मुख्य सुर्खियां
बरी किए जाने के आदेश के ख़िलाफ़ क्या हाईकोर्ट रिविज़नल ज्यूरिडिक्शन का प्रयोग कर सकता है? पढ़िए इलाहाबाद HC ने क्या कहा
हाल के एक फ़ैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निजी प्रतिवादी को बरी करते हुए कहा कि जहां निचली अदालत के फ़ैसले को किसी भी तरह से ग़ैरक़ानूनी नहीं कहा जा सकता या जिसमें किसी भी तरह से क्षेत्राधिकार संबंधी ग़लती नहीं है, ऐसे फ़ैसले में हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है। न्यायमूर्ति राज बीर सिंह की एकल पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के रिविज़नल संबंधी क्षेत्राधिकार की परिधि काफ़ी सीमित है और इसका प्रयोग यदाकदा किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सिंह ने वेंकटेशन बनाम रानी एवं अन्य, (2013) 14 SCC 207 मामले में आए...
JJ एक्ट : 7 साल से ज्यादा की अधिकतम सजा लेकिन न्यूनतम सजा प्रदान न करने वाले अपराध 'जघन्य ' नहीं ' गंभीर' श्रेणी के : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 2 (33) के में 7 साल से अधिक कारावास की सजा का प्रावधान है लेकिन कोई न्यूनतम सजा प्रदान नहीं दी गई है, या 7 साल से कम की न्यूनतम सजा प्रदान की गई है तो इसे 'जघन्य अपराध' नहीं माना जा सकता है। संविधान के अनुच्छेद 142 को लागू करते हुए न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने अपराध, जहां अधिकतम सजा 7 साल से अधिक का कारावास है, लेकिन कोई न्यूनतम सजा या 7 साल से कम की सजा है तो इसे...
केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दो और अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
विधि और न्याय मंत्रालय (न्याय विभाग) ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीशों के रूप में निम्नलिखित नियुक्तियों को अधिसूचित किया है। 1) अमित बालाचंद्र बोरकर 2) श्रीकांत दत्तराय कुलकर्णी इन नियुक्तियों के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 72 हो गई, जो 94 जजों की स्वीकृत से संख्या अभी भी 22 कम है। पिछले साल, बॉम्बे उच्च न्यायालय में दस नए न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे। दिसंबर में छह न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे और जनवरी में माधव जामदार को नियुक्त किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने हथनी को रिहा करने की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वापस लेने की अनुमति के साथ खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हथनी लक्ष्मी को उसके पूर्व महावत को वापस सौंपने से इनकार कर दिया और महावत द्वारा हथनी को वापस पाने के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर उचित राहत के लिए हाईकोर्ट से संपर्क करने की स्वतंत्रता देने के साथ याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए याचिका का निपटान कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वर्तमान में याचिकाकर्ता महावत का हथनी पर स्वामित्व का दावा किसी भी कानूनी दस्तावेज से साबित नहीं होता है। हालांकि, अदालत ने हाईकोर्ट से...
शाहीन बाग में चल रहे सीएए के विरोध को कहीं और स्थानांतरित करने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहीन बाग में सीएए के विरोध में चल रहे विरोध प्रदर्शन को अलग 'अधिकृत विरोध क्षेत्र' में स्थानांतरित करने की मांग करने वाले आवेदन पर विचार करने से इनकार कर दिया है। यह आवेदन दिल्ली में रहने वाले एक छात्र ने दिया था। यह छात्र चाहता था कि विरोध प्रदर्शन को शाहीन बाग से स्थानांतरित कर दिया जाए, उसके अनुसार, इस प्रदर्शन के कारण डीएनडी फ्लाईओवर मार्ग की ओर ट्रैफिक का बहुत बढ़ जाता है। आवेदन में उल्लेख किया गया था कि विरोध प्रदर्शनों से कालिंदी कुंज रोड क्षेत्र में भारी भीड़ हो...
प्रतिकूल कब्जे के जरिये अपने नागरिकों की जमीन पर सरकार को पूर्ण स्वामित्व की अनुमति नहीं दी जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
उच्चतम न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश की एक 80-वर्षीया निरक्षर विधवा को राहत प्रदान की है, जिसकी जमीन राज्य सरकार ने 1967-68 में सड़क निर्माण के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाये बिना जबरन ले ली थी। न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने व्यवस्था दी कि सरकार नागरिकों से हड़पी जमीन पर पूर्ण स्वामित्व के लिए प्रतिकूल कब्जे (एडवर्स पजेशन) के सिद्धांत का इस्तेमाल नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनाये बगैर निजी सम्पत्ति से किसी को जबरन बेदखल करना उसके मानवाधिकार तथा...
काल्पनिक आय पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता : गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने फिर कहा है कि टैक्स ऐसी ही आय पर लगाया जा सकता है जो काल्पनिक नहीं है और यह आय आकलन वर्ष में असेसी को प्राप्त होना चाहिए। न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला और भार्गव डी करिया ने आयकर अपीली अधिकरण के मई 2019 के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। अधिकरण ने आयकर आयुक्त को आदेश दिया था कि वह 2010-11 आकलन वर्ष में असेसी के आय में से ₹4,42,72,610 की राशि निकाल दे। पीठ ने इस याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि इसी तरह का मुद्दा उस असेसी के मामले में 2009-10 में भी उठा था। राजस्व...
