मुख्य सुर्खियां
केरल हाईकोर्ट ने रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय रेलवे को ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया है।जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस मुरली पुरुषोत्तमन की खंडपीठ ने रेल यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के लिए एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए ये आदेश पारित किया।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने 28.04.2021 को हुई एक घटना के मद्देनजर रेल यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला था। इसके बाद 2021...
श्रीलंकाई नागरिक की समय से पहले रिहाई के आदेश का पालन नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को फटकार लगाई
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 33 साल से अधिक समय से कैद एक दोषी श्रीलंकाई नागरिक की समय से पहले रिहाई पर विचार करने के लिए न्यायालय के पहले के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने 2018 की नीति के आधार पर याचिकाकर्ता की समय से पहले रिहाई पर विचार करते हुए पहले राज्य सरकार से उसके अनुरोध पर विचार करने के लिए कहा था। इस बीच अदालत ने याचिकाकर्ता को उपयुक्त ट्रांजिट कैंप में स्थानांतरित करने का आदेश दिया और इस प्रक्रिया के लिए एक सप्ताह का समय...
'हमें बच्चों की चिंता है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पूर्व पत्नी को 3 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और उनकी पूर्व पत्नी आलिया उर्फ अंजना पांडे को अपने बच्चों की खातिर समझौता करने की संभावना तलाशने के लिए तलब किया है। अदालत ने दोनों को तीन अप्रैल 2023 को शाम साढ़े चार बजे अपने चैंबर में मौजूद रहने का निर्देश दिया।पीठ ने सिद्दीकी के वकील के एक बयान के जवाब में कहा , ' हमें बच्चों की भी चिंता है। 'जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस शर्मिला देशमुख की पीठ ने सिद्दीकी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आदेश पारित किया, जिसमें 7 और 12 वर्ष की...
"मेघालय में हवाई अड्डे की बेहतर सेवा की आवश्यकता": हाईकोर्ट ने राज्य को अधिग्रहण के लिए भूमि की पहचान करने का सुझाव दिया
मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भूमि के उपयुक्त क्षेत्रों का पता लगाने का सुझाव दिया, क्योंकि शिलांग के पास वर्तमान उमरोई हवाई अड्डा बड़े विमानों को समायोजित करने में असमर्थ है।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की पीठ मौजूदा हवाई अड्डे पर सुविधाओं को बढ़ाने से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।बेंच ने कहा," मेघालय जिस विकास पथ पर चल पड़ा है, उसमें एक बेहतर सेवायुक्त हवाईअड्डा राज्य की आगे की समृद्धि के लिए एक परम आवश्यकता है,...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर सलमान खान के खिलाफ पत्रकार की आपराधिक धमकी की शिकायत खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पत्रकार द्वारा 2019 में आपराधिक धमकी का आरोप लगाते हुए एक्टर सलमान खान के खिलाफ दायर निजी शिकायत खारिज कर दी।अंधेरी की एक मेट्रोपॉलिटन अदालत ने एक्टर को पहले सम्मन जारी किया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।जस्टिस भारती डांगरे ने पूछा,"प्रक्रिया जारी होने से पहले क्या प्रक्रिया का पालन किया गया था? आप दावा करते हैं कि बल प्रयोग किया गया, लेकिन किस लिए?"मजिस्ट्रेट पत्रकार अशोक पांडे के समक्ष अपनी निजी शिकायत में आरोप लगाया कि खान ने मुंबई की सड़क पर साइकिल चलाते समय...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने वकीलों के लिए मुफ्त वाई-फाई, ई-इंस्पेक्शन सुविधा शुरू की
उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर ने बुधवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की उपस्थिति में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों, एडवोकेट जनरल, नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी के लिए 'मुफ्त वाई-फाई सुविधा' और 'ई-इंस्पेक्शन सुविधा' का शुभारंभ किया।वकीलों के लिए मुफ्त वाई-फाईबार के सदस्यों के लिए मुफ्त वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए, बार एसोसिएशन हॉल सहित पूरे हाईकोर्ट कॉम्प्लैक्स में 100 एमबीपीएस समर्पित इंटरनेट लीज लाइन के प्रावधान के साथ एक्सेस प्वाइंट स्थापित...
पत्नी के खिलाफ अखबार में खबर छपवाने की पति की हरकत मानसिक क्रूरता: बॉम्बे हाईकोर्ट (वीडियो)
बॉम्बे हाईकोर्ट में तलाक से जुड़ा एक केस आय़ा। कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर पत्नी को तलाक लेने की मंजूरी दी और कहा कि पत्नी की प्रतिष्ठा केवल इस तथ्य से कम हो जाती है कि पति ने उसके खिलाफ न्यूजपेपर में खबर छपवाई। फिर न्यूजपेपर में छपी रिपोर्ट मानहानिकारक है या नहीं, ये प्रासंगिक नहीं रह जाता है।पूरी वीडियो यहां देखें:
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नए जीआर के बढ़ते योग्यता मानदंड पर बर्खास्तगी की आशंका से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अस्थायी राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एकीकृत बाल विकास सेवाओं को निर्देश दिया कि 18 अप्रैल, 2023 तक उनके रोजगार के लिए पात्रता मानदंड बढ़ाने वाले सरकारी प्रस्ताव के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं को समाप्त नहीं किया जाए।जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने आगे आदेश दिया कि इस अवधि के दौरान यदि कोई रिक्तियां भरी जानी हैं तो उसे पुराने पात्रता मानदंडों के आधार पर मौजूदा कैडर से भरा जाना चाहिए।अदालत 2 फरवरी, 2023 को जारी सरकारी प्रस्ताव को चुनौती देने वाली यूनियनों के समूह द्वारा दायर याचिका...
