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‘पुरुष के साथ रहने के लिए महिला की सहमति यह अनुमान लगाने का कोई आधार नहीं है कि उसने यौन संबंध के लिए भी सहमति दी थी’: दिल्ली हाईकोर्ट
‘पुरुष के साथ रहने के लिए महिला की सहमति यह अनुमान लगाने का कोई आधार नहीं है कि उसने यौन संबंध के लिए भी सहमति दी थी’: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल इसलिए कि एक महिला किसी पुरुष के साथ रहने के लिए सहमति देती है, ‘‘चाहे कितने समय के लिए’’, यह तथ्य इस बात का अनुमान लगाने का आधार नहीं हो सकता है कि उसने उसके साथ ‘‘यौन संबंध’’ के लिए भी सहमति दी थी। यह देखते हुए कि पीड़िता की ‘‘एक स्थिति के लिए सहमति’’ बनाम ‘‘यौन संबंध के लिए सहमति’’ के बीच के अंतर को स्पष्ट करने की आवश्यकता है, जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि, ‘‘यद्यपि यह सार्वभौमिक रूप से स्वीकार किया जाता है कि बल, जबरदस्ती या दबाव के तहत दी गई सहमति...

बीएमसी के कथित कदाचार और उद्धव ठाकरे के बीच कोई संबंध नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुर्माना के साथ ईडी जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
"बीएमसी के कथित कदाचार और उद्धव ठाकरे के बीच कोई संबंध नहीं": बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुर्माना के साथ ईडी जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी और दो बेटों की कथित "आय से अधिक" संपत्ति की सीबीआई और ईडी जांच की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी।जस्टिस धीरज ठाकुर और जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस की खंडपीठ ने कहा,"हम मानते हैं कि यह याचिका कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।"इसके साथ ही खंडपीठ ने दादर निवासी गौरी भिडे (38) और अभय भिडे (78) पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।खंडपीठ ने याचिका को "किसी भी सबूत से रहित" पाया। पीठ ने कहा कि याचिका में ऐसे बहुत कम साक्ष्य...

अपराध करने की कोई पूर्व-योजना नहीं थी, अपराधियों का यह पहला अपराध: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रिपल मर्डर केस में मौत की सजा कम की
अपराध करने की कोई पूर्व-योजना नहीं थी, अपराधियों का यह पहला अपराध: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रिपल मर्डर केस में मौत की सजा कम की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट द्वारा ट्रिपल-मर्डर केस में दोषियों को दी गई मौत की सजा को 30 साल की अवधि के लिए बिना किसी छूट के आजीवन कारावास में बदल दिया।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस सुभेंदु सामंत की खंडपीठ ने कहा,“आपराधिक पूर्ववृत्त की कमी जैसे कम करने वाले कारकों की उपस्थिति बिना छूट के आजीवन कारावास लगाने के अधिक मानवतावादी दृष्टिकोण को चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अपीलकर्ता पहली बार अपराधी हैं। हालांकि तीनों व्यक्तियों की हत्या कर दी गई है, रिकॉर्ड पर साक्ष्य यह...

केन्या की मुख्य न्यायाधीश शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की सुनवाई की गवाह बनीं
केन्या की मुख्य न्यायाधीश शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की सुनवाई की गवाह बनीं

केन्या की मुख्य न्यायाधीश मार्था के. कूमे मंगलवार दोपहर सुप्रीम कोर्ट की पहली बेंच में शिवसेना मामले में संविधान पीठ की सुनवाई देखने के लिए मौजूद रहीं। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने उनका और केन्याई सुप्रीम कोर्ट के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने उनका स्वागत करते हुए कहा, "हम अपने बीच मुख्य न्यायाधीश मार्था कूम, केन्या के सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश को पाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उनकी उपलब्धियों में से कम नहीं है कि वह देश की पहली...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता हसन मुशरिफ़ को ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर दो सप्ताह का संरक्षण दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता हसन मुशरिफ़ को ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर दो सप्ताह का संरक्षण दिया

बॉम्बे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही चीनी मिल से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत के लिए सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता हसन मुशरिफ़ को दो सप्ताह के लिए संरक्षण दिया।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस शर्मिला देशमुख की खंडपीठ ने गुणों के आधार पर सभी दलीलों को खुला रखा और मामले को खारिज करने की मुशरिफ़ की याचिका पर सुनवाई को चार सप्ताह बाद स्थगित कर दिया।अदालत ने कहा,''याचिका दायर की है। कोई कठोर कार्रवाई...

