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एफबी ट्रोल के ख़िलाफ़ एफआईआर : कर्नाटक हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा, सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश का किया था उल्लंघन
यह कहते हुए कि यह मामला पुलिस द्वारा मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का उत्कृष्ट उदाहरण है, कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रोल मागा नामक फ़ेसबुक पेज के एडमिन के खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त कर दिया। अदालत ने सरकार को याचिकाकर्ता एस जयकांत को एक माह के भीतर एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया और उस मजिस्ट्रेट के ख़िलाफ़ विभागीय कार्रवाई करने को कहा जिसने यह आदेश सुनाया था। न्यायमूर्ति पीएस दिनेश कुमार ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा, "याचिकाकर्ता के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई ग़ैरक़ानूनी थी।" पुलिस...
सुप्रीम कोर्ट ने भरण-पोषण तय करने के लिए एक समान प्रारूप की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वैवाहिक विवादों में भरण-पोषण के लिए पारिवारिक न्यायालय के समक्ष पति और पत्नी द्वारा जानकारी का खुलासा करने के लिए एक समान प्रारूप तैयार करने के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली याचिका पर केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी है। जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने सामाजिक न्याय मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण को नोटिस जारी कर इस याचिका को भी एक अन्य समान याचिका के साथ टैग कर दिया। मॉडल हलफनामे को अंतिम रूप...
अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट के पास निविदा सूचना के नियम-शर्तों को शिथिल करने की शक्ति नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत शक्ति के प्रयोग में किसी उच्च न्यायालय के पास निविदा सूचना के नियमों और शर्तों को शिथिल करने की शक्ति नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखते हुए, जिसमें राजीव गांधी ग्रामीण तरल पेट्रोलियम गैस वितरक योजना (RGGLPGVY) के तहत लिक्विडिफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की डीलरशिप के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्मीदवारी को खारिज करने के खिलाफ दी गई चुनौती को खारिज किया गया था, न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति एमआर...
पक्षकार यदि एक ही घर में साथ नहीं रहते हैं तो उनके बीच घरेलू हिंसा की शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला द्वारा दायर घरेलू हिंसा की शिकायत को खारिज कर दिया है। महिला ने उन लोगों पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था जो उसके साथ एक साझा घर में नहीं रहते हैं। महिला ने कुछ व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दावा किया गया था कि वे उसी परिसर में रहने वाले उसके रिश्तेदार हैं और यह आरोप लगाया था कि वे उसकी बेटियों को परेशान कर रहे हैं और उन्हें अपशब्द कहते हैं। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका पर विचार करते हुए कहा कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत...
जस्टिस अरुण मिश्रा पर किसान संघ ने ली आपत्ति कहा, यह पीठ भूमि अधिग्रहण मामलों की सुनवाई नहीं कर सकती
अखिल भारतीय किसान संघ ने 14 अक्टूबर को एक पत्र लिखा है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अनुरोध किया है कि न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली नवगठित संविधान पीठ भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार, सुधार तथा पुनर्वास अधिनियम, 2013 की धारा 24(2) की व्याख्या के बारे में मामलों की सुनवाई नहीं कर सकती। अपने अध्यक्ष के माध्यम से एसोसिएशन ने अनुरोध किया है कि न्यायमूर्ति मिश्रा पीठ का नेतृत्व नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने पहले ही 2018 के फैसले में 2014...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एस गुरुमूर्ति के खिलाफ अवमानना कार्रवाई बंद की, लेखक के माफीनामे को रिट्विट करने को कहा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 72 घंटे के भीतर अवमाननापूर्ण लेख के लेखक के माफीनामे को रीट्वीट करने का वादा करने के बाद एस. गुरुमूर्ति को एक अवमानना मामले में उत्तरदाताओं की सूची से हटा दिया है।दरअसल लेखक ने अपने लेख, "दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मुरलीधर के गौतम नवलखा के साथ संबंधों का खुलासा क्यों नहीं किया गया है?" में यह दावा किया था कि न्यायमूर्ति मुरलीधर ने गौतम नवलखा के पक्ष में एक आदेश पारित किया था, क्योंकि उनकी पत्नी नवलखा की घनिष्ठ मित्र थीं। यह लेख 'दृष्टिकोण' नामक एक पत्रिका में...
EWS कोटा : सुप्रीम कोर्ट ने आयु में छूट देने की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें यह मांग की गई थी कि सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ आयु में भी छूट प्रदान की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ये मामला जनहित का नहीं है बल्कि ये सर्विस का मामला है। लिहाजा इस पर जनहित याचिका के तहत सुनवाई नहीं की जा सकती है। याचिकाकर्ता की दलील दरअसल के. के. रमेश नाम के याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में यह कहा था कि अगर...
