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क्या किसी कर्मचारी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई निजी सूचना है? सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]
क्या किसी कर्मचारी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई 'निजी सूचना' है? सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या किसी कर्मचारी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के क्लाउज (j), धारा 8(1) के तहत निजी सूचना है।भारतीय खाद्य निगम ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी है जिसमें उसने कहा था कि इस तरह की सूचना निजी सूचना नहीं है और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के बारे में जनता को बताया जानाचाहिए।न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए इस बारे में नोटिस जारी किया है।निगम...

कांट्रेक्ट ( नियोजित) शिक्षक नियमित शिक्षकों की तरह समान वेतन के हकदार नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को रद्द किया [निर्णय पढ़े]
कांट्रेक्ट ( नियोजित) शिक्षक नियमित शिक्षकों की तरह समान वेतन के हकदार नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को रद्द किया [निर्णय पढ़े]

हालांकि SC ने यह सुझाव दिया कि राज्य कम से कम समिति द्वारा सुझाए गए स्तर पर नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को बढ़ाने पर विचार कर सकता है।SC ने पटना उच्च न्यायालय फैसले को किया रद्दबिहार के लगभग 4 लाख नियाजित शिक्षकों (संविदा शिक्षकों) को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटना उच्च न्यायालय के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि नियोजित शिक्षक भी नियमित स्थायी शिक्षकों के बराबर वेतन के हकदार हैं।"बढेगा राज्य के वित्तीय संसाधनों पर दबाव"राज्य द्वारा दायर अपील को अनुमति देते हुए न्यायमूर्ति...

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी घरों में रहने का किराया चुकाने को कहा; बहुमूल्य सेवा की दलील ख़ारिज की [निर्णय पढ़े]
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी घरों में रहने का किराया चुकाने को कहा; 'बहुमूल्य सेवा' की दलील ख़ारिज की [निर्णय पढ़े]

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों को उस आवास का किराया छह माह के अंदर चुकाने को कहा है जहाँ वे पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें बिजली, पेट्रोल, तेल आदि का शुल्क भी चुकाने को कहा है। कोर्ट नेराज्य सरकार की इस दलील को अस्वीकार कर दिया कि इन लोगों ने अपने कार्यकाल के दौरान 'बहुमूल्य सेवा' दी है इसलिए इनसे कोई शुल्क नहीं वसूला जाए। "अगर मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए उनकी सेवा को बहुमूल्य मान भी लिया जाए तो भी उनको इस तरह का लाभ पहुँचाने का कोई औचित्य नहीं...

रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन अपने सदस्यों की तरफ से क्रियाशील लेनदार की तरह कर सकती है दिवालियापन घोषित करने की याचिका-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन अपने सदस्यों की तरफ से क्रियाशील लेनदार की तरह कर सकती है दिवालियापन घोषित करने की याचिका-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन अपने सदस्यों की तरफ से क्रियाशील लेनदार की तरह याचिका की देखरेख कर सकती है या याचिका दायर कर सकती है।जस्टिस रोहिंटन फलि नरिमन व जस्टिस विनित सरन की पीठ ने नेशनल कंपनी लाॅ अपीलेट ट्रिब्यूनल के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार कर लिया है। ट्रिब्यूनल ने माना था कि एक ट्रेड यूनियन कोई क्रियाशील लेनदार नहीं हो सकती है। क्योंकि वह काॅरपोरेट लेनदार को कोई सेवा नहीं देती है।जेके जूट मिल मजदूर मोर्चा ने अपने तीन हमार मजदूरों की तरफे एक डिमांड नोटिस जारी किया...

