मुख्य सुर्खियां

Section 166 MV Act | दोषी वाहन के ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से दावा दोषपूर्ण और सुनवाई योग्य नहीं रहता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
Section 166 MV Act | दोषी वाहन के ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से दावा दोषपूर्ण और सुनवाई योग्य नहीं रहता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि दोषी वाहन के ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से मोटर दुर्घटना दावा याचिका दोषपूर्ण और सुनवाई योग्य नहीं रह जाती है।जस्टिस हिरदेश की बेंच ने यह टिप्पणी की:"...मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत दायर दावा याचिका में दोषी वाहन का ड्राइवर आवश्यक पक्षकार होता है। ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से दावा याचिका दोषपूर्ण हो जाती है और सुनवाई योग्य नहीं रहती।"राज्य सरकार ने ग्वालियर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accidents Claims Tribunal) द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती...

शक सबूत की जगह नहीं ले सकता: पटना हाईकोर्ट ने आरा कोर्ट धमाका मामले में आरोपियों को बरी किया, मौत की सज़ा रद्द की
'शक सबूत की जगह नहीं ले सकता': पटना हाईकोर्ट ने आरा कोर्ट धमाका मामले में आरोपियों को बरी किया, मौत की सज़ा रद्द की

176 पन्नों के फ़ैसले में पटना हाई कोर्ट ने आरा सिविल कोर्ट बम धमाका मामले में कई आरोपियों की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) परिस्थितियों की कड़ी को बिना किसी उचित संदेह के साबित करने में नाकाम रहा। साथ ही यह दोहराया कि "शक, चाहे कितना भी मज़बूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता।"चीफ़ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की डिवीज़न बेंच भोजपुर, आरा के एडिशनल सेशंस जज द्वारा चलाए गए मुक़दमे से जुड़े आपराधिक अपीलों के साथ-साथ CrPC की धारा 366 (BNSS की धारा...

लिव-इन संबंध पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी—विवाहित पुरुष और वयस्क महिला साथ रहें तो अपराध नहीं
लिव-इन संबंध पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी—विवाहित पुरुष और वयस्क महिला साथ रहें तो अपराध नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि कोई विवाहित पुरुष किसी वयस्क महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन संबंध में रहता है, तो यह किसी भी प्रकार का अपराध नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून और नैतिकता को अलग-अलग रखा जाना चाहिए और सामाजिक धारणा अदालत के फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकती।जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस करून सक्सेना की खंडपीठ यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कर रही थी, जिसमें एक लिव-इन कपल ने महिला के परिवार से मिल रही धमकियों के खिलाफ सुरक्षा की...

LPG संकट पर वीडियो डालने पर शिक्षक के निलंबन पर रोक, एमपी हाईकोर्ट ने कहा- बिना सोच-समझ के लिया गया फैसला
LPG संकट पर वीडियो डालने पर शिक्षक के निलंबन पर रोक, एमपी हाईकोर्ट ने कहा- बिना सोच-समझ के लिया गया फैसला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी प्राथमिक शिक्षक के निलंबन पर रोक लगाते हुए कहा कि यह आदेश बिना उचित विचार किए और जल्दबाजी में पारित किया गया प्रतीत होता है।जस्टिस आशीष श्रोति की पीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को निर्देश दिया कि वह पूरे मामले पर नए सिरे से विचार करें और तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।मामला उस शिक्षक से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने 13 मार्च, 2026 को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एलपीजी गैस की कमी पर चर्चा की गई। प्रशासन का आरोप था कि इस वीडियो से समाज में अशांति फैल...

एक्टर मोहनलाल के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा पर दिल्ली हाईकोर्ट देगा अंतरिम आदेश
एक्टर मोहनलाल के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा पर दिल्ली हाईकोर्ट देगा अंतरिम आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने मलयालम अभिनेता मोहनलाल के पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करने का संकेत दिया।जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान एक्टर की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने नए प्रतिवादियों को मुकदमे में पक्षकार बनाने की मांग की थी।अदालत ने एक्टर मोहनलाल को निर्देश दिया कि वे कथित रूप से उल्लंघन करने वाले लिंक की सूची प्रतिवादियों के साथ साझा करें ताकि मामले पर आगे विचार किया जा सके।गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में अदालत ने एक्टर को अपनी अंतरिम अर्जी वापस लेने की...

किसी एक धर्म को एकमात्र सच्चा धर्म बताना गलत, इससे दूसरे धर्मों का अपमान होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC की धारा 295A के तहत दर्ज केस रद्द करने से इनकार किया
किसी एक धर्म को 'एकमात्र सच्चा धर्म' बताना गलत, इससे दूसरे धर्मों का अपमान होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC की धारा 295A के तहत दर्ज केस रद्द करने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी भी व्यक्ति के लिए यह दावा करना 'गलत' है कि कोई विशेष धर्म ही "एकमात्र सच्चा धर्म" है, क्योंकि ऐसा करने का मतलब है कि वह दूसरे धर्मों का 'अपमान' कर रहा है, और पहली नज़र में इस पर IPC की धारा 295A लागू होती है।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की बेंच ने यह टिप्पणी रेवरेंड फादर विनीत विंसेंट परेरा द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए की। परेरा पर IPC की धारा 295A [जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक...

