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 माल्या पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा :  SC ने कहा, लंबित याचिका का हवाला दुनिया की किसी अदालत में नहीं दे सकते माल्या 

LiveLaw News Network
6 Jan 2020 8:42 AM GMT
  माल्या पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा :   SC ने कहा, लंबित याचिका का हवाला दुनिया की किसी अदालत में नहीं दे सकते माल्या 
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सपंत्ति जब्त करने के खिलाफ विजय माल्या की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, 13 अगस्त को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े आर्थिक अपराधी विजय माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए साफ किया है कि माल्या सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका के लंबित रहने की दलील का इस्तेमाल ब्रिटेन सहित दुनिया की किसी अदालत में नहीं कर सकता

मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने ये टिप्पणी उस समय की जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने UK की अदालत में दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई के लिए याचिका दी है जिस पर फैसला सुरक्षित हो चुका है लेकिन माल्या ने ये कहकर कार्रवाई को टालने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि माल्या 2013 से बैंकों को भरोसा दिला रहा है कि वो सारा रुपया चुका देगा लेकिन एक रुपया भी वापस नहीं दिया है।

पीठ ने माल्या की ओर से आग्रह करने पर सुनवाई को चार हफ्ते के लिए टाल दिया। पिछली सुनवाई में पीठ ने माल्या की ओर से पेश वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन के अनुरोध पर ध्यान दिया था जिसमें कहा गया कि संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई के साथ कानून की वैधता पर लंबित एक नई याचिका पर सुनवाई साथ-साथ की जाए। वरिष्ठ वकील ने संपत्तियों की जब्ती पर सवाल उठाते हुए याचिका पर सुनवाई स्थगित करने की मांग की थी।

गौरतलब है कि माल्या ने 27 जून 2019 को भी शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था जिसमें उनके और उनके रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली संपत्तियों को जब्त करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में माल्या ने कहा है कि कथित अनियमितताओं के मामलों का सामना करने वाली किंगफिशर एयरलाइंस के अलावा कोई अन्य संपत्ति जब्त नहीं की जानी चाहिए। 11 जुलाई 2019 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने माल्या की संपत्तियों को जब्त करने पर विशेष अदालत के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत की डिवीजन बेंच ने माल्या द्वारा दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया था जिसमें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित विशेष अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

पिछले साल 5 जनवरी को विशेष पीएमएलए अदालत ने माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। अदालत ने फिर उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही शुरू की।माल्या वर्तमान में यूके में हैं। उन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 9,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन पर चूक का आरोप लगाया है। वह यूके में एक प्रत्यर्पण ट्रायल का भी सामना कर रहे हैं।

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