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National Uniform Public Holiday Policy
बीमा अनुबंध में संशय की स्थिति में छूट के खंड को बीमाकर्ता के खिलाफ माना जाएः सुप्रीम कोर्ट

मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति मामले में द‌िए एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीमा अनुबंधों में ‌उत्तरदाय‌ित्व खंड में छूट की अस्‍पष्टता को बीमा कंपनी के खिलाफ माना जाए। मामले में जस्टिस आरएफ नरीमन और एस रवींद्र भट की बेंच ने कोंट्रा प्रोफरेंटेम (contra proferentum) सिद्धांत का उपयोग कर फैसला दिया और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की देनदारी को बहाल किया, जिसमें एक मोटर दुर्घटना में लगभग 37.6 लाख रुपए के मुआवजा और ब्याज के भुगतान का आदेश दिया गया। 23 साल पुरानी दुर्घटना...

दिल्ली बार काउंसिल लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट झेल रहे अधिवक्ताओं को पांच-पांच हज़ार रुपए देगी
दिल्ली बार काउंसिल लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट झेल रहे अधिवक्ताओं को पांच-पांच हज़ार रुपए देगी

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) ने घोषणा की है कि वह लॉकडाउन अवधि के दौरान ऐसे अधिवक्ताओं के बैंक खाते में 5000 हज़ार रुपए (प्रत्येक) जमा करवाएगी, जिन्हें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। यह निर्णय राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण अधिवक्ताओं की आय की हानि के प्रकाश में उन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता को देखते हुए लिया गया। वित्तीय संकट झेल रहे अधिवक्ताओं से काउंसिल ने 2 अप्रैल, 2020 तक ईमेल के माध्यम से आवेदन करने को कहा था। प्रत्येक अधिवक्ता को सर्वसम्मति से निर्णय से...

अहमदाबाद BMW हिट एंड रन : सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को सरेंडर करने के लिए दो सप्ताह का समय बढ़ाया
अहमदाबाद BMW हिट एंड रन : सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को सरेंडर करने के लिए दो सप्ताह का समय बढ़ाया

सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में अहमदाबाद में तेज रफ्तार BMW कार से कुचलकर दो छात्रों की जान लेने वाले दोषी को सरेंडर करने के लिए दो सप्ताह का समय और बढ़ा दिया है। जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए दोषी की ओर से अनुरोध को स्वीकार कर लिया। उसकी ओर से कहा गया था कि कोरोना के चलते उसे सरेंडर करने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को दोषी को दी गई की 5 साल की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया...

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के लिए सहायता मांगने वाली स्वामी अग्निवेश की याचिका का केंद्र के आश्वासन के बाद निपटारा किया 
सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के लिए सहायता मांगने वाली स्वामी अग्निवेश की याचिका का केंद्र के आश्वासन के बाद निपटारा किया 

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें COVID-19 महामारी के कारण लगाए गए राष्ट्रीय लॉकडाउन के मद्देनजर गरीबों, बेघरों और सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की गई थी।एक्टिविस्ट स्वामी अग्निवेश द्वारा दायर याचिका में देश भर में ग्रामीण और शहरी व स्लम क्षेत्रों में भोजन और अन्य आवश्यक आपूर्ति की कमी के बारे में चिंता जताई गई थी।न्यायमूर्ति एन वी रमना, न्यायमूर्ति, संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने मामले को सुना और...

ये स्व- रोजगार पैदा करने वाली याचिकाएं हैंं : लॉकडाउन के दौरान याचिकाओं पर  सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
ये स्व- रोजगार पैदा करने वाली याचिकाएं हैंं : लॉकडाउन के दौरान याचिकाओं पर सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों के संरक्षण और सुरक्षा के अलावा उन प्रवासी कामगारों को मज़दूरी के भुगतान के लिए, जो देशव्यापी तालाबंदी के कारण बिना काम के रह गए हैं, कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। जब स्वामी अग्निवेश की याचिका, जिसमें कोरोनोवायरस संकट के दौरान गरीबों को तत्काल राहत प्रदान किए जाने की मांग की गई थी, सुनवाई के लिए आई तो वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस, जो स्वामी अग्निवेश के लिए पेश हुए थे, ने कहा था कि लॉकडाउन ने एक बड़ा संकट पैदा कर दिया...