भारतीय तलाक अधिनियम| कर्नाटक हाईकोर्ट ने विवाह को अमान्य घोषित किया, कहा- महिला ने पति से अपनी वास्तविक उम्र को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और छुपाया
भारतीय तलाक अधिनियम| कर्नाटक हाईकोर्ट ने विवाह को अमान्य घोषित किया, कहा- महिला ने पति से अपनी वास्तविक उम्र को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और छुपाया

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने एक ईसाई जोड़े के विवाह को शून्य घोषित किया और कहा कि महिला ने शादी के समय अपनी वास्तविक उम्र को गलत तरीके से प्रस्तुत किया था और छुपाया था।जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विजयकुमार पाटिल की खंडपीठ ने भारतीय तलाक अधिनियम की धारा 18 के तहत दायर याचिका को खारिज करने के फैमिली कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए पति द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। फैमिली कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता (पति) प्रतिवादी के साथ अपनी शादी को शून्य घोषित करने के आधार को साबित...

गुजरात हाईकोर्ट ने मस्जिदों में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
गुजरात हाईकोर्ट ने मस्जिदों में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को गुजरात सरकार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य सरकार को राज्य भर की मस्जिदों में दिन में पांच बार अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए जे देसाई और जस्टिस बीरेन वैष्णव की पीठ ने बजरंग दल के एक नेता शक्तिसिंह जाला को इस संबंध में पहले से ही स्थापित जनहित याचिका में शामिल होने की अनुमति देते हुए यह आदेश पारित किया। मूल...

वकील ने सीनियर एडवोकेट को डेसिग्नेट करने के सिस्टम को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
वकील ने सीनियर एडवोकेट को डेसिग्नेट करने के सिस्टम को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

एनएलसी (न्यायिक पारदर्शिता और सुधार के लिए राष्ट्रीय वकीलों का अभियान) के प्रेसिडेंट और एडवोकेट मैथ्यूज जे. नेदुमपारा ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 और 23 (5) के तहत वकीलों को "सीनियर एडवोकेट" के रूप में नामित (Designating) करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ के समक्ष यह मामला आज रखा गया। सीजेआई ने इसे 20 मार्च को सूचीबद्ध किया है।नेदुमपारा का कहना है कि इस तरह के डेसिग्नेशन ने विशेष अधिकारों वाले वकीलों का एक वर्ग बनाया है और इसे केवल न्यायाधीशों और सीनियर...

नसबंदी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं, ऑपरेशन विफल होने पर मुआवजा नहीं दिया जा सकता: एनसीडीआरसी
नसबंदी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं, ऑपरेशन विफल होने पर मुआवजा नहीं दिया जा सकता: एनसीडीआरसी

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) की पीठ में पीठासीन सदस्य एस.एम. कांतिकर ने राजस्थान के राज्य आयोग के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें उस महिला को मुआवजा देने की अनुमति दी गई थी, जिसने आरोप लगाया कि वह नसबंदी ऑपरेशन की विफलता के कारण गर्भवती हो गई।कांतिकर ने विस्तार से बताया कि ऑपरेशन से पहले गर्भ मौजूद था। फिर ऐसे ऑपरेशन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होते हैं। इसके बाद भी महिलाओं के गर्भवती होने की संभावना रहती है। इस प्रकार, मामला मेडिकल लापरवाही के दायरे से बाहर है।संक्षिप्त तथ्यरोबिना...

