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पॉक्सो एक्ट | बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट तभी जरूरी, जब पीड़ित वयस्कता की कगार पर हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिता के साक्ष्य के आधार पर पीड़िता को नाबालिग माना
पॉक्सो एक्ट | बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट तभी जरूरी, जब पीड़ित वयस्कता की कगार पर हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिता के साक्ष्य के आधार पर पीड़िता को नाबालिग माना

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि पॉक्सो एक्ट, 2012 के तहत किसी मामले में पीड़ित की उम्र निर्धारित करने के लिए बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट केवल तभी आवश्यक है, जब पीड़ित वयस्क होने की कगार पर हो। औरंगाबाद स्थित जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस अभय एस वाघवासे की खंडपीठ ने 14 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के दोषी ठहराए गए और आजीवन कारावास की सजा पाए एक व्यक्ति की अपील को खारिज कर दिया और कहा कि पीड़िता की उम्र उसके पिता की गवाही से साबित होती है।कोर्ट ने कहा, “इस मामले में कोई ओसिफिकेशन टेस्ट नहीं किया...

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण | एएसआई ने वाराणसी कोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 4 सप्ताह का और समय मांगा
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण | एएसआई ने वाराणसी कोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 4 सप्ताह का और समय मांगा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वाराणसी कोर्ट के समक्ष आवेदन दायर कर ज्ञानवापी सर्वेक्षण से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। इससे पहले कोर्ट ने 6 अक्टूबर तक अपनी सर्वे रिपोर्ट पेश करने को कहा था।आवेदन में एएसआई के वकील ने कहा कि सर्वेक्षण में कुछ और समय लगने की उम्मीद है, क्योंकि कचरा, ढीली मिट्टी और निर्माण सामग्री सहित बहुत सारा कचरा/मलबा तहखाने में फर्श के स्तर के साथ-साथ संरचना के चारों ओर फेंक दिया जाता है, जिससे संरचना की मूल विशेषताएं ढकी हुई हैं।...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल को स्वतंत्रता सेनानियों के लिए रैली आयोजित करने, हिंदू धर्म के बारे में जागरूकता फैलाने की अनुमति दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल को स्वतंत्रता सेनानियों के लिए रैली आयोजित करने, हिंदू धर्म के बारे में जागरूकता फैलाने की अनुमति दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के प्रतिनिधियों द्वारा "शौर्य जागरण यात्रा" आयोजित करने के लिए दायर याचिका को अनुमति दे दी, जो पश्चिम बंगाल के लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदान के बारे में बताएगी।जस्टिस जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने याचिकाकर्ताओं को प्रस्तावित यात्रा के लिए मार्ग का स्पष्ट रूप से सीमांकन करते हुए पूरक हलफनामा दायर करने और राज्य को उसी की अग्रिम प्रति देने का निर्देश दिया था।याचिकाकर्ताओं ने राज्य पुलिस द्वारा उन्हें रैली आयोजित करने की...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विधानसभा कर्मचारी भर्ती में अनियमितताओं के आरोपों की सीबीआई जांच कराने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विधानसभा कर्मचारी भर्ती में 'अनियमितताओं' के आरोपों की सीबीआई जांच कराने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को यूपी विधान परिषद की ओर से दायर एक पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है, जिसे पिछले महीने पारित हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर किया गया था। हाईकोर्ट ने आदेश में सीबीआई को उत्तर प्रदेश विधानसभा और परिषद के सचिवालय के लिए कर्मचारियों की भर्ती में 'अनियमितताओं' की प्रारंभिक जांच का निर्देश दिया था। जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया कथित अनियमितताओं से संकेत मिलता है कि यह किसी भर्ती घोटाले से कम नहीं है, जिसमें...

भगौड़ा व्यक्ति आत्मसमर्पण कर दे तो कुर्की आदेश खत्म हो जाता है, उसके बाद संपत्ति की बिक्री पर कोई बाधा नहीं: केरल हाईकोर्ट
भगौड़ा व्यक्ति आत्मसमर्पण कर दे तो कुर्की आदेश खत्म हो जाता है, उसके बाद संपत्ति की बिक्री पर कोई बाधा नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि किसी संपत्ति की कुर्की का मकसद तब खत्‍म हो जाएगा जब भगोड़ा व्यक्ति, जिसकी संपत्ति है, अदालत में आत्मसमर्पण कर देगा। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार जब संपत्ति को बाद में किसी अन्य को बेचा जाएगा तो ऐसा कोई कुर्की आदेश मौजूद नहीं होगा, जो संपत्ति संबंधी कर भुगतान को बाधित करे।जस्टिस मुरली पुरूषोतमन ने विमलाबेन अजीतभाई पटेल बनाम वत्सलाबेन अशोकभाई पटेल और अन्य (2008), और अब्दुल खादर बनाम केरल राज्य (2015) में दिए गए में निर्णयों पर भरोसा किया, जिनमें कहा गया था कि एक...

