ताज़ा खबरें

प्रेमी को छोड़ देना नहीं है अपराध,  दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्मके आरोपी को बरी किए जाने को सही ठहराया
प्रेमी को छोड़ देना नहीं है अपराध, दिल्ली हाईकोर्ट ने 'दुष्कर्म'के आरोपी को बरी किए जाने को सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रेमी को छोड़ देना, कुछ हद तक घिनौना काम लग सकता है ,परंतु यह कोई अपराध नहीं है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने एक अभियुक्त को बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया है। अभियुक्त पर आरोप था कि उसने शादी का वादा करके एक महिला से दुष्कर्म किया। न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने कहा, "एक अंतरंग संबंध में लगातार संलिप्त रहना, जिसमें समय की एक महत्वपूर्ण अवधि में यौन गतिविधि भी शामिल रही हों, यह नहीं कहा जा सकता है कि इस संबंध में शामिल होना प्रेरित और अनैच्छिक था, क्योंकि दूसरे...

एनसीडीआरसी ने दिया दून इंटरनेशनल स्कूल को निर्देश,  पूर्व छात्रा को समय पर टीसी जारी न करने पर  दिए जाएं पचास हजार रुपये
एनसीडीआरसी ने दिया दून इंटरनेशनल स्कूल को निर्देश, पूर्व छात्रा को समय पर टीसी जारी न करने पर दिए जाएं पचास हजार रुपये

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने बुधवार को दून वैली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, हिमाचल प्रदेश को निर्देश दिया है कि वह एक पूर्व छात्रा को 50000 रुपये मुआवजा दे। इस छात्रा को स्कूल समय पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी नहीं कर पाया था , जिसके कारण उसका एक साल बर्बाद हो गया। डॉक्टर एसएम कांतिकार और दिनेश सिंह की पीठ ने कहा, "स्कूल प्राधिकारियों द्वारा सामान्य और तथ्यात्मक रूप से स्कूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने में लापरवाही या मनमाने तरीके से कार्य नहीं...

एयरपोर्ट पर सामान बेचने वाली ड्यूटी फ्री शॉप पर जीएसटी नहीं लगेगा : बॉम्बे हाईकोर्ट
एयरपोर्ट पर सामान बेचने वाली ड्यूटी फ्री शॉप पर जीएसटी नहीं लगेगा : बॉम्बे हाईकोर्ट

एक महत्वपूर्ण फैसले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि मुंबई हवाई अड्डे पर ड्यूटी-फ्री शॉप (डीएफएस) द्वारा बाहर जाने वाले यात्रियों को बेचे जाने वाले सामान पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) नहीं लगाया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी दुकानें इनपुट टैक्स क्रेडिट की वापसी की हकदार हैं। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने कहा कि कर मुक्त दुकानें सीमा शुल्क क्षेत्र के दायरे में आती हैं, इसलिए, डीएफएस से आयातित सामानों की आपूर्ति भारत के सीमा शुल्क की हद को पार नहीं...

डिपोजिट के लिए अतिरिक्त समय लेना वादी को करार की प्रतिबद्धता साबित करने के दायित्व से मुक्त नहीं करता : सुप्रीम कोर्ट का फैसला
डिपोजिट के लिए अतिरिक्त समय लेना वादी को करार की प्रतिबद्धता साबित करने के दायित्व से मुक्त नहीं करता : सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि करार की शेष राशि के भुगतान के लिए केवल अतिरिक्त समय लेना ही वादी को बिक्री समझौते के अनुपालन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता साबित करने के दायित्व से मुक्त नहीं करेगा। न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा है कि अतिरिक्त मोहलत दिये जाने से वादी खुद से यह नहीं मान सकता कि इससे उसकी करार को लेकर प्रतिबद्धता साबित होती है। पीठ 'रवि सेतिया बनाम मदन लाल एवं अन्य' के मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ वादी की अपील की सुनवाई कर रही थी।...

लिंचिंग पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाले प्रख्यात लोगों के खिलाफ एफआईआर पर पुलिस ने कार्रवाई बंद की
लिंचिंग पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाले प्रख्यात लोगों के खिलाफ एफआईआर पर पुलिस ने कार्रवाई बंद की

बिहार पुलिस ने कलाकारों और बुद्धिजीवियों के एक समूह के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पर कार्रवाई बंद कर दी। प्रख्यात लोगों के इस समूह ने पिछली जुलाई में प्रधानमंत्री को एक खुला पत्र लिखा था, जिसमें देश में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के बारे में चिंता व्यक्त की गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर के एसएसपी, मनोज कुमार सिन्हा ने आरोपों में तथ्यों की कमी का हवाला देते हुए मामले को बंद करने का आदेश दिया। देश में घृणा-अपराधों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री को यह पत्र लिखा गया...

