मुख्य सुर्खियां
नागरिकता अधिनियम संशोधन विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंज़ूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नागरिकता अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक को मंजूरी दे दी। पीटीआई के हवाले से खबर में कहा गया कि संशोधन में पाकिस्तान, बांग्लादेश और बांग्लादेश से गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की शर्तों को शिथिल करने का प्रयास किया गया है। पीटीआई के अनुसार, अगले दो दिनों में बिल संसद में पेश किए जाने की संभावना है। प्रस्ताव ने पहले ही बहुत सारे विवाद उत्पन्न कर दिए हैं। विधेयक के आलोचकों का तर्क है कि संशोधन नागरिकता को धार्मिक पहचान से जोड़ना चाहता है,...
एक ताज़ा रेप केस में पीड़िता की पहचान का खुलासा करने वाले मीडिया के खिलाफ जनहित याचिका
तेलंगाना राज्य में हाल ही में हुए बलात्कार के मामले में पीड़िता की पहचान का खुलासा करने वाले मीडिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में दलील दी गई है कि पीड़ित और आरोपी व्यक्तियों के नाम, पते, चित्र, कार्य विवरण आदि का इस तरह का प्रदर्शन आईपीसी की धारा 228 ए और निपुण सक्सेना मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून का उल्लंघन करता है। शीर्ष अदालत ने निपुण सक्सेना मामले में पीड़िता की पहचान के संरक्षण के बारे में निम्नलिखित...
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया, स्टे देते हुए इन तीन पहलुओं का रखें ध्यान
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी कोर्ट को स्टे देते समय तीन पहलुओं पर विचार करना चाहिए, जैसे (1) सुविधा संतुलन (2) अपूरणीय क्षति या चोट और (3) प्रथम दृष्टया मामला। जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच ने मिजोरम सरकार द्वारा हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें यह निर्देश दिया गया था कि चूंकि रिट पिटिशन का अंतिम परिणाम लंबित है, इसलिए दिनांक 04।06।19 को रुचि अभिव्यक्त कर चुके पेपर लॉटरी ड्रॉ के सभी अनुसरणकर्ताओं को स्थगित रखा जाए। यह दलील दी गई थी कि...
सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह, देखिए वीकली राउंड अप
सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा नवंबर 2019 का अंतिम सप्ताह। आइए देखते हैं, सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख आदेश। पिछले सप्ताह कौन से बड़े और महत्वपूर्ण मामले सुने गए इस पर एक नज़र। सुप्रीम कोर्ट में पिछला सप्ताह काफी हलचल वाला रहा। देखिए वीकली राउंड अप। आरोपी और पीड़ित के बीच हुए समझौते के आधार पर बलात्कार केस को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के मामले में संबंधित पक्षों को पूर्ण न्याय देने के लिए आरोपी और पीड़ित के बीच हुए समझौता के आधार पर बलात्कार का केस खारिज कर दिया। केरल...
मुकदमे की अनुमति देने में अनियमितता से भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी : सुप्रीम कोर्ट
भ्रष्टाचार के मामले मेंमुकदमा चलाने की अनुमति देने में हुई गलती, चूक या अनियमितता को तब तक भयंकर नहीं माना जाएगा जब तक कि इसकी परिणति न्याय की विफलता में नहीं होती है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा। न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और संजीव खन्ना की पीठ ने भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम की धारा 7 और 3 के तहत आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह बात कही। विनोद कुमार गर्ग बनाम राज्य मामले में यह दलील दी गई थी कि उप अधीक्षक या इसके बराबर स्तर के पुलिस अधिकारी ने मामले की जांच नहीं की थी। इस दलील पर गौर करते...
