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जब किसी आदेश को बदला नहीं गया है तो सीपीसी की धारा 144 (बहाली) लागू नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 144 उस स्थिति में लागू नहीं होगी अगर कोई आदेश वापस नहीं लिया गया है या उसे बदला नहीं गया है।बंसीधर शर्मा (अब मृत) बनाम राजस्थान राज्य मामले में कब्जे से संबंधित मुकदमे को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के माध्यम से अपीलकर्ता को संबंधित परिसंपत्ति का कब्जा दे दिया अपील को अंततः खारिज कर दिया गया, इसलिए, धारा 151 (144 के साथ पढ़ी जाने वाली) के तहत एक याचिका दायर कर संबंधित परिसंपत्ति पर कब्जे की बहाली...
जब मजिस्ट्रेट के सामने अभियुक्त का इकबालिया बयान ऑडियो-विडियो माध्यमों से रिकॉर्ड नहीं किया जाता हो तो अधिवक्ता की उपस्थिति अनिवार्य नहीं - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह अनिवार्य नहीं है कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत एक कबूलनामा या इकबालिया बयान या स्वीकारोक्ति अधिवक्ता की उपस्थिति में ही आवश्यक रूप से करवाई जानी चाहिए। बशर्ते इसके कि जब इस तरह का इकबालिया बयान ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दर्ज किया जा रहा हो। पीठ वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा की दलीलों का जवाब दे रही थी। वरिष्ठ अधिवक्ता लूथरा समीक्षा याचिकाकर्ता मनोहरन की तरफ से पेश हुए थे, जिसे मौत की सजा दी गई है। उन्होंने दलील दी थी कि धारा...
अयोध्या विवाद : आ गई फैसले की घड़ी, मुख्य न्यायाधीश ने उत्तर प्रदेश के चीफ सेकेट्री और DGP को बुलाया
अयोध्या रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में फैसला कभी भी आ सकता है। इस बीच देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई ने अयोध्या व राज्य में कानून- व्यवस्था पर बैठक करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को बुलाया है।सूत्रों के मुताबिक CJI गोगोई दोपहर में दोनों अफसरों से मिलेंगे। इससे पहले 16 अक्तूबर को 40 वें दिन की सुनवाई के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल CJI गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं इसलिए उन्हें इससे...
मानव जीवन को सिर्फ आय की संभावना की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दुर्घटना में मरने वाली 10 साल की लड़की के परिजन के लिए मुआवजा बढ़ाया
हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 साल की सविता और उसकी मां की सड़क दुर्घटना में मौत के कारण मिलने वाली मुआवजे की राशि को बढ़ा दिया। 29 साल पहले सामने से आ रही राज्य परिवहन की एक बस के ट्रैक्टर ट्राली से टकरा जाने के कारण सविता और उसकी मां की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण, सतारा के 20 मार्च 1996 के आदेश को निरस्त कर दिया। अधिकरण ने मृतक के पिता देवपा मस्कर और उसके दो नाबालिग भाई-बहनों को 51,800 रुपये के मुआवजे का आदेश दिया था जिस पर उन्हें 12% का...
लोक अदालत के अवार्ड के तहत जारी चेक बाउंस होने पर NI एक्ट की धारा 138 की शिकायत सुनवाई योग्य : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोक अदालत द्वारा दिए गए अवार्ड तहत जारी किए गए चेक के बाउंस होने पर निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट ( NI एक्ट) की धारा 138 के तहत कोई शिकायत सुनवाई योग्य होगी। इस मामले में [अरुण कुमार बनाम अनीता मिश्रा] आरोपी द्वारा जारी किए गए पहले चेक पर NI एक्ट की धारा 138 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया गया। इसके परिणामस्वरूप सजा और जुर्माना किया गया। लंबित मुकदमे को वापस लेने के लिए सजा के फैसले और दोनों पक्षों के खिलाफ अपील को लोक अदालत में प्राथमिकता दी गई थी।इसी के चलते...
प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर
इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन और धरना देने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ केंद्र सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता राकेश कुमार लकड़ा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम 1964 के नियम 7 का उल्लंघन किया, जो एक सरकारी कर्मचारी को राज्य की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के हितों के खिलाफ किसी भी प्रदर्शन...
अगर आप पूरे राज्य में प्रतिबंध लगाना चाहते हैं तो अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लगाइए : सिब्बल
जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद प्रतिबंधों को लेकर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि पूरे राज्य में तालाबंदी केवल संविधान के तहत आपातकालीन प्रावधानों को लागू करने के द्वारा ही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 का मार्ग तीन महीने से अधिक समय तक पूरे राज्य को बंद रखने के लिए नहीं अपनाया जा सकता। सिब्बल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद...
