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'पीड़िता ने आपराधिक मामले में आरोपी को फंसाने का प्रयास किया': उड़ीसा हाईकोर्ट ने शादी के झूठे वादे का आरोप लगाते हुए दर्ज बलात्कार के मामले को रद्द किया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ लंबित एक आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है, जिस पर शादी का झूठा वादा करके एक महिला से बलात्कार करने का आरोप था। आरोपी को राहत देते हुए जस्टिस शशिकांत मिश्रा की सिंगल जज बेंच का विचार था कि पीड़ित ने आरोपी पर दबाव बनाने के लिए उस पर झूठा मामला थोपने की कोशिश की और कहा,"...अगर मामले के तथ्यों और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्रियों को निष्पक्ष रूप से देखा जाए तो यह पीड़ित द्वारा आरोपी को वैवाहिक संबंध में मजबूर करने के लिए एक आपराधिक मामले में उलझाने के स्पष्ट प्रयास...
सिविल सर्विस एग्जामिनेशन 2023: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रारंभिक प्रिलिम्स आंसर की प्रकाशित करने की मांग वाली याचिका की सुनवाई योग्यता पर फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सिविल सर्विस एग्जामिनेशन 2023 की प्रिलिम्स आंसर की के अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही प्रकाशित करने के संघ लोक सेवा निर्णय (यूपीएससी) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई योग्यता पर फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने विभिन्न सिविल सर्विस अभ्यार्थियों द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा,"मैं याचिका की सुनवाई योग्यता पर फैसला सुनाऊंगा।"अदालत ने उम्मीदवारों के वकील की दलील को भी दर्ज किया कि याचिका में अन्य दो प्रार्थनाएं, यानी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका, ASI सर्वेक्षण को प्रभावित किए बिना पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को सील करने, गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग
इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार को पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर (वाराणसी न्यायालय के एएसआई सर्वेक्षण आदेश को प्रभावित किए बिना) को सील करने का निर्देश देने की मांग की गई है ताकि गैर-हिंदुओं/गैर-सनातनी द्वारा परिसर के अंदर मौजूद हिंदू चिह्न/प्रतीकों को नुकसान ना किया जा सके।" जनहित याचिका विश्व वैदिक सनातन संघ (वीवीएसएस) के प्रमुख, जितेंद्र सिंह विसेन, राखी सिंह (वाराणसी न्यायालय के समक्ष लंबित 2022 के ज्ञानवापी पूजा मुकदमे में वादी...
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर लिंचिंग मामले में आरोपी व्यक्ति की प्रिवेंटिव डिटेंशन को बरकरार रखा
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बुधवार को एक ऐसे व्यक्ति की प्रिवेंटिव डिंटेशन को बरकरार रखा, जो 2017 में श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में हुए डीएसपी लिंचिंग मामले का मुख्य आरोपी भी है।यह घटना 22 और 23 जून 2017 की मध्यरात्रि की है जब श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में जामिया मस्जिद के बाहर भीड़ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा के एक पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। अधिकारी को शब-ए-कद्र की पूर्व संध्या पर एक बड़ी सभा के दौरान सुरक्षा कर्मियों की निगरानी के लिए मस्जिद में तैनात किया...
ठेकेदार के कर्मचारी की दुर्घटना/मृत्यु के लिए विलंबित मुआवज़े पर ब्याज/जुर्माने के लिए प्रधान नियोक्ता उत्तरदायी नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि ठेकेदार के कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु/चोट के मामले में मुख्य नियोक्ता का दायित्व कर्मचारी मुआवजा अधिनियम की धारा 12 के तहत मुआवजे की राशि तक सीमित है और इसमें डिफ़ॉल्ट के लिए जुर्माना और ब्याज शामिल नहीं है। कोर्ट ने कहा,"...नियोक्ता की ओर से वैधानिक दायित्व का पालन करने में विफलता के लिए उस पर ब्याज और जुर्माना देने की अतिरिक्त देनदारी हो सकती है, हालांकि मुख्य नियोक्ता, जिसे धारा 12 के तहत मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी बनाया गया है कर्मचारी...