जानिए कैसा रहा सुप्रीम कोर्ट में पिछला सप्ताह, वीकली राउंड अप पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर से लेकर 22 नवंबर तक कौन से बड़े और महत्वपूर्ण मामले सुने गए इस पर एक नज़र। सुप्रीम कोर्ट में पिछला सप्ताह काफी हलचल वाला रहा। देखिए वीकली राउंड अप। वरिष्ठता तब से आंकी नहीं जा सकती, जब तक कोई सेवा में पदस्थ ना हुआ हो : सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि सेवा न्यायशास्त्र के तहत वरिष्ठता का दावा उस तिथि से नहीं किया जा सकता जब कोई कैडर में पदस्थ ना हुआ हो। न्यायमूर्ति आर बानुमति, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ मणिपुर पुलिस सेवा...
गुस्सैल पूर्व कर्नल ने अपने कंपाउड में फल तोड़ रहे लड़के को गोली मारी थी, सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, पढ़िए जजमेंट
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया और इसे गैर इरादतन हत्या का केस माना। पूर्व कर्नल पर अपने डिफेंस एन्क्लेव से फल तोड़ रहे एक लड़के की हत्या करने का आरोप था। उसे हत्या के लिए दोषी नहीं ठहराया गया और सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए उसे गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया। कांडस्वामी रामराज को ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 302 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया गया था और मद्रास उच्च न्यायालय ने भी इसे बरकरार रखा था। ...
अयोध्या फैसले के बाद प्रधानमंत्री मोदी के CJI गोगोई को बधाई देने की बांग्लादेशी मीडिया की खबरों का भारत ने खंडन किया
भारत ने बांग्लादेशी मीडिया की उस रिपोर्ट को " दुर्भावनापूर्ण "और" फर्जी " करार दिया है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के फैसले पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को बधाई दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बुधवार को ट्वीट किया, "हम समुदायों को विभाजित करने के लिए ऐसी फर्जी और दुर्भावनापूर्ण ख़बरों को फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों की कड़ी निंदा करते है जो भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच असहमति और कमजोर दोस्ती पैदा करते हैं।"भारतीय उच्चायोग...
वकील अदालतों के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए बाध्य, कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों से काम से दूर न रहने की अपील की
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय.एस. ओका ने एक बयान जारी किया है, जिसमें राज्य में वकीलों से अदालत के काम से परहेज न करने या अनुपस्थित न रहने और अदालत के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। इस बयान में कहा गया है कि ''यह कानून की एक स्पष्ट स्थिति है कि अदालत के काम को रोकना या अदालती कार्यवाही का बहिष्कार करना और बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों द्वारा बार के सदस्यों को अदालत के काम से दूर रहने या अदालतीय कार्यवाही का बहिष्कार करने के लिए कहने का काम या गतिविधि,...
अपराध की गंभीरता ज़मानत न देने का निर्णायक आधार नहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के मामले के (जिसने बाद में आत्महत्या कर ली थी) आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि ''ज़मानत देने से इनकार करने के लिए अपराध की गंभीरता अकेले एक निर्णायक आधार नहीं हो सकती, बल्कि अदालत द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते समय प्रतिस्पर्धी कारकों या तथ्यों को संतुलित किया जाना चाहिए।'' न्यायमूर्ति अशोक.जी निजगनवर ने संतोष दानकांकेरी को जमानत देते हुए कहा , ''जमानत का उद्देश्य मुकदमे में अभियुक्त की उपस्थिति को सुनिश्चित करना है और इस...
आवश्यक धार्मिक गतिविधियों के मामलों पर निर्णय के लिए बड़ी पीठ का गठन होने तक सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला रिव्यू को लंबित रखेगा
सुप्रीम कोर्ट ने वृहस्पतिवार को सबरीमाला मामले में 3:2 की सहमति से आए रिव्यू फ़ैसले को तब तक लंबित रखने का फ़ैसला किया है जब तक कि इस मामले में बड़ी पीठ इस मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के बारे में कोई निर्णय नहीं ले लेता। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति खानविलकर और इन्दु मल्होत्रा की राय एक थी कि आवश्यक धार्मिक गतिविधियों में अदालत हस्तक्षेप कर सकता है कि नहीं यह मामला बड़ी पीठ को सौंपी जाए जबकि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और नरीमन ने इसके ख़िलाफ़ अपना फ़ैसला दिया। ...