दिल्ली कोर्ट ने यूएपीए मामले में न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ, एचआर हेड को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
दिल्ली कोर्ट ने यूएपीए मामले में न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ, एचआर हेड को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

दिल्ली की एक अदालत ने न्यूज़क्लिक पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद यूएपीए के तहत दर्ज मामले में न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।ये आरोप तब सामने आए जब 5 अगस्त को प्रकाशित न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि ऑनलाइन मीडिया आउटलेट न्यूज़क्लिक को "भारत विरोधी" माहौल बनाने के लिए चीन से धन प्राप्त हुआ है। इसके बाद दिल्ली पुलिस द्वारा न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों और लेखकों...

खेड़ा में मुस्लिम युवक की पिटाई का मामला: गुजरात हाईकोर्ट ने डीके बसु दिशानिर्देशों के कथित उल्लंघन के लिए 4 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवमानना ​​के आरोप तय किए
खेड़ा में मुस्लिम युवक की पिटाई का मामला: गुजरात हाईकोर्ट ने 'डीके बसु दिशानिर्देशों' के कथित उल्लंघन के लिए 4 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवमानना ​​के आरोप तय किए

गुजरात हाईकोर्ट ने डीके बसु दिशानिर्देशों के कथित उल्लंघन के कारण पिछले साल अक्टूबर में खेड़ा जिले में मुस्लिम युवकों को सार्वजनिक रूप से पीटने के आरोपी चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आज अवमानना ​​के आरोप तय किए।जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस एमआर मेंगडे की खंडपीठ ने दोषी अधिकारियों को अपने बचाव में हलफनामा दाखिल करने का समय दिया और मामले की सुनवाई 11 अक्टूबर को तय की।जब गलती करने वाले पुलिसकर्मियों में से एक के वकील, जो घटना के वीडियो में भीड़ के पास बैठा देखा गया, ने तर्क दिया कि वह केवल बैठा था और...

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने न्यायपालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार वाली टिप्पणी पर अवमानना ​​मामले में बिना शर्त माफी मांगी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 'न्यायपालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार' वाली टिप्पणी पर अवमानना ​​मामले में बिना शर्त माफी मांगी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने न्यायपालिका के भीतर कथित भ्रष्टाचार पर अपनी टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही की मांग करने वाली एक जनहित याचिका के जवाब में मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी। गहलोत ने अपने लिखित निवेदन में स्पष्ट किया कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करने वाली उनकी टिप्पणियों को एक प्रकाशन द्वारा विकृत और गलत समझा गया था। सीएम ने अपनी कानून की डिग्री का हवाला दिया और इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने न्यायपालिका के भीतर कभी भी किसी...

सेल डीड के साक्ष्य को प्रमाणित करने वाले को उनके खिलाफ किसी भी आरोप के अभाव में धोखाधड़ी के लिए आपराधिक रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
सेल डीड के साक्ष्य को प्रमाणित करने वाले को उनके खिलाफ किसी भी आरोप के अभाव में धोखाधड़ी के लिए आपराधिक रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया कि सेल डीड के साक्ष्यांकित गवाह को धोखाधड़ी के मामले में नहीं घसीटा जा सकता, यदि उसके खिलाफ कोई अन्य आरोप नहीं है सिवाय इसके कि वह प्रमाणित गवाह (Attesting Witness) है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने राजेश तोतागांती द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 34 सपठित धारा 420, 465, 467, 468, 471, 474 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए उसके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही रद्द कर दी।कोर्ट ने कहा,"जबकि आरोपी नंबर 1 को सभी लाभ मिलते हैं, आरोपी नंबर 2 और 3 आरोपी...

गोवर्धन पर्वत परिक्रमा मार्ग में कथित अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों को हटाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका
गोवर्धन पर्वत परिक्रमा मार्ग में कथित अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों को हटाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका

वृन्दावन में पवित्र गोवर्धन पर्वत की तलहटी में चल रही कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। गोवर्धन के निवासी याचिकाकर्ता ने क्षेत्र और अन्य जगहों पर रहने वाले लोगों के हितों का समर्थन किया। यह प्रस्तुत किया गया कि गोवर्धन पर्वत की तलहटी में स्नानघर, श्मशान, कब्रिस्तान और अन्य निर्माणों का निर्माण बड़े पैमाने पर जनता की आस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।याचिकाकर्ता ने इस बात पर जोर दिया कि गोवर्धन पहाड़ी को संरक्षित वन क्षेत्र...

