मुख्य सुर्खियां
'हर बच्चा सम्मान का हकदार': दिल्ली हाईकोर्ट ने आराध्या बच्चन के स्वास्थ्य पर गलत सामग्री प्रसारित करने वाले YouTube चैनल्स पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को विभिन्न YouTube चैनलों को बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन की बेटी आराध्या बच्चन के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित वीडियो या किसी भी नकली सामग्री को प्रसारित करने, प्रकाशित करने या शेयर करने से रोक दिया।जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा कि बच्चे से संबंधित भ्रामक जानकारी का प्रसार, विशेष रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में, कानून में पूरी तरह से असहनीय है।अदालत ने यह भी कहा कि वह ऐसे मामलों में "जीरो टॉलरेंस" रखती है, जहां बच्चे की...
अवध बार एसोसिएशन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस दिनेश कुमार सिंह के कोर्ट के बहिष्कार का प्रस्ताव वापस लिया
अवध बार एसोसिएशन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश (लखनऊ खंडपीठ में) जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की अदालत का बहिष्कार करने का बुधवार को पारित अपना प्रस्ताव गुरुवार को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। कल पारित प्रस्ताव में कहा गया था कि जस्टिस सिंह की अदालत का बहिष्कार करने का निर्णय उनके समक्ष पेश होने वाले वकीलों के साथ उनके दुर्व्यवहार के कारण लिया जा रहा है। प्रस्ताव में आगे कहा गया था कि एसोसिएशन को बार के सदस्यों से कई शिकायतें मिली हैं जिसमें कहा गया है कि उन्हें जस्टिस डीके सिंह की अदालत में...
['मोदी-चोर' टिप्पणी] सूरत की अदालत ने मानहानि मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की राहुल गांधी की याचिका खारिज की
सूरत सत्र न्यायालय ने अप्रैल 2019 में करोल में राजनीतिक रैली के दौरान की गई अपनी टिप्पणी "सभी चोरों का नाम सरनेमा मोदी क्यों होता है" पर मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने पर रोक लगाने की राहुल गांधी की अर्जी को आज खारिज कर दिया।सूरत सत्र न्यायालय के न्यायाधीश रॉबिन मोगेरा ने 13 अप्रैल को गांधी और शिकायतकर्ता, भाजपा के पूर्णेश मोदी की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।यदि उनके आवेदन को स्वीकार कर लिया गया होता तो इस संबंध में लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना जारी होने के अधीन, लोकसभा की उनकी...
बेंचमार्क डिसएबिलिटी वाले व्यक्ति 23 अप्रैल को TET-II एग्जाम में स्क्राइब के साथ उपस्थित हो सकते हैं: गुजरात हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने कहा
गुजरात हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने बेंचमार्क डिसएबिलिटी वाले उम्मीदवारों को 23 अप्रैल को होने वाले TET-II एग्जाम के लिए स्क्राइब के साथ उपस्थित होने की अनुमति दी है।बेंचमार्क डिसएबिलिटी व्यक्तियों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार स्क्राइब उपलब्ध नहीं कराने की राज्य की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की गई थी।याचिकाकर्ताओं द्वारा यह प्रस्तुत किया गया कि 18 जुलाई, 2017 के दिशानिर्देश के अनुसार...
