मुख्य सुर्खियां
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों को काला कोट/गाउन पहनने से छूट दी, वकीलों को भी काला कोट पहनने से छूट
गर्मी के मौसम के मद्देनजर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र, गोवा, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के अधीनस्थ न्यायालयों के सभी न्यायाधीशों को काले कोट और गाउन पहनने से छूट देने का फैसला किया है। इससे पहले काला कोट पहनने से छूट दी गई थी। यह स्पष्ट किया गया है कि जजों ने डायस आते समय कोट या गाउन पहनना पड़ सकता है। 11 मई को इस संदर्भ में जारी नोटिस पर दिनेश शर्मा, रजिस्ट्रार (निरीक्षण) द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। जिलों के सभी प्रधान न्यायाधीशों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी...
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने वकीलों के दिल्ली से बाहर आने जाने की अनुमति के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की
वकीलों के इंटर स्टेट आवाजाही की अनुमति की मांग करते हुए बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दाखिल की। इसमें अदालत से निर्देशों की मांग की गई कि वकीलों को अदालतों और कार्यालयों में जाने के लिए दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति दी जाए। बीसीडी चेयरमैन केसी मित्तल के माध्यम से दायर याचिका में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली की सीमा को सील करने के फैसले को चुनौती दी गई है, जिससे एनसीआर क्षेत्र में रहने वाले वकीलों के लिए दिल्ली में स्थित अदालतों और उनके...
"क्या मंदिर समिति किसी गैर-धार्मिक उद्देश्य के लिए दान कर सकती है?" केरल हाईकोर्ट ने गुरुवयूर देवास्वोम द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने के खिलाफ याचिका को बड़ी पीठ के पास भेजा
केरल हाईकोर्ट ने संदेह जताया है कि क्या गुरुवयूर मंदिर की प्रबंध समिति गैर-धार्मिक उद्देश्यों के लिए दान कर सकती है? इसी के साथ हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखें ताकि इस मामले को बड़ी पीठ के पास भेजा जा सके। न्यायमूर्ति शाजी पी चैली और न्यायमूर्ति एमआर अनीथा की खंडपीठ इस मामले में हिंदू भक्तों की तरफ से दायर उन कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी,जो COVID-19 स्थिति के मद्देनजर पांच मई 2020 को गुरुवयूर देवास्वोम...
"पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर काम किया" : केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी 7 साल से कम उम्र के बच्चों के ख़िलाफ़ आपराधिक सुनवाई स्थगित की
केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए सात साल से कम उम्र के तीन बच्चों के ख़िलाफ़ आपराधिक सुनवाई को स्थगित कर दिया। अदालत ने सभी संबंधित अधिकारियों से इस मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करने को कहा है। इस मामले को एक रिट याचिका द्वारा हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया गया जिसमें आरोपी बच्चों के ख़िलाफ़ मामले को आईपीसी की धारा 82 के तहत "अपराध करने की स्थिति में नहीं होने" के आधार पर निरस्त करने की मांग की गई। इस मामले में...
सब्ज़ी और किराना की सभी दुकानों को बंद करने के अहमदाबाद निगम आयुक्त के आदेश के ख़िलाफ़ गुजरात हाईकोर्ट में याचिका
अहमदाबाद निगम आयुक्त के सभी दुकानों/पार्लरों को 9 दिनों के लिए बंद करने के आदेश के ख़िलाफ़ गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस आदेश के अनुसार सिर्फ़ दूध और दवा बेचने वाली दुकानें ही खुली रहेंगी। अहमदाबाद निगम आयुक्त ने 6 मई को एक सर्कुलर जारी किया जिसमें सब्ज़ी और किराने की सभी दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया और कहा गया कि सिर्फ़ दूध और दावा की दुकानें ही खुली रहेंगी। यह आदेश को 7 मई से 15 मई तक लागू रहेगा। यह आदेश 6 मई को 5 बजे शाम को जारी किया गया। यह याचिका एडवोकेट नील...