अडानी ग्रुप द्वारा कथित कस्टम ड्यूटी छिपाने पर DRI के LR को खारिज करने वाले बॉम्बे HC के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें राजस्व निदेशालय (DRI) द्वारा अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अडानी समूह की कंपनी अदानी पावर लिमिटेड द्वारा इंडोनेशियाई कोयले की खरीद और बिक्री के बारे में जानकारी के लिए सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स के अधिकारियों को जारी किए गए लेटर रोगेटरी को खारिज कर दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की तीन जजों की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ DRI...
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस एक्ट में अस्थायी आदेश का अनुरोध करने वाले वादी को अविवादित तथ्यों के आईने में प्रथमदृष्ट्या मजबूत आधार दिखाना होगा : सुप्रीम कोर्ट
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि करार के तहत निश्चित अदायगी (स्पेसिफिक परफॉर्मेंस) से संबंधित मुकदमे में अस्थायी आदेश के तौर पर राहत पाने के लिए अविवादित तथ्यों के जरिये प्रथमदृष्ट्या मजबूत आधार बनाना जरूरी है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि निश्चित अदायगी खुद में विवेकाधीन उपाय है। पीठ ने यह भी कहा कि अंतरिम आदेश के लिए प्रथमदृष्ट्या मामला, सुविधा का संतुलन और अपूरणीय क्षति जैसे तथ्यों के अलावा संबंधित पक्षों का व्यवहार...
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 163 A के तहत उधार पर वाहन चलाने वाले का वाहन मालिक और बीमा कंपनी पर दावा सुनवाई योग्य नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163A के तहत वाहन मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ दावा सुनवाई योग्य नहीं है जिसे मृतक खुद चला रहा था। इस मामले में मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों ने उस वाहन के मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163A के तहत दावा दायर किया जो मृतक द्वारा स्वयं चलाया जा रहा था। ट्रिब्यूनल ने इस आधार पर दावा करने की अनुमति दी कि मृतक उस वाहन के मालिक के रोजगार में था जिसे उसके द्वारा संचालित किया गया था और दूसरी बात, अधिनियम की धारा 163A...
इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के खिलाफ याचिका पर जस्टिस अशोक भूषण ने सुनवाई से खुद को अलग किया
जस्टिस अशोक भूषण ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। यह तब हुआ जब इलाहाबाद हेरिटेज सोसाइटी द्वारा दायर याचिका जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एम आर शाह की बेंच के सामने आई। इसके पीछे कारण हो सकता है कि जस्टिस भूषण इलाहाबाद से हैं। इस याचिका में 26 फरवरी, 2019 को दिए गए इलाहाबाद के फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें इलाहाबाद का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका को...
40% पद ख़ाली : ज़िला अदालतों में लोक अभियोजकों की नियुक्ति के लिए और समय देने से कर्नाटक हाईकोर्ट का इनकार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने जिला अदालतों में लोक अभियोजकों, वरिष्ठ सहायक लोक अभियोजक और सहायक लोक अभियोजकों की राज्य में ख़ाली पदों पर नियुक्ति के लिए 31 मार्च 2020 तक का समय देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हेमंत चंदंगपुदर की खंड पीठ ने कहा, "अगर 40 प्रतिशत सीट ख़ाली हैं तो यह स्पष्ट है कि आपराधिक न्याय व्यवस्था थम गई है। अदालतों की अमूमन आलोचना की जाती है पर अगर अभियोजक ही नहीं हों, तो जज क्या कर सकता है। इस समय हालात ऐसे हैं कि एक अभियोजक कई तालुकों में दो अलग तरह की अदालतों...
आवारा पशुओं के कारण होने वाली हर दुर्घटना के लिए राज्य जिम्मेदार नहीं, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मुआवजा देने से किया इंकार
यह स्पष्ट करते हुए कि आवारा पशुओं के कारण होने वाली हर दुर्घटना के लिए राज्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐसे एक मामले में मुआवजा देने के लिए राज्य को निर्देश देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति राजीव नारायण रैना की एकल पीठ ने कहा, ''यदि आवारा सांड गांव में घूमते हैं तो ग्रामीणों का कर्तव्य बनता है कि वे किसी भी तरह की चोट लगने से खुद को सुरक्षित रखें, जो लोगों के आने-जाने वाले रास्ते में अचानक और विशेष रूप से अंधेरे के समय आवारा जानवरों के आने के...