मेडिकल लापरवाही मामले में एक्सपर्ट कमेटी का फैसला डॉक्टर के पक्ष में होने पर नाराजी याचिका की अनुमति नहीं दे सकते: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि मेडिकल लापरवाही मामले में गठित एक्सपर्ट कमेटी का निष्कर्ष डॉक्टर के पक्ष में होने पर नाराजी याचिका (Protest Petition) पर आगे कार्यवाही करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।अदालत ने उपरोक्त आदेश आपराधिक विविध याचिका में पारित किया, जो पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए दायर की गई, जिसमें साहिबगंज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा याचिकाकर्ता-डॉक्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304-ए सपठित धारा 34 के तहत संज्ञान लिए जाने वाले मामले के संबंध में...
एक पेशेवर भिखारी का भी नैतिक और कानूनी दायित्व होता है कि वह अपनी पत्नी का भरण-पोषण करे, जो खुद का भरण-पोषण करने में असमर्थ है : पी एंड एच हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि एक पति का नैतिक और कानूनी दायित्व बनता है कि वह अपनी पत्नी का भरण-पोषण करे जो खुद का भरण-पोषण करने में असमर्थ है, भले ही वह पति एक पेशेवर भिखारी ही क्यों न हो। जस्टिस एचएस मदान की पीठ ने तलाक के मामले के लंबित रहने के दौरान पत्नी को मासिक भरण-पोषण के रूप में 5 हजार रुपये देने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली पति की याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही।अदालत ने कहा कि पति/याचिकाकर्ता एक सक्षम व्यक्ति है और आजकल एक शारीरिक रूप से सक्षम मजदूर भी...
राष्ट्रपति की सहमति के बिना उपराज्यपाल द्वारा अधिसूचित भूमि अनुदान नियम 2022 मान्य नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में याचिका दायर
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट के समक्ष पिछले साल दिसंबर में यूटी के उपराज्यपाल द्वारा अधिसूचित भूमि अनुदान नियम 2022 को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई। इस याचिका में कहा गया कि राष्ट्रपति की सहमति के बिना अधिसूचित किए गए नियम कानून की दृष्टि से अमान्य हैं।जस्टिस विनोद चटर्जी कौल की एकल पीठ ने सोमवार को याचिकाकर्ता के खिलाफ "कोई कठोर कार्रवाई नहीं" करने का आदेश दिया, जिसे तत्कालीन भूमि अनुदान अधिनियम 1960 के संदर्भ में राज्य की भूमि पट्टे पर दी गई, जो अब 2022 के नियमों की अधिसूचना के...
कलात्मक प्रदर्शनों के कॉपीराइट की पहली मालिक अनुष्का शर्मा, टैक्स भुगतान के लिए उत्तरदायी: सेल्स टैक्स विभाग ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
सेल्स टैक्स विभाग ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अपने कलात्मक प्रदर्शन में बनाए गए कॉपीराइट की पहली मालिक थीं और इसलिए ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए बिक्री कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं।विभाग ने दावा किया कि एक कंपनी के लिए काम करने वाले एक कर्मचारी के विपरीत, शर्मा ने यशराज फिल्म्स के साथ उसके एजेंट के रूप में त्रि-पक्षीय अनुबंधों के माध्यम से पैसा कमाया था, इसलिए, उनकी याचिकाएं जिसमें उन्होंने 2012- 2016 से कर नोटिस का विरोध किया था, खारिज कर दिया जाना...
केरल हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में ज़मानत आवेदन पर नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया, सीआरपीसी की धारा 482 के तहत शक्तियों का प्रयोग किया
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए पॉक्सो मामले (POCSO Case) में ट्रायल कोर्ट द्वारा नए सिरे से विचार करने के लिए जमानत अर्जी को वापस भेज दिया।जस्टिस के बाबू की सिंगल जज बेंच ने ट्रायल कोर्ट को 30 मार्च, 2023 से पहले नियमित जमानत के लिए याचिकाकर्ता की पात्रता पर विचार करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 450, 376(2)(n), 361 सपठित धारा 363, 342, 354-A (1)(i) और धारा 5(I) सपठित धारा 6 के साथ पॉक्टो एक्ट की...