इस कृत्य के आगे तो मौत भी आकर्षक विकल्प के रूप में दिखाई देगी: उड़ीसा हाईकोर्ट ने मजदूरों का अपहरण करने, उनके हाथ काटने के लिए 6 ठेकेदारों की सजा बरकरार रखी
'इस कृत्य के आगे तो मौत भी आकर्षक विकल्प के रूप में दिखाई देगी': उड़ीसा हाईकोर्ट ने मजदूरों का अपहरण करने, उनके हाथ काटने के लिए 6 ठेकेदारों की सजा बरकरार रखी

उड़ीसा हाईकोर्ट ने दो श्रमिकों का अपहरण करने, उन्हें बंधुआ मजदूर के रूप में कई दिनों तक काम करने के लिए मजबूर करने और अंततः उनकी हथेलियों को कलाई से काटने के लिए छह ठेकेदारों को सुनाई गई सजा के आदेश को बरकरार रखा।जस्टिस विभु प्रसाद राउत्रे और जस्टिस चितरंजन दाश की खंडपीठ ने आरोपी-अपीलकर्ताओं को राहत देने से इनकार करते हुए कहा,“वर्तमान में हम ऐसे मामले को लेकर असमंजस में हैं जहां बंधुआ मजदूरों को तथाकथित श्रम ठेकेदार के हाथों अत्यंत बर्बर कृत्य का सामना करना पड़ा, जिन्होंने न केवल मजदूरों को...

जमानत मामलों में लंबी तारीखें देने के खिलाफ निर्देश जारी, जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए दो बेंच गठित : गुजरात एचसी सीजे सुनीता अग्रवाल
जमानत मामलों में लंबी तारीखें देने के खिलाफ निर्देश जारी, जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए दो बेंच गठित : गुजरात एचसी सीजे सुनीता अग्रवाल

गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने जमानत मामलों में लंबी तारीखें देने के खिलाफ हाईकोर्ट में संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक नया रोस्टर जारी किया गया है और दो पीठें 5 अक्टूबर से केवल जमानत मामलों की सुनवाई करेंगी।सीनियर एडवोकेट यतिन ओझा के साथ बातचीत के दौरान मुख्य न्यायाधीश द्वारा बार के सदस्यों को मौखिक रूप से इस निर्णय के बारे में सूचित किया गया। सीनियर एडवोकेट यतिन ओझा ने अदालत के समक्ष एक मामले का उल्लेख किया...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ऑडियो एनाउंसमेंट की बहाली के लिए दायर जनहित याचिका पर राज्य से सकारात्मक प्रतिक्रिया मांगी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ऑडियो एनाउंसमेंट की बहाली के लिए दायर जनहित याचिका पर राज्य से 'सकारात्मक प्रतिक्रिया' मांगी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को एक दृष्टिबाधित व्यक्ति की ओर से दायर जनहित याचिका पर उचित, सकारात्मक और प्रभावी प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया। जनहित याचिका में राज्य और निगम की बसों और मेट्रो रेलवे में ऑडियो घोषणा सेवा की बहाली की मांग की गई है।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने राज्य से विकलांग और दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए 'सुरक्षित और आरामदायक आवागमन' सुनिश्चित करने को कहा है और 9 नवंबर तक इस मामले में उसकी प्रतिक्रिया मांगी है।कोर्ट ने...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में गलत तरीके से दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया, 25 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में गलत तरीके से दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया, 25 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अपनी पत्नी की हत्या के लिए एक व्यक्ति की सजा को रद्द कर दिया और राज्य सरकार को उसे 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। 'दुर्भावनापूर्ण अभियोजन' के कारण जेल में उसके जीवन के 12 साल बर्बाद हो गए, जिसके लिए राज्य को उसे 3 महीने के भीतर 25 लाख रुपये का भुगतान करने निर्देश दिया। जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस भुवन गोयल की पीठ ने कहा कि हालांकि आरोपी को रुपए के रूप में पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जा सकता है, फिर भी समाज और आरोपी से परिचित व्यक्तियों को एक संदेश...

ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो तो उस पर स्वतः ही अंशदायी लापरवाही का आरोप नहीं लगाया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो तो उस पर स्वतः ही 'अंशदायी लापरवाही' का आरोप नहीं लगाया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट हाल ही में दोहराया कि हालांकि बिना लाइसेंस वाहन चलाना अपराध है, लेकिन ऐसा करने पर ड्राइवर के खिलाफ अंशदायी लापरवाही का आरोप नहीं लगाया जा सकता है, तब जबकि दुर्घटना का कारण वह खुद नहीं है।इन्हीं टिप्पणियों के साथ जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस राजेश राय की खंडपीठ ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के आदेश को संशोधित किया, जिसमें मृतक को 23% अंशदायी लापरवाही का दोषी ठहराया गया था, जिसमें कहा गया था कि उसके पास कोई ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और वह जिस मोटरसाइकिल को चला रहा था, उसका...

मेघालय हाईकोर्ट ने एचआईवी पॉजिटिव होने के कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार महिला को जमानत दी
मेघालय हाईकोर्ट ने एचआईवी पॉजिटिव होने के कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार महिला को जमानत दी

मेघालय हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट) के तहत गिरफ्तार की गई महिला को जमानत दे दी, क्योंकि वह एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) पॉजिटिव है।जस्टिस डब्लू डिएंगदोह की पीठ ने यह आदेश पारित करते समय कहा कि उस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे उसे अनुकूल वातावरण में उचित उपचार मिल सके।अदालत ने पिछले साल दिए गए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश को भी ध्यान में रखा, जिसमें एचआईवी से पीड़ित आरोपी को इसलिए जमानत दी गई थी, क्योंकि उसकी रोग...

तेलंगाना हाईकोर्ट ने मेंटल कंडिशन का हवाला देते हुए सीआरपीएफ कर्मी की बर्खास्तगी बरकरार रखी
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मेंटल कंडिशन का हवाला देते हुए सीआरपीएफ कर्मी की बर्खास्तगी बरकरार रखी

तेलंगाना हाईकोर्ट ने मेंटल कंडिशन के आधार पर सीआरपीएफ कर्मी की बर्खास्तगी को नौकरी की कर लगाने की प्रकृति के कारण वैध माना है। इसने सीआरपीएफ जोखिम प्रबंधन कोष से वित्तीय और मेडिकल सहायता के उनके दावे को भी खारिज कर दिया।जस्टिस नागेश भीमपाका ने कहा,“सीआरपीएफ राष्ट्र की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में अपनी व्यावसायिकता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है… सीआरपीएफ जैसे संगठन में ऐसी मेंटल कंडिशन वाले सदस्य से अत्यधिक प्रतिबद्धता और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की उम्मीद नहीं...

केवल मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी किट की बिक्री एमटीपी अधिनियम के तहत अपराध नहीं है : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया
केवल मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी किट की बिक्री एमटीपी अधिनियम के तहत अपराध नहीं है : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया है कि केवल मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) किट की बिक्री एमटीपी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध नहीं है। जस्टिस पंकज जैन ने डॉ. वंदना मलिक बनाम हरियाणा राज्य में मिसाल पर भरोसा किया और याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर और उसके बाद की कार्यवाही को रद्द कर दिया क्योंकि आरोपों से आरोपी के खिलाफ मामला स्थापित नहीं हुआ।पीठ ने कहा,"कानून के उपरोक्त स्थापित प्रस्ताव के मद्देनजर यह न्यायालय पाता है कि सिर्फ एमटीपी किट की बिक्री को एमटीपी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध...

अनुच्छेद 311(2) | दोषसिद्धि से सरकारी सेवा से स्वत: बर्खास्तगी नहीं होती, विवेक का प्रयोग जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अनुच्छेद 311(2) | दोषसिद्धि से सरकारी सेवा से स्वत: बर्खास्तगी नहीं होती, विवेक का प्रयोग जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि संविधान के अनुच्छेद 311(2)(ए) के तहत सेवा से बर्खास्तगी के लिए, प्राधिकारी को उस आचरण को देखना चाहिए जिसके कारण आपराधिक आरोप में सजा हुई। यह माना गया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(ए) के तहत केवल दोषसिद्धि के आधार पर बर्खास्तगी का यांत्रिक आदेश पारित नहीं किया जा सकता है।जस्टिस नीरज तिवारी ने कहा,“अब यह मुद्दा कोई रेस इंटेग्रा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने तुलसीराम पटेल (सुप्रा) के फैसले से लेकर कई अन्य फैसलों में इस मुद्दे पर बार-बार विचार किया है...