ताज़ा खबरें
न्यायिक अधिकारी के आचरण को निर्धारित करने के लिए पैमाने सख्त हों : सुप्रीम कोर्ट
न्यायिक अधिकारी पर लगाई गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा को बरकरार रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि न्यायिक अधिकारी के आचरण को निर्धारित करने के लिए मानक या पैमाने सख्त होने चाहिए।न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा कि जनता को न्यायिक कार्य करने वाले किसी व्यक्ति से लगभग अप्रासंगिक आचरण की मांग करने का अधिकार है। दरअसल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात राम मूर्ति यादव के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा शिकायत के संबंध में अभियुक्त को बरी करने के खिलाफ जांच शुरू...
रिट याचिका से संबंधित मामले में आदेश देने वाले अधिकारी को अदालत में बुलाने के हाईकोर्ट की प्रैक्टिस से सुप्रीम कोर्ट ख़ुश नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने रिट याचिका पर ग़ौर करने के दौरान अधिकारियों को अदालत में बुलाने की हाईकोर्ट के प्रैक्टिस पर नाराज़गी ज़ाहिर की है। उत्तर प्रदेश बनाम सुदर्शन चटर्जी के इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग में प्रधान सचिव को ख़ुद अदालत में हाज़िर होने और यह बताने को कहा था कि रिटायर होने के बाद प्राप्त होनेवाले लाभों के बारे में याचिकाकर्ता के दावे को क्यों रद्द किया गया। न्यायमूर्ति आर बनुमती और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि सिर्फ़ इस वजह से कि...
संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक हुआ पारित, राज्यसभा में चली 8 घंटे बहस
आठ घंटे तक चली तूफानी बहस के बाद राज्यसभा ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पारित किया, जो नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन करना चाहता है। लोकसभा ने सोमवार को विधेयक को मंजूरी दे दी थी। विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए नागरिकता प्राप्त करने की शर्तों को शिथिल करने का प्रयास किया गया है। विधेयक के अनुसार, 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत से पलायन करने वाले हिंदू,...
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले मे पुनर्विचार याचिकाओं पर गुरुवार को करेगा विचार
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ गुरुवार को पिछले माह 9 नवंबर को अयोध्या में विवादित भूमि को हिंदू पक्षों को सौंपने के फैसले के खिलाफ 18 पुनर्विचार याचिकाओं पर दोपहर 1.40 बजे से इन-चैंबर सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में विवादित भूमि को हिंदू पक्षों को सौंपने के साथ 5 एकड़ ज़मीन मुस्लिम पक्ष को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया था। । पुनर्विचार याचिका की सुनवाई करने वाली बेंच में मुख्य न्यायाधीश एएस बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस अब्दुल नज़ीर...
कोलकाता हाईकोर्ट का आदेश, घरेलू पूछताछ में साक्ष्य के सख्त नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं
कोलकाता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने एक रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि यह स्थायी कानून है कि घरेलू पूछताछ में साक्ष्य के सख्त नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है। आरोपों का निर्धारण संभावनाओं के प्रधानता पर आधारित होता है। अदालत ने कहा, जब तक आरोपों के समर्थन में कुछ सबूत हैं, अनुशासनात्मक प्राधिकारी उसी के आधार पर कार्य कर सकते हैं। मामले में याचिकाकर्ता कलकत्ता राज्य परिवहन निगम (सीएसटीसी) में कार्यरत एक बस कंडक्टर है। जिस बस में याचिकाकर्ता की ड्यूटी था, जांच...
ज़मानत के एक सप्ताह बाद चिदंबरम पहली बार सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने पहुंचे, सिब्बल और सिंघवी के खिलाफ बहस की
पूर्व केंद्रीय मंत्री और INX मीडिया मामले में आरोपी पी चिदंबरम जमानत मिलने के एक सप्ताह के बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में दो बडे़ केसों में बतौर वकील पेश हुए। बुधवार को वो घरेलू हिंसा और तलाक के एक हाईप्रोफाइल मामले में एक ओर से पी चिदंबरम पेश हुए तो दूसरी ओर उनके ही सहयोगी और उनकी ज़मानत के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। दोनोंं पक्ष एक दूसरे के खिलाफ बहस करते नज़र आए।मुंबई के बिजनेसमैन जयदेव श्रॉफ और पूनम भगत में मामले में पी...
हैदराबाद मुठभेड़ : सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच SC के सेवानिवृत जज से कराने के संकेत दिए, गुरुवार को सुनवाई
हैदराबाद में महिला डॉक्टर से बलात्कार के बाद जलाकर हत्या करने के चार आरोपियों की मुठभेड़ को ' फर्जी' बताते हुए जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज करेंगे। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने कहा कि सेवानिवृत जज हैदराबाद नहीं बल्कि दिल्ली में ही मामले की जांच करेंगे। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि उन्होंने सेवानिवृत जज जस्टिस पीवी रेड्डी से बात की है लेकिन...
