' वी द पीपल..' सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी 

भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़ने के लिए वकीलों का एक समूह आज सुप्रीम कोर्ट में इकट्ठा हुआ। प्रस्तावना की प्रतियां उपस्थित वकीलों को वितरित की गईं और समान रूप रूप एक साथ पढ़ी गईं।

दरअसल नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के कथित असंवैधानिक स्वरूप के साथ-साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों पर कथित रूप से पुलिस बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के अलावा भारत के संविधान के सिद्धांतों के पालन पर जोर दिया जा रहा है।

इसके चलते पूरे देश में व्यापक विरोध और मार्च निकाले जा रहे हैं। उस अंकुश लगाने के लिए, सामूहिक रूप से हिरासत में लेने और इंटरनेट बंद के रूप में गंभीर संघर्ष हो रहा है

वहीं सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आज जेएनयू छात्रों पर हिंसा की निंदा करते हुए एक बयान भी जारी किया गया:

बयान में कहा गया,

"सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने आज असामाजिक तत्वों द्वारा जेएनयू छात्रों के खिलाफ हिंसा की कड़ी निंदा करने का प्रस्ताव पास किया है। आगे दिल्ली पुलिस की ओर से निष्क्रियता की निंदा करने का प्रस्ताव किया और अधिकारियों से कार्य करने और कानून का शासन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।"