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नेशनल हेराल्ड : सुप्रीम कोर्ट ने सोनिया, राहुल के खिलाफ आयकर मामले को 17 मार्च को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपील को 17 मार्च को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है जिसमें आयकर विभाग द्वारा वर्ष 2011-2012 के आयकर का पुनर्मूल्यांकन करने का फैसला किया गया था। शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित अपीलें नेशनल हेराल्ड मामले से निकली हैं जिसमें 2011 में उनके द्वारा दायर आयकर रिटर्न में यंग इंडियन में उनके शेयर को छिपाने पर आयकर विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया...
पिछले पांच साल में दिल्ली में 1,294 नाबालिगों ने आत्महत्या की : दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
पिछले पांच वर्षों में राजधानी में कुल 1,294 नाबालिगों ने आत्महत्या की है। दिल्ली पुलिस ने देश में आत्महत्याओं की घटनाओं की रोकथाम के लिए एक सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग करने वाली याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है। शीर्ष अदालत में दायर एक हलफनामे में पुलिस ने कहा है कि वह मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 2017 के जनादेश का सही तरीके से पालन कर रहा है।पुलिस ने कहा है कि उसने दिल्ली में आत्महत्याओं के संबंध में आंकड़ों को इकट्ठा किया है और पिछले...
फ़र्ज़ी लकी ड्रॉ ऑफ़र : वक़ील को रेनॉ इंडिया से मिला दो लाख रुपए का मुआवज़ा
कोल्लम के उपभोक्ता विवाद निवारण मंच के अध्यक्ष ईएम मुहम्मद इब्राहिम और सदस्य एस संध्या रानी ने कहा कि कंपनियों को लकी ड्रॉ का आयोजन पारदर्शी तरीक़े से करना चाहिए और इसके विजेता का नाम लकी ड्रॉ के कूपन में दिए गए शर्तों के अनुरूप जारी करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी द्वारा सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की स्थिति में उपभोक्ता (शिकायतकर्ता) को मुआवज़ा पाने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। 2014 के ओणम त्योहार के दौरान...
जस्टिस संजू पांडा उड़ीसा हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त
केंद्र ने उड़ीसा उच्च न्यायालय की वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजू पांडा की नियुक्ति को उड़ीसा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में अधिसूचित किया है। जस्टिस पांडा का कार्यकाल 5 जनवरी से शुरू होगा। उन्होंने 1985 में उड़ीसा उच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में दाखिला लिया और उन्हें सेवा, सिविल, आपराधिक, कंपनी और संवैधानिक मामले में 21 साल का अनुभव है। उन्हें 1994 में एक स्थायी वकील के रूप में और 1995 में सतर्कता (विशेष न्यायालय) के लिए स्थायी परामर्शदाता के रूप में नियुक्त...
ख़ुद पर प्रतिबंध लगाने का सिद्धांत अनुच्छेद 227 पर उसी तरह से लागू नहीं होता जैसे अनुच्छेद 226 पर : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि ख़ुद पर प्रतिबंध लगाने का सिद्धांत संविधान के अनुच्छेद 227 पर उस तरह लागू नहीं होता जैसे कि यह अनुच्छेद 226 पर लागू होता है। न्यायमूर्ति दामा शेशाद्रि नायडू ने जसराज ओसवाल की याचिका पर यह फ़ैसला दिया। ओसवाल एक मामले में अपना बचाव कर रहे हैं, जिसमें प्रतिवादी ने याचिकाकर्ता को अपनी परिसंपत्ति से एक किरायेदार के रूओप में हटाए जाने की मांग की है। उस मामले में याचिकाकर्ता ने वादी के रूप में सीपीसी के आदेश 7 नियम 11 के तहत इस याचिका को ख़ारिज करने की मांग की है। ...
फिल्म गुड न्यूज़ की रिलीज को रोकने की मांग करने वाली याचिका कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज की
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को हिंदी फिल्म गुड न्यूज़ की रिलीज को रोकने के लिए दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। यस ट्रस्ट की अध्यक्ष मीर समीना रजा द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर की खंडपीठ ने कहा, "यह स्वीकार करना मुश्किल है कि आईवीएफ केंद्र चुनने वाला कोई भी युगल किसी फिल्म से प्रभावित होगा, क्योंकि यह एक गंभीर मुद्दा है।" याचिका में फिल्म के निर्माता को एक स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया था...
अगर सीपीसी के आदेश 41 नियम 5 के तहत जारी निर्देश मनमाना और विकृत है तो उसमें हस्तक्षेप किया जा सकता है : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर किसी अपीली अदालत ने सीपीसी के आदेश 41 नियम 5 के तहत कोई आदेश किया है जो मनमाना और विकृत है तो उसमें हस्तक्षेप किया जा सकता है। न्यायमूर्ति दामा शेशाद्रि नायडू ने कहा, "मेरा मानना है कि सीपीसी के आदेश 41 नियम 5 के तहत अपीली अदालत के अधिकार एक विवेकाधीन अधिकार है। और जब तक इसके तहत कोई निर्देश मनमाना और विकृत नहीं है, अपीली अदालत सीपीसी की धारा 115 या अनुच्छेद 227 के तहत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता।" अदालत ने कहा कि सीपीसी के आदेश 41 नियम 5 एक अपील में...
केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
केंद्र ने दो साल की अवधि के लिए अधिवक्ता माधव जयजीराव जामदार को बॉम्बे हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 मार्च, 2019 को अधिवक्ता माधव जयजीराव जामदार के नाम के सिफारिश की थी। उक्त प्रस्ताव में 22 अगस्त, 2019 को केंद्र द्वारा नियुक्त किए गए चार अन्य अधिवक्ताओं के नाम भी शामिल हैं। अधिसूचना डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें
कर्नाटक हाईकोर्ट के 5 अतिरिक्त न्यायाधीशों की स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति
केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट के 5 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की है। वे इस प्रकार हैं: जस्टिस दीक्षित कृष्ण श्रीपाद जस्टिस शंकर गणपति पंडित न्यायमूर्ति रामकृष्ण देवदास न्यायमूर्ति भतनसूर मल्लिकार्जुन श्याम प्रसाद जस्टिस सिदप्पा सुनील दत्त यादव इन सभी की नियुक्ति उस तिथि से प्रभावी होगी, जब वे अपने संबंधित कार्यालयों का प्रभार ग्रहण करेंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 17 दिसंबर, 2019 को अपने प्रस्ताव में इनकी नियुक्ति की सिफारिश की...
सीएए प्रोटेस्ट : दिल्ली की अदालत ने वीडियो सबूतों के आधार पर दो आरोपियों को ज़मानत दी
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को सीलमपुर में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा के लिए गिरफ्तार किए गए दो व्यक्तियों - साजिद अली और दानियाल की ज़मानत अर्जी मंजूर कर ली। कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरदीप सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए वीडियो सबूतों में हिंसा में आरोपियों की संलिप्तता नहीं है। 18 दिसंबर को कड़कड़डूमा मजिस्ट्रेट ने उन्हें 14 दिन की हिरासत में भेज दिया था। पुलिस के अनुसार, सीलमपुर में सीएए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था और प्रदर्शनकारियों...
ट्रेडमार्क के रूप में भगवान के नाम का पंजीकरण नहीं हो सकता, इस बारे में कोई सटीक सिद्धांत नहीं : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है इस बारे में कोई सटीक सिद्धांत नहीं है कि भगवान के नाम का ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकरण नहीं हो सकता। न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी और न्यायमूर्ति मोहम्मद निज़ामुद्दीन ने श्याम शीतल इण्डस्ट्रीज लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा। श्याम शीतल इण्डस्ट्रीज 'श्याम' ट्रेडमार्क का पंजीकरण करा रखा है। इस मामले में श्याम शीतल इण्डस्ट्रीज ने श्याम सेल और पावर लिमिटेड पर ट्रेडमार्क के उल्लंघन का आरोप लगाया है। अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील की कि 'श्याम' भगवान कृष्ण का...
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात रियल एस्टेट अपीली ट्रिब्यूनल के कोरम को लेकर दायर पीआईएल पर जारी किया नोटिस
गुजरात रियल एस्टेट अपीली अथॉरिटी के कोरम को दी गई चुनौती पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य का पक्ष जानने के लिए उसको नोटिस जारी किया है। इस अथॉरिटी में सिर्फ़ एक ही न्यायिक सदस्य है और कोई तकनीकी या प्रशासनिक सदस्य नहीं है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और एजे शास्त्री ने राज्य सरकार और गुजरात रियल एस्टेट अपीली अथॉरिटी को एक पीआईएल पर नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि गुजरात रियल इस्टेट अपीली ट्रिब्यूनल की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है। यह पीआईएल निपुण प्रवीण सिंघवी ने दायर...
"मैं स्कूल के पास सड़कों पर गड्ढे के कारण स्कूल जाने से डरता हूं",केरल हाईकोर्ट ने स्कूली छात्र के पत्र के बाद दिए निर्देश
एक स्कूली छात्र के पत्र पर संज्ञान लेते हुए केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवन रामचन्द्रन ने कोच्चि नगर निगम को तत्काल क़दम उठाकर स्कूल के नज़दीक उन गड्ढों को भरने का निर्देश दिया है, जिनकी शिकायत पत्र में छात्र द्वारा की गई है। हाईकोर्ट ने इससे पहले सरकार और स्थानीय प्रशासन को आदेश जारी कर राज्य की सभी सड़कों को 31 जनवरी 2020 तक मोटर वाहन के चलने लायक़ बनाने को कहा था। यह पत्र आरव एम कामत नामक एक स्कूली छात्र ने लिखा था जो सेंट जूलियानस पब्लिक स्कूल, पेरूमपमदप्पू, कोच्चि में तीसरी कक्षा का...