एस्टेट ड्यूटी एक्ट 1953 | कथित वक़िफ़ अगर वक़्फ़ डीड में संशोधन करने का अधिकार सुरक्षित रखता है तो वो धारा 12 के तहत छूट का हकदार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर वकिफ ने वक्फ संपत्ति से लाभ प्राप्त करने के लिए वक्फ विलेख और उसमें प्रावधानों में संशोधन करने का अधिकार सुरक्षित रखा है, तो संपत्ति शुल्क अधिनियम, 1953 के तहत संपत्ति शुल्क का भुगतान करने से छूट का दावा नहीं किया जा सकता है।याचिकाकर्ता गुलाम आजाद खान की गोद ली हुई संतान है, जिसने कथित तौर पर मुसलमान वक्फ वैधीकरण अधिनियम, 1913 के तहत वक्फ-अलाल-औलाद बनाया था। वक्फ डीड के अनुसार, कुल आय में से 100 रुपए का जनरल इंजीनियरिंग वर्क्स (वक्फ संपत्ति) को सर्वशक्तिमान की ओर...
18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति का 'लिव इन रिलेशन' में रहना अस्वीकार्य, ऐसे कृत्य अनैतिक और अवैध: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि 18 साल से कम उम्र का कोई 'बच्चा' लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकता। ऐसा करना न केवल अनैतिक बल्कि गैरकानूनी कृत्य होगा। न्यायालय ने कहा कि लिव-इन रिलेशन को विवाह की प्रकृति का संबंध मानने के लिए कई शर्तें हैं और किसी भी मामले में, व्यक्ति को बालिग (18 वर्ष से अधिक) होना चाहिए, भले ही वह विवाह योग्य आयु (21 वर्ष) का न हो।उल्लेखनीय है कि जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस राजेंद्र कुमार-चतुर्थ की पीठ ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र का आरोपी किसी...
मद्रास हाईकोर्ट ने पीएफआई के साथ कथित संबंधों के लिए एनआईए द्वारा यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए वकील को जमानत दी
मद्रास हाईकोर्ट ने मदुरै स्थित वकील मोहम्मद अब्बास को जमानत दे दी है, जिन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) संगठन के साथ उनके कथित संबंधों के लिए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था।जस्टिस एम सुंदर और जस्टिस आर शक्तिवेल की पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 (बम विस्फोट मामले की विशेष सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय) के तहत विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ वकील द्वारा दायर अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया...
गीतकार जावेद अख्तर ने उनके खिलाफ एक्ट्रेस कंगना रनौत की याचिका पर जारी समन के खिलाफ सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
गीतकार जावेद अख्तर ने एक्टर ऋतिक रोशन के साथ अपने विवाद के संबंध में एक्ट्रेस कंगना रनौत द्वारा दायर निजी शिकायत पर उनके खिलाफ समन जारी करने और प्रक्रिया जारी करने के मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द करने के लिए मुंबई में डिंडोशी सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।अख्तर का दावा है कि कंगना ने उनके खिलाफ दायर मानहानि शिकायत में देरी की और सभी रणनीति विफल होने के बाद झूठी और मनगढ़ंत शिकायत दर्ज की।अख्तर ने अपने पुनर्विचार आवेदन में कहा,“प्रतिवादी नंबर 2 (कंगना) ने (मानहानि) कार्यवाही में देरी करने के लिए...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानती अपराध में टीचर को कथित तौर पर "अवैध रूप से हिरासत में लेने, कपड़े उतारने" के लिए मुंबई पुलिस को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के उन अधिकारियों को फटकार लगाई, जिन्होंने जमानती अपराध में गिरफ्तार टीचर पर लॉक-अप में 'अत्याचार' किए। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर एक संगीत शिक्षक को एक दिन के लिए अवैध रूप से हिरासत में लिया और उसे अपमानित करने के लिए लॉक अप में नग्न कर दिया।शिक्षक ने अपनी पत्नी के साथ अदालत में बेकाबू होकर रोते हुए अपनी आपबीती बताते हुए हलफनामा प्रस्तुत किया और तर्क दिया कि उस पर अपनी स्टूडेंट का पीछा करने का गलत आरोप लगाया गया। यह उसने वॉयस रिकॉर्डिंग के साथ साबित...
