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एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का अनुपालन नहीं हुआ,पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग्स मामले में दोषसिद्धि रद्द की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि चूंकि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) एक्ट में कड़ी सजा के प्रावधान हैं, इसलिए जांच के मानक का भी उन सभी मापदंडों पर खरा उतरा जरूरी है। जस्टिस राजेश भारद्वाज ने ड्रग्स मामले में एक दोषी को बरी करते हुए कहा कि, “इसमें कोई दो राय नहीं है कि एनडीपीएस अधिनियम एक विशेष अधिनियम है और इसमें कड़ी सजा के प्रावधान हैं। इसलिए, जांच के मानक को उन सभी मापदंडों को पूरा करने की भी आवश्यकता है, जो एक निर्दाेष नागरिक को झूठा फंसाने के आरोप को खारिज...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूएपीए मामले में डिफ़ॉल्ट जमानत की मांग वाली याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) अधिनियम की की धारा 13, 18, और 20 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत पुलिस स्टेशन सहाबाद, कुरुक्षेत्र में दर्ज मामले में आरोपी व्यक्ति द्वारा दायर डिफ़ॉल्ट जमानत याचिका खारिज करने के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी। आरोपी ने कथित तौर पर जून 2022 में अंबाला और कुरुक्षेत्र के बीच राजमार्ग पर टिफिन बॉक्स में विस्फोटक उपकरण रखा था।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस कुलदीप तिवारी की खंडपीठ ने कहा कि डिफ़ॉल्ट जमानत...
ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वेक्षण के लिए हिंदू श्रद्धालुओं की याचिका: वाराणसी कोर्ट ने मस्जिद समिति से 19 मई तक जवाब दाखिल करने को कहा
वाराणसी जिला न्यायालय ने अंजुमन इस्लामिया मस्जिद समिति (वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली कमेटी) को सर्वेक्षण की मांग करने वाली 4 हिंदू महिला श्रद्धालुओं द्वारा दायर आवेदन पर अपना जवाब/आपत्ति दर्ज करने के लिए 3 दिन का समय (19 मई तक) दिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का पता लगाने के लिए कि क्या मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर के पहले से मौजूद ढांचे पर किया गया।कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 22 मई को करेगा।संयोग से उसी दिन ज्ञानवापी में मिले कथित...
बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट में पीड़ित बच्चे की उम्र 15-17 साल के बीच होने पर कोर्ट को मार्जिन ऑफ एरर पर निचले पक्ष पर विचार करना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ित की आयु का निर्धारण करने के लिए बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट जहां पीड़ित की आयु 15 से 17 वर्ष के बीच की मानता है, त्रुटि के मार्जिन पर विचार करने के लिए अदालत को निचले पक्ष की ओर झुकना चाहिए। जस्टिस जसमीत सिंह ने माना कि ऐसा दृष्टिकोण पॉक्सो अधिनियम के उद्देश्यों के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा,“… जरनैल सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कानून के साथ संघर्षरत बच्चे और पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिग पीड़ित, दोनों के लिए कम उम्र के पक्ष के लाभ...
न्यायालय के पास प्रादेशिक क्षेत्राधिकार ना हो तो क्षेत्राधिकार हासिल करने के लिए वादपत्र में संशोधन के लिए आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल में एक फैसले में कहा कि जब अदालत में क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र का अभाव होता है, तो वह एक वाद के संशोधन के लिए एक आवेदन पर विचार नहीं कर सकती है, जो संशोधन अदालत में क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र को निहित करेगा।जस्टिस वसीम सादिक नरगल की एकल पीठ ने कहा,"अदालतों को वादपत्र की मौजूदा के रूप में जांच करनी है और इस निष्कर्ष पर पहुंचना है कि क्या यह अदालत को क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार होने का खुलासा करता है या नहीं; न्यायालय में प्रादेशिक क्षेत्राधिकार निहित करने की...
