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जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण को आतंकियों के हाथों मारे गए जज के आश्रितों के दावे पर फैसला करने का निर्देश दिया
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण को आतंकियों के हाथों मारे गए जज के आश्रितों के दावे पर फैसला करने का निर्देश दिया

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण को एक जज के आश्रितों की ओर से दायर याचिका पर फैसला करने का निर्देश दिया। जज की आतंकवादियों ने उन्हीं की कार में गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने गृहनगर की यात्रा कर रहे थे।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार फूल की कार को आतंकवादियों ने रोक लिया और उन्हें एक दोस्त और दो अंगरक्षकों के साथ गोली मार दी ‌थी। जज और उनके मित्र के आश्रितों ने एमवी एक्‍ट की धारा 166 के तहत मुआवजे की मांग करते हुए मोटर दुर्घटना...

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ के चिकित्सा अधीक्षक से 75 साल से अधिक उम्र के कैदियों की स्वास्थ्य स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ के चिकित्सा अधीक्षक से 75 साल से अधिक उम्र के कैदियों की स्वास्थ्य स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में तिहाड़ जेल के चिकित्सा अधीक्षक से सभी दोषियों और 75 वर्ष से अधिक आयु के विचाराधीन कैदियों की वर्तमान चिकित्सा स्थिति के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस मिनी पुष्करणा की डिवीजन बेंच ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट में कैदियों को दिए जा रहे उपचार का पूरा विवरण भी शामिल होना चाहिए।स्टेटस रिपोर्ट 29 मई या उससे पहले जमा करनी होगी।बेंच ने अपने आदेश में कहा,“संबंधित चिकित्सा अधीक्षक को सभी दोषियों और विचाराधीन कैदियों की वर्तमान चिकित्सा स्थिति...

उत्तराखंड हाईकोर्ट के जज ने आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से जुड़े मामले में दिल्ली एम्स की रिट याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
उत्तराखंड हाईकोर्ट के जज ने आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से जुड़े मामले में दिल्ली एम्स की रिट याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

उत्तराखंड हाईकोर्ट के जज जस्टिस राकेश थपलियाल ने व्हिसलब्लोअर भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से जुड़े मामले में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) की नैनीताल खंडपीठ के एक आदेश के खिलाफ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।जब ये मामला 10 मई को चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया, तो पीठ द्वारा मामले को एक अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश पारित किया गया,...

फर्जी मामलों पर रोक लगाने के लिए शिकायतकर्ताओं को नार्को एनालिसिस, पॉलीग्राफ टेस्ट से गुजरने की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
फर्जी मामलों पर रोक लगाने के लिए शिकायतकर्ताओं को नार्को एनालिसिस, पॉलीग्राफ टेस्ट से गुजरने की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

फर्जी मामलों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। याचिका के मुताबिक दिल्ली पुलिस शिकायतकर्ताओं से पूछे कि क्या वे आरोपों को साबित करने के लिए जांच के दौरान नार्को एनालिसिस और ब्रेन मैपिंग से गुजरने को तैयार हैं, ताकि "फर्जी मामलों" पर शिकंजा कसा जा सके।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा- हम लॉ मेकर नहीं हैं। याचिका पर उचित आदेश...

दिल्ली हाईकोर्ट ने असिस्टेंट पेटेंट कंट्रोलर जनरल को न्यायिक आदेश पारित करना सीखने के लिए दिल्ली ज्यूडिशियरी एकेडमी में कोर्स करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने असिस्टेंट पेटेंट कंट्रोलर जनरल को न्यायिक आदेश पारित करना सीखने के लिए दिल्ली ज्यूडिशियरी एकेडमी में कोर्स करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने असिस्टेंट कंट्रोलर जनरल द्वारा पारित आदेश से परेशान होकर उक्त अधिकारी को दिल्ली ज्यूडिशियरी एकेडमी में न्यायिक आदेश पारित करने के लिए कोर्स करने का निर्देश दिया। अपने आदेश में उस अधिकारी ने पेटेंट के अनुदान के लिए आवेदन को खारिज कर दिया था।जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा कि यह आदेश पेटेंट कंट्रोलर जनरल के ऑफिस में अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों में निहित कार्यों के "कुल उपहास" से कम नहीं है।पेटेंट कंट्रोलर जनरल के साथ व्यक्तिगत बातचीत के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले को नए सिरे से...