अदालतों का माहौल न केवल बच्चों के लिए बल्कि सभी के लिए अनुकूल होना चाहिए : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ ने मंगलवार को राज्य में मंडला, मुरैना, नर्मदापुरम और शहडोल की जिला न्यायपालिका में ढांचागत सुधारों का ई-उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अदालतों को सभी के लिए अनुकूल होना चाहिए। वर्चुअली आयोजित इस कार्यक्रम में जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया, जस्टिस विशाल धगट, जस्टिस सुनीता यादव और जस्टिस अमर नाथ (केशरवानी), मप्र उच्च न्यायालय के सहयोगी न्यायाधीश और संबंधित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी उपस्थित थे।इस संवर्द्धन में जिला मंडला में...
आपराधिक न्यायालय द्वारा सम्मन समाज में छवि को प्रभावित करता है, आपराधिक शिकायत के लिए सिविल कार्यवाही को छुपाना उत्पीड़न है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि आपराधिक अदालत में जाना और दीवानी मुकदमा दायर करने के बाद आपराधिक शिकायत दर्ज करना, दीवानी मुकदमे की लंबितता को दबाना उत्पीड़न का एक रूप है। जस्टिस सोफी थॉमस ने तिरुवनंतपुरम में एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष लंबित आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए इस प्रकार कहा:“चूंकि उन्होंने पहले ही नागरिक उपचार का सहारा लेते हुए सिविल अदालत का दरवाजा खटखटाया था, इसलिए उनके द्वारा दायर की गई बाद की आपराधिक शिकायत, सिविल मुकदमे की पेंडेंसी को दबाते हुए, केवल उत्पीड़न के...
राजस्थान हाईकोर्ट ने आरटीओ की एसीआर से प्रतिकूल प्रविष्टियां हटाई, कहा-एक ही वर्ष में उनका प्रदर्शन असंतोषजनक और उत्कृष्ट नहीं हो सकता
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में वर्ष 2005-2006 में की गई प्रतिकूल प्रविष्टियों को रद्द कर दिया और उन्हें बाहर कर दिया। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की सिंगल जज बेंच ने कहा,“यहां यह ध्यान देने योग्य है कि प्रश्नगत वर्ष के लिए याचिकाकर्ता की एसीआर समीक्षा अधिकारी द्वारा भरी गई थी, न कि रिपोर्टिंग अधिकारी द्वारा, जो इसे भरने में सक्षम नहीं था, हालांकि, बाद के चरण में जब विभाग द्वारा उनकी टिप्पणियां मांगी गईं याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत...
"कट्टरपंथी मुस्लिम की तुलना किसी चरमपंथी या अलगाववादी से नहीं की जा सकती": जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा, "एक कट्टरपंथी मुस्लिम की तुलना किसी चरमपंथी या अलगाववादी से नहीं की जा सकती।" यह टिप्पणी जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकल पीठ ने एक 22 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति की प्रिवेंटिव डिटेंशन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। उसे इस अधार पर हिरासत में लिया गया था कि कि वह एक "कट्टरपंथी" बन गया है और स्वेच्छा से लश्कर ए तैयबा के कथित संगठन टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) के ओवर ग्राउंड वर्कर के रूप में काम करने के लिए सहमत हो गया है।पीठ ने कहा,"जिला...
