ताज़ा खबरें
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में मेट्रो शेड के लिए आरे में पेड़ों की कटाई पर यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने सोमवार को मुंबई उपनगर में आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अब और पेड़ नहीं काटे जाएंगे और दशहरा की छुट्टी के बाद पर्यावरण की बेंच द्वारा पहले से तय किए गए पेड़ों की कटाई की वैधता तय की जा सकती है।कोर्ट ने पेड़ काटने के विरोध में हिरासत में लिए गए सभी पर्यावरण कार्यकर्ताओं की रिहाई का भी...
ट्रेड या कॉमर्स में 'वाकई इस्तेमाल' हुई अचल सम्पत्ति का विवाद ही 'कॉमर्शियल डिस्प्यूट' : सुप्रीम कोर्ट
"'कारोबार या वाणिज्य में खासतौर पर इस्तेमाल' शब्द का अर्थ है, 'वाकई इस्तेमाल हुआ' और इसे 'इस्तेमाल के लिए तैयार' या 'इस्तेमाल होने के लिए संभावित'अथवा 'इस्तेमाल होने वाला'नहीं कहा जा सकता। यह 'एक्चुअली यूज्ड'होना चाहिए।"
यदि सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो भारत मध्यस्थता का केंद्र नहीं बन सकेगा : जस्टिस नरीमन
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रोहिंगटन फली नरीमन ने मध्यस्थता एवं सुलह संशोधन अधिनियम 2019 में जोड़ी गयी धारा 87 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते वक्त संबंधित प्रावधान की आलोचना की है। न्यायमूर्ति नरीमन ने संबंधित धारा के बारे में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपने घड़ी की सूई उल्टी दिशा में मोड़ दी है। इस प्रावधान से 2018 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को निष्प्रभावी किया गया है, जिसके जरिये कानून में स्वत: रोक के प्रावधान के प्रत्याशित इस्तेमाल का निर्धारण किया...
केवल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास यह निर्णय लेने की शक्ति है कि नाबालिग द्वारा किया अपराध जघन्य है या नही : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि सत्र न्यायालय जज यह तय नहीं कर सकता है कि जुवेनाइल (नाबालिग) द्वारा किया गया अपराध जघन्य है या नहीं और वह मुकदमे को आगे भी नहीं बढ़ा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि यह निर्णय लेने की शक्ति केवल किशोर न्याय बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) के पास है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के एक आदेश को रद्द कर दिया और सेशन कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह इस मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास भेज दे। न्यायमूर्ति के.एन फेनेंद्र ने कोलार जिले के एक सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित...
मामूली मिलावट के नाम पर खाद्य अपमिश्रण के आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि यदि खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के मानकों का पालन नहीं किया जाता तो मिलावट करने के आरोपी को इस आधार पर बरी नहीं किया जा सकता कि मिलावट मामूली थी। 'राज कुमार बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' के मामले में आरोपी ने यह दलील दी थी कि यदि तय मानक की तुलना में मामूली मिलावट हो तो अदालत की ओर से आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए। आरोपी के यहां से संग्रहित दूध के नमूने में 4.6 प्रतिशत मिल्क फैट और 7.7 प्रतिशत मिल्क सॉलिड नन-फैट पाया गया था, जो तय मानक के तहत 8.5 प्रतिशत होना...
अल्पसंख्यक संस्थान में प्रशासन के अधिकार में कुप्रशासन का अधिकार शामिल नहीं- दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान के प्रशासन के अधिकार में कुप्रशासन का अधिकार शामिल नहीं है। अगर ऐसे संस्थानों के संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो विनियामक प्राधिकरण ऐसे संस्थानों द्वारा लिए गए निर्णयों में हस्तक्षेप कर सकता है। वर्तमान मामले में, याचिकाकर्ता ने एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक के स्थायी पद के लिए विधिवत चुने जाने के बावजूद ,उसकी सेवा समाप्त करने के मामले को चुनौती दी थी। उसने अपने वेतन के भुगतान की भी मांग...
NGT में न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्यों की नियुक्ति की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश भर में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की बेंचों के लिए न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्यों की नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति एन. वी. रमना और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने उस याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया जिसमें देश के सभी उच्च न्यायालयों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वो एनजीटी की बेंचों को कार्यात्मक बनाने तक पर्यावरण संबंधी मामलों की सुनवाई करें। याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने एनजीटी के लिए...
अयोध्या विवाद : मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 18 नहीं, 17 अक्टूबर तक खत्म हो सुनवाई, नई समय सीमा तय
अयोध्या रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई के दौरान संविधान पीठ की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अब कहा है कि मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। इससे पहले उनके द्वारा ये डेडलाइन 18 अक्टूबर तय की गई थी। शुक्रवार को 37वें दिन की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि अब ये सुनवाई 18 की बजाए 17 अक्टूबर तक पूरी होगी। 14 अक्टूबर को मुस्लिम पक्षकारों की ओर से राजीव धवन बहस पूरी करेंगे। 15-16 अक्टूबर को हिंदू पक्ष दलीलें देगा और 17 अक्टूबर को...
भीमा कोरेगांव हिंसा : नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत, गिरफ्तारी से संरक्षण बरकरार रहेगा
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से यह कहा है कि जब तक कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है, नवलखा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को यह कहा है कि नवलखा को लेकर जो भी तथ्य हैं, उन्हें अदालत के सामने पेश करे। तब तक हाई कोर्ट का संरक्षण जारी रहेगा। पीठ अब इस मामले की सुनवाई 15 अक्टूबर को करेगी। नवलखा की अदालत...
