ताज़ा खबरें

सुनवाई के न्यूनतम अवसर दिए बिना प्रतिकूल आदेश से किसी को सज़ा नहीं सुनाई जा सकती, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुनवाई के न्यूनतम अवसर दिए बिना प्रतिकूल आदेश से किसी को सज़ा नहीं सुनाई जा सकती, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला

किसी भी व्यक्ति को सुनवाई के न्यूनतम अवसर दिए बिना एक प्रतिकूल आदेश से सज़ा नहीं सुनाई जा सकती। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा आपूर्तिकर्ता डेफोडिल्स से स्थानीय खरीद को रोकने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की। यह आदेश यूपी सरकार के प्रधान सचिव द्वारा जारी किया गया था। यह कहते हुए कि डैफोडिल्स के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इसने अपराध किया है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मुद्दे पर पूछताछ...

ओवैसी और कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
ओवैसी और कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए कहा कि यह जबरन धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देता है, धर्म के आधार पर भेदभाव करता है और अवैध रूप से प्रवासियों को विभाजित करता है। केरल के त्रिशूर से कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने भी सुप्रीम कोर्ट में इस एक्ट को चुनौती दी। वकील एमआर शमशाद द्वारा दायर अपनी याचिका में ओवैसी ने कहा कि अधिनियम संशोधन एक बुद्धिमान अंतर के आधार...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आरोपी नशे के कारण बेहोशी की हालत में न हो तो नहीं कम होती अपराध की गंभीरता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आरोपी नशे के कारण बेहोशी की हालत में न हो तो नहीं कम होती अपराध की गंभीरता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आरोपी अत्यधिक नशे के कारण अक्षम हालात में न हो तो नशे को अपराध की गंभीरता कम करने का कारक नहीं माना जा सकता है। सूरज जगन्नाथ जाधव बनाम महाराष्ट्र राज्य के मामले में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की खंडपीठ के समक्ष विवाद था कि आरोपी ने जब अपनी पत्नी पर केरोसिन डालकर माचिस से आग लगाई थी, तब वह शराब के नशे में था। उसकी हालत ऐसी थी कि वह समझ नहीं पा रहा था कि वह क्या कर रहा है। यह दलील दी गई कि उसने मर चुकी पत्नी को बचाने की कोशिश की, उसे बचाने के लिए उस पर पानी...

सिर्फ इसलिए कि पत्नी वकील है और कमाने में सक्षम है, भरण पोषण की राशि से इनकार नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
सिर्फ इसलिए कि पत्नी वकील है और कमाने में सक्षम है, भरण पोषण की राशि से इनकार नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट

'कमाई करने में सक्षम' और 'वास्तविक कमाई' के बीच के अंतर को दोहराते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत एक महिला को अंतरिम भरण पोषण देने का आदेश दिया। महिला एक वकील है और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में नामांकित है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने एक पुनरीक्षण याचिका में पारित किया, जिसमें पारिवारिक न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसने पत्नी को 33,005 रुपए के मासिक भरण पोषण का आदेश दिया था।।यह था मामला याचिकाकर्ता-पति, अरुण वत्स ने अपील में...

अदालतों के लिए समर्पित सुरक्षा बल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों, BCI और SCBA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
अदालतों के लिए समर्पित सुरक्षा बल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों, BCI और SCBA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश के सभी न्यायालयों, जजों, वकीलों, वादियों और गवाहों को "फुलप्रपूफ सुरक्षा" देने के लिए एक समर्पित और विशेष सुरक्षा बल की स्थापना के लिए केंद्र और सभी राज्यों से प्रतिक्रिया मांगी है।जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने अपने सहयोगी करुणाकर महलिक की ओर से वकील दुर्गा दत्त द्वारा दायर जनहित याचिका पर अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को भी नोटिस जारी किया।अदालत ने मामले को 27 जनवरी को विचार के लिए...

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की भेदभावपूर्ण प्रकृति पर चिंता जताई
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की भेदभावपूर्ण प्रकृति पर चिंता जताई

हाल ही में पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के "मौलिक रूप से भेदभावपूर्ण प्रकृति" पर चिंता व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया। "हम चिंतित हैं कि भारत का नया नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 मौलिक रूप से प्रकृति में भेदभावपूर्ण है", मानवाधिकार के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस द्वारा जारी बयान में कहा गया है। इस सप्ताह संसद द्वारा पारित कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से गैर-मुस्लिम...

एडीआर और कॉमन कॉज़ ने लोकसभा चुनाव परिणामों की विसंगतियों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
एडीआर और कॉमन कॉज़ ने लोकसभा चुनाव परिणामों की विसंगतियों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और कॉमन कॉज़ ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और अपनी याचिका में शीर्ष अदालत से मांग की है कि 17 वीं लोकसभा के चुनाव परिणामों में हुई कथित विसंगतियों की जांच करने के निर्देश दिए जाएं। अदालत ने रजिस्ट्री को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा दायर याचिका के साथ इस याचिका को टैग करने के लिए कहा है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अदालत में उक्त चुनावों में मतदाता मतदान और अंतिम मतों के विवरण के प्रकाशन की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह...

नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 असम समझौते का उल्लंघन, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन की सुप्रीम कोर्ट में याचिका
नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 असम समझौते का उल्लंघन, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन की सुप्रीम कोर्ट में याचिका

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) और इसके महासचिव लुरिनज्योति गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके गुहार लगाई है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए ) ने 1985 के असम समझौते का उल्लंघन किया है। विशेष रूप से, यह याचिका तब दायर की गई है जब असम सीएए के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन की चपेट में है। 1985 समझौते के अनुसार, 24 मार्च 1971 के बाद बांग्लादेश से असम में प्रवेश करने वाले सभी लोगों को अवैध प्रवासी माना जाता है। इस समझौते में एएएसयू और अन्य समूहों के नेतृत्व में कई वर्षों तक आंदोलन...

नागरिकता संशोधन कानून : सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली दर्जन भर याचिकाएं दाखिल 
नागरिकता संशोधन कानून : सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली दर्जन भर याचिकाएं दाखिल 

नागरिकता संशोधन कानून लागू होते ही सुप्रीम कोर्ट में करीब 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। सभी याचिकाओं में इस कानून को असंवैधानिक, मनमाना और भेदभावपूर्ण करार देते हुए रद्द करने का अनुरोध किया गया है।इस मामले में TMC सासंद महुआ मोइत्रा के अलावा कांग्रेसी नेता जयराम रमेश ने भी याचिका दाखिल की है। जयराम रमेश ने याचिका में कहा है कि ये कानून भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान का उल्लंघन करता है। भेदभाव के रूप में यह मुस्लिम प्रवासियों को बाहर निकालता है और केवल हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, ईसाइयों, पारसियों और...

हम जानते हैं कानून आपके पक्ष में है, लेकिन हम कोई आदेश जारी नहीं करेंगे  : SC का सबरीमला मंदिर में महिलाओं को सुरक्षा देने के आदेश जारी करने से इनकार
हम जानते हैं कानून आपके पक्ष में है, लेकिन हम कोई आदेश जारी नहीं करेंगे : SC का सबरीमला मंदिर में महिलाओं को सुरक्षा देने के आदेश जारी करने से इनकार

ये मानते हुए कि सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के फैसले पर कोई रोक नहीं है, उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को स्वामी अयप्पा मंदिर की यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा आदेश पारित ना करने का फैसला किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि यह एक "भावनात्मक मुद्दा" है और अदालत हिंसक प्रतिक्रियाओं को रोकने के लिए राहत के रूप में अपने विवेक का इस्तेमाल करना पसंद करेगी।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस और इंदिरा जयसिंह, जो...

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया की मां को दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका में पक्ष रखने के अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया की मां को दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका में पक्ष रखने के अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने  2012 के निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक अक्षय सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां को भी दलीलें देने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच 17 दिसंबर को इस पर सुनवाई करेगी।शुक्रवार को निर्भया की मां की ओर से मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे से उन्हें भी हस्तक्षेप करने की इजाजत मांगी और उन्हें ये अनुमति दे दी गई।दरअसल इस मामले में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक अक्षय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट...

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस कानून को गुरुवार रात राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल गई। याचिका को सीजेआई एसए बोबडे के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए मेंशन किया गया था लेकिन कोर्ट ने मोइत्रा के वकील को लिस्टिंग के लिए मेंशनिंग रजिस्ट्रार के समक्ष पहले मामले को उठाने के लिए कहा। बुधवार को संसद द्वारा पारित किया गया अधिनियम पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से गैर-मुस्लिम प्रवासियों के...

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए, 6 महीने में जांच पूरी होगी
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए, 6 महीने में जांच पूरी होगी

हैदराबाद में महिला डॉक्टर से बलात्कार के बाद जलाकर हत्या करने के चार आरोपियों की मुठभेड़ को ' फर्जी' बताकर जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए इसकी न्यायिक जांच का आदेश दिया है। इस जांच की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वी एस सिरपुरकर करेंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति रेखा बलदोता और सीबीआई के पूर्व निदेशक डीआर कार्तिकेयन जांच पैनल के अन्य सदस्य होंगे। पैनल को 6 महीने के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी...

भारत में मानवाधिकारों का संरक्षण अदालत तक सीमित नहीं  : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़
भारत में मानवाधिकारों का संरक्षण अदालत तक सीमित नहीं : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थान द्वारा मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा है किः "मानवाधिकारों की अवधारणा कई वर्षों में विकसित हुई है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति और राज्य के अपसी संबंधों को पुनर्परिभाषित करती है। कानूनी रूप से बाध्य मानव अधिकारों को अपनाने के बाद मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आता है। वे अधिकार और दंडाभाव की संस्कृति की अस्वीकृति का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसके बजाय स्वतंत्र और आत्मनिर्भर समाजों में गरिमा के साथ...

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।यह अधिनियम संशोधन जिसे सोमवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसाभा ने मंजूरी दे दी, पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के मानदंडों को उदार बनाने के लिए नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन करता है। आईयूएमएल के संसद सदस्य पी के कुन्हालीकुट्टी, ई टी मुहम्मद बशीर, अब्दुल वहाब और के नवस कानी भी भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका में याचिकाकर्ता...