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याचिका में दावा-लॉकडाउन में गंभीर रोगियों की चिकित्सा सेवाओं में कमी, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए कहा-एक खबर के आधार पर नोटिस नहीं दे सकते

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका, जिसमें सरकारी दिशानिर्देशों के अप्रभावी कार्यान्वयन की शिकायत की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे नागरिकों को, जिन्हें तत्काल/सुसंगत चिकित्सा की आवश्यकता होती है (जैसे कि कैंसर रोगी और गर्भवती महिलाएं) को मुश्किल उठानी पड़ी थी, को खारिज कर दिया गया है। ज‌स्टिस एनवी रमना, संजय किशन कौल और बीआर गवई की खंडपीठ ने कहा कि एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी नहीं किया जा सकता है, इसलिए जनहित याचिका को खारिज किया जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर याचिकाकर्ता...

COVID-19 : स्वास्थ्य कर्मियों की शिकायतो के लिए हेल्पलाइन बनेगी, 2 घंटे में समाधान : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
COVID-19 : स्वास्थ्य कर्मियों की शिकायतो के लिए हेल्पलाइन बनेगी, 2 घंटे में समाधान : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा।केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारी PPE की गैर-उपलब्धता, वेतन में कटौती, घर मालिकों द्वारा बेदखली आदि की शिकायत उस हेल्पलाइन पर कर सकते हैं और दो घंटे के भीतर उनकी शिकायतों का निवारण किया जाएगा। न्यायमूर्ति एन वी रमना, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ युनाइटेड नर्सेस एसोसिएशन और...

COVID-19: सफाईकर्मियों के लिए दिशा- निर्देश मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
COVID-19: सफाईकर्मियों के लिए दिशा- निर्देश मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें ये कहते हुए दिशा-निर्देश मांगे गए थे कि कोरोना के प्रकोप के दौरान देशभर में सफ़ाई कर्मचारियों की समुचित सुरक्षा नहीं की जा रही है और कई राज्यों में वे उचित सुविधाओं के अभाव में मर रहे हैं। न्यायमूर्ति एन वी रमना, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने इस याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता वकील, महमूद प्राचा ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी थी कि सफ़ाई कर्मचारी मर रहे हैं...

लॉकडाउन : गृह मंत्रालय ने संशोधित दिशा निर्देश जारी किए, 20 अप्रैल बाद कुछ गतिविधियों में मिलेगी छूट, सूची जारी
लॉकडाउन : गृह मंत्रालय ने संशोधित दिशा निर्देश जारी किए, 20 अप्रैल बाद कुछ गतिविधियों में मिलेगी छूट, सूची जारी

COVID 19 के फैलने के मद्देनजर 3 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद गृह मंत्रालय ने COVID-19 महामारी के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए इस अवधि के दौरान अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में बुधवार को संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। गृह मंत्रालय ने कुछ गतिविधियों की भी गणना की है, जिनकी अनुमति जमीनी स्तर की स्थिति की समीक्षा के आधार पर संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा 20 अप्रैल के बाद दी जा सकती है।निम्नलिखित गतिविधियाँ 3 मई तक प्रतिबंधित रहेंगी।सभी...

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी समाचार चैनलों, सोशल मीडिया पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं : प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी समाचार चैनलों, सोशल मीडिया पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं : प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया

भारतीय प्रेस परिषद ने स्पष्ट किया कि उसका इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी समाचार चैनलों, सोशल मीडिया यानी व्हाट्सएप / ट्विटर / फेसबुक पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। प्रेस परिषद ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी न्यूज चैनल, सोशल मीडिया यानी व्हाट्सएप / ट्विटर / फेसबुक प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं।" प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट की धारा 14 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक समाचार पत्र या समाचार एजेंसी पर शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। ...

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन ने सुनवाई के लिए प्रभावी उपायों का सुझाव दिया
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन ने सुनवाई के लिए प्रभावी उपायों का सुझाव दिया

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA ) ने COVID-19 महामारी से जूझने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान मामलों की सहज सुनवाई को बेहतर ढंग से सक्षम करने के सुझावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक प्रतिनिधित्व दिया