दया याचिका खारिज होने से पहले ही मौत की सज़ा पाए अभियुक्त को काल कोठरी में रखना है स्पष्ट रूप से अवैध-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
दया याचिका खारिज होने से पहले ही मौत की सज़ा पाए अभियुक्त को काल कोठरी में रखना है स्पष्ट रूप से अवैध-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फांसी की सज़ा पाए एक अभियुक्त को उसकी दया याचिका खारिज होने से पहले ही काल-कोठरी या एकांतवास में रखना स्पष्ट रूप से अवैध है।धर्मपाल को एक हत्या के मामले में फांसी की सज़ा दी गई थी। जिसे वर्ष 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था।उसने वर्ष 1999 में क्षमा याचना की मांग करते हुए याचिका दायर की,परंतु वर्ष 2013 में राष्ट्रपति ने उसकी इस क्षमा या दया याचिका को खारिज कर दिया।बाद में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी तरफ से दायर रिट पैटिशन को स्वीकार करते हुए उसकी फांसी की...

विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी का पंजीयकरण करवाने से पहले तीस दिन का नोटिस देने के मामले में मुस्लिम महिला पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट
विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी का पंजीयकरण करवाने से पहले तीस दिन का नोटिस देने के मामले में मुस्लिम महिला पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को यह निर्देश दिया है कि दो अलग-अलग धर्म से संबंध रखने वाले जोड़े की शादी करवाए। इस मामले में मुस्लिम धर्म से संबंध रखने वाली महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत विवाह का पंजीयकरण करवाने से पहले 30 दिन का नोटिस देने के नियम को चुनौती दी थी। यह समय अवधि इसलिए रखी गई है ताकि इस तरह के विवाह पर अगर किसी को आपत्ति हो तो उसे दर्ज किया जा सके। महिला ने एनजीओ 'धनक आॅफ हयूमेनिटी' के जरिए कोर्ट में अर्जी दायर की थी। यह एनजीओ...

सर्वोच्च न्यायलय ने लिंग चयन और लड़कों को तरजीह देने को बताया संवैधानिक कर्तव्यों और महिला सम्मान के विरुद्ध [निर्णय पढ़े]
सर्वोच्च न्यायलय ने लिंग चयन और लड़कों को तरजीह देने को बताया संवैधानिक कर्तव्यों और महिला सम्मान के विरुद्ध [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक नर बच्चे को तरजीह देना संविधान के अनुच्छेद 39ए का उल्लंघन है और अनुच्छेद 51ए(ई) में दिए गए आदेश के खिलाफ है,जिसमें नागरिकों को यह संवैधानिक ड्यूटी दी गई है कि वह महिलाओं के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले अपमानजनक चलनों का त्याग कर दे।पूर्व-गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर रोक)अधिनियम 1994 की धारा 23 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए जस्टिस अरूण मिश्रा व जस्टिस विनित सरन की खंडपीठ ने कहा कि कन्या भू्रण हत्या एक सबसे बड़ा अमानवीय काम है।कोर्ट ने...

SLP को संक्षिप्त सुनवाई से निपटा देने से इससे जुड़े मुद्दे का निपटारा नहीं हो जाता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
SLP को संक्षिप्त सुनवाई से निपटा देने से इससे जुड़े मुद्दे का निपटारा नहीं हो जाता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट के एक फ़ैसले को निरस्त करते हुए कहा है कि विशेष अनुमति याचिका को संक्षिप्त सुनवाई से निपटा देने से उससे जुड़े मामले का निपटारा नहीं हो जाता।न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पीठ ने एक प्रतिवादी द्वारा हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर अपील पर सुनवाई में कहा।हाईकोर्ट ने तीन अपीलों पर अपने फ़ैसले में भ्रष्टाचार के आरोप में सरकारी कर्मचारियों को आवश्यक रूप से रिटायर करने के निचली अदालत के फ़ैसले को सही ठहराया था।प्रतिवादियों के वक़ील...