अनधिकृत रूप से सुनी गई याचिका क्या नई अदालत में नए सिरे से सुनी जाएगी, सुप्रीम कोर्ट की वृहद पीठ करेगी विचार
"अनधिकृत रूप से सुनी गई याचिका क्या नई अदालत में नए सिरे से सुनी जाएगी," सुप्रीम कोर्ट की वृहद पीठ करेगी विचार

"यदि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के नियम 10 के आदेश VII तथा नियम 10(ए) के परिप्रेक्ष्य में कोई अर्जी वापस की जाती है तो क्या नयी अदालत में उसकी सुनवाई शुरू से होगी या उस स्टेज से जहां तक सुनवाई के बाद अर्जी वापस की गयी थी।" सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय को विचारार्थ वृहद पीठ के सुपुर्द कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने 'मेसर्स ईएक्सएल कैरियर्स बनाम फ्रैंकफिन एवियेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' मामले के इन कानूनी पहलुओं को वृहद पीठ को विचारार्थ भेज दिया।...

क्या एयर इंडिया के कर्मचारी को सेवा में रहते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति दी जा सकती है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, बहस का विषय
क्या एयर इंडिया के कर्मचारी को सेवा में रहते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति दी जा सकती है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, बहस का विषय

क्या 'एयर इंडिया' के इन-सर्विस कर्मचारी को सेवा में रहते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति दी जा सकती है? (संसद, विधायी, स्थानीय निकाय चुनाव), बॉम्बे हाईकोर्ट का कहना है कि यह एक बहस का विषय है और इस पर फैसला लेना होगा। वर्तमान सेवा नियमों में कर्मचारियों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं है। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति एन जे जमादार की खंडपीठ ने प्रदीप धोबले की याचिका को स्वीकार करते हुए याचिका पर जल्दी सुनवाई की बात कही। यह है मामला धोबले ने अपने अधिवक्ता उदय...

यौन उत्पीड़न की शिकायत : क्या हाईकोर्ट के पास कार्रवाई  को दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने का अधिकार है? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच
यौन उत्पीड़न की शिकायत : क्या हाईकोर्ट के पास कार्रवाई को दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने का अधिकार है? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच

सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि क्या हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में यह है कि वह यौन उत्पीड़न की शिकायत के मामले की कार्रवाई को किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित कर सके। न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति सुभाष रेड्डी की पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर एक विशेष अवकाश याचिका में नोटिस जारी किया। एक महिला पुलिस अधिकारी (पुलिस अधीक्षक) ने डॉ एस मुरुगन, संयुक्त निदेशक, सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में दायर...

एटीएम से रुपए नहीं निकले फिर भी खाते से काटी राशि, एसबीआई बैंक पीड़ित ग्राहक को एक लाख रुपए चुकाए,पढ़िए फैसला
एटीएम से रुपए नहीं निकले फिर भी खाते से काटी राशि, एसबीआई बैंक पीड़ित ग्राहक को एक लाख रुपए चुकाए,पढ़िए फैसला

हैदराबाद स्थित एक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को निर्देश दिया है कि वह अपने एक ग्राहक को मुआवजा और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में एक लाख रुपये का भुगतान करे। बैंक ने अपने एटीएम से लेनदेन विफल होने के बावजूद ग्राहक के खाते से राशि काट ली थी। शिकायतकर्ता-ग्राहक, उदेरु सर्वोत्तम रेड्डी का मामला यह था, कि वह हैदराबाद स्थित एसबीआई के एक एटीएम से दस हजार रुपये निकालने गया था, लेकिन एटीएम की तकनीकी खराबी के कारण लेनदेन अस्वीकार कर दिया गया था और उसे कोई नकदी...

महिला पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति एक प्रमुख आवश्यकता-सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस चयन के लिए शारीरिक परीक्षण में  गर्भवती महिलाओं को राहत दी
'महिला पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति एक प्रमुख आवश्यकता'-सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस चयन के लिए शारीरिक परीक्षण में गर्भवती महिलाओं को राहत दी

सुप्रीम कोर्ट ने उन सभी महिलाओं को राहत दे दी है, जो पिछले साल बिहार पुलिस चयन प्रक्रिया के लिए अपनी गर्भावस्था के कारण शारीरिक परीक्षण में उपस्थित नहीं हो सकी थीं। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि वे इस वर्ष अधिसूचित रिक्तियों के खिलाफ इन सभी महिलाओं का शारीरिक परीक्षण करें और उन्हें समायोजित करें। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि- "महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को देखते हुए पुलिस बल में महिला सदस्यों की उपस्थिति, समय की...

सही प्रावधान का जिक्र न कर पाना ही अर्जी के लिए घातक त्रुटि नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट
सही प्रावधान का जिक्र न कर पाना ही अर्जी के लिए घातक त्रुटि नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि सही प्रावधान का उल्लेख न कर पाना ही अर्जी के लिए घातक त्रुटि नहीं हो सकती, यदि संबंधित आदेश पारित करने का अधिकार कोर्ट के पास मौजूद है। इस मामले में मूल वादी मफाजी मोतीजी ठाकुर (एमएमटी) ने भूमि से संबंधित अपने अधिकार एवं हित जयेश कुमार छकद्दस शाह (जेसीएस) को सौंपे थे। जेसीएस ने नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के नियम 10 के आदेश संख्या-I के तहत अर्जी दायर करके ट्रायल कोर्ट में एमएमटी की ओर से दायर मुकदमे में प्रतिवादी संख्या दो के तौर पर शामिल करने का अनुरोध किया...