दुखद है कि राजधानी की सड़कें जर्जर और गड्ढों वालीं' : नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को सड़कों के रखरखाव व वेस्ट मैनेजमेंट के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कार्यवाही के दौरान दिल्ली में सड़कों के जर्जर हालात पर कड़ा रुख अपनाया और कहा कि शहर में प्रदूषण को धूल ने और बढ़ा दिया है। पीठ ने दिल्ली और NCR के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि इस क्षेत्र में उचित कदम उठाए जाएं। राजधानी दिल्ली में इस तरह के गंभीर मामलों पर उदासीनता पर नाराज़गी जताते हुए अदालत ने कहा कि अन्य राज्यों में जलने वाली पराली ने दिल्ली में केवल 40-44% प्रदूषण में योगदान दिया है और शेष दिल्ली और एनसीआर में ही...
जस्टिस कुरैशी की सिफारिश : केंद्र ने कहा, बस आखिरी हस्ताक्षर करने हैं, 13 नवंबर को सुनवाई
न्यायमूर्ति अकील कुरैशी को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति करने में देरी का विरोध करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इस संबंध में आखिरी हस्ताक्षर होने हैं। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस संबंध में अब सुनवाई को 13 नवंबर के लिए टाल दिया है। एस जी की दलील पर टाली थी सुनवाईइससे पहले कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील पर ये सुनवाई टाल दी थी...
एक व्यक्ति अपनी पांच गायों के इलाज की गुहार लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, अदालत ने दिया यह फैसला
भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए दायर की जाती है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में कई बार कुछ छोटे मामलों के लिए रिट याचिका का दायर की जाती है। ऐसा ही एक मामला सुप्रीम कोर्ट में आया है। बिहार के एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की, जिसमें मुख्य प्रार्थना उसकी पांच गायों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने की गई थी। कुणाल कुमार खुद ही अपना मामला लेकर अदालत में पेश हुए, जिन्हें अदालत ने बताया कि इस तरह की याचिका पर विचार नहीं किया...
सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल की बच्ची से बलात्कार और फिर उसकी व भाई की हत्या के दोषी की फांसी बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने कोयम्बटूर में दस साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और फिर लड़की और उसके भाई की हत्या करने के दोषी मनोहरन की फांसी बरकरार रखी है।हालांकि पुनर्विचार याचिका पर ये फैसला एक बार फिर 2:1 के बहुमत से आया है। जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन और जस्टिस सूर्यकांत ने फांसी की सजा को बरकरार रखा जबकि अल्पमत के फैसले में जस्टिस संजीव खन्ना ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इससे पहले 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी की फांसी पर रोक लगा दी थी। उसे 20 सितंबर को ही फांसी दी जाने वाली थी। इस मामले में...
आपराधिक कानूनों में आरोपी को राहत देने वाले संशोधन लंबित और पूर्व के मामलों पर भी लागू हो सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा है कि अगर आपराधिक क़ानून में संशोधनों से आरोपियों को लाभ होता है तो ये संशोधन पूर्व के मामलों और अदालतों में लंबित मामलों पर लागू हो सकते हैं। वर्तमान मामले में त्रिलोक चंद को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 की धारा 16(1)(a)(i) (धारा 7 के साथ पढ़ें) के तहत दोषी पाया गया। उसे 3 महीने की कैद की सजा सुनाई गई और 500 रुपये का जुर्माना चुकाने को कहा गया। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका को ख़ारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में अपील सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस बारे में एकमात्र...
भीमा कोरेगांव मामला : पुणे सेशंस कोर्ट ने छह आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की
पुणे सेशंस कोर्ट ने बुधवार को भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उक्त आवेदन सुरेंद्र गडलिंग, सुधीर धवले, वरवारा राव, शोमा सेन, महेश राउत और रोना विल्सन द्वारा दायर किए गए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसआर नवांदर ने आदेश पारित किया और 15 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के प्रकाश में तीन अन्य आरोपियों, सुधा भारद्वाज, वर्नोन गोंसाल्वेस और अरुण फरेरा को जमानत देने से इनकार कर दिया। मामले के सभी आरोपियों को अब जमानत से वंचित कर दिया गया है। इससे...