5 साल तक सहमति से सेक्स रेप नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने युवक को रेप केस से किया बरी
'5 साल तक सहमति से सेक्स रेप नहीं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने युवक को रेप केस से किया बरी

मामला कर्नाटक का है। एक शख्स पर उसकी प्रेमिका ने रेप और विश्वासघात करने का आरोप लगाया। विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसकी सुनवाई कर्नाटक हाईकोर्ट में हुई। कोर्ट ने लड़की की याचिका खारिज कर दी। और शख्स को रेप के आरोप से बरी कर दिया।अदालत ने कहा कि पांच साल तक शादी के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने को बलात्कार नहीं कहा जा सकता। लड़की ने अपने प्रेमी पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झूठा वाद करके उसके साथ संबंध बनाए थे, लेकिन बाद में उसने ये रिश्ता तोड़ दिया।जस्टिस एम नागाप्रसन्ना ने अपने...

ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के खिलाफ भारतीय वायुसेना अधिकारी की याचिका पर नोटिस जारी किया
ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के खिलाफ भारतीय वायुसेना अधिकारी की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के उस अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसे पिछले साल मार्च में पाकिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुई ब्रह्मोस लड़ाकू मिसाइल के गलती से दागे जाने के मामले में बर्खास्त कर दिया गया था।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने बर्खास्तगी आदेश को चुनौती देने वाली पूर्व विंग कमांडर अभिनव शर्मा की याचिका पर वायु सेना प्रमुख और अन्य द्वारा दायर याचिका पर रक्षा मंत्रालय के माध्यम से भारत संघ से जवाब मांगा। अदालत ने छह...

चुनाव न होने की अवधि में ईसीआई के पास राजनीतिक दलों द्वारा जाति रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति नहीं: ईसीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा
चुनाव न होने की अवधि में ईसीआई के पास राजनीतिक दलों द्वारा जाति रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति नहीं': ईसीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा

भारत के चुनाव आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि उसके पास उस अवधि में जब चुनाव नहीं हो रहे होते हैं, राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित जाति-आधारित रैलियों पर प्रतिबंध लगाने या बाद में उन्हें चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। चुनाव निगरानी संस्था ने मोती लाल यादव द्वारा हाईकोर्ट में वर्ष 2013 में दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका में यह दलील दी। इस याचिका में ऐसी सभी राजनीतिक रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी, जिनमें जाति रैलियों का आयोजन होता...

पक्षकार द्वारा दिया गया नो-क्लेम डिक्लेरेशन आर्बिट्रेशन को लागू करने के अपने उपाय को समाप्त नहीं करेगा: दिल्ली हाईकोर्ट
पक्षकार द्वारा दिया गया 'नो-क्लेम डिक्लेरेशन' आर्बिट्रेशन को लागू करने के अपने उपाय को समाप्त नहीं करेगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (ए एंड सी अधिनियम) की धारा 11 के तहत दायर याचिका से निपटने के दौरान, यदि अनुबंध की विशेष शर्तों (एससीसी) में पक्षकारों के बीच आर्बिट्रेशन क्लोज, जिसमें प्री-आर्बिट्रल प्रक्रिया के अधिदेश को अनुबंध की सामान्य शर्तों (जीसीसी) में मौजूद अन्य आर्बिट्रेशन क्लॉज द्वारा ओवरराइड किए जाने का दावा किया जाना शामिल नहीं है, जो प्री-आर्बिट्रल सिस्टम का पालन करना अनिवार्य करता है, उसी के अनुसार आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल द्वारा...

भाजपा विधायक मदल विरुपक्षप्पा को अंतरिम अग्रिम जमानत के खिलाफ कर्नाटक लोयायुक्त ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
भाजपा विधायक मदल विरुपक्षप्पा को अंतरिम अग्रिम जमानत के खिलाफ कर्नाटक लोयायुक्त ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

कर्नाटक लोकायुक्त ने रिश्वत मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक को अंतरिम अग्रिम जमानत देने के कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के समक्ष मामले को तत्काल सुनवाई के लिए आज सुबह (मंगलवार) उल्लेख किया गया।सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने जब मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हुए तो वकील ने पहले की तारीख मांगी, यदि संभव हो तो आज ही।सीजेआई ने तब बताया कि वह आज संविधान पीठ की सुनवाई कर रहे हैं और उन्होंने वकील से जस्टिस...