अमित शाह मानहानि टिप्पणी : झारखंड हाईकोर्ट ने मानहानि का मामला रद्द करने की राहुल गांधी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
झारखंड हाईकोर्ट ने अयोग्य सांसद राहुल गांधी की उस याचिका पर मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें रांची की मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 2018 में उनके खिलाफ दायर मानहानि को खारिज करने की मांग की गयी थी।मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद जस्टिस अंबुज नाथ की पीठ ने आज अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।गांधी के खिलाफ भाजपा नेता नवीन झा द्वारा दायर मामला गांधी द्वारा 2018 में दिए गए एक बयान से संबंधित है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर (तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का जिक्र करते हुए) कहा था कि...
हमारे लोकतंत्र के लिए 'लव जिहाद' पर सार्वजनिक चर्चा आवश्यक: कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर 'केरला स्टोरी' पर पश्चिम बंगाल सरकार के प्रतिबंध को चुनौती
कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा फिल्म 'द केरला स्टोरी' के प्रदर्शन पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि फिल्म 'लव जिहाद' और लोकतंत्र जैसे मुद्दे उठाती है। याचिका में कहा गया है कि ऐसे विषय पर सार्वजनिक चर्चा हमारे लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।देवदत्त माजी और सुरमन अली मंडल द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार का 8 मई का आदेश जिसमें पूरे राज्य में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है, प्रथम दृष्टया...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने अत्यधिक देरी का हवाला देते हुए बर्खास्तगी के खिलाफ सीआरपीएफ कांस्टेबल की याचिका खारिज कर दी, अनुशासित बल के लिए उनकी उपयुक्तता पर सवाल उठाया
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक सीआरपीएफ कांस्टेबल की बर्खास्तगी को ये कहते हुए बरकरार रखा है कि उसकी बर्खास्तगी के आदेश को चुनौती देने में छह साल की देरी हुई है। कोर्ट ने अनुशासित बल के लिए उनकी उपयुक्तता पर सवाल उठाया।जस्टिस मोक्ष काज़मी खजुरिया की एकल पीठ ने कहा,"याचिकाकर्ता को 2001 के समाप्ति आदेश को कम से कम इस अदालत द्वारा प्रदान किए जाने के बाद चुनौती देनी थी। लेकिन याचिकाकर्ता इस मामले में सोया रहा, लगभग छह साल तक गहरी नींद में रहा और बिना किसी संख्या, तारीख या रसीद के दस्तावेज के...
चार हिंदू महिला उपासकों ने संपूर्ण ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई सर्वेक्षण के लिए वाराणसी कोर्ट में आवेदन दिया
काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में चार हिंदू महिला उपासकों ने वाराणसी के जिला जज के समक्ष एक आवेदन दायर किया है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने की मांग की गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर के पहले से मौजूद ढांचे पर किया गया था।आवेदन (सीपीसी की धारा 75 (ई) और आदेश 26 नियम 10ए के तहत) पांच हिंदू महिलाओं (वादी) द्वारा दायर एक मुकदमे में दायर किया गया है, जो ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में साल भर...
बिजली 'लक्जरी' नहीं: मेघालय हाईकोर्ट ने बार-बार बिजली कटौती की आलोचना की, कहा- पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य
मेघालय हाईकोर्ट ने हाल ही में मांग और आपूर्ति में असंतुलन के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती के लिए राज्य और उसके बिजली नियामक निकाय, मेघालय ऊर्जा निगम लिमिटेड (एमईईसीएल) की आलोचना की।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की खंडपीठ ने इस संबंध में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"बिजली अब कोई विलासिता नहीं है। यह सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है कि मांग के अनुसार बिजली की पर्याप्त उपलब्धता हो और भविष्य की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए योजनाएं हों।"खंडपीठ ने...
[भूमि अधिग्रहण] छोटे भूखंडों के बाजार मूल्य का संदर्भ हमेशा विश्वसनीय नहीं होता, लेकिन अन्य सामग्री के अभाव में संदर्भित किया जा सकता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित भूमि के एक बड़े टुकड़े के बाजार मूल्य का निर्धारण करने के लिए केवल उस दर पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं हो सकता है, जिस पर उसके आस-पास की भूमि के छोटे पार्सल बेचे जाते हैं।हालांकि, अदालत ने दोहराया कि यह पूर्ण नियम नहीं हो सकता, क्योंकि ऐसे मामलों में जहां कोई अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं है, अदालत उचित बाजार मूल्य पर पहुंचने के लिए भूमि के छोटे भूखंडों के लिए भुगतान की गई कीमतों की तुलना कर सकती है और इस दृष्टिकोण को...