"अंतर्धार्मिक विवाहों के लिए लीगल फ्रेमवर्क जटिल": मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जाली सर्टिफिकेट पर इंटरफेथ कपल के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर रद्द की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में भारत में इंटरफेथ कपल के सामने आने वाली कठिनाइयों और उनकी शादी को सफल बनाने के लिए उनके सामने आने वाली सामाजिक चुनौतियों को दोहराया।जस्टिस विवेक रूसिया की पीठ ने कहा कि इंटरफेथ विवाह को नियंत्रित करने वाला लीगल फ्रेमवर्क जटिल है और जोड़ों को कई कानूनी बाधाओं को नेविगेट करने की आवश्यकता होती है।इंटर-फेथ कपल का सामना करने वाली मुख्य चुनौतियों में से एक उनके परिवारों और समुदायों का विरोध है, जैसे प्रतिवादी नंबर 2 आवेदक नंबर 2 का पिता होने के नाते...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पीएसए के तहत गिरफ्तार पत्रकार की हिरासत रद्द की, कहा- डिटेनिंग अथॉरिटी ने पब्लिक ऑर्डर और स्टेट सिक्योरिटी का "अविवेक" रूप से इस्तेमाल किया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि हिरासत में लेने वाले प्राधिकरण ने "सार्वजनिक व्यवस्था" और "राज्य की सुरक्षा" दोनों अभिव्यक्तियों का उपयोग अस्थिर मन और अनिश्चितता के साथ किया, पत्रकार फहद शाह का हिरासत आदेश रद्द कर दिया।जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ ने कहा,"सार्वजनिक व्यवस्था का रखरखाव और देश की सुरक्षा और संप्रभुता दो अलग-अलग अभिव्यक्तियां हैं और इनके अलग-अलग अर्थ हैं। ये गुरुत्वाकर्षण के आधार पर सीमांकित हैं और एक साथ उपयोग नहीं किया जा सकता, जो स्पष्ट रूप से किसी भी...
'सिर्फ मुकदमे के लिए उनकी शादीशुदा ज़िंदगी में खलल नहीं डाला जा सकता': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी द्वारा 'पीड़िता' से शादी करने के बाद बलात्कार का मामला खारिज किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच समझौते के आधार पर बलात्कार के मामले को रद्द करते हुए कहा कि एफआईआर में सुनवाई के लिए उनके विवाहित जीवन को परेशान नहीं किया जा सकता।जस्टिस अमरजोत भट्टी ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) (एन), 506 के तहत अपराध गंभीर अपराध है और सीआरपीसी की धारा 320 के तहत गैर-समाधानीय है लेकिन पूर्ण न्याय करने और युगल के भविष्य की रक्षा के लिए समझौता उनके बीच पहुंचे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा,"2007 (3) R.C.R. (क्रिमिनल)...
मद्रास हाईकोर्ट ने पीएमएवाई-जी योजना के तहत धन की हेराफेरी के लिए लालगुडी पंचायत संघ के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का आदेश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत धन की कथित हेराफेरी के लिए सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को घर उपलब्ध कराना है। इसलिए योजना के तहत राशि का गबन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।हाईकोर्ट ने कहा,"पुलिस अधीक्षक, तिरुचिरापल्ली भी लालगुडी पंचायत यूनियन, तिरुचिरापल्ली के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए कदम...
कोर्ट फोटोकॉपी, काल्पनिक दस्तावेजों के आधार पर पक्षकार को गवाह का क्रॉस एक्ज़ामिनेशन करने निर्देश नहीं दे सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित एक आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक दीवानी मुकदमे के एक पक्षकार को निर्देश दिया गया था कि वह फोटोकॉपी किए गए दस्तावेजों के आधार पर विरोधी पक्ष के गवाह का क्रॉस एक्ज़ामिनेशन करे। जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि निचली अदालत द्वारा निर्देशित प्रक्रिया "कानून से अलग" है और आदेश "न्यायिक जांच का सामना नहीं कर सकता।"अदालत ने कहा, "काल्पनिक दस्तावेजों के आधार पर क्रॉस एक्ज़ामिनेशन करने के लिए एक गवाह का एक्ज़ामिनेशन करने का अधिकार देते समय संभवतः विधायिका की...
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की अदालत का अवध बार एसोसिएशन ने बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया
अवध बार एसोसिएशन ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश (लखनऊ खंडपीठ में) जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की अदालत का तत्काल प्रभाव से बहिष्कार करने का निर्णय लेते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एएम त्रिपाठी की अध्यक्षता में एसोसिएशन द्वारा आज बुलाई गई एक जरूरी बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।बैठक के बाद जारी प्रस्ताव में कहा गया है कि जस्टिस सिंह के बहिष्कार का फैसला उनके सामने पेश होने वाले वकीलों के साथ उनके दुर्व्यवहार के कारण लिया जा रहा है।प्रस्ताव में आगे कहा गया है...
