मुख्य सुर्खियां
पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग लेकर हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्लीहाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।इस मामले की सुनवाई कल यानी गुरुवार को जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा करेंगे।यह केस जॉन डूज़ (अनजान एंटिटीज़) समेत कई डिफेंडेंट के खिलाफ फाइल किया गया।एक्टर अपनी पर्सनैलिटी, जिसमें उनकी इमेज, आवाज़ और दूसरी खूबियां शामिल हैं, उनका उनकी सहमति या इजाज़त के बिना कमर्शियल इस्तेमाल किए जाने से दुखी हैं।08 दिसंबर को एक्टर नंदमुरी तारक रामा राव, जिन्हें NTR जूनियर के नाम से जाना जाता है, ने भी इसी तरह...
सिर्फ़ आर्य समाज सर्टिफ़िकेट ही सही शादी का सबूत नहीं: मध्य प्रदेशहाई कोर्ट ने सप्तपदी न होने पर शादी को अमान्य ठहराया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फ़ैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक महिला को किसी पुरुष की कानूनी तौर पर शादीशुदा पत्नी घोषित किया गया था। कोर्ट ने कहा कि अगर पवित्र अग्नि, फेरे या सप्तपदी जैसी ज़रूरी रस्में नहीं की गईं तो हिंदू मैरिज एक्ट के तहत शादी को मान्यता नहीं दी जा सकती।ऐसा करते हुए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हिरदेश की डिवीज़न बेंच ने कहा कि फ़ैमिली कोर्ट ने आर्य समाज सर्टिफ़िकेट और रजिस्टर एंट्री को सही शादी होने का पक्का सबूत मानकर गलती की।इसने आगे कहा कि हिंदू धर्म में शादी एक रस्म...
मराठी भाषा विवाद | हाईकोर्ट ने वकील पर हमला करने के आरोप में पूर्व MNS नेता के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के तत्कालीन नेता अखिल चित्रे के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। अखिल चित्रे पर दिसंबर 2020 में एक वकील पर कथित तौर पर हमला करने का आरोप था। अखिल चित्रे ने पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ आदेश हासिल किए, जो तब Amazon से अपने रोज़ाना के संचार में मराठी भाषा का इस्तेमाल करने की मांग कर रहे थे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले की डिवीजन बेंच ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से चित्रे के खिलाफ 'पहली नज़र में'...
हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के धारा 498A में बदलाव करके इसे कंपाउंडेबल बनाने का प्रस्ताव वापस लेने पर उठाया सवाल
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को सवाल किया कि महाराष्ट्र सरकार इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 498A में प्रस्तावित बदलाव को कैसे वापस ले सकती है, जिसे 2018 में राज्य विधानसभा ने पास करके इसे कंपाउंडेबल अपराध बनाने की सिफारिश की थी।जस्टिस मनीष पिटाले और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की डिवीजन बेंच को बताया गया कि राज्य विधानसभा ने 2018 में IPC की धारा 498A में बदलाव का प्रस्ताव दिया, जिससे यह कंपाउंडेबल अपराध बन गया। हालांकि, हाल ही में राज्य सरकार ने वह प्रस्ताव वापस ले लिया।वह प्रस्ताव केंद्र सरकार के...
Aircel-Maxis Case | प्रॉपर्टीज़ की प्रोविजनल अटैचमेंट के खिलाफ कार्ति चिदंबरम की याचिका पर ED को नोटिस जारी
मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार (9 दिसंबर) को कार्ति पी चिदंबरम की याचिका पर ED को नोटिस जारी किया। कार्ति ने SAFEMA, FEMA, PMLA, NDPS, PBPT ACT के अपीलेट ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें एयरसेल-मैक्सिस केस के संबंध में प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के खिलाफ उनकी अपील खारिज कर दी गई।चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने डायरेक्टरेट ऑफ़ एनफोर्समेंट के जॉइंट डायरेक्टर को नोटिस जारी किया, जिसका जवाब 3 हफ्ते में देना है।बता दें, कार्ति चिदंबरम ने अपीलेट ट्रिब्यूनल के...