परिसीमन अधिनियम HRCE आयुक्त जैसे वैधानिक अधिकारियों के समक्ष मामले, अपील या आवेदन करने पर लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
परिसीमन अधिनियम HRCE आयुक्त जैसे वैधानिक अधिकारियों के समक्ष मामले, अपील या आवेदन करने पर लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

परिसीमन अधिनियम का कोई प्रावधान लागू होने योग्य है या नहीं इस बारे में कोई विशेष या स्थानीय क़ानून आसानी से निर्णय कर सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि परिसीमन अधिनियम 1963 में जिन मुक़दमों, अपीलों या आवेदनों की बात कही गई है उसे किसी अदालत में दायर किया जा सकता है न कि किसी वैधानिक प्राधिकरण केसमक्ष।न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ़ की पीठ ने कहा कि हिंदू धार्मिकदान खैराती अधिनियम, 1959 के तहत 'आयुक्त' परिसीमन क़ानूनी के अनुसार 'अदालत' की श्रेणी में नहीं आता है।पीठ ने यह भी कहा...

सेना को राजनीति से अलग रखना ज़रूरी : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के प्रतिबंधों को सही ठहराया [आर्डर पढ़े]
सेना को राजनीति से अलग रखना ज़रूरी : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के प्रतिबंधों को सही ठहराया [आर्डर पढ़े]

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रक्षा और सैन्यकर्मियों की तस्वीरों को किसी विज्ञापन, पोस्टर, चुनाव अभियान या इससे संबंधित किसी अन्य गतिविधियों में प्रयोग पर चुनाव आयोग के प्रतिबंध को सही ठहराया।न्यायमूर्ति एसके सेठ और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने इन प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ दायर एक जनहित याचिका को ख़ारिज कर दिया।याचिका डॉक्टर मुमताज़ अहमद ने दायर किया था जिन्होंने इस बारे में चुनाव आयोग के अधिकारों को चुनौती दी थी जिसनेचुनावी आचार संहिता के तहत ये प्रतिबंध लगाए हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि...

देवता की संपत्ति बेचने का मामला-सुप्रीम कोर्ट ने किया झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को रद्द,हाईकोर्ट ने दिया था सीबीआई से जांच कराने का आदेश [निर्णय पढ़े]
देवता की संपत्ति बेचने का मामला-सुप्रीम कोर्ट ने किया झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को रद्द,हाईकोर्ट ने दिया था सीबीआई से जांच कराने का आदेश [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है,जिसमें हाईकोर्ट ने एक मंदिर की संपत्ति को अवैध तरीके से हस्तांतरित करने के मामले में जांच सीबीआई को सौंपी थी।जस्टिस डी.वाई चंद्राचूड़ व जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने खुद ही गलत राह चुनी है और इस मामले की जांच सीबीआई को करने का निर्देश दे दिया,जबकि यह मामला ट्रस्टी के अधिकारों से जुड़ा है,जो एक धार्मिक ट्रस्ट या देवता की संपत्ति बेचेने से संबंधित है। ऐसे में इसे सिविल विवाद का रूप दे दिया गया।इस मामले में...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने विशाल ददलानी व तेहसीन पुनावाला को निर्देश दिया है कि जैन संत तरूण सागर का अपमान करने के मामले में दस-दस लाख रुपए दे
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने विशाल ददलानी व तेहसीन पुनावाला को निर्देश दिया है कि जैन संत तरूण सागर का अपमान करने के मामले में दस-दस लाख रुपए दे

एक विचित्र कहे जा सकने वाले फैसले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्वीटर पर जैन संत तरूण सागर का अपमान करने के मामले में विशाल ददलानी व तेहसीन पुनावाला पर दस-दस लाख रुपए हर्जाना लगाया है। हालांकि कोर्ट ने पाया है कि उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक केस रद्द होने के लायक है।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने कहा कि दोनों ने सिर्फ जैन मुनि का अपमान किया है बल्कि जैन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को भी आहत किया है। कोर्ट ने कहा कि हर्जाना इसलिए लगाया जा रहा है ताकि भविष्य में वह सोशल मीडिया जैसै ट्वीटर अपनी...