दया याचिका के निपटारे की समय सीमा तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका के निपटारे के लिए विशिष्ट प्रक्रिया, नियम और समय सीमा तय करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। वकील शिव कुमार त्रिपाठी ने दाखिल याचिका में कहा है कि राष्ट्रपति के पास दायर होनी वाली दया याचिका का निपटारा करने की कोई समय सीमा या नियम या कोई प्रक्रिया तय नहीं की गई है। इसकी वजह से याचिकाएं काफी वक्त तक लटकी रहती हैं। याचिका में कहा गया है कि कई मामलों में देरी की वजह से मौत की सजा पाने वाले दोषी अपनी सजा कम कर उम्रकैद में बदलवाने...
TTZ : सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे लाइन बिछाने के लिए 453 पेड़ काटने की सशर्त इजाजत दी
एक अहम कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को दिल्ली-मथुरा-आगरा लाइन पर एक नया रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए लगभग 30 किलोमीटर ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन (TTZ) में 453 पेड़ों को काटने की अनुमति दी है लेकिन शर्त भी लगाई है कि काटे पेड़ों की जगह पर नए पेड़ लगाए जाएं। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी के सदस्य सचिव को निर्देश दिया कि वो इस स्थल का दौरा करने के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति करें और मुआवजे के रूप में उत्तर रेलवे द्वारा लगाए गए पेड़ों का निरीक्षण करें। ...
राज्य विधानमंडल ऐसा कोई कानून नहीं बना सकता जो सुप्रीम कोर्ट के क्षेत्राधिकार को प्रभावित करे : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने माना है कि छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण अधिनियम, 2011 की धारा 13 (2) असंवैधानिक है क्योंकि राज्य विधानमंडल में भारत के सर्वोच्च न्यायालय को सीधे अपील प्रदान करने वाले प्रावधान को अधिनियमित करने के लिए विधायी क्षमता का अभाव था। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी, न्यायमूर्ति विनीत सरन, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति रवींद्र भट की पीठ ने राजेंद्र दीवान बनाम प्रदीप कुमार रानीबाला के संदर्भ में विचार किया और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और...
IPS अफसर के खिलाफ झूठा हलफनामा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने महिला के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली में पश्चिम बंगाल कैडर के एक आईपीएस अधिकारी पर कथित रूप से जानलेवा हमला करने के प्रयास का आरोप लगाने वाली एक महिला के खिलाफ "गलत बयान" देने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना नोटिस जारी किया। उसने शादी से इंकार करने के बाद फेसबुक-मित्र अधिकारी के खिलाफ 2018 में बलात्कार की एफआईआर दर्ज की थी। शीर्ष अदालत ने दिल्ली में दर्ज बलात्कार एफआईआर को स्थानांतरित करने और अधिकारी की मां द्वारा 15 लाख रुपये की कथित जबरन वसूली की शिकायत पर दर्ज एफआईआर को पश्चिम बंगाल के...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने लश्कर के सदस्य की सजा को उचित ठहराया, उम्रकैद का फैसला रखा बरकरार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य इमरान जलाल उर्फ बिलाल को दोषी करार दिए जाने और उसे आजीवन कारावास की सजा देने के फैसले को उचित ठहराया है। जलाल ने बैंगलुरु में निर्दोष लोगों को मारने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए प्रमुख आई कंपनी इन्फोसिस, विप्रो, आईटीपी, एचएएल और सचिवालय बिल्डिंग पर आतंकी हमलों को अंजाम देने की साजिश रची थी। पुलिस ने उसे हथियार और गोला बारूद के साथ वर्ष 2007 में गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति रवि.मलीमथ और न्यायमूर्ति...
" जब दिल्ली के प्रदूषण से जिंदगी छोटी हो रही है तो मृत्युदंड क्यों ? " : निर्भया के एक दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई पुनर्विचार याचिका
2012 के निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक अक्षय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में 5 मई, 2017 को शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए फैसले पर सवाल उठाते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जिसमें मौत की सजा को बरकरार रखा गया है।फैसले के खिलाफ दलीलों के अलावा, इस याचिका में कुछ अजीबोगरीब दलीलें भी दी हैं। उसके अनुसार , मौत की सजा अनावश्यक है क्योंकि दिल्ली की बिगड़ती हवा और पानी की गुणवत्ता खराब हो चुकी है।"यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दिल्ली-एनसीआर और मेट्रो शहर की...