INX मीडिया : चिदंबरम पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर CBI भी सुप्रीम कोर्ट में, मंगलवार को जमानत अर्जी के साथ सुनवाई
INX मीडिया मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम मामले में सीबीआई ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की है। दरअसल सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट की उस टिप्पणी पर स्पष्टीकरण मांगा है जिसमें यह कहा गया था कि चिदंबरम के साथ कोई 'फ्लाईट रिस्क' नहीं हैं और उनके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ किये जाने की संभावना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर भी मंगलवार को चिदंबरम की जमानत याचिका के साथ सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर...
ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा
सोमवार को न्यायमूर्ति एन वी रमना की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने केंद्र और राज्यों को ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दायर करने के लिए वेब पोर्टल बनाने पर दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर अपना जवाब दो सप्ताह में दायर करने के लिए कहा है। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि केंद्र और राज्यों को ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दायर करने के लिए वेब पोर्टल बनाने के लिए निर्देश दिए जाएं। न्यायमूर्ति रमना ने कहा, "दो सप्ताह में जवाब दाखिल किया जाए और इसके बाद इसका पत्युत्तर (याचिकाकर्ता...
सोशल मीडिया खातों को आधार से लिंक करने की नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सोशल मीडिया खातों को अनिवार्य रूप से आधार के साथ जोड़ने के लिए दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय से कहा कि वह पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएं और मामले को सीमित करते हुए उन्हें हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता प्रदान की। पीठ ने यह भी कहा कि जरूरी नहीं कि सारे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ही सुना जाए। याचिकाकर्ता की दलीलें दरअसल दलील में यह कहा गया था कि फेक और पेड न्यूज को...
पत्रकारों के पास लोगों पर आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का कोई विशेषाधिकार नहीं है, बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश पढ़ें
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पत्रकारों को किसी प्रकार के विशेष विशेषाधिकार का लाभ नहीं मिलता है या वे दूसरों की तुलना में अधिक स्वतंत्र नहीं हैं कि वे किसी नागरिक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकें। वे किसी अन्य व्यक्ति की तुलना में बेहतर स्थिति में नहीं हैं, न्यायमूर्ति मंगेश एस पाटिल ने कहा। अदालत ने यह टिप्पणी समाचार पत्र 'लोकमत' द्वारा प्रकाशित एक समाचार के संबंध में मानहानि के मुकदमे को रद्द करने की मांग करने वाली पत्रकारों की याचिका को खारिज करते हुए की। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने...
कर्मचारी नोटिस अवधि में काम करने को सहमत था, नियोक्ता ने तीन महीने की सैलरी जमा करने को कहा, दिल्ली हाईकोर्ट से मिली राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फर्टिलाइज़र पीएसयू के उस कर्मचारी को राहत दी है जिसे नियोक्ता ने नोटिस की अवधि पूरी करने के बदले तीन महीने का वेतन जमा करने को कहा था। वर्तमान रिट याचिका में, याचिकाकर्ता ने फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल ट्रावनकोर लिमिटेड (एफसीटीएल) के एक कम्यूनिकेशन को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि उसके द्वारा दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है, इसलिए उसे कंपनी के नियम 36ए के तहत नोटिस अवधि पूरी न करने की दशा में तीन महीने का वेतन जमा कराना होगा। यह है मामला मामले की...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप, देखिए पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण फैसले
अक्टूबर 2019 के दूसरे सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में निम्नलिखित महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। देखिए सुप्रीम कोर्ट के वीकली राउंड अप में पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय और आदेश। अगर कोई वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए कुछ ख़रीदता है और उसका प्रयोग अपनी आजीविका कमाने के लिए करता है तो वह एक उपभोक्ता है : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ख़रीदार ख़ुद वाणिज्यिक वस्तु का प्रयोग स्व-रोज़गार के रूप में अपनी आजीविका कमाने के लिए करता है तो वस्तु का इस तरह ख़रीद करने वाला...
विवाहित जोड़े को सुरक्षा से सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि उनका विवाह शून्य या अमान्य है, पढ़िए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक विवाहित जोड़े के मामले में देखा कि भले ही वह अमान्य या शून्य विवाह हो या किसी भी विवाह के न होने का मामला हो, किसी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के मौलिक अधिकार से उसे वंचित नहीं किया जा सकता। एक 'फरार' दंपती ने शादी करने का दावा करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और पुलिस सुरक्षा की मांग की। इस जोड़े ने यह आरोप लगाया कि लड़की के माता-पिता ने उन्हें धमकी दी कि वे उन्हें पति-पत्नी के रूप में नहीं रहने देंगे और मौका मिलने पर वे दोनों को मार...