MUDA जमीन घोटाला: सीएम सिद्धारमैया को राहत देने वाली बी रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
MUDA जमीन घोटाला: सीएम सिद्धारमैया को राहत देने वाली बी रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) जमीन घोटाले से जुड़े मामले में बड़ा कदम उठाते हुए बी रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) स्वीकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस एस सुनील दत्त यादव की एकल पीठ ने इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी बीएम पार्वती, रिश्तेदार मल्लिकार्जुन स्वामी, भूमि मालिक देवराजु, प्रवर्तन निदेशालय और लोकायुक्त पुलिस को नोटिस जारी किया।यह याचिका स्नेहमयी कृष्णा द्वारा दायर की गई, जिसमें 28 जनवरी को ट्रायल कोर्ट...

बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण प्रॉपर्टी डील्स में समय-सीमा का पालन ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पेसिफिक परफॉर्मेंस का आदेश देने से इनकार किया
बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण प्रॉपर्टी डील्स में समय-सीमा का पालन ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट ने 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' का आदेश देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिक्री के एक कथित समझौते के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (समझौते को लागू करने) का आदेश देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की कि प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के कारण प्रॉपर्टी के लेन-देन में समय-सीमा का पालन करना बहुत ज़रूरी हो जाता है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"दिल्ली जैसे बड़े शहरों में, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार और काफ़ी तेज़ी से बढ़ती रहती हैं, प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन की व्यावसायिक सच्चाई यह है कि समझौते की शर्तों को पूरा करने में समय की...

संसद ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन विधेयक पारित किया, जेंडर के स्वयं-निर्धारण का अधिकार हटाना उद्देश्य
संसद ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन विधेयक पारित किया, जेंडर के स्वयं-निर्धारण का अधिकार हटाना उद्देश्य

संसद ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया।राज्यसभा ने बुधवार को इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया; लोकसभा ने इसे मंगलवार को ही मंजूरी दे दी थी। DMK सांसद तिरुचि शिवा द्वारा विधेयक को एक प्रवर समिति (select committee) के पास भेजने के लिए पेश किया गया प्रस्ताव खारिज किया गया।इस विधेयक में प्रस्तावित विवादास्पद संशोधन यह है कि यह जेंडर के स्वयं-निर्धारण के अधिकार को छीन लेता है। यह विधेयक "स्वयं-अनुभूत लिंग पहचान" वाले व्यक्तियों को "ट्रांसजेंडर व्यक्ति"...

POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत
POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज प्रयागराज POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अग्रिम जमानत दे दी है।इससे पहले 27 फरवरी को जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था और निर्देश दिया था कि अंतिम फैसला होने तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य की गिरफ्तारी न की जाए।गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि प्रयागराज में आयोजित हालिया माघ मेला के दौरान...

गौतम गंभीर के पर्सनेलिटी राइट्स की रक्षा करेगा हाईकोर्ट, आपत्तिजनक सामग्री हटाने के संकेत
गौतम गंभीर के पर्सनेलिटी राइट्स की रक्षा करेगा हाईकोर्ट, आपत्तिजनक सामग्री हटाने के संकेत

दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान संकेत दिए कि अदालत मेटा, गूगल और अमेज़न से जुड़े विक्रेताओं को कथित उल्लंघनकारी सामग्री हटाने का निर्देश दे सकती है।अदालत ने कहा कि वह इन मंचों को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के साथ-साथ अपलोड करने वालों की बुनियादी जानकारी (BCI) और आईपी लॉगिन विवरण उपलब्ध कराने का भी निर्देश देगी।सुनवाई के दौरान गंभीर की ओर से पेश...

संभल हिंसा मामला: पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR के आदेश पर हाईकोर्ट 21 अप्रैल तक बढ़ाई रोक
संभल हिंसा मामला: पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR के आदेश पर हाईकोर्ट 21 अप्रैल तक बढ़ाई रोक

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने नवंबर 2024 के संभल हिंसा मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश पर लगी अंतरिम रोक को 21 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने यह आदेश पूर्व संभल क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार चौधरी और तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। दोनों अधिकारियों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया।अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा। साथ ही...

1984 कानपुर दंगों पर हाइकोर्ट सख्त: नरसंहार बताकर केस रद्द करने से किया इनकार
1984 कानपुर दंगों पर हाइकोर्ट सख्त: नरसंहार बताकर केस रद्द करने से किया इनकार

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 1984 के कानपुर सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला देते हुए आरोपियों की याचिकाएं खारिज की। साथ ही आपराधिक कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया। अदालत ने इन घटनाओं को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया।जस्टिस अनिश कुमार गुप्ता की पीठ ने 9 आरोपियों द्वारा दायर 7 याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि केवल देरी या मूल रिकॉर्ड के अभाव के आधार पर मुकदमा समाप्त नहीं किया जा सकता।अदालत ने कहा,“यह घटनाएं देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय...

बार निकायों में 30% महिला प्रतिनिधित्व आदेश का पालन न करने के कारण रीवा जिला बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक
बार निकायों में 30% महिला प्रतिनिधित्व आदेश का पालन न करने के कारण रीवा जिला बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (25 मार्च) को अंतरिम आदेश में रीवा जिला बार एसोसिएशन को अगले आदेश तक चुनाव कराने से रोक दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के जनवरी के उस फैसले का पालन न करने का हवाला दिया, जिसमें बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति में 30% महिलाओं के लिए आरक्षण अनिवार्य किया गया।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्देश दिया:"उक्त चुनाव के लिए मतदान 25/3/2026 को होना निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी अनिवार्य निर्देशों को ध्यान में रखते हुए - यह सुनिश्चित करने...