रास हाईकोर्ट ने गेमर की आत्महत्या पर सीबी-सीआईडी नोटिस के खिलाफ ऑनलाइन गेमिंग कंपनी की याचिका पर नोटिस जारी किया

मद्रास हाईकोर्ट ने गेमर की आत्महत्या की जांच के संबंध में सीबी-सीआईडी द्वारा जारी किए गए नोटिसों को चुनौती देने वाली मुंबई स्थित ऑनलाइन गेमिंग कंपनी पे गेम्स 24x7 की याचिका पर राज्य पुलिस को नोटिस जारी किया।जस्टिस जी चंद्रशेखरन ने तमिलनाडु सरकार, सीबी-सीआईडी और चेन्नई पुलिस को 14 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।ऑनलाइन रमी खिलाड़ी मणिकंदन की आत्महत्या के बाद, जिसने अपनी जान लेने से पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को भी मार डाला था, जांच एजेंसी ने गेमिंग कंपनी को यह कहते हुए नोटिस भेजा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में यूपी के पूर्व विधायक कमलेश पाठक को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में यूपी के पूर्व विधायक कमलेश पाठक को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य कमलेश पाठक को उनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस कृष्णा पहल की पीठ को यह मानने के लिए उचित आधार नहीं मिला कि पाठक गैंग चार्ट में वर्णित ऐसे अपराध का दोषी नहीं है और जमानत पर रहते हुए उसके द्वारा कोई अपराध करने की संभावना नहीं है।अदालत ने पाठक को जमानत के लाभ से वंचित करने के लिए अपराध की गंभीरता और आपराधिक पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखा।पाठक के साथ 10 अन्य लोगों पर यूपी गैंगस्टर्स और असामाजिक...

‘सभी लॉ स्कूलों में आरटीई अधिनियम अनिवार्य विषय बनाएं’: दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
‘सभी लॉ स्कूलों में आरटीई अधिनियम अनिवार्य विषय बनाएं’: दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई अधिनियम, 2009 को सभी लॉ कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए एक अनिवार्य विषय बनाने पर विचार करे।याचिका पर चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ कल सुनवाई कर सकती है।जनहित याचिका में एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट ने प्रस्तुत किया है कि भले ही क़ानून बहुत पहले लागू...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 41बी का पालन न करने का हवाला देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियुक्त को जमानत दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 41बी का पालन न करने का हवाला देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियुक्त को जमानत दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एनडीपीएस मामले में दो अभियुक्तों को इस आधार पर जमानत दे दी कि सीआरपीसी की धारा 41बी का पालन नहीं किया गया। साथत ही जब्त किए गए दस्तावेजों में भी विसंगतियां हैं।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने आरोपी व्यक्तियों की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए कहा,"दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 बी के प्रावधानों का अनुपालन किया जाना चाहिए और एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के तहत उचित अनुमान लगाने के लिए जब्ती सूची में निहित कोई विसंगति नहीं हो सकती।...

[अवैध खनन] मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य को प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकने के लिए कड़े नियम बनाने को कहा
[अवैध खनन] मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य को 'प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकने' के लिए कड़े नियम बनाने को कहा

मेघालय हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को राज्य में सड़कों की स्थिति से संबंधित एक खाका तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा राज्य में उपलब्ध भरपूर प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकने के लिए जांच और नियंत्रण के लिए कड़े नियम बनाने को कहा।कोयला और अन्य सामान ले जाने वाले ट्रकों द्वारा ओवरलोडिंग के संबंध में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की खंडपीठ ने ये टिप्पणी की।शुरुआत में अदालत ने कहा कि यह मामला एक साल से अधिक समय तक खिंचा हुआ है और...

आरटीई अधिनियम | वंचित समूहों के बच्चों के लिए 25% प्रारंभिक स्तर की सीटें आरक्षित नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करें: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
आरटीई अधिनियम | वंचित समूहों के बच्चों के लिए 25% प्रारंभिक स्तर की सीटें आरक्षित नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करें: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में असम सरकार को फ्री और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 (अधिनियम, 2009) के बच्चों के अधिकार की धारा 12 (1) (सी) के तहत गैर-सहायता प्राप्त और गैर-अल्पसंख्यक संस्थानों में कमजोर वर्ग और वंचित समूह से संबंधित बच्चे एडमिशन लाभ के संबंध में अपनी नीति को लागू करने का निर्देश दिया।जस्टिस अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ और जस्टिस रॉबिन फुकन की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के तहत गैर-सहायता प्राप्त गैर-अल्पसंख्यक संस्थानों...

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग को गर्भ समाप्त करने की अनुमति दी, भले पिता सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने में विफल रहे
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग को गर्भ समाप्त करने की अनुमति दी, भले पिता सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने में विफल रहे

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक 16 वर्षीय नाबालिग को मेडिकल के माध्यम से गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी। मामले में उसके पिता ने पहले प्रक्रिया के लिए अदालत में सहमति दी थी, लेकिन सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की औपचारिकता को पूरा करने में विफल रहे।बेंच ने देखा कि नाबालिग को 24 सप्ताह के गर्भ को पूरा करने के लिए केवल दो या तीन दिन बचे थे। इसको ध्यान में रखते हुए दिनेश कुमार शर्मा ने बाल कल्याण समिति द्वारा पीड़िता के अभिभावक के रूप में नियुक्त निर्मल छाया परिसर के अधीक्षक को सहमति पत्र...

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने रोजगार के मामले में धोखाधड़ी की शिकार गरीबी रेखा से नीचे की महिला की सहायता की
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने रोजगार के मामले में "धोखाधड़ी" की शिकार गरीबी रेखा से नीचे की महिला की सहायता की

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि लोक प्रशासन के क्षेत्र में कार्य करने वाले सार्वजनिक प्राधिकरण/अधिकारी द्वारा कार्रवाई या निर्णय की विकृति प्रशासन के स्तर पर ध्यान दिए बिना सरकार की पेंडुलर निगाहों से छिपी नहीं है। कानून का शासन जो किसी दिए गए मामले के लिए देर से हो सकता है, लेकिन गलत काम को पकड़ने में चूक नहीं करता और लोक प्रशासन के क्षेत्र में गलत काम करने वाले को पकड़ लेता है।जस्टिस राहुल भारती ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में...