प्राइवेटाइजेशन के कारण एयर इंडिया के कर्मचारियों की बेदखली को औद्योगिक विवाद नहीं कहा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
प्राइवेटाइजेशन के कारण एयर इंडिया के कर्मचारियों की बेदखली को औद्योगिक विवाद नहीं कहा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि एयर इंडिया के कर्मचारियों को लीव और लाइसेंस एग्रीमेंट पर आवास दिया गया था और यह अधिकार के रूप में नहीं था, माना कि निजीकरण के कारण कर्मचारियों की बेदखली को औद्योगिक विवाद नहीं कहा जा सकता। जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ ने एयर इंडिया के कर्मचारी संघों द्वारा दायर रिट याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा विवाद को औद्योगिक न्यायाधिकरण को भेजने से इनकार करने को चुनौती दी गई थी।अदालत ने कहा," आवास बनाए रखने...

सभी लॉ स्कूलों में आरटीई अधिनियम को अनिवार्य विषय बनाने के लिए अभ्यावेदन पर विचार किया जाएगा: बीसीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया
सभी लॉ स्कूलों में आरटीई अधिनियम को अनिवार्य विषय बनाने के लिए अभ्यावेदन पर विचार किया जाएगा: बीसीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) को बताया कि वह बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई अधिनियम, 2009 को सभी लॉ कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए एक अनिवार्य विषय बनाने के लिए एक प्रतिनिधित्व पर विचार करेगा और निर्णय करेगा।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने इसके बाद एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट की जनहित याचिका का निस्तारण किया।याचिकाकर्ता एनजीओ ने कोर्ट को बताया कि उसके द्वारा 15 फरवरी को एक...

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद में नशीली दवाओं की तस्करी के लिए नाबालिगों के कथित इस्तेमाल के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की
गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद में नशीली दवाओं की तस्करी के लिए नाबालिगों के कथित इस्तेमाल के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने अहमदाबाद शहर में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए नाबालिग लड़कियों के कथित इस्तेमाल के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दर्ज की।राज्य सरकार को सचिव गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, गुजरात राज्य और पुलिस महानिरीक्षक के माध्यम से नोटिस जारी किया गया है।जस्टिस निखिल कारियल की पीठ ने अहमदाबाद मिरर द्वारा प्रकाशित एक न्यूज रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए ये आदेश पारित किया। रिपोर्ट में कहा गया था कि नाबालिग लड़कियों का...

भावनाओं को प्रभावित करने वाला हर कृत्य आपराधिक नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने विभागीय जांच के दौरान प्रताड़ित करने के आरोपी डीएसपी के खिलाफ कार्यवाही रद्द की
भावनाओं को प्रभावित करने वाला हर कृत्य आपराधिक नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने विभागीय जांच के दौरान प्रताड़ित करने के आरोपी डीएसपी के खिलाफ कार्यवाही रद्द की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में डीएसपी, राजकीय रेलवे पुलिस के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406 और धारा 420 के तहत आपराधिक कार्यवाही इस आधार पर रद्द कर दी कि उनके खिलाफ आरोप लगाए गए थे। याचिकाकर्ता ने उक्त प्रावधानों के तहत किसी संज्ञेय अपराध नहीं किया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"इस मामले में अजीबोगरीब रूप से पर्याप्त है कि शिकायत पक्षपात के कथित कृत्यों का खुलासा करती है, वर्तमान याचिकाकर्ता द्वारा शिकायतकर्ता को सुनवाई का अवसर नहीं देना और सबसे खराब मारपीट और...

मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्ति का प्रयोग करने की अनुमति देने वाले सरकारी आदेशों को खारिज किया
मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्ति का प्रयोग करने की अनुमति देने वाले सरकारी आदेशों को खारिज किया

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस उपायुक्तों को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के रूप में शक्ति देना संविधान और जिला पुलिस अधिनियम का उल्लंघन है।जस्टिस एन सतीश कुमार और जस्टिस आनंद वेंकटेश की खंडपीठ ने इस प्रकार दो सरकारी आदेशों को असंवैधानिक घोषित किया, जिसने उपायुक्तों को शांति बनाए रखने के लिए बांड से निपटने के दौरान एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान कीं।सरकारी आदेश नंबर 659 दिनांक 12.09.2013 और सरकारी आदेश नंबर181 दिनांक 20.02.2014 सीआरपीसी की धारा 107 और धारा 110 के प्रयोजनों के लिए...