'दिल्ली पुलिस सीआरपीसी की धारा 144 के आदेश उस तरह से जारी नहीं कर रही है, जिस तरह से उन्हें माना जाता है': सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन
सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन ने राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस द्वारा आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 को अंधाधुंध लागू करने पर चिंता जताते हुए कहा,"हमें इस पर बहुत चिंतित होना चाहिए और 'जनहित' के माया-जाल में नहीं पड़ना चाहिए। यह प्रावधान मैजिस्ट्रेट को और दिल्ली जैसे आयुक्तालय के मामले में पुलिस प्रमुखों को शत्रुता या किसी अन्य आपात स्थिति की प्रत्याशा में बड़ी सभाओं को प्रतिबंधित करने वाले आदेशों सहित तत्काल निवारक निर्देश जारी करने के लिए व्यापक अधिकार प्रदान करता है।सीनियर...
पालघर लिंचिंग- सुप्रीम कोर्ट सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर 14 अप्रैल 2023 को सुनवाई करेगा
पालघर मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने 14 अप्रैल 2023 को सूचीबद्ध किया है। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने पीठ को सूचित किया कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा एक नया हलफनामा दायर किया गया है जिसमें कहा गया है कि वे सीबीआई जांच करेंगे। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने पहले याचिका का विरोध किया था और 28 अगस्त, 2020 को इस मामले में आरोप पत्र दायर किया था। इसने विभागीय जांच के...
सुप्रीम कोर्ट ने तलाक, गोद लेने और भरण-पोषण पर समान धर्म और लिंग तटस्थ कानूनों की मांग करने वाली जनहित याचिकाएं खारिज कीं
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एड्वोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा देश भर में तलाक, गोद लेने, संरक्षकता, उत्तराधिकार/विरासत, और भरण पोषण से संबंधित मामलों में लिंग तटस्थ और धर्म तटस्थ कानूनों ( gender neutral and religion neutral legislations) की मांग वाली याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने कहा कि मामले लेजिस्लेटिव डोमेन से संबंधित हैं और सुप्रीम कोर्ट संसद को कानून बनाने के लिए परमादेश (mandamus) जारी नहीं कर...
'अनुचित जांच, हेरफेर स्पष्ट': राजस्थान हाईकोर्ट ने 2008 के जयपुर विस्फोट मामले में चार दोषियों को बरी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को 2008 के जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले में चार दोषियों को बरी कर दिया और पांचवें आरोपी को इस आधार पर बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके अपराध को स्थापित करने के लिए परिस्थितियों की श्रृंखला स्थापित करने में सक्षम नहीं रहा है। 13 मई 2008 को जयपुर में कई विस्फोट हुए, जिसमें 71 लोगों की मौत हुई और 185 लोग घायल हुए। मामले में कुल आठ एफआईआर दर्ज की गई थी। एक दिन बाद, टीवी चैनलों ने एक ईमेल प्राप्त करने का दावा किया जिसमें कहा गया कि इंडियन मुजाहिदीन ने विस्फोटों की...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के तीन जजों के ट्रांसफर का प्रस्ताव दिया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के तीन जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की है। मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस वीएम वेलुमणि को कलकत्ता हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा का पंजाब एंंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्थानांतरण प्रस्तावित है।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अतुल श्रीधरन को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस केएम जोसेफ, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अजय...
निष्कासित सदस्य के खिलाफ संस्थान के आंतरिक समाचार पत्र में मानहानिकारक कार्टून प्रसारित करना आईपीसी की धारा 500 के तहत अपराध आकर्षित करता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में बॉरिंग इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष के खिलाफ लंबित मानहानि की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया। उन पर आरोप था कि उन्होंने कथित रूप से संस्थान के अन्य सदस्यों को एक न्यूज लेटर भेजा, जिसमें शिकायतकर्ता (संस्थान के एक निष्कासित सदस्य) को बदनाम करने वाले आपत्तिजनक कार्टून प्रसारित किए गए।न्यायमूर्ति के नटराजन की एकल पीठ ने अनूप बजाज द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया और कहा, "अपमानजनक बयान और ऐसे बयान के माध्यम से सीधे प्रतिवादी का अपमान करने वाले कार्टून भेजना,...
मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में पुलिस अधिकारी को दिया गया कबूलनामा हत्या की सजा के लिए आधार नहीं बन सकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला को बरी कर दिया, जिसे ट्रायल कोर्ट ने अपने पति की हत्या के लिए दोषी ठहराया था। कोर्ट ने उसे इस आधार पर बरी किया कि बिना पुष्टि के पुलिस के सामने की गई उसकी स्वीकारोक्ति दोषसिद्धि का आधार नहीं हो सकती।जस्टिस माइकल ज़ोथनखुमा और जस्टिस मालाश्री नंदी की खंडपीठ ने कहा,"भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 26 हिरासत में किसी व्यक्ति द्वारा किए गए इकबालिया बयान के सबूत पर रोक लगाती है, जब तक कि इकबालिया बयान मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में नहीं किया जाता है। इस तथ्य को...




