INX मीडिया : चिदंबरम की जमानत याचिका पर SC ने CBI को नोटिस जारी किया, 15 अक्टूबर को सुनवाई
INX मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई अब 15 अक्टूबर को करेगा। फिलहाल चिदंबरम को जेल में ही रहना होगा।शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस आर. बानुमति और जस्टिस ह्रषिकेश रॉय की पीठ को बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि उनका फ्लाइट रिस्क नहीं है और ना ही सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना है।...
रविदास मंदिर : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, लोगों की भावनाओं का सम्मान, कोई बेहतर जगह तलाशकर हल खोजें
दिल्ली के तुगलकाबाद में रविदास मंदिर को ढहाने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि वो धरती पर सभी की भावनाओं का सम्मान करता है।जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सभी पक्षकारों को कहा है कि वो अटार्नी जनरल से मिलकर इस मामले में किसी दूसरी जमीन पर मंदिर के निर्माण के लिए हल निकालें। इसके बाद इस समझौते को कोर्ट में दाखिल करें, जिससे अदालत कोई ठोस आदेश जारी कर सके। पीठ ने कहा कि इस मामले में कोई बेहतर स्थान, बेहतर जमीन और...
सुप्रीम कोर्ट ने 2:1 के बहुमत से दो साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी की मौत की सजा बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2: 1 के बहुमत से 2 साल की बच्ची की हत्या और बलात्कार के लिए 25 वर्ष की उम्र के व्यक्ति को दोषी पाया। जस्टिस आर. एफ. नरीमन और जस्टिस सूर्य कांत ने बहुमत से रवि बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पुष्टि की गई मौत की सजा को बरकरार रखा जबकि जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी ने इससे अलग फैसला दिया। वर्ष 2019 में POCSO अधिनियम में हुए संशोधन पर अदालत ने किया गौर बहुमत के फैसले ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि संसद ने वर्ष 2019 में POCSO अधिनियम में संशोधन करके बाल...
भीमा कोरेगांव हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया, 5 नहीं 3 जजों ने नवलखा मामले पर सुनवाई से खुद को अलग किया है
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की याचिका पर 5 नहीं बल्कि 3 जजों ने सुनवाई से खुद को अलग किया है। रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सिर्फ जस्टिस बी. आर. गवई ने सुनवाई से खुद को अलग किया था। इस पीठ ने इसलिए सुनवाई से इनकार किया क्योंकि ये पीठ आगे भी अन्य मामलों की सुनवाई करने वाली है। दरअसल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट ने भी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। गुरुवार को जैसे ही जस्टिस अरुण मिश्रा,...
शिशु की बलि देने वाले तांत्रिक दम्पती का मृत्युदंड सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार, पढ़िए फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मानव बलि के नाम पर एक शिशु की हत्या करने के दोषी तांत्रिक दम्पती का मृत्युदंड बरकरार रखा है। किरण बाई और उसके पति ईश्वरी लाल यादव के खिलाफ आरोप इस प्रकार थे :- दोनों तंत्रविद्या में विश्वास करते थे। किरण बाई सिद्धि पाना चाहती थी। वह गुरुमाता के नाम से भी जानी जाती थी। भगवान को प्रसन्न करने के लिए उसने अपने पति और सहअभियुक्त अनुयायियों को मानव बलि के लिए एक बच्चा लाने को कहा था। भगवान को बलि देने के लिए पड़ोस के दो साल के बच्चे 'चिराग' को अगवा कर लिया गया और अभियुक्त दम्पती के...
मां की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर मेघालय हाईकोर्ट ने पिता को दिया निर्देश, अपने साथ कश्मीर लेकर गए शिशु को करें पेश
मेघालय हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर नोटिस जारी किया है, जो एक 5 महीने के शिशु की तरफ से दायर की गई थी। याचिका शिशु की मां ताहेरा हक ने दायर की थी, जिसने आरोप लगाया था कि उसके पति और बच्चे के पिता, आरिफ हुसैन मीर बच्चे को जम्मू और कश्मीर ले गए हैं और ताहेरा ने बच्चे की कस्टडी उसे देने की मांग की है। ताहेरा के वकील ए.एस.सद्दीकी ने जम्मू-कश्मीर की वर्तमान कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रस्तुत किया कि बच्चे को उसकी मां की कस्टडी से ले लिया गया है और उसकी...
केंद्र ने एमपी, एपी, केरल, राजस्थान, गुवाहाटी, एचपी और सिक्किम के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
राष्ट्रपति ने छह उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियों को अधिसूचित किया है। ये नाम इस प्रकार हैं : जस्टिस अजय लांबा (इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश) गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अरुप के गोस्वामी (गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश) सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रूप में। न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश) आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में। न्यायमूर्ति एल नारायण स्वामी (कर्नाटक हाईकोर्ट के...
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के 20 मार्च, 2018 के फैसले को पलटने के उद्देश्य से संसद ने ये संशोधन कर कड़े प्रावधानों को फिर से लागू कर दिया था। यह संकेत देते हुए कि संशोधनों को बरकरार रखा जाएगा, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि न्यायालय इस अधिनियम को कमजोर नहीं करेगा। विशेष रूप...
दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के पदनाम के लिए 237 अधिवक्ताओं ने आवेदन किया
दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पदनाम के लिए सचिवालय द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार, कुल 237 अधिवक्ताओं ने वरिष्ठ पदनाम के लिए आवेदन किया है। सचिवालय द्वारा 26.04.2019, 20.5.2019 और 14.08.2019 को क्रमशः जारी किए गए तीन पूर्व नोटिसों के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता के लिए आवेदन भेजे गए थे। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता नियमावली, 2018 के सुझाव / विचार के उच्च न्यायालय दिल्ली पदनाम के नियम 8 की शर्तों के अनुसार, यदि अधिवक्ताआ के पदनाम के लिए कोई आवेदन किया गया है, जो...




