मानहानि मामला | सत्य की रक्षा पूरे परिवाद तक होनी चाहिए, न कि केवल इसके एक हिस्से के लिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
मानहानि मामला | सत्य की रक्षा पूरे परिवाद तक होनी चाहिए, न कि केवल इसके एक हिस्से के लिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब के अध्यक्ष हरीश कुमार गर्ग के खिलाफ 2018 में आयोजित क्लब की प्रबंधन समिति के चुनाव के विवाद के बारे में उनकी टिप्पणी के लिए वकील की मानहानि की शिकायत खारिज करने से इनकार कर दिया।जस्टिस अमित बोरकर ने मुंबई मिरर को 29 सितंबर, 2018 को प्रकाशित गर्ग की टिप्पणियों के खिलाफ शिकायत को खारिज करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने शिकायत खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल आंशिक रूप से सच प्रतीत होते हैं और शिकायतकर्ता वकील रवि गोयनका को अपने...

प्रिवेंटिव डिटेंशन: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने यह पता लगाने के लिए कि पुष्टि आदेश के बिना किसी को 3 महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया है या नहीं, जेलों से रिपोर्ट मांगी
प्रिवेंटिव डिटेंशन: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने यह पता लगाने के लिए कि पुष्टि आदेश के बिना किसी को 3 महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया है या नहीं, जेलों से रिपोर्ट मांगी

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में असम राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को सभी जेलों से रिपोर्ट मांगने और डिटेंशन के प्रारंभिक आदेश की तारीख से तीन महीने की अवधि के बाद प्रिवेंटिव डिटेंशन कानूनों के तहत सलाहकार बोर्ड द्वारा पारित पुष्टि के आदेश के बिना हिरासत में लिए गए बंदियों की स्थिति के संबंध में उपचारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मिताली ठाकुरिया की खंडपीठ ने प्रारंभिक हिरासत आदेश की पुष्टि किए बिना आठ महीने से अधिक समय तक सलाखों के पीछे रखे गए बंदी की हिरासत को...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आमिनगांव में रेड कैटेगरी उद्योग स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति प्रदान करने पर यथास्थिति का आदेश दिया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आमिनगांव में 'रेड कैटेगरी' उद्योग स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति प्रदान करने पर यथास्थिति का आदेश दिया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक जनहित याचिका में असम सरकार और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, जिसमें एम एम कार्बन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड अमीनगांव, गुवाहाटी में एक 'रेड कैटेगरी' उद्योग (कैल्सिनयुक्त पेट्रोलियम केक) स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के फैसले पर सवाल उठाया गया है।चीफ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस सुमन श्याम की खंडपीठ ने आगे निर्देश दिया कि विचाराधीन उद्योग के संबंध में यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट के...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कई मामलों वाले व्यक्तियों की हिरासत अवधि को विनियमित करने के लिए एसओपी की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कई मामलों वाले व्यक्तियों की हिरासत अवधि को विनियमित करने के लिए एसओपी की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कई मामलों में हिरासत में लिए गए व्यक्ति द्वारा हिरासत की कुल अवधि को विनियमित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की मांग वाली याचिका पर पंजाब और हरियाणआ सरकार को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता का तर्क है कि सभी मामलों की हिरासत अवधि को संयुक्त रूप से पढ़ना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन होगा।याचिकाकर्ता कथित तौर पर 127 मामलों में शामिल है, जिसमें से याचिकाकर्ता 42 मामलों में मुकदमे का सामना कर रहा है, 56 मामलों में...