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 24 की व्याख्या पर सुनवाई शुरू की
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा, विनीत सरन, इंदिरा बनर्जी, एमआर शाह, और एस रवींद्र भट की संवैधानिक पीठ ने भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार, सुधार तथा पुनर्वास अधिनियम, 2013 की धारा 24(2) की व्याख्या संबंधित मामलों पर सुनवाई बुधवार से शुरू कर दी। इससे पहले पीठ ने भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार, सुधार तथा पुनर्वास अधिनियम, 2013 की धारा 24(2) की व्याख्या संबंधित कानून के सवालों के मुद्दे तय कर लिए थे। 2013 अधिनियम की धारा 24 (2) के...
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, कश्मीर में तालबंदी ने 70 लाख लोगों का जीवन पंगु बना दिया
जम्मू-कश्मीर से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद के लिए पैरवी करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कश्मीर में तालाबंदी ने 7 मिलियन (70 लाख) लोगों के जीवन को पंगु बना दिया है। सिब्बल ने जस्टिस रमाना, जस्टिस सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी आर गवई की पीठ को बताया, "कभी भी 7 मिलियन लोगों के जीवन को इस तरह से अपंग नहीं किया गया।" सिब्बल ने कहा, "राज्य मुझे जम्मू-कश्मीर जाने या न जाने के लिए नहीं कह सकते। संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत राज्य...
अनुच्छेद 370 : सुप्रीम कोर्ट ने J&K से पूछा, कश्मीर में सार्वजनिक परिवहन के क्या हालात
जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद प्रतिबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से 5 अगस्त के बाद सार्वजनिक परिवहन को लेकर रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने बुधवार को कहा कि राज्य गुरुवार को ही ये रिपोर्ट दाखिल करे। पीठ ने पूछा, " क्या जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध है? क्या वहां किसी भी बस या ट्रक को अनुमति नहीं दे रहे हैं? कल सुबह पहली बात आपको हमें बतानी होगी कि प्रतिबंधों के दौरान कितनी...
पराली जलाने पर किसान को सज़ा देना समस्या का हल नहीं है, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएं : सुप्रीम कोर्ट ने दिए राज्योंं को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की सरकारों को गैर-बासमती चावल के फसल अवशेषों को संभालने के लिए छोटे और सीमांत किसानों को सात दिनों के भीतर 100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से वित्तीय सहायता देने का निर्देश दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे उनके खेत साफ करने के लिए पराली न जलाएं। पराली का धुआं दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गंभीर वायु प्रदूषण का कारण है। जस्टिस अरुण मिश्रा और दीपक गुप्ता की विशेष पीठ ने गंभीर वायु प्रदूषण के मुद्दे पर दो घंटे की लंबी...
सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम सिस्टम लाने वाले सेकेंड जजेस केस में पुनर्विचार याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट की नौ जज बेंच ने 17 अक्टूबर 2019 को 1993 के सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया [सेकेंड जजेस केस] की समीक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस केस में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम सिस्टम प्रस्तुत किया गया था। न्यायिक पारदर्शिता और सुधार के लिए वकीलों के अभियान ने समीक्षा याचिका दायर की थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया कि याचिका दायर करने में 9071 दिनों की देरी की...
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण की दुर्दशा पर चिंता जताई, सुकना वन्यजीव अभयारण्य के निकट टाटा प्रोजेक्ट को रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने सुकना वन्यजीव अभयारण्य के पास टाटा के एक आवासीय प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी को रद्द कर दिया और कहा कि वन्यजीव अभयारण्य से थोड़ी दूरी पर इस तरह की परियोजनाओं को अनुमति नहीं दी जा सकती है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें टाटा हाउसिंग डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड की एक आवासीय परियोजना के निर्माण की अनुमति देने से इनकार कर दिया था क्योंकि ये सुकना झील के क्षेत्र में और वन्यजीव अभयारण्य की...
1984 सिख विरोधी दंगा : सज्जन कुमार को फिलहाल राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने एम्स निदेशक को बोर्ड का गठन कर मेडिकल जांच के निर्देश दिए
1984 में हुए सिख विरोधी दंगे में आजीवन कारावास के सजायाफ्ता कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एम्स के निदेशक को डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाकर सज्जन कुमार का मेडिकल परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को कहा है कि चार हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल की जाए। वहीं इस दौरान सज्जन कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने स्वास्थ्य आधार पर जमानत देने की गुहार लगाई। उन्होंने पीठ को बताया कि सज्जन...




