बहन की शादी में शामिल होने के लिए उमर ख़ालिद ने मांगी अंतरिम जमानत
JNU के पूर्व स्कॉलर और एक्टिविस्ट उमर खालिद ने 2020 के नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों से जुड़ी बड़ी साज़िश का आरोप लगाते हुए UAPA केस के संबंध में अंतरिम ज़मानत के लिए दिल्ली कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।खालिद ने अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम ज़मानत मांगी।इस मामले की सुनवाई कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी 11 दिसंबर को करेंगे।पिछले साल दिसंबर में जज ने खालिद को परिवार में एक शादी में शामिल होने के लिए 7 दिनों की अंतरिम ज़मानत दी थी।इससे पहले, 2022 में उन्हें अपनी बहन की शादी...
सोनिया गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी, नागरिकता लेने से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने का है मामला
दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार (9 दिसंबर) को याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ FIR करने से मना करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई। सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिकता लेने से तीन साल पहले, कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 1980 के वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाया था।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।विकास त्रिपाठी ने गांधी के खिलाफ क्रिमिनल कार्रवाई की मांग करते हुए...
CJI पर जूता फेंकने वाले अधिवक्ता राकेश किशोर पर कड़कड़डूमा कोर्ट में चप्पल से हमला करने की कोशिश
दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में मंगलवार को अधिवक्ता राकेश किशोर पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने चप्पलों से हमला करने की कोशिश की।घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ लोग राकेश किशोर की ओर चप्पलें लेकर बढ़ते हैं और उन्हें मारने की कोशिश करते हैं। इस दौरान अन्य लोग बीच-बचाव करते नज़र आते हैं। वीडियो में राकेश किशोर खुद को बचाते हुए “सनातन धर्म की जय हो” चिल्लाते हुए भी दिखाई देते हैं।गौरतलब है कि एडवोकेट राकेश किशोर ने इससे पहले भारत के पूर्व चीफ...
ज़ी एंटरटेनमेंट बनाम शेयरचैट-मोज मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्षेत्राधिकार मान्य किया, वाद लौटाने से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़ी एंटरटेनमेंट द्वारा शेयरचैट और मोज प्लेटफॉर्म के खिलाफ दायर कॉपीराइट उल्लंघन वाद को लौटाने से इंकार कर दिया। अदालत ने माना है कि इस मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के पास क्षेत्रीय अधिकारिता मौजूद है।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने मोहल्ला टेक प्राइवेट लिमिटेड (शेयरचैट एवं मोज की स्वामी संस्था) की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें कथित क्षेत्राधिकार के अभाव का हवाला देते हुए वादपत्र लौटाने का अनुरोध किया गया।यह वाद सोशल नेटवर्किंग मंच शेयरचैट और शॉर्ट-वीडियो मंच मोज के...
बालिग अविवाहित बेटी CrPC की धारा 125 के तहत पिता से भरण-पोषण मांग सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग अविवाहित बेटी CrPC की धारा 125 के तहत पिता से मेंटेनेंस मांगने के लिए मां के साथ जॉइंट एप्लीकेशन फाइल कर सकती है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि एक बालिग हिंदू बेटी हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 की धारा 20 के तहत अपने पिता से मेंटेनेंस पाने की हकदार है, जब तक वह अविवाहित है और अपनी कमाई और प्रॉपर्टी से अपना मेंटेनेंस नहीं कर सकती।जज ने एक पिता की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। फैमिली कोर्ट ने अपने इस आदेश में बेटी...
पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षा की मांग लेकर हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर NTR जूनियर
NTR जूनियर के नाम से मशहूर एक्टर नंदमुरी तारक रामाराव ने सोमवार को अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।इस मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने की।कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को एक्टर के केस को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के तहत शिकायत मानने का निर्देश दिया।जज ने प्लेटफॉर्म्स को तीन दिनों के अंदर शिकायत पर ज़रूरी कदम उठाने का आदेश दिया।यह सीनियर...
स्टेट फंडिंग से फ्री और फेयर चुनाव होंगे: जस्टिस ओक ने जस्टिस तारकुंडे के सुझावों को याद किया
बॉम्बे हाईकोर्ट के जाने-माने जज-जस्टिस वीएम तारकुंडे के विज़न की तारीफ़ करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओक ने हाल ही में जस्टिस तारकुंडे की 1975 में की गई कुछ "भूली हुई" सिफारिशों पर रोशनी डाली, जिनमें ज़मीनी लेवल पर वोटर्स काउंसिल और चुनावों की स्टेट फंडिंग से जुड़ी सिफारिशें भी शामिल हैं।जस्टिस ओक ने याद दिलाया कि 1974 में जयप्रकाश नारायण (सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी की ओर से) ने जस्टिस तारकुंडे को एक कमेटी (सिटिज़न्स कमीशन ऑन इलेक्शन्स) का हेड बनाया था, जिसने एक रिपोर्ट दी थी,...
BREAKING | एक्ट्रेस रेप और किडनैपिंग मामले में एक्टर दिलीप को कोर्ट ने किया बरी, अन्य छह को ठहराया दोषी
एर्नाकुलम की प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस कोर्ट ने सोमवार (8 दिसंबर) को मशहूर मलयालम एक्टर दिलीप को 2017 के एक्ट्रेस रेप और किडनैपिंग केस में बरी कर दिया।जज हनी एम. वर्गीस ने ओपन कोर्ट में फैसला सुनाया, जिससे 8 साल से चल रहे ट्रायल का अंत हो गया।इसके साथ ही जज ने पल्सर सुनी (A1), मार्टिंग एंटनी (A2), बी मणिकंदन (A3), वीपी विजीश (A4), एच सलीम (A5), सी प्रदीप (A 6) को रेप, साज़िश, किडनैपिंग और दूसरे अपराधों का दोषी पाया। उन्हें इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 120B, 340, 354, 366, 354B और 376D के...
सीजेआई सूर्यकांत ने हरियाणा जेल के कैदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट और पॉलिटेक्निक कोर्स का उद्घाटन किया
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत ने 6 दिसंबर को हरियाणा की अलग-अलग जेलों में कैदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स और ITI-लेवल के वोकेशनल प्रोग्राम का उद्घाटन किया। ये पहल “सलाखों के पीछे लोगों की ज़िंदगी को मज़बूत बनाना, असली बदलाव: सुधार न्याय का नया तरीका” प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गईं।इन प्रोग्राम का मकसद स्ट्रक्चर्ड एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के ज़रिए सुधार के माहौल को नया आकार देना है, जिन्हें गुरुग्राम के भोंडसी में ज़िला जेल में औपचारिक रूप से शुरू किया...
इंडिगो संकट: ग्राउंड सपोर्ट, रिफंड के लिए दायर याचिका पर 10 दिसंबर को होगी सुनवाई
इंडिगो फ्लाइट संकट से प्रभावित यात्रियों को ग्राउंड सपोर्ट और रिफंड देने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई।एक वकील ने सोमवार को चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की डिवीजन बेंच के सामने यह मामला उठाया।वकील ने कहा कि एयरपोर्ट पर हालात खराब हैं और यात्रियों को कोई रिफंड नहीं मिला।उन्होंने कहा कि याचिका में इंडिगो को यात्रियों को ग्राउंड सपोर्ट और रिफंड देने के लिए सही आदेश देने की मांग की गई।कोर्ट ने मामले को बुधवार को लिस्ट करने पर...