संवैधानिक कानून और न्यायशास्त्र के विकास में बार द्वारा निभाई गई भूमिका महत्वपूर्ण : जस्टिस कृष्ण मुरारी
संवैधानिक कानून और न्यायशास्त्र के विकास में बार द्वारा निभाई गई भूमिका महत्वपूर्ण : जस्टिस कृष्ण मुरारी

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस कृष्ण मुरारी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा 'सर्वोच्च न्यायालय और भारतीय संविधान का विकास' पर आयोजित एक व्याख्यान में बोलते हुए कहा कि "मौलिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के महत्वपूर्ण पहलू पर वर्षों से बार के सदस्य अपनी भूमिका निभा रहे हैं। संवैधानिक कानून और न्यायशास्त्र के विकास में उनका योगदान स्मारकीय है।जस्टिस मुरारी ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट में हाल के फैसले के उदाहरण का हवाला दिया "महाराष्ट्र संकट मामले में दोनों पक्षों के तर्कों का स्तर इस...

ज्ञानवापी: शिव लिंग का वैज्ञानिक सर्वेक्षण उसे नुकसान पहुंचाए बिना किया जा सकता है : एएसआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया,  वाराणसी कोर्ट सर्वेक्षण की निगरानी करेगा
ज्ञानवापी: 'शिव लिंग' का वैज्ञानिक सर्वेक्षण उसे नुकसान पहुंचाए बिना किया जा सकता है' : एएसआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया, वाराणसी कोर्ट सर्वेक्षण की निगरानी करेगा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर कथित तौर पर पाए गए 'शिव लिंग' का वैज्ञानिक सर्वेक्षण उसे नुकसान पहुंचाए बिना किया जा सकता है।इस संबंध में एएसआई द्वारा जस्टिस अरविंद कुमार मिश्रा-I की खंडपीठ के समक्ष वैज्ञानिक जांच के संभावित परिणाम के साथ साइट का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों के बारे में अपनी राय बताते हुए एक रिपोर्ट दायर की गई। रिपोर्ट में उन तरीकों के बारे में विस्तार...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 23 को पूर्वव्यापी रूप से लागू करने की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 23 को पूर्वव्यापी रूप से लागू करने की याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 की धारा 23 को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू करने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कुछ ऐसी परिस्थितियां प्रदान की गई हैं, जिनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा संपत्ति का हस्तांतरण शून्य होगा।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की एक खंडपीठ ने चिरंजीत सिंह अहलूवालिया द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रावधान की वैधता को चुनौती दी गई थी कि इसका आवेदन केवल एक वरिष्ठ नागरिक...

अनुच्छेद 226 | लोकपाल के समक्ष मौजूद कार्यवाही में हस्तक्षेप से बचना चाहिए, जब तक कि कुछ स्पष्ट रूप से गलत या कानून के विपरीत न हो: दिल्ली हाईकोर्ट
अनुच्छेद 226 | लोकपाल के समक्ष मौजूद कार्यवाही में हस्तक्षेप से बचना चाहिए, जब तक कि कुछ स्पष्ट रूप से गलत या कानून के विपरीत न हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए भारत के लोकपाल के समक्ष लंबित कार्यवाही में हस्तक्षेप से बचा जाना चाहिए, जब तक कि स्पष्ट रूप से कुछ गलत या कानून के विपरीत न हो।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी निकाय के समक्ष कार्यवाही में हस्तक्षेप करने की बार-बार याचिकाएं लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के उद्देश्य को विफल कर देंगी।यह देखते हुए कि लोकपाल लोक सेवकों के भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों को देखने के लिए संसद द्वारा बनाई गई एक संस्था है, अदालत ने...