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा, रिटायर जजों और उनके परिवारवालों को चिकित्सा ख़र्च का रीइमबर्समेंट दे [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा, रिटायर जजों और उनके परिवारवालों को चिकित्सा ख़र्च का रीइमबर्समेंट दे [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वह हाईकोर्ट के जजों, मुख्य न्यायाधीशों और उनके परिवार के आश्रित सदस्यों को पूर्व आदेश के अनुरूप चिकित्सा ख़र्च की अदायगी करें। पिछले साल दिसंबर में दिए गए एक आदेश में पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा था कि वे वर्तमान जजों के अनुरूप निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएँ और इसके लिए सरकार की पूर्व अनुमति की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। इस तरह की अनुमति हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के स्तर से दी जानी चाहिए। किसी भी राज्य...

किसी राष्ट्रीयकृत बैंक का प्रबंधक सरकारी नौकर होने के बावजूद सीआरपीसी की धारा 197 के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट    [निर्णय पढ़े]
किसी राष्ट्रीयकृत बैंक का प्रबंधक सरकारी नौकर होने के बावजूद सीआरपीसी की धारा 197 के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक राष्ट्रीयकृत बैंक में काम करने वाला सरकारी मुलाजिम सीआरपीसी की धारा 197 के तहत अनुमति का संरक्षण प्राप्त नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ़ ने इस मामले में अपने फ़ैसले के लिए K.CH. Prasad Vs. J. Vanalatha Devi मामले में 1987 में आए फैसले पर भरोसा किया। इस मामले में कहा गया कि सरकारी कर्मचारी वह है जिसे सरकार की अनुमति के बिना अपने पद से हटाया नहीं जा सकता है।यह कहा गया कि सीआरपीसी की धारा 197 का प्रयोग तभी होता है जब सरकारी नौकर ऐसा...

दोषसिद्धि या अपराध सिद्धि पर रोक लगाने के मामले में लागू होने वाले सिद्धांत के आधार पर सजा पर रोक लगाने की मांग को नहीं किया जा सकता है खारिज: SC  [निर्णय पढ़े ]
दोषसिद्धि या अपराध सिद्धि पर रोक लगाने के मामले में लागू होने वाले सिद्धांत के आधार पर सजा पर रोक लगाने की मांग को नहीं किया जा सकता है खारिज: SC [निर्णय पढ़े ]

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है,जिसमें हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि या अपराध सिद्धि पर रोक लगाने के मामले में लागू होने वाले प्रिंसीपल को आधार बनाते हुए सजा या कैद पर रोक लगाने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया था।एन.रामामूर्थी को निचली अदालत ने भारतीय दंड संहिता व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि रामामूर्थी ने आपराधिक षड्यंत्र रचा और विश्वासघात,जालसाजी,फर्जीवाड़ा,खातों में छेड़छाड़ व फंडों का दुरूपयोग किया था।...

न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम: अनुभव के आधार पर अकुशल को अर्धकुशल और अर्धकुशल को कुशल बताना नियमविरुद्ध है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम: अनुभव के आधार पर अकुशल को अर्धकुशल और अर्धकुशल को कुशल बताना नियमविरुद्ध है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यूनतम मज़दूरी के निर्धारण/संशोधन के लिए जारी की गई अधिसूचना में अनुभव के आधार पर अकुशल कर्मचारी को अर्धकुशल और अर्धकुशल और अकुशल बताने काअधिकार सरकार को नहीं।न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम की धारा 5 के तहत जारी अधिसूचना के तहत हरियाणा के श्रम विभाग ने श्रमिकों की निम्नलिखित श्रेणियों की चर्चा की है : अकुशल कर्मचारी जिनके पास पाँच साल का अनुभव हैउन्हें अर्ध-कुशल और 'A' श्रेणी में माना जाएगा; अर्ध-कुशल 'A' श्रेणी में तीन साल का अनुभव लेने के बाद कर्मचारी को 'B' श्रेणी का...