एयर इंडिया कर्मचारी एसोसिएशन ने लॉकडाउन के दौरान 10% वेतन काटने के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की
एयर इंडिया के तीन कर्मचारी संगठनों ने लॉकडाउन के दौरान 10% वेतन काटने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में इंडियन पाइलट्स गिल्ड, एयर इंडिया एयरक्राफ़्ट इंजीनियर्स एसोसिएशन ने कहा है कि मार्च महीने में वेतन में कटौती ग़ैरक़ानूनी है क्योंकि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत केंद्र सरकार ने जो आदेश दिए हैं उसमें COVID-19 की वजह से वेतन में कटौती नहीं करने को कहा गया है, लेकिन कंपनी ने वेतन काटा है। 1 मार्च से 24 के बीच भ कर्मचारियों का वेतन 10% काटा गया था। ...
लॉकडाउन - पुलिस को पालतू जानवर और बीमार पशुओं को पशु डॉक्टर के पास ले जाने वाले वाहनों को नहीं रोकना चाहिए : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दे कि वह बीमार जानवरों को पशु चिकित्सकों के पास ले जाने और वहां से वापस लाने के काम में लगी पालतू जानवरों की टैक्सी या एंबुलेंस को न रोंके। वहीं हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह स्पष्ट करें कि क्या वर्तमान लाॅकडाउन में पालतू जानवरों के मालिकों को अपने कुत्ते/पालतू जानवर को टहलाने के लिए ले जाने की अनुमति है? न्यायमूर्ति एससी गुप्ते ने इस मामले में पुणे की एक पशु कल्याण कार्यकर्ता विनीता टंडन की तरफ...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा, COVID-19 से लड़ने के लिए इलाहाबाद शहर के अस्पताल कितने तैयार?
बीते 7 मई 2020 (गुरूवार) को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य के विभिन्न क्वारंटीन केंद्रों की अस्वच्छता और अमानवीय स्थितियों के बारे में संज्ञान लिया था।COVID 19 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्वारंटीन केंद्रों की अस्वच्छता पर स्वत: संज्ञान लिया मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की एक खंडपीठ ने क्वारंटीन केंद्रों पर "दयनीय परिस्थितियों" को उजागर करते हुए हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव के द्वारा भेजे गए ई-मेल के आधार पर एक जनहित याचिका दर्ज की थी।अधिवक्ता गौरव ने अदालत...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद एलएलबी छात्र को ऑनलाइन परीक्षा के लिए बाहर से लैपटॉप मंगाने की अनुमति दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 8 मई 2020 को दिए एक आदेश में एक याचिकाकर्ता-छात्र को जेल से ही अपनी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्विज परीक्षा में उपस्थित होने के लिए बाहर से जेल मेंं लैपटॉप मंगाने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने अपने आदेश में यह कहा कि याचिकाकर्ता-छात्र की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा लैपटॉप एवं चार्जर जिला जेल, लखनऊ के सीनियर अधीक्षक के कार्यालय में सौंपा जायेगा। गौरतलब है कि इस अनुमति के बाद छात्र, अपने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्विज...
COVID-19 के कारण रिहाई : क्या निचली अदालत ज़मानत देने से इनकार कर सकती है, जबकि अंडर ट्रायल कैदी राज्य के निर्देशों के अनुसार ज़मानत पाने का हकदार है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कल्याण डोंबिवली के पूर्व बीजेपी पार्षद महेश बाबूराव पाटिल की जमानत के मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया। पाटिल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया क्योंकि उसकी जमानत की अर्जी को सेशंस कोर्ट ने मेरिट के आधार पर खारिज कर दी थी। पाटिल ने कहा कि वह COVID-19 महामारी के दौरान किए गए उपायों के तहत रिहाई के लिए गठित हाई पावर कमेटी द्वारा जारी राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ज़मानत पर रिहा होने के योग्य है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के...
हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राजस्थान में ट्रायल कोर्ट न्यायिक आदेश में जाति के नाम का उल्लेख कर रहे हैं
पिछले माह एक न्यायिक आदेश में जाति के नाम के उल्लेख के विवाद के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अप्रैल को एक आदेश जारी किया कि किसी भी व्यक्ति जिसमें अभियुक्त भी शामिल हैं, उसकी जाति का किसी भी न्यायिक या प्रशासनिक मामले में उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया कि जाति का ऐसा उल्लेख "संविधान की भावना" के खिलाफ है और 2018 में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के भी विपरीत है। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में कहा कि "इसलिए, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधितों पर निर्भर है कि आरोपी...
'पुलिस अधिकारियों के आचरण से संदेह हो रहा', बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रेड के सदस्य को COVID-19 के कारण नहीं बल्कि पुलिस के साथ दुश्मनी के कारण अवैध क्वारंटाइन करने की याचिका पर कहा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के अध्यक्ष को जानबूझकर और गलत तरीके से एक क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया गया है क्योंकि उसकी पुलिस के एक वरिष्ठ निरीक्षक के साथ दुश्मनी थी, न कि इसलिए कि वह COVID-19 पाॅजिटिव था। जबकि पुलिस ने यही दावा किया है कि उसे कोरोना पाॅजिटिव होने के कारण क्वारंटाइन किया गया है।जस्टिस रेवती मोहिते डेरे इस मामले में के.नारायणन की तरफ से महेंद्र सिंह द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर...
"लाॅकडाउन की आड़ में कोई गैरकानूनी सजा नहीं", बॉम्बे हाईकोर्ट ने चेताया, जनहित याचिका मेंं लाॅकडाउन का उल्लंघन करने वालों को अपमानित करने का आरोप
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि लाॅकडाउन को लागू कराने की आड़ में पुलिस गैर कानूनी तरीकों व दंडों का सहारा नहीं ले सकती है। इस मामले में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ पुलिस कर्मी मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन करने के दोषी हैं क्योंकि उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों सहित लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के साथ 'अमानवीय व्यवहार' किया है। नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति रोहित बी. देव की पीठ इस मामले में एक संदीप मधु नायर की तरफ से दायर जनहित याचिका पर...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने होमगार्ड से मास्क पहनने को लेकर बहस करने के आरोपी को ज़मानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस डॉक्टर को ज़मानत दे दी जिस पर होमगार्ड पर हमले का आरोप था। आरोप था कि इस डॉक्टर ने उस होमगार्ड को अपना काम करने से रोका जिसने उसे मास्क लगाने को कहा था। न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने शेखर सनादी को ज़मानत दे दी जिस पर शाहपुर पुलिस स्टेशन के शैलेश माली नामक होमगार्ड ने अपना काम नहीं करने देने का आरोप लगाया था। आरोपी ने मास्क नहीं पहना था और होमगार्ड ने उसे मास्क पहनने को कहा क्योंकि यह ज़रूरी था, लेकिन आरोपी ने उसके और दो अन्य लोगों के साथ बहस की। 27 मार्च को...