मृत अस्थाई मज़दूरों की पत्नी को भी नियमित कर्मचारी की तरह पेंशन का हक़ : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि मृत अस्थाई मज़दूरों की पत्नी को भी रिटायर होने के बाद उसी तरह तरह पेंशन पाने का हक़ है जैसे स्थाई कर्मचारियों की पत्नियों को है। इस अदालत और अन्य हाइकोर्टों के पूर्व के कई फ़ैसलों पर भरोसा करते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर और तलवंत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि वर्तमान मामले में भी राहत दिलाई जाएगी क्योंकि इन अस्थाई कर्मचारियों को रिक्तियों के बावजूद नियमित नहीं किया गया। वर्तमान मामले में भारत संघ ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की है।...
निर्भया केस : ट्रायल कोर्ट ने डेथ वारंट जारी किया, 22 जनवरी को होगी दोषियों को फांसी
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को निर्भया बलात्कार-हत्या मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा के लिए 22 जनवरी को सुबह 7 बजे डेथ वारंट जारी किया। चार दोषियों - मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आदेश की सूचना दी गई। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश अरोड़ा उनके खिलाफ डेथ वारंट के निष्पादन की याचिका पर विचार कर रहे थे। दिसंबर 2018 में, निर्भया के माता-पिता ने मृत्युदंड को निष्पादित करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए पटियाला हाउस...
विवाहित बेटे की मौत पर माता-पिता मोटर वाहन अधिनियम के तहत फिलियल कंसोर्टियम के रूप में मुआवज़े का दावा नहीं कर सकते : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को माना कि एक विवाहित बेटे के माता-पिता मोटर वाहन अधिनियम के तहत सहायक संघ (फिलियल कंसोर्टियम ) के रूप में मुआवजे का दावा करने के हकदार नहीं हैं। मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल सोलापुर के आदेश को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए न्यायमूर्ति आर.डी धानुका की एकल-न्यायाधीश पीठ ने मृतक के माता-पिता को सहायक संघ के लिए दी गई मुआवजे की राशि पर रोक लगा दी और कहा, ''जहां तक प्रतिवादी नंबर 1 से 5 द्वारा फिलियल कंसोर्टियम (सहायक संघ) के लिए दावा करने का संबंध है, मेरे विचार...
NRC लिस्ट में जिन लोगों के नाम हैं, उनके बच्चों को लिस्ट में नाम न होने के बावजूद डिटेनशन सेंटर नहीं भेजा जाएगा, एजी ने SC में कहा
भारत के अटॉर्नी जनरल (एजी) के के वेणुगोपाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि असम NRC में शामिल व्यक्तियों के बच्चों को निरोध केंद्रों में नहीं भेजा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ऐसे बच्चों की सुरक्षा के आवेदन पर विचार कर रहा था। अटॉर्नी जनरल ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बी आर गवई की पीठ के समक्ष एक आवेदन में यह प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि कई बच्चों को उनके माता-पिता का नाम एनआरसी सूची में शामिल होने के बावजूद, असम एनआरसी से बाहर रखा गया था। याचिकाकर्ताओं...
मद्रास हाईकोर्ट ने आरओ को 102 पोस्टल बैलट के साथ अदालत में आने को कहा जिन पर ग़ौर किए बिना एन मुरुगुमारन को चुनाव में विजयी घोषित किया गया
शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट ने उन 102 पोस्टल बैलट को पेश करने को कहा है। 2016 के विधानसभा चुनावों में कट्टूमन्नारकोविल विधानसभा सीट से उम्मीदवार को विजयी घोषित करने कि लिए इन वोटों को नहीं गिना गया था। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में कट्टूमन्नारकोविल सुरक्षित विधानसभा सीट से एआईएडीएमके के एन मुरूगुमारन को विजयी घोषित किया गया था जिन्होंने वीसीके के प्रमुख थिरुमवालवन को 87 वोटों से हराया था। इसके बाद थिरुमवालवन ने इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मतगणना...
मैरिज ब्यूरो रिश्ता तलाश करने में रहा विफल, ग्राहक को रिफंड के साथ मुआवज़ा देने का आदेश
दुल्हन की तलाश में मैरिज ब्यूरो आए एक व्यक्ति ने अनुचित व्यापार अभ्यास और सेवा में कमी के लिए मैरिज ब्यूरो पर मुकदमा किया, क्योंकि ब्यूरो उसके लिए एक आदर्श जीवनसाथी खोजने या किसी भी संभावित उम्मीदवार के साथ बैठक करवाने में विफल रहा। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम के आदेश के अनुसार मैरिज ब्यूरो की सेवा में काफी कमी पाई और ब्यूरो को प्रीमियम वैवाहिक सेवाओं की फीस के रूप में शिकायतकर्ता द्वारा भुगतान किए गए 31,000 रुपये वापस करने और उसे 5,000 रुपये मानसिक पीड़ा के मुआवज़े के रूप में देने का...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेबी के नोटिस के खिलाफ NDTV के प्रमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को NDTV के प्रमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया। रॉय ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम की धारा 12 (डी) और 12 (ए) के कथित उल्लंघन के लिए जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी गई थी। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम की धारा 12 (डी) और 12 (ए) के कथित उल्लंघन के लिए प्रणय रॉय और राधिका रॉय को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ प्रणय रॉय...




