बांझ दंपतियों को सरोगेसी का विकल्प चुनने से बाहर रखा गया: बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर डोनर गैमेट्स के उपयोग पर रोक लगाने वाली अधिसूचना को चुनौती दी गई
बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष रिट याचिका में सरोगेसी (विनियमन) नियम, 2022 के तहत सरोगेट मां की सहमति फॉर्म में संशोधन को चुनौती दी गई, जो जोड़ों को डोनर गैमेट्स का उपयोग करके सरोगेसी का लाभ उठाने से रोकता है।याचिका के अनुसार, प्रजनन संबंधी जटिलताओं का सामना करने वाले पुरुष और महिलाएं कभी भी सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते, क्योंकि संशोधन द्वारा दाता जोड़े वर्जित है। याचिका में कहा गया कि न तो सरोगेसी एक्ट, 2021 और न ही 2022 के नियम सरोगेसी के लिए डोनर गैमेट्स के इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं।याचिका में...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का कथित सैनिटरी नैपकिन आपूर्ति घोटाले में नारनौल रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रेडक्रॉस, नारनौल के सचिव और उनकी बेटी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को खारिज करने से इनकार कर दिया। यह कहा जाता है कि सचिव ने अपनी बेटी के पक्ष में कॉलेजों को सैनिटरी नैपकिन आपूर्ति आदेश प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल की पीठ ने कहा,"मामले के तथ्यों और परिस्थितियों की समग्रता के संबंध में यह न्यायालय पाता है कि याचिकाकर्ता नंबर 2 की बेटी के स्वामित्व वाली फर्म को आदेश देने की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं, जो जाहिर तौर पर...
लोक सेवक से ऑन-स्पॉट रिकवरी के बाद दर्ज एफआईआर के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत पूर्व स्वीकृति की जरूरत नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट एक फैसले में कहा है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए किसी लोक सेवक के खिलाफ किसी भी जांच या अन्वेषण के लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता को अनिवार्य करती है, जहां कथित अपराध एक आधिकारिक "निर्णय" से संबंधित है।जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ ने कहा,रिश्वत लेकर निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन में शक्तियों के अवैध, अनुचित प्रयोग के सामान्य आरोपों की एक सार्वजनिक स्रोत रिपोर्ट के आधार पर जांच और ऑन-स्पॉट रिकवरी के बाद दर्ज की गई एफआईआर के लिए धारा 17ए के तहत पूर्व...
मानहानि का मामला - 'अमित शाह अब आरोपी नहीं, उनके खिलाफ राहुल गांधी का बयान झूठा': शिकायतकर्ता ने झारखंड हाईकोर्ट में कहा
झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष भाजपा और इसके तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह को कथित रूप से बदनाम करने के लिए कांग्रेस नेता और अयोग्य सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में शिकायतकर्ता ने पिछले हफ्ते इस मामले में एक जवाबी हलफनामा दायर किया।अपने जवाबी हलफनामे में शिकायतकर्ता-नवीन झा ने कहा है कि मार्च 2018 में जब गांधी ने बयान दिया था तब शाह को हत्या के मामले में सत्र अदालत द्वारा पहले ही आरोपमुक्त कर दिया गया था और चूंकि, वह अब आरोपी नहीं थे, इसलिए गांधी का बयान झूठा और फर्जी था।झा द्वारा...
कंप्यूटर इनपुट में गलती के कारण केंद्र ने सिपाही को दी गई अतिरिक्त पेंशन की वसूली का आदेश दिया, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कार्रवाई को बताया अवैध
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 80 वर्षीय सेवानिवृत्त सिपाही को "गलती से" भुगतान की गई अतिरिक्त पेंशन को वसूलने से केंद्र को रोक दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेंशन से कुछ राशि की 3500 प्रति माह की किस्तों में वसूली न केवल अवैध और विकृत है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित कानून का भी उल्लंघन है। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी की खंडपीठ ने कहा कि अदालत की ओर से पारित अंतरिम आदेश से पहले याचिकाकर्ता से वसूली की गई राशि को तीन महीने की अवधि के भीतर 6% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित वापस किया...