'रिपोर्टिंग में सिर्फ़ कोई त्रुटि होने की वजह से कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती' : मद्रास हाईकोर्ट ने ईटी के पत्रकार और संपादक के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मामला ख़ारिज किया
मद्रास हाईकोर्ट ने को इकोनोमिक टाइम्स की पत्रकार संध्या रविशंकर और उनके पति जो इस अख़बार में संपादक और शिकायत निवारण अधिकारी हैं, उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि के मामले को समाप्त कर दिया। यह मामला तमिलनाडु के समुद्र तट से बालू की तस्करी के बारे में 2015 में ईटी मैगज़ीन में एक आलेख के प्रकाशन से जुड़ा है। न्यायमूर्ति जीआर स्वामिनाथन की पीठ ने कहा, "मेरा स्पष्ट विचार है कि सिर्फ़ प्रेस की स्वतंत्रता का गुणगान करने का कोई मतलब नहीं है, अगर कोई उस समय बचाने के लिए नहीं आता जब इस अधिकार पर हमले...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस के साथ झगड़ा करने वाले और मास्क नहीं पहनने वाले व्यक्ति के ख़िलाफ़ एफआईआर निरस्त करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति के ख़िलाफ़ दायर एफआईआर को ख़ारिज करने से इनकार कर दिया है जिस पर पुलिस के साथ बदतमीज़ी करने और मास्क पहने बिना घूमने का आरोप है। अदालत ने कहा कि एफआईआर निरस्त करने का कोई आधार नहीं है। न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की एकल पीठ ने कहा कि सरकार ने लॉकडाउन के प्रतिबंध लगाए हैं अगर उनका पालन नहीं किया गया तो इससे लाखों लोगों की जान जा सकती है और इसलिए इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत में सीआरपीसी की धारा 482 के तहत आवेदन देकर आईपीसी की धारा 188, 186, 269, 353, 332...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2177 अंडर ट्रायल कैदियों की अंतरिम जमानत अवधि 45 दिनों के लिए बढ़ाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए COVID19 महामारी के मद्देनज़र 2177 अंडर ट्रायल कैदियों (UTP) को दी गई अंतरिम जमानत की अवधि 45 दिनों के लिए बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की खंडपीठ ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति द्वारा दी गई सिफारिश को मंजूरी दे दी, जिसमें कहा गया था कि 2177 यूटीपी को दी गई अंतरिम जमानत को 45 और दिनों के लिए बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि COVID19 संकट अभी भी जारी है। COVID19 महामारी को देखते हुए दिल्ली की जेलों में कैदियों की संख्या कम...
मुंबई की आर्थर रोड जेल में COVID-19 का संक्रमण फैलने के बाद कई कैदियों ने ज़मानत की मांग की, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, कैदियों को भी जीवन का अधिकार
मुंबई की आर्थर रोड जेल के 100 से अधिक कैदियों और स्टाफ सदस्यों का COVID -19 टेस्ट पॉज़िटिव आने के बाद कैदियों में डर का माहौल पैदा हो गया है, विशेष रूप से उन लोगों में जो हाइपर-टेंशन, मधुमेह जैसे अन्य रोग से पीड़ित हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने शुक्रवार को मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की मांग कर रहे कई कैदियों की याचिका पर सुनवाई की। मेडिकल ग्राउंड पर रिहाई की मांग करने वाले आरोपियों में से एक 66 वर्षीय हेमंत भट्ट हैं, जिनका COVID -19 टेस्ट पॉज़िटिव आया है और वर्तमान में...
'मेरे ख़िलाफ़ दुर्भावनापूर्ण शिकायत मुझे डराने और परेशान करने के लिए दायर की गई': दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग प्रमुख ने दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम ज़मानत मांगी
दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख जफरुल इस्लाम ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम ज़मानत कि लिए याचिका दायर की है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि उन्हें दिल की बीमारी है और हाइपर टेंशन की वजह से उन्हें COVID-19 से संक्रमित होने का ख़तरा ज़्यादा है। एडवोकेट वृंदा ग्रोवर के माध्यम से दायर याचिका में झूठे, जानबूझकर और अपुष्ट मामले से बचाव के लिए ज़मानत देने का आग्रह किया गया है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने खान के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 124A और 153A के तहत मामला दायर किया है जो...
धारा 167 (2) के तहत डिफॉल्ट जमानत का अधिकार सुप्रीम कोर्ट की सीमा अवधि में की गई बढ़ोतरी के आदेश से प्रभावित नहीं होताः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में माना है कि COVID-19 के मद्देनजर मामलों को दायर करने की सीमा अवधि में बढ़ोतरी का सुप्रीम कोर्ट का सामान्य फैसला, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत किसी अभियुक्त के डिफॉल्ट जमानत के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगा। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की एकल पीठ ने कहा कि पुलिस अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का फायदा उठाकर अतिरिक्त अवधि का दावा नहीं कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की व्याख्या की अनुमति देना भारत के संविधान के...



















