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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पुलिस द्वारा वकील पर बेरहमी से हमला का विरोध किया, न्यायिक कार्यवाही से दूर रहने का प्रस्ताव पास किया
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पुलिस द्वारा वकील पर 'बेरहमी से हमला' का विरोध किया, न्यायिक कार्यवाही से दूर रहने का प्रस्ताव पास किया

कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सोमवार को वकील पर पुलिस कर्मियों द्वारा 'बेरहमी से हमला' करने की घटना पर सभी न्यायिक कार्यवाही से दूर रहने का प्रस्ताव पास किया।वकील का पर हमला करने वाले पुलिस अधिकारी का नाम सब-इंस्पेक्टर सुदीप्तो सान्याल है। सब इंस्पेक्टर ने वकील पर तब हमला किया, जब 21.07.2024 को बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत नेपालगंज पुलिस चौकी पर शाम लगभग 5:00 बजे अपने मुवक्किल की कॉल पर उपस्थित होने के लिए पहुंचे थे।22 जुलाई की तारीख वाले अपने नोटिस में बार एसोसिएशन ने...

पहले आप याचिका में अपनी गलतियां सुधारें: दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP नेता सोमनाथ भारती से BJP सांसद बांसुरी स्वराज के निर्वाचन को चुनौती देने पर कहा
पहले आप याचिका में अपनी गलतियां सुधारें: दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP नेता सोमनाथ भारती से BJP सांसद बांसुरी स्वराज के निर्वाचन को चुनौती देने पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती द्वारा 2024 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बांसुरी स्वराज के निर्वाचन को 'भ्रष्ट आचरण' के आधार पर चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 13 अगस्त तक के लिए स्थगित की।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने कहा कि याचिका में कई टाइपोग्राफिकल त्रुटियां हैं और एक सुधारात्मक याचिका दायर करनी होगी।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने भारती के वकील से कहा,"यह गलतियों से भरा है। बहुत सारी गलतियां...

दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस अमित शर्मा ने उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस अमित शर्मा ने उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस अमित शर्मा ने सोमवार को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA Act) के तहत दर्ज दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया।मामले की सुनवाई जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने की, जिसने अन्य आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं के साथ अपील को 24 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।अदालत ने कहा,"एक्टिंग चीफ जस्टिस के आदेशों के अधीन इस मामले को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसके...

SARFAESI ACT | सुरक्षित लेनदार को सुरक्षित संपत्तियों पर कब्जा लेने में सहायता करना जिला मजिस्ट्रेट का कर्तव्य: झारखंड हाईकोर्ट
SARFAESI ACT | सुरक्षित लेनदार को सुरक्षित संपत्तियों पर कब्जा लेने में सहायता करना जिला मजिस्ट्रेट का कर्तव्य: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (SARFAESI ACT) के तहत सुरक्षित लेनदारों को सुरक्षित संपत्तियों पर कब्जा लेने में सहायता करना जिला मजिस्ट्रेट का कर्तव्य है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जिला मजिस्ट्रेट इस अधिनियम के तहत न्याय निर्णय प्राधिकारी नहीं है।जस्टिस आनंद सेन ने कहा,"सुरक्षित लेनदार को सुरक्षित संपत्तियों पर कब्जा लेने में सहायता करना जिला मजिस्ट्रेट का कर्तव्य है। समय सीमा 30 दिन बताई गई है।...

पुलिस अधिकारियों को अभियुक्त को गिरफ्तारी के आधार लिखित में बताने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
पुलिस अधिकारियों को अभियुक्त को गिरफ्तारी के आधार लिखित में बताने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी को प्रत्येक मामले में गिरफ्तारी करने से पहले गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को लिखित में उसकी गिरफ्तारी के आधार बताने चाहिए। उसके बाद ही गिरफ्तारी करनी चाहिए, क्योंकि यही देश का कानून है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया है।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने पांडुरंग नाइक नामक व्यक्ति को जमानत दी, जिसे 22 फरवरी, 2024 को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।खंडपीठ ने उल्लेख किया कि नाइक को 22 फरवरी को...

पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए पति को IPC की धारा 377 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट
पत्नी के साथ 'अप्राकृतिक यौन संबंध' के लिए पति को IPC की धारा 377 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पति और पत्नी के बीच कोई कृत्य आईपीसी की धारा 375 के तहत अपवाद 2 के संचालन के कारण दंडनीय नहीं है, तो पति को पत्नी के साथ 'अप्राकृतिक यौन संबंध' के लिए आईपीसी की धारा 377 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।"पति और पत्नी के संबंध में धारा 377 आईपीसी को पढ़ते समय आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 को इसमें से नहीं हटाया जा सकता है। यदि पति और पत्नी के बीच कोई कृत्य आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 के संचालन के कारण दंडनीय नहीं है, तो वही कार्य धारा 377 आईपीसी के तहत...

POCSO Act | बच्चे को प्राइवेट पार्ट दिखाना, गंदी फिल्में दिखाना प्रथम दृष्टया यौन उत्पीड़न: उत्तराखंड हाईकोर्ट
POCSO Act | बच्चे को प्राइवेट पार्ट दिखाना, गंदी फिल्में दिखाना प्रथम दृष्टया 'यौन उत्पीड़न': उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चे को प्राइवेट दिखाना, उसे गंदी फिल्में दिखाना, प्रथम दृष्टया बच्चे का 'यौन उत्पीड़न' माना जाएगा। यह POCSO Act की धारा 11 के साथ धारा 12 के तहत अपराध है।जस्टिस रवींद्र मैथानी की पीठ ने हरिद्वार के एडिशनल सेशन जज/स्पेशल जज (POCSO) का आदेश बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की। उक्त आदेश में व्यक्ति/याचिकाकर्ता को अपने बेटे का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने के लिए POCSO Act की धारा 11/12 के तहत आरोपों ठहराया गया।संक्षेप में मामलाउस व्यक्ति के खिलाफ मामला उसकी पत्नी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना किनारे बने शिव मंदिर को गिराने के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना किनारे बने शिव मंदिर को गिराने के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना बाढ़ के मैदान के पास स्थित शिव मंदिर को गिराने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा जारी किए गए आदेश के संबंध में एकल न्यायाधीश पीठ के निर्णय को सही ठहराया। न्यायालय ने जोर देकर कहा कि चूंकि यमुना नदी का बाढ़ का मैदान पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए इसे अतिक्रमण और अवैध निर्माण से बचाने की आवश्यकता है।अपीलकर्ता, प्राचीन शिव मंदिर ने एकल न्यायाधीश पीठ के आदेश के खिलाफ लेटर पेटेंट अपील दायर की, जिसने DDA द्वारा मंदिर को गिराने के खिलाफ उसकी याचिका खारिज...

मुंबई की एक अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी को ब्रिटेन और स्पेन की यात्रा करने की अनुमति दी, पूर्व पति पीटर का नाम उनकी वसीयत से हटा दिया
मुंबई की एक अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी को ब्रिटेन और स्पेन की यात्रा करने की अनुमति दी, पूर्व पति पीटर का नाम उनकी वसीयत से हटा दिया

मुंबई की एक विशेष अदालत ने शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को अपने निजी काम के लिए स्पेन और ब्रिटेन जाने की शुक्रवार को अनुमति दे दी।स्पेशल सीबीआई कोर्ट की अध्यक्षता कर रहे स्पेशल जज एसपी नाइक निंबालकर ने मुखर्जी को सत्र अदालत के रजिस्ट्रार के पास दो लाख रुपये की जमानत राशि जमा कराने का आदेश दिया। मुखर्जी ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें वसीयत में बदलाव के लिए स्पेन जाना होगा। उसने न्यायाधीश से कहा कि वह वसीयत के लाभार्थियों से अपने पति पीटर मुखर्जी का नाम हटाना चाहती है।...