प्रत्येक जिले में केंद्रीय विद्यालय सुनिश्चित करना, पाठ्यक्रम तय करना नीति निर्णय, न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश पढ़ें
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि प्रत्येक तालुका में कम से कम एक केंद्रीय विद्यालय सुनिश्चित करना और सभी स्कूलों के लिए समान पाठ्यक्रम एक नीतिगत निर्णय है, जिसके बारे में सरकार द्वारा निर्णय लिया जाना चाहिए न कि न्यायालय द्वारा। भाजपा नेता और एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में अदालत से निम्नलिखित निर्देश मांगे गए थे- 1. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार को निर्देशित करें कि वह पूरे भारत में हर तहसील, तालुका, उप-मंडल, सर्कल और वट्टम या प्रत्येक राज्य विधान सभा क्षेत्र में...
निगम के वाहन में यात्रा करते हुए मारे जाने वाले व्यक्ति के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मांगने से रोकने का प्रावधान सही : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान राज्य परिवहन निगम के अनुकंपा नियुक्ति विनियमन को सही ठहराया है जिसके तहत निगम के वाहन में यात्रा करते हुए मारे जाने वाले व्यक्ति के आश्रित को निगम में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मांगने से रोकने का प्रावधान है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, "यद्यपि अनुच्छेद 14 वर्गीय क़ानून की इजाज़त नहीं देता लेकिन यह क़ानून बनाने के लिए तर्कसंगत वर्गीकरण से मना नहीं करता।" राजस्थान राज्य परिवहन निगम अनुकंपा नियुक्ति विनियमन, 2010 के विनियमन 4(3) में यह...
प्रेमी को छोड़ देना नहीं है अपराध, दिल्ली हाईकोर्ट ने 'दुष्कर्म'के आरोपी को बरी किए जाने को सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रेमी को छोड़ देना, कुछ हद तक घिनौना काम लग सकता है ,परंतु यह कोई अपराध नहीं है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने एक अभियुक्त को बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया है। अभियुक्त पर आरोप था कि उसने शादी का वादा करके एक महिला से दुष्कर्म किया। न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने कहा, "एक अंतरंग संबंध में लगातार संलिप्त रहना, जिसमें समय की एक महत्वपूर्ण अवधि में यौन गतिविधि भी शामिल रही हों, यह नहीं कहा जा सकता है कि इस संबंध में शामिल होना प्रेरित और अनैच्छिक था, क्योंकि दूसरे...
सोल प्रोपराइटरी कंपनी दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकती : एनसीएलटी
एनसीएलटी दिल्ली ने कहा है कि चूँकि सोल प्रोपराइटरी हक़ वाली कंपनी शोध-अक्षमता और दिवालिया संहिता, 2016 की धारा 3(23) के तहत कोई व्यक्ति नहीं है सो वह दिवालिये की कार्रवाई शुरू नहीं कर सकती है। याचिकाकर्ता आरजी स्टील्ज़ ने ऑपरेशनल क्रेडिटर (ओसी) के रूप में ट्रिब्यूनल में धारा 9 आवेदन दायर कर निगमित क़र्ज़दार मै. बेरीज ऑटो एनसीलरिज प्राइवेट लिमिटेड के ख़िलाफ़ निगमित दिवालियापन की प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने की माँग की थी। आरजी स्टील की दलील थी कि बेरी ऑटो ने उसे 15 लाख रुपए अधिक की...
एनसीडीआरसी ने दिया दून इंटरनेशनल स्कूल को निर्देश, पूर्व छात्रा को समय पर टीसी जारी न करने पर दिए जाएं पचास हजार रुपये
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने बुधवार को दून वैली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, हिमाचल प्रदेश को निर्देश दिया है कि वह एक पूर्व छात्रा को 50000 रुपये मुआवजा दे। इस छात्रा को स्कूल समय पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी नहीं कर पाया था , जिसके कारण उसका एक साल बर्बाद हो गया। डॉक्टर एसएम कांतिकार और दिनेश सिंह की पीठ ने कहा, "स्कूल प्राधिकारियों द्वारा सामान्य और तथ्यात्मक रूप से स्कूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने में लापरवाही या मनमाने तरीके से कार्य नहीं...
एयरपोर्ट पर सामान बेचने वाली ड्यूटी फ्री शॉप पर जीएसटी नहीं लगेगा : बॉम्बे हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण फैसले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि मुंबई हवाई अड्डे पर ड्यूटी-फ्री शॉप (डीएफएस) द्वारा बाहर जाने वाले यात्रियों को बेचे जाने वाले सामान पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) नहीं लगाया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी दुकानें इनपुट टैक्स क्रेडिट की वापसी की हकदार हैं। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने कहा कि कर मुक्त दुकानें सीमा शुल्क क्षेत्र के दायरे में आती हैं, इसलिए, डीएफएस से आयातित सामानों की आपूर्ति भारत के सीमा शुल्क की हद को पार नहीं...




