जयपुर-मुंबई ट्रेन फायरिंग: आरोपी आरपीएफ कांस्टेबल को 7 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा
बोरीवली की एक अदालत ने सोमवार तड़के जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अपने वरिष्ठ और तीन अन्य को गोली मारने के आरोपी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कांस्टेबल -चेतन सिंह (33) - को 7 अगस्त, 2023 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह आदेश मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट, बोरीवली में मजिस्ट्रेट शिवदत्त मलिकार्जुन पाटिल द्वारा पारित किया गया।मीडिया को कार्यवाही देखने की अनुमति नहीं दी गई।सिंह ने कथित तौर पर अपनी ऑटोमैटिक सर्विस राइफल से 12 राउंड गोलियां चलाईं, जिससे यात्रियों असगर अब्बास अली (48)...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट की फैक्ट चेक करने की अनुमति देने वाले आईटी नियमों में 2023 के संशोधन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उस जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका 'इन लिमिन' को खारिज कर दिया, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी नियमों [2023 आईटी संशोधन नियमों के नियम - 3 (i) (II) (सी)] में नए संशोधन के अधिकार को चुनौती दी गई। केंद्र सरकार को सोशल मीडिया में अपने बारे में 'फेक न्यूज' की पहचान करने का अधिकार देना है।चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने कहा कि वह जनहित याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है, क्योंकि इसमें केंद्रीय विधान को चुनौती दी गई है, जो 'शून्य में'...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ई-फाइलिंग प्लेटफॉर्म 3.0 लॉन्च किया; प्लीडिंग्स, ऑनलाइन शपथ के लिए टेम्पलेट उपलब्ध कराया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कानूनी प्रणाली के भीतर दक्षता और पहुंच बढ़ाने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत हाल ही में ई-फाइलिंग 3.0 का नया वर्जन शुरू किया। इस नवीनतम अपडेट के साथ अदालत का लक्ष्य पेपर-लेस अदालती माहौल को बढ़ावा देना, न्यायिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और न्याय की तेज और अधिक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।ई-फाइलिंग 3.0 प्लेटफॉर्म में कई नवीन विशेषताएं शामिल हैं, जिन्हें फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने और समग्र यूजर्स अनुभव को बढ़ाने के लिए सावधानीपूर्वक डिजाइन किया गया।ई-फाइलिंग 3.0...
किसी आरोपी के न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उसे उसी मामले में दूसरी बार पुलिस हिरासत में नहीं भेजा जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी के लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उसे उसी मामले में दूसरी बार पुलिस हिरासत में नहीं भेजा जा सकता है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने आंशिक रूप से इमैनुएल माइकल की याचिका को अनुमति दी, जिस पर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस अधिनियम) के तहत अपराध का आरोप लगाया गया है और विशेष अदालत द्वारा छह महीने की पुलिस हिरासत देने को अवैध घोषित किया गया है। उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया...
अदालत के सवालों पर वकील को परेशान करने वाले वादियों के खिलाफ वकील कार्रवाई कर सकते हैं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि यदि कोई वादी अदालत द्वारा उठाए गए कुछ प्रश्नों पर वकील को परेशान करता है तो वकील ऐसे पक्षकार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकता है।चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस पीडी औदिकेसवालु की खंडपीठ ने यह टिप्पणी लास्ट ईयर के लॉ स्टूडेंट द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की। उक्त याचिका में माता-पिता और सीनियर सिटीजन का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 19(1) के अनुसार तमिलनाडु के हर जिले में सरकार द्वारा संचालित वृद्धाश्रम स्थापित करने की मांग की...
दिल्ली की अदालत ने नाबालिग बेटी के यौन उत्पीड़न के आरोपी पिता को मुलाक़ात का अधिकार दिया
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को उस व्यक्ति को मुलाकात का अधिकार दे दिया, जिसकी पत्नी ने उस पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। अदालत ने यह देखते हुए आदेश दिया कि दिल्ली पुलिस को आरोपी पिता के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला।एफआईआर की जांच के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई, जो पिछले साल पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 10 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 के तहत दर्ज की गई।पटियाला हाउस कोर्ट के फैमिली कोर्ट के...



