सीएम ममता बनर्जी ने राज्यपाल के खिलाफ अपमानजनक बयान देने से रोकने वाले आदेश को चुनौती दी
सीएम ममता बनर्जी ने राज्यपाल के खिलाफ अपमानजनक बयान देने से रोकने वाले आदेश को चुनौती दी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के खिलाफ कोई भी अपमानजनक बयान देने से रोकने वाले आदेश को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी।यह विवादित आदेश जस्टिस कृष्ण राव की एकल पीठ ने पारित किया था। उन्होंने कहा था कि यदि अंतरिम आदेश पारित नहीं किया गया होता तो इससे राज्यपाल को गंभीर और अपूरणीय क्षति हो सकती है।इससे पहले, मुख्यमंत्री ने अदालत को बताया था कि उनके बयानों में उन्होंने कहा था कि महिलाओं ने उनसे कहा कि राज्यपाल द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण वे राजभवन जाने...

दाऊद इब्राहिम व्यक्तिगत तौर पर आतंकवादी, उसके साथ गिरोह का संबंध UAPA के तहत दंडनीय नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
दाऊद इब्राहिम व्यक्तिगत तौर पर आतंकवादी, उसके साथ गिरोह का संबंध UAPA के तहत दंडनीय नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि केंद्र सरकार ने अपनी शक्तियों के तहत अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम को उसकी "व्यक्तिगत हैसियत" में आतंकवादी घोषित किया है। इस प्रकार उसके या डी-कंपनी के साथ किसी भी व्यक्ति का संबंध गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA Act) की धारा 20 के तहत आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के लिए दंडनीय नहीं होगा।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने डी-कंपनी के साथ कथित संबंधों और ड्रग्स जब्ती मामले में उनकी संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किए गए दो लोगों को जमानत...

बफर जोन में निर्माण मामले में हाईकोर्ट ने SDO को एक्टर रणदीप हुड्डा को जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया
बफर जोन में निर्माण मामले में हाईकोर्ट ने SDO को एक्टर रणदीप हुड्डा को जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बफर जोन में निर्माण के आरोपों पर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस रद्द करने से इनकार किया। हालांकि, राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक्टर को जांच रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराएं तथा विवादित संपत्ति का संयुक्त रूप से निरीक्षण करें।जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया की एकल पीठ ने यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम कुनीसेट्टी सत्यनारायण, (2006) 12 एससीसी 28 के संदर्भ में पक्षकारों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि केवल कारण बताओ नोटिस के खिलाफ रिट...

सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने खिलाफ NSA कार्यवाही रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया
सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने खिलाफ NSA कार्यवाही रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया

नवनिर्वाचित सांसद अमृतपाल सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर पूरी कार्यवाही के साथ-साथ अपनी निवारक हिरासत को भी चुनौती दी। सिंह को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया है।अप्रैल, 2023 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव पंजाब के श्री खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता है। वह कथित तौर पर "खालिस्तानी समर्थक" संगठन वारिस पंजाब दे के प्रमुख हैं और अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमले की...

मोइन कुरैशी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने कारोबारी सतीश बाबू सना के खिलाफ PMLA कार्यवाही को बरकरार रखा
मोइन कुरैशी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने कारोबारी सतीश बाबू सना के खिलाफ PMLA कार्यवाही को बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मांस निर्यातक मोइन कुरैशी और अन्य व्यक्तियों से जुड़े पीएमएलए मामले के संबंध में कारोबारी सतीश बाबू सना के खिलाफ शुरू की गई धन शोधन कार्यवाही को बरकरार रखा।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने सना की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उसने 19 और 25 जुलाई 2019 को उसे जारी समन को चुनौती दी थी। सना ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA की धारा 50 के तहत 18 जुलाई, 2019 को उसे जारी किए गए समन में गवाह के रूप में उसका हवाला दिया था।...