जज क़ानून से ऊपर नहीं, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, न्यायिक नियुक्त की प्रक्रिया अवश्य ही पारदर्शी होनी चाहिए
अपनी अलग लेकिन सहमतिपूर्ण राय में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली हाईकोर्ट के ख़िलाफ़ इस अपील को ख़ारिज कर दिया कि सीजेआई का ऑफ़िस आरटीआई अधिनियम के तहत आता है। अपने फ़ैसले में उन्होंने कहा कि उच्च न्यायपालिका में जजों का चयन और उनकी नियुक्ति की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनके हिसाब से, इससे नियुक्ति की प्रक्रिया में आत्मविश्वास बढ़ेगा और इसमें पारदर्शिता आएगी और न्यायपालिका एवं सरकार में हर स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में उत्तरदायित्व का भाव पैदा होगा। न्यायमूर्ति...
प्रथम दृष्टया पुख्ता सबूत को लेकर आश्वस्त होने पर ही अदालत आरोपी को अदालत में पेशी के लिए बुलाए : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक ताज़ा फैसले में इस बात को दोहराया कि किसी आरोपी को अदालत में बुलाने को लेकर मजिस्ट्रेट के लिए यह जरूरी है कि वह इसके बारे में अपने आश्वस्त होने का उल्लेख करे। अदालत ने यह फैसला आवेदनकर्ता की इस दलील पर दिया कि निचली अदालत ने शिकायतकर्ता और उसके गवाहों के बयानों के आधार पर सिर्फ एक निष्कर्ष रिकॉर्ड किया था कि प्रथम दृष्टया ऐसा करने का आधार है, लेकिन अदालत का यह निष्कर्ष सीआरपीसी की धारा 200 और 202 के तहत शिकायतकर्ता और उसके गवाहों के रिकॉर्ड बयानों पर हुई बहस के बाद...
आखिर क्या है अयोध्या अधिनियम, जिसके तहत केंद्र मंदिर निर्माण के लिए बनाएगा ट्रस्ट
अयोध्या में विवादित भूमि हिंदू देवता राम लला की है, ये फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वो क्षेत्र में निहित हित को देखते हुए एक ट्रस्ट की स्थापना के लिए एक योजना तैयार करे ताकि आंतरिक और बाहरी अहातों के कब्जे को हस्तांतरित किया जाए। यह दिशा-निर्देश अयोध्या अधिनियम 1993 में निश्चित क्षेत्र के अधिग्रहण के खंड 6 और 7 के तहत केंद्र सरकार में निहित शक्तियों को देखते हुए आया है। न्यायालय ने निर्देश दिया: "केंद्र सरकार इस फैसले की तारीख से...
अयोध्या मामले में 1045 पन्नों का फैसला किसने लिखा?
अयोध्या-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का 1045 पन्नों के फैसले में उस लेखक के नाम का खुलासा नहीं करता है, जिसने इसे लिखा। यह असामान्य है बात है कि कोर्ट के आदेश पर इसके लेखक का नाम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में स्थापित प्रथा के अनुसार एक बेंच द्वारा दिए गए निर्णय को लिखने वाले न्यायाधीश का नाम इसमें दिया जाता है। लेकिन अयोध्या फैसले को किसने लिखा है, इसका उल्लेख नहीं किया गया है। मामले की सुनवाई पांच न्यायाधीशों की पीठ ने की जिसमें मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस...
सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले को नहीं समझ सका कहा, ऐसा आदेश दें, जिसे हम समझ सकें
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से 'अनुरोध' करते हुए कहा कि ऐसा आदेश पारित करें, जिसे हम समझ सकें। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश लागू करने वाली विशेष अवकाश याचिका का निपटान किया। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश अस्पष्ट है। हाईकोर्ट ने जो निर्णय दिया है, उसे हम समझ नहीं पा रहे हैं। पीठ ने आदेश को रद्द कर दिया और मामले को हाईकोर्ट वापस भेज दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के द्वारा एक आपराधिक रिट याचिका में पारित एक आदेश के...




