लीगल पेपर बनाम A4 पेपर : क़ानून के छात्रों ने सुलभ न्याय के लिए A4 पेपर का एक समान प्रयोग के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा
लीगल पेपर बनाम A4 पेपर : क़ानून के छात्रों ने सुलभ न्याय के लिए A4 पेपर का एक समान प्रयोग के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा

कानून के तीन छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई को एक पत्र लिखकर सभी न्यायिक और अर्ध न्यायिक मंचों पर सभी तरह के कार्यों के लिए A4 काग़ज़ के प्रयोग की अनुमति देने का आग्रह किया है न कि लीगल पेपर के असंगठित प्रयोग का। इन छात्रों ने कुछ कार्य के लिए लीगल पेपर और और कुछ अन्य कार्यों के लिए A4 आकार के काग़ज़ के प्रयोग की अनुमति माँगी है। अभिनव सिंह, आकृति अग्रवाल और लक्ष्य पुरोहित ने मुख्य न्यायाधीश, ई-कमिटी और कानून एवं न्याय मंत्रालय को यह पत्र लिखा है और इस संबंध...

पीएम को मॉब लिंचिंग  के खिलाफ पत्र लिखने वाले प्रख्यात लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर कहा, देश की छवि खराब की
पीएम को मॉब लिंचिंग के खिलाफ पत्र लिखने वाले प्रख्यात लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर कहा, देश की छवि खराब की

बिहार पुलिस ने 2 अक्टूबर को कलाकारों और बुद्धिजीवियों के एक समूह के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की, जिन्होंने पिछले जुलाई में प्रधानमंत्री को एक खुला पत्र लिखा था, जिसमें देश में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा लोगों को मारने की घटना) की बढ़ती घटनाओं के बारे में शिकायत की गई थी। पुलिस स्टेशन, मुजफ्फरपुर में दर्ज एफआईआर में नामी फिल्मकार अपर्णा सेन, अदूर गोपालकृष्णन, श्याम बेनेगल, गायक शुभा मुदगल, अभिनेता सौमित्र चटर्जी, कोनोना सेना, रेवती, निर्देशक मणिरत्नम और इतिहासकार रामचंद्र गुहा को आरोपी बनाया गया है।...

चंडीगढ़ में साइकिल ट्रैक /पैदल रास्तों के दुरुपयोग के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश
चंडीगढ़ में साइकिल ट्रैक /पैदल रास्तों के दुरुपयोग के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश

चंडीगढ़ के दक्षिणी सेक्टरों में साइकिल ट्रैक /पैदल रास्तों के दुरुपयोग के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इसी पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक उपायों के संबंध में कई निर्देश जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति अमोल रतन सिंह की पीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं- 1. छह महीने के भीतर सभी पैदल पथ/ साइकिल पटरियों या साइकिल ट्रैक की मरम्मत करें। 2. तीन महीने के भीतर मुख्य सड़कों से स्लिप रोड़ या अभिगम...

पीड़ित और समाज के अधिकारों को आरोपी के अधिकारों के अधीन नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
पीड़ित और समाज के अधिकारों को आरोपी के अधिकारों के अधीन नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पीड़ित और समाज के अधिकारों को एक आरोपी के अधिकारों के अधीन नहीं बनाया जा सकता। इस मामले में न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की पीठ अभियुक्तों की ओर से उठाए गए उस विवाद को संबोधित कर रही थी कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत बचाव के उचित अवसर से वंचित किया गया था क्योंकि उसे दिए गए 2 पेजों में विचारणीय प्रश्न अत्यंत आकस्मिक और अस्पष्ट थे। यह आरोप लगाया गया कि आरोपों के संबंध में सभी प्रासंगिक प्रश्न अभियुक्तों को नहीं दिए गए थे। फेनुल खान...

वकीलों द्वारा पलटे गए फैसलों का हवाला देना दुर्भाग्यपूर्ण : सुप्रीम कोर्ट
वकीलों द्वारा पलटे गए फैसलों का हवाला देना दुर्भाग्यपूर्ण : सुप्रीम कोर्ट

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट के स्तर के वकील भी उन फैसलों का हवाला देते हैं, जिनमें फैसला पलटा जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ये टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज कुमार बनाम यूपी राज्य में ये टिप्पणी तब की जब वकील ने अभियुक्त की ओर से उठाए गए विवाद का समर्थन करने के लिए ऐसे विभिन्न निर्णयों का हवाला दिया कि जब निर्धारित मानकों से मामूली बदलाव होता है तो अदालतों को चाहिए आरोपी को संदेह का लाभ दें। दरअसल वकील ने करुनन बनाम खाद्य निरीक्षक...