कर्नाटक में जिला अदालतें अतिरिक्त घंटे काम करेंगी
कर्नाटक में जिला और तालुका अदालतें 1 जनवरी, 2020 से अतिरिक्त घंटे काम करेंगी। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा सोमवार, 30 दिसंबर को जारी अधिसूचना में हा गया था कि, " दिनांक 18 दिसंबर, 2019 को पूर्ण अदालत के प्रस्ताव के मद्देनजर अदालतों का पहला सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक शुरू होगा। दोपहर के भोजन के बाद दूसरा सत्र दोपहर 2.45 से शाम 5.45 बजे के बीच होगा। कार्यालय के कर्मचारियों के काम के घंटे भी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संशोधित किए जाते हैं। दोपहर का भोजन दोपहर 2 से 2.45 बजे के बीच होगा। ...
ईयरली राउंड अप : क्रिमिनल लॉ पर सुप्रीम कोर्ट के साल 2019 के ये अहम फैसले
साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के क्रिमिनल लॉ पर दिए गए खास जजमेंट/ऑर्डर पर एक नज़र।मजिस्ट्रेट ट्र्रायल शुरू होने से पहले तक मामले में आगे की जांच के आदेश दे सकते हैं, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की एक बेंच ने वस्तुतः एक 43 साल पुरानी मिसाल को बदल दिया। न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने गुजरात उच्च न्यायालय के एक आदेश को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि मजिस्ट्रेट के पास एक अपराध की जांच करने का आदेश देने की...
सुप्रीम कोर्ट मंथली डाइजेस्ट : दिसंबर 2019
अगर किसी नॉन-स्पीकिंग आदेश से विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज किया गया हो तो उस पर विलय का सिद्धांत लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी विशेष अनुमति याचिका को निरस्त करने के लिए कोई नॉन-स्पीकिंग आदेश संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत क़ानून का उद्घोष नहीं है और न ही यह विलय का सिद्धांत इस पर लागू होता है। पी सिंगरवेलन बनाम ज़िला कलेक्टर, तिरुपुर का यह मामला तमिलनाडु सरकार के एक आदेश की व्याख्या से जुड़ा था। अदालत ने पाया कि ऐसे बहुत सारे आदेश आए हैं जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने...
बचाव पक्ष अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को स्वीकार कर लेता है तो इसे महत्वपूर्ण सबूत माना जा सकता है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बचाव पक्ष अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जायज़ बताकर स्वीकार कर लेता है तो उसके बाद इसे महत्त्वपूर्ण सबूत माना जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने कहा, "अगर बचाव पक्ष ने निचली अदालत के समक्ष पेश पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सही मान लिया है तो इस दस्तावेज़ की वास्तविकता साबित हो चुकी है और उसे सीआरपीसी की धारा 294 के तहत सबूत माना जा सकता है।" निचली अदालत में सुनवाई के दौरान इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के औपचारिक सबूत कोई...
जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा, एनजेएसी मामले में अपने फैसले पर पछतावा
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि अब चीजें देखने के बाद उन्हें एनजेएसी मामले में अपने फैसले पर पछतावा है। उन्होंने कहा, "अब चीजें देखने के बाद मुझे एनजेएसी फैसले का हिस्सा होने पर अफसोस है।" न्यायमूर्ति जोसेफ उस संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने 4: 1 के बहुमत ने 99वें संविधान संशोधन को निरस्त कर दिया था, जिसने न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली को बदलने के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) बनाया था। वह 28 दिसंबर को कोच्चि में आयोजित अखिल...
एक ग़लत निर्णय किसी व्यक्ति को ग़लत आदेश लागू कर समानता का दावा करने का अधिकार नहीं देता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इस बारे में क़ानून पूरी तरह स्पष्ट है कि क़ानून की नज़र में समानता एक सकारात्मक परिकल्पना है और इसको नकारात्मक रूप में लागू नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह के पक्ष में कोई ग़ैरक़ानूनी काम हुआ है या अनियमितता बरती गई है तो दूसरे लोग क़ानून के समक्ष समानता के सिद्धांत के आदेश का दावा नहीं कर सकते। इस मामले में याचिकाकर्ता ने औद्योगिक ट्रिब्यूनल के फ़ैसले को चुनौती दी थी जिसने प्रतिवादी को सेवा से हटाए जाने पर लगाए गए जुर्माने को निरस्त कर...
क़ानून की पुस्तकों के प्रकाशकों से मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, पुस्तकों में संशोधन पर रहें सतर्क, नहीं तो अदालत ले सकती है ग़लत फैसले
एक रिट याचिका को ख़ारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने पुस्तक प्रकाशकों से कहा कि वे पुस्तकों में सभी अधिनियमों, नियमों और विनियमनों में हुए सभी संशोधनों को शामिल करें ताकि कोई भ्रम नहीं रहे और जजों को सही आदेश पास करने में मदद मिले। मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप साही और सुब्रमोनियम प्रसाद की बेंच ने कहा, "यह अदालत विभिन्न पुस्तक प्रकाशकों से अनुरोध करती है कि वे पुस्तकों में संशोधनों को शामिल करते हुए सावधान रहें नहीं तो अदालत कोई ग़लत निर्णय ले सकती है और यह लोगों के हितों के ख़िलाफ़...




