व्यभिचार के आरोप के बाद डीएनए टेस्ट से इनकार व्यभिचार संबंध के निष्कर्ष के रूप में नहीं हो सकता, क्योंकि निर्णायक सबूत अनुपस्थित है: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि व्यभिचार के आरोप के बाद डीएनए टेस्ट से इनकार का उपयोग इस हद तक निष्कर्ष निकालने के लिए नहीं किया जा सकता कि जिस व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाया गया वह "किसी के साथ व्यभिचारी संबंध में है, क्योंकि अभी तक डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हुई है।"जस्टिस डॉ. अंशुमन ने कहा कि प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए लेकिन "यह प्रतिकूल निष्कर्ष केवल उस सीमा तक निकाला जाएगा कि विरोधी पक्ष नंबर 1 को कोई लाभ नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन उस हद तक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है...
धारा 138, एनआई एक्ट| 'यदि चेक राशि के साथ अन्य राशि अलग से इंगित की गई है तो भी नोटिस अमान्य नहीं ': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि यदि एक डिमांड नोटिस पर चेक राशि के साथ अन्य राशियों का उल्लेख एक अलग हिस्से में विस्तार से किया गया है, तो उक्त नोटिस को एनआई एक्ट, 1881 की धारा 138 (बी) की कानूनी शर्तों में गलत नहीं ठहराया जा सकता है।1881 अधिनियम की धारा 138 (बी) के अनुसार, चेक के अनादरण पर आदाता या धारक को नियत समय पर चेक आहर्ता को, बैंक से उसकी ओर से दिए गए चेक को भुगतान न होने पर उसकी वापसी की सूचना प्राप्त होने पर,तीस दिन के भीतर लिखित रूप में नोटिस देकर उक्त राशि के भुगतान की मांग करनी...
सिविल सेवक का पद विशेषाधिकार का पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए है: हाईकोर्ट
"एक सिविल सेवक का पद विशेषाधिकार का पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए है।"ये बात पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कही। दरअसल कोर्ट पंजाब सरकार के एक आदेश को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा,“कुछ भाग्यशाली लोगों को ही एक कर्मचारी के रूप में राज्य की सेवा करने का अवसर मिलता है। इनमें से कुछ को ही जनता की सेवा करने का विशेषाधिकार मिलता है। सरकारी अधिकारियों और सिविल सेवकों से लोगों की शिकायतों को दूर करने की अपेक्षा की जाती है। क्योंकि इनके पास...
'मोदी चोर' टिप्पणी मानहानि केस - पटना हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई 4 जुलाई तक स्थगित की, अंतरिम राहत जारी रहेगी
पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी की 'मोदी-चोर' टिप्पणी को लेकर पटना कोर्ट में राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले को खारिज करने की याचिका पर सुनवाई 4 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।हाईकोर्ट द्वारा 24 अप्रैल को दी गई कार्यवाही पर रोक की अंतरिम राहत सुनवाई की अगली तारीख तक जारी रहेगी।उल्लेखनीय है कि पटना कोर्ट वर्तमान में सुशील मोदी (सीनियर एडवोकेट और भारत के पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय के माध्यम से) द्वारा दायर गांधी की 2019 में एक...











![[भूमि अधिग्रहण] छोटे भूखंडों के बाजार मूल्य का संदर्भ हमेशा विश्वसनीय नहीं होता, लेकिन अन्य सामग्री के अभाव में संदर्भित किया जा सकता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट [भूमि अधिग्रहण] छोटे भूखंडों के बाजार मूल्य का संदर्भ हमेशा विश्वसनीय नहीं होता, लेकिन अन्य सामग्री के अभाव में संदर्भित किया जा सकता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट](/images/placeholder.jpg)