2009 के संशोधन से पहले आईटी एक्ट सेक्शन 79 के तहत मध्यस्थ को आपराधिक मानहानि से कोई सुरक्षा नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने गूगल से कहा, मुकदमे का सामना करो
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गूगल को एक आपराधिक मानहानि मामले में मुकदमे का सामना करने को कहा और उसकी यह याचिका खारिज कर दी जिसमें उसने कहा था कि इंटरनेट मध्यस्थ होने के कारण उसे दायित्वों से मुक्त किया जाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि 2009 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 में किए गए संशोधन से पहले, एक नेटवर्क सेवा प्रदाता केवल आईटी अधिनियम के तहत दायित्व से मुक्त था। 2009 के संशोधन से पहले संरक्षण अन्य अधिनियमों के तहत उत्पन्न होने वाले दायित्वों तक नहीं था। इस तर्क पर यह कहा गया कि...
जब अपराध क्षेत्राधिकार के बाहर किया गया हो तो ज़ीरो FIR का पंजीकरण अनिवार्य : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे कानून के अनुसार कार्यवाही न करने वाले उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, जिन्होंने 'जीरो एफआईआर' दर्ज करने से इनकार कर दिया था। साथ ही पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे शहर के सभी पुलिस स्टेशनों को एक सर्कुलर जारी करें, जिसमें कहा जाए कि जब उन्हें एक संज्ञेय अपराध की शिकायत प्राप्त हो, तब वह 'जीरो एफआईआर' दर्ज करें, भले ही अपराध उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हुआ हो। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने निर्देश...
राज्य कोटे के अधीन किसी राज्य के निवासी होने के आधार पर पीजी मेडिकल कोर्स में प्रवेश में मिलने वाले आरक्षण की संवैधानिक वैधता : सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बड़ी पीठ को सौंपा
किसी राज्य के निवासी होने के आधार पर राज्य कोटे के अधीन पीजी मेडिकल कॉलेजों में मिलने वाले आरक्षण की संवैधानिक वैधता के निर्धारण के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी पीठ को सौंप दिया है। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने इस मामले बड़ी पीठ को सौंपते हुए उससे निम्न प्रश्नों पर गौर करने को कहा," पहला तो यह कि राज्य कोटे के अधीन पीजी मेडिकल कोर्स में राज्य के निवासी होने के आधार पर प्रवेश में आरक्षण का संवैधानिक औचित्य है कि नहीं? अगर पहले प्रश्न का उत्तर नकारात्मक...
सुप्रीम कोर्ट की सबसे सीनियर महिला वकील लिली थॉमस का निधन
सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ महिला वकील लिली थॉमस का 91 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण जनहित याचिकाएं दायर कीं। उन्होंने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सिस्टम को चुनौती देते हुए पहली याचिका दायर की। उनका विचार था कि न्यायालय के पास अधिवक्ताओं को इस परीक्षा के अधीन करने की शक्ति नहीं है। अधिवक्ता अधिनियम के भाग IV में दी गई धारा 30 यह कहती है कि सभी अधिवक्ताओं को सर्वोच्च न्यायालय सहित देश भर के सभी न्यायालयों में प्रैक्टिस करने का अधिकार है और इस संबंध में कोई प्रतिबंध...
शिवसेना पार्षद हत्याकांड : बॉम्बे हाईकोर्ट ने माफिया डॉन अरुण गवली की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को माफिया डॉन अरुण गवली को दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति बी पी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति स्वप्ना जोशी की पीठ ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून ( मकोका ) के तहत निचली अदालत द्वारा 2012 में दी गई सजा की पुष्टि की है। पूर्व विधायक गवली के साथ ही इस अपराध में शामिल उसके कुछ अन्य आरोपियों की सजा की भी पुष्टि की गई है। माफिया डॉन अरुण गवली तब से जेल में है। फिलहाल वो नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है। 2012 में विशेष मकोका अदालत ने गवली को...
रेप और हत्या : सुप्रीम कोर्ट ने UP सरकार से पूछा, कितने दोषियों को समय-पूर्व रिहाई दी, ब्योरा दें
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह समय से पहले जेल से सजा माफ कर रिहा किए गए बलात्कार और हत्या के सजायाफ्ता कैदियों का ब्योरा कोर्ट में दाखिल करे। कोर्ट ने ये निर्देश तब दिया जब ये बताया गया कि 1 जनवरी, 2018 से अब तक राज्य में कुल 1,544 ऐसे अपराधी समय- पूर्व रिहा किए गए हैं।शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को बलात्कार और हत्या के दोषियों की उम्र भी बताने को कहा है जिन्हें समय से पहले रिहा कर दिया गया। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने राज्य...
भोजन का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से पूछा, सभी को भोजन सुनिश्चित करने के लिए उनके पास शिकायत निवारण तंत्र है ?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है और इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी है कि क्या राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी को भोजन सुनिश्चित करने के लिए उनके पास शिकायत निवारण तंत्र है ? भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने राज्यों को 4 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। पीठ ने देश भर में भुखमरी से मौत के मामलों को उजागर करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।दलीलों में आरोप...



