माल की तरह बेची गईं नौकरियां: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2016 में भर्ती किए गए 36,000 अप्रशिक्षित प्राइमरी टीचर्स की नियुक्ति रद्द की
माल की तरह "बेची गईं" नौकरियां: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2016 में भर्ती किए गए 36,000 'अप्रशिक्षित' प्राइमरी टीचर्स की नियुक्ति रद्द की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 36,000 "अप्रशिक्षित" प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी। उन्हें 2016 में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने भर्ती किया था।जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल जज बेंच ने कहा,"बोर्ड की ओर से 2016 में आयोजित चयन प्रक्रिया में हुई घोर अवैधता से यह स्पष्ट है कि बोर्ड और इसके अधिकारियों सहित इसके पूर्व अध्यक्ष (जिन्हें बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन के कारण प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तारी किया है) ने पूरे मामले को एक स्थानीय क्लब के मामले की तरह अंजाम...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी के प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान जनहित याचिका शुरू की, असम सरकार से 18 मई तक जवाब मांगा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी के प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान जनहित याचिका शुरू की, असम सरकार से 18 मई तक जवाब मांगा

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने भरालू नदी के प्रदूषण और क्षरण के संबंध में एक स्वत: संज्ञान जनहित याचिका में असम सरकार और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया।सोनाराम हायर सेकेंडरी स्कूल, गुवाहाटी के पूर्व छात्र प्रताप चंद्र दास द्वारा अग्रेषित पत्र के आधार पर उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान जनहित याचिका दर्ज की है।दास ने अपने पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला कि भारालु नदी, जो ब्रह्मपुत्र नदी की एक सहायक नदी है, गंभीर रूप से प्रदूषित हो गई है क्योंकि खतरनाक अपशिष्ट पदार्थों को नदी में फेंक दिया गया है, जो समाज...

मेघालय हाईकोर्ट ने शिलांग में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए राज्य सरकार की पहल की सराहना की
मेघालय हाईकोर्ट ने शिलांग में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए राज्य सरकार की पहल की सराहना की

मेघालय हाईकोर्ट ने सड़क पर कारों की संख्या कम करने के प्रयास में स्कूली बच्चों को ले जाने के लिए बड़ी संख्या में बसें खरीदने की राज्य सरकार की पहल की गुरुवार को सराहना की।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की खंडपीठ ने फिलिप ख्रावबोक शती द्वारा दायर जनहित याचिका में दायर स्थिति रिपोर्ट पर विचार करते हुए कहा, "मामले का सबसे सराहनीय पहलू कम समय में पहल की गई है।"न्यायालय ने पाया कि स्कूल बसें उपलब्ध होने के बावजूद, माता-पिता या अभिभावक सुरक्षा कारणों से अपने निजी वाहनों का उपयोग...

जम्मू-कश्मीर पुलिस नियमावली बिना कारण बताए प्रोबेशनर को डिस्चार्ज करने की अनुमति देती है लेकिन बिना जांच के कोई कलंकित साइटेशन नहीं दिया जा सकता: हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर पुलिस नियमावली बिना कारण बताए प्रोबेशनर को डिस्चार्ज करने की अनुमति देती है लेकिन बिना जांच के कोई कलंकित साइटेशन नहीं दिया जा सकता: हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू एंड कश्मीर पुलिस नियमावली के तहत प्रोबेशन पीरियड व्यक्ति की छुट्टी के लिए कानूनी प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए माना है कि एक व्यक्ति को निर्णय के पीछे के कारणों को निर्दिष्ट किए बिना छुट्टी दी जा सकती है। हालांकि, अगर निर्वहन आदेश में अवलंबी की सेवा में कमियों का हवाला दिया जाता है तो इसे कलंक माना जा सकता है और कानूनी कार्यवाही में नहीं हो सकता।चीफ जस्टिस कोटेश्वर सिंह और जस्टिस वसीम सादिक नरगल की खंडपीठ ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अवलोकन...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका खारिज की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर करने के अपने आदेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"ऐसा नहीं लगता है कि शहरी विकास और नगरपालिका मामलों के विभाग को पुनर्विचार के लिए मांगे गए आदेश से कोई नुकसान हुआ है या हो सकता है। इसके विपरीत, न्यायालय की राय है कि राज्य को अपने विभागों सहित जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जारी जांच जल्द से...