जस्टिस टी राजा का स्थानांतरण जल्द से जल्द मद्रास हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट किया जाए : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दोहराया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टी राजा का राजस्थान हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने का अपना प्रस्ताव दोहराया है। जस्टिस टी राजा, जो इस वर्ष 24 मई को सेवानिवृत्त होंगे, ने 22 सितंबर, 2022 को मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण किया और तब से पद पर बने हुए हैं।कॉलेजियम ने 16 नवंबर 2022 के एक प्रस्ताव के माध्यम से जस्टिस राजा को राजस्थान के हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया था। जस्टिस राजा ने उसी पर पुनर्विचार की मांग की थी।...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस मुरलीधर को मद्रास एचसी सीजे के रूप में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को केंद्र से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद वापस लिया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सितंबर 2022 में उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ जस्टिस एस मुरलीधर को मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित करने के अपने प्रस्ताव को सरकार द्वारा इस पर कार्रवाई नहीं करने के मद्देनजर वापस ले लिया। कॉलेजियम ने अपने प्रस्ताव में कहा, "सिफारिश तब से बिना किसी प्रतिक्रिया के भारत सरकार के पास लंबित है।" कॉलेजियम ने उल्लेख किया कि जस्टिस मुरलीधर अगस्त 2023 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और उनका चार महीने से कम का कार्यकाल बचा है।इस देरी को देखते हुए...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को यौन अपराधों के पीड़ितों की गोपनीयता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि फाइलिंग में अभियोजन पक्ष या पीड़ित या यौन अपराधों की पीड़ित की गुमनामी और गोपनीयता को सख्ती से बनाए रखा जाए। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने रजिस्ट्री को यौन अपराधों से संबंधित सभी फाइलिंग की "सावधानीपूर्वक जांच" करने का निर्देश देते हुए कहा कि नाम, पितृत्व, पता, सोशल मीडिया क्रेडेंशियल्स और पीड़िता या पीड़िता की तस्वीरों का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें पक्षों के मेमो भी शामिल हैं। .अदालत ने यह कहते हुए आदेश...
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फैमिली कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 'द कॉन्सेप्ट एंड टेक्निक्स ऑफ मेडिएशन' पर ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15 और 16 अप्रैल को फैमिली कोर्ट के जजों के लिए 'द कॉन्सेप्ट एंड टेक्निक्स ऑफ मेडिएशन' पर 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य पारिवारिक विवादों को निपटाने में जजों के कौशल को बढ़ाना था। इस वर्कशॉप का आयोजन फैमिली कोर्ट मामलों की संवेदीकरण समिति, इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर, जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस डीके उपाध्याय, जस्टिस संगीता चंद्रा, जस्टिस अजय भनोट, जस्टिस मंजू रानी चौहान और जस्टिस साधना...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 मामलों में आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी को छूट देने के सरकार के आदेश को रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के एक आदेश, जिसके जरिए दो आपराधिक मामलों में आजीवन कारावास की सजा पाए एक दोषी को छूट प्रदान की गई थी, को रद्द कर दिया। राज्य सरकार ने यह आदेश 2019 में दिया था।कोर्ट ने माना कि दोषी मान सिंह का मामला राज्य सरकार की छूट नीति के अनुसार निषेध संख्या (x) के अंतर्गत आता है, इसलिए वह छूट का हकदार नहीं है। जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस सुरेंद्र सिंह- I की खंडपीठ ने दोषी को 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने और सजा के शेष हिस्से को भुगतने का...
अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर से अवगत होने के कारण देश से भागे व्यक्तियों को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि उन परिस्थितियों में अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा, जहां अभियुक्त अपने खिलाफ दर्ज गैर-जमानती अपराध से पूरी तरह वाकिफ होने के कारण देश से भाग गया हो।अदालत ने यह भी कहा कि एक अभियुक्त जो विदेश में है, उसकी ओर से दायर जमानत आवेदन पर विचार करते समय, अदालतों को यह शर्त लगाने पर विचार करना चाहिए कि जब भी आवश्यक हो, अभियुक्त पुलिस अधिकारी द्वारा पूछताछ के लिए उपलब्ध होगा और अभियुक्त न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएगा।जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस और...