त्योहारों और धार्मिक कामों के दौरान पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना धर्म की आज़ादी के अधिकार से सुरक्षित नहीं: जस्टिस ओक
भारत में त्योहारों के दौरान धार्मिक समारोहों के पर्यावरण पर पड़ने वाले असर पर बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओक ने हाल ही में कहा कि धर्म के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले काम को संविधान के आर्टिकल 25 के तहत सुरक्षा नहीं मिलेगी।पूर्व जज ने कहा,"तथाकथित धार्मिक समारोह करते समय हम अपनी नदियों, समुद्रों और झीलों को नुकसान पहुंचाते हैं और पानी को गंदा करते हैं। आर्टिकल 25 पूजा करने और ज़रूरी धार्मिक समारोह करने के अधिकार की रक्षा करता है, क्योंकि यह पार्ट III के दूसरे...
हाईकोर्ट ने ट्रैफिक कमेटी से दिल्ली में ट्रैफिक लाइट के 24x7 ऑपरेशन के लिए रिप्रेजेंटेशन पर विचार करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर की ट्रैफिक कमेटी से कहा कि वह देर रात डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों की बढ़ती संख्या और सिग्नल के ब्लिंकर मोड पर होने से होने वाली सड़क सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पूरी दिल्ली में, खासकर छोटी कॉलोनियों में, ट्रैफिक लाइट के 24X7 ऑपरेशन के लिए एक रिप्रेजेंटेशन पर विचार करे।इस तरह चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की डिवीजन बेंच ने PIL का निपटारा किया, जिसमें याचिकाकर्ता को उस कमेटी के सामने पूरी रिप्रेजेंटेशन देने की इजाज़त दी गई, जिसमें वे सभी...
भारत के नए श्रम कानूनी ढाँचे का एक समीक्षात्मक विश्लेषण
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए श्रम सदैव ही एक केंद्रीय आधार रहा है। यह वह शक्ति है जो उद्योगों को चलाती है, सेवाओं को सुचारू करती है और देश के विकास पथ को गति प्रदान करती है। स्वतंत्रता के बाद से विकसित हुए लगभग 44 केंद्रीय और 100 से अधिक राज्य श्रम कानूनों का जाल अत्यधिक जटिल, अव्यवस्थित और समकालीन आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रह गया था। इसी पृष्ठभूमि में, दर्जनों पुराने कानूनों को समेकित करके चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) का निर्माण एक ऐतिहासिक और साहसिक प्रयास है। जहाँ सरकार इसे 'श्रम...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (01 दिसंबर, 2025 से 05 दिसंबर, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मजिस्ट्रेट इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को कस्टोडियल टॉर्चर के आरोपों की जांच करने का निर्देश नहीं दे सकते: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्टजम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने माना कि इकोनॉमिक ऑफेंस विंग, श्रीनगर के पास लागू नोटिफिकेशन के तहत कस्टोडियल टॉर्चर और हत्या से जुड़े आरोपों की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है।...
बच्चे का हाथ पकड़ना और सेक्सुअल फेवर के लिए पैसे देना POCSO Act के तहत 'सेक्सुअल असॉल्ट' माना जाएगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) ने माना कि नाबालिग लड़की का हाथ पकड़ना, जब सेक्सुअल फेवर के बदले पैसे देने की पेशकश की जाती है, तो यह POCSO Act की धारा 7 के तहत 'सेक्सुअल असॉल्ट' की परिभाषा में आता है, जो धारा 8 के तहत सज़ा के लायक है।इस तरह जस्टिस निवेदिता पी मेहता की बेंच ने 25 साल के आदमी की अपील खारिज कr और उसकी सज़ा को सही ठहराया और जुर्म की गंभीरता को देखते हुए उसे प्रोबेशन का फ़ायदा देने से भी मना कर दिया।संक्षेप में मामलादोषी-अपील करने वाले ने हाईकोर्ट में एडिशनल सेशन जज-2, यवतमाल के 2019...




















