Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

"समन की तामील" तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि उस पर उस विशेष दिन, उसकी तारीख, वर्ष और समय का जिक्र न हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

LiveLaw News Network
19 Feb 2018 7:30 AM GMT
समन की तामील तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि उस पर उस विशेष दिन, उसकी तारीख, वर्ष और समय का जिक्र न हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
x

सुप्रीम कोर्ट ने ऑटो कार्स बनाम त्रिमूर्ति कार्गो मूवर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य मामले में कहा कि प्रतिवादी को सम्मन दिया गया यह तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि आदेश IX के नियम 13 के तहत जिस दिन सम्मन भेजा गया उस दिन का नाम, तारीख, वर्ष और समय उस पर अंकित न हो।

सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा प्रकाशित पेपर के रूप में सम्मन के बारे में यह नहीं कहा जा सकता कि सम्मन प्रतिवादी को विधिवत थमा दिया गया। हाई कोर्ट द्वारा प्रकाशित इस सम्मन के तहत प्रतिवादी को अदालत के रजिस्ट्रार के समक्ष इस सम्मन के प्रकाशन के 15 दोनों के भीतर पेश होना जरूरी होता है,

इस बारे में हाई कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए पीठ ने यह बात कही। हाई कोर्ट ने इस बारे में एकपक्षीय आदेश को निरस्त करने की अपील को ठुकरा दिया था। हाई कोर्ट द्वारा प्रकाशित इस सम्मन के एक हिस्से में कहा गया है, “आपको इस सम्मन के प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार के कार्यालय में पेश होना है...”

कोर्ट ने कहा कि सम्मन में 15 दोनों का समय जो दिया गया है उसमें दिन, तारीख, वर्ष या समय का जिक्र नहीं होता है, और यह परिशिष्ट B के साथ पढ़े जाने वाली धारा 27 के तहत है। पर कोर्ट ने कहा, “इस तरह के सम्मन और दी गयी सेवा को धारा 27 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं माना जा सकता...”

कोर्ट ने इसके बाद कहा : विधायिका ने कोड के तहत सम्मन का फॉर्मेट सुझाते हुए एक कॉलम दिया है जिसमें कोर्ट को उस विशेष ‘दिन, तारीख, वर्ष और समय’ का जिक्र करना होता है जिस दिन पर प्रतिवादी को कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है ताकि वह अपने खिलाफ दायर मामले का जवाब दे सके। कोड की धारा 27 के तहत भी यह जरूरी है जो कि उसमें लिखे शब्दों से स्पष्ट है...”


 
Next Story