यौन अपराधों की पीड़िता को हर स्तर पर सुनवाई का अधिकार, लेकिन उसे प्रतिवादी के रूप में शामिल करने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है राज्य या आरोपी की ओर से शुरू की गई किसी भी आपराधिक कार्यवाही में कि यौन अपराधों के पीड़ित को पक्ष के रूप में शामिल करने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने जगजीत सिंह और अन्य बनाम आशीष मिश्रा @ मोनू और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया और कहा कि एक पीड़ित के पास सभी आपराधिक कार्यवाहियों में शामिल होने का "स्वच्छंद अधिकार" है, मगर यह पीड़ित को मामले में पक्षकार बनाने का अपने आप में कोई कारण नहीं है, जब तक कि दंड प्रक्रिया संहिता...
कर्नाटक संशोधन, जिसके तहत कार्यकारी प्राधिकरण को विलंबित जन्म/मृत्यु पंजीकरण पर निर्णय लेने की शक्ति प्रदान की गई, अल्ट्रा वायर्सः कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2022, जिसके जरिए जन्म और मृत्यु नियम, 1999 के नियम 9 में संशोधन किया गया है और राजस्व अधिकारियों को जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण के लिए आवेदन पर निर्णय लेने की शक्तियां प्रदान की गई हैं, को अल्ट्रा वायर्स घोषित कर दिया है।राज्य सरकार ने नियम 9 के उप-नियम (3) में संशोधन के जरिए "एक प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट या एक प्रेसिडेंसी मजिस्ट्रेट" को "एक सहायक आयुक्त (उप-मंडल मजिस्ट्रेट)" से प्रतिस्थापित कर दिया था। राज्य सरकार ने...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 से अलग रहने के दावे के बावजूद अपील अवधि के दौरान पुनर्विवाह करने वाली तलाकशुदा महिला को राहत देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने तलाक के फैसले के खिलाफ पति की तरफ से दायर अपील को खारिज करने की मांग करने वाली उस महिला को राहत देने से इनकार कर दिया है,जिसने अपनी अंतरिम अर्जी में कहा था कि वह पहले ही किसी और से शादी कर चुकी है,इसलिए उसके पति की अपील को खारिज कर दिया जाए।अदालत ने कहा कि ‘‘अपील अवधि (90 दिनों की) के भीतर पति द्वारा दायर की गई फैमिली कोर्ट की अपील को, आवेदक (पत्नी) द्वारा दूसरी शादी करने और वह भी अपील की अवधि के दौरान, निष्फल नहीं माना जाएगा।’’ हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 पति-पत्नी को उस...
श्रद्धा वाकर मर्डर केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने समाचार चैनलों को चार्जशीट की सामग्री प्रसारित करने से रोका
दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी समाचार चैनलों को श्रद्धा वाकर हत्याकांड के संबंध में चार्जशीट की सामग्री दिखाने या प्रदर्शित करने से रोक दिया है। जस्टिस रजनीश भटनागर ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें समाचार चैनलों को अभी तक एकत्र की गई चार्जशीट की सामग्री को प्रदर्शित करने से रोकने की मांग की गई थी।अदालत ने भारत संघ को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि सामग्री तक पहुंच रखने वाला कोई भी चैनल याचिका के निस्तारण तक इसे प्रदर्शित न करे। यह मामला अब 3 अगस्त को सुनवाई के लिए...



![[मोदी-चोर टिप्पणी] सूरत की अदालत ने मानहानि मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की राहुल गांधी की याचिका खारिज की [मोदी-चोर टिप्पणी] सूरत की अदालत ने मानहानि मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की राहुल गांधी की याचिका खारिज की](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/04/03/500x300_466633-466630-rahul-gandhi.jpg)