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक लिव-इन जोड़े को राज्य के UCC के तहत 48 घंटे में पंजीकरण कराने की शर्त के साथ संरक्षण प्रदान किया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक लिव-इन जोड़े को राज्य के UCC के तहत 48 घंटे में पंजीकरण कराने की शर्त के साथ संरक्षण प्रदान किया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले एक अंतर-धार्मिक जोड़े को सुरक्षा प्रदान करते हुए कहा कि उन्हें 48 घंटे के भीतर समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड, 2024 के तहत अपने रिश्ते को पंजीकृत करना होगा।यहां यह ध्यान दिया जा सकता है कि, 2024 कानून की धारा 378 के अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले व्यक्तियों (उत्तराखंड के निवासी होने के नाते) को अब "रिश्ते में प्रवेश करने" के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के समक्ष पंजीकरण करना आवश्यक है। ऐसा करने में विफलता के परिणामस्वरूप जेल...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोल्हापुर के विशालगढ़ किले में सांप्रदायिक हिंसा के कारण ध्वस्तीकरण अभियान पर रोक लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोल्हापुर के विशालगढ़ किले में सांप्रदायिक हिंसा के कारण ध्वस्तीकरण अभियान पर रोक लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कोल्हापुर के विशालगढ़ किले में करीब 70 इमारतों को ध्वस्त करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की खिंचाई की, जहां 14 जुलाई को दो समूहों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी।अदालत को बताया गया कि 14 जुलाई को विशालगढ़ किले में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई और 15 जुलाई से ही राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अशांत क्षेत्र में घरों दुकानों आदि को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह केवल व्यावसायिक ढांचों को गिरा रही है, जो...

अनजान महिला से नाम और पता पूछना अनुचित, प्रथम दृष्टया यौन उत्पीड़न नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
अनजान महिला से नाम और पता पूछना अनुचित, प्रथम दृष्टया यौन उत्पीड़न नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अनजान महिला से नाम, पता और मोबाइल नंबर पूछना अनुचित हो सकता है, प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354ए के तहत यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता।यह टिप्पणी जस्टिस निरजर देसाई ने गांधीनगर के व्यक्ति समीर रॉय से जुड़े मामले में की, जिस पर अनजान महिला से ये सवाल पूछने के आरोप में आईपीसी की धारा 354ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।जस्टिस देसाई ने कहा,“यह अनुचित कार्य हो सकता है लेकिन यह न्यायालय प्रथम दृष्टया इस विचार पर है कि यदि IPC की धारा 354 को पढ़ा जाए तो...

झूठी चोट रिपोर्ट प्रस्तुत करना अत्यधिक घृणित, कर्तव्य की उपेक्षा: राजस्थान हाईकोर्ट ने मेडिकल अधिकारी की अनिवार्य रिटायरमेंट की पुष्टि की
झूठी चोट रिपोर्ट प्रस्तुत करना अत्यधिक घृणित, कर्तव्य की उपेक्षा: राजस्थान हाईकोर्ट ने मेडिकल अधिकारी की अनिवार्य रिटायरमेंट की पुष्टि की

राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले में तथ्यात्मक रूप से गलत चोट रिपोर्ट प्रस्तुत करके कर्तव्य की उपेक्षा करने वाले मेडिकल अधिकारी को राहत देने से इनकार किया। आचरण को अत्यधिक घृणित मानते हुए न्यायालय ने कहा कि ऐसे आचरण के लिए अनिवार्य रिटायरमेंट कोई अनुचित दंड नहीं है, जिसके लिए न्यायालय को हस्तक्षेप करना चाहिए।यह माना गया:"यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता ने झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की है और अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही की है। कोई भी चोट के मामलों में सच्ची और सही मेडिकल-कानूनी रिपोर्ट के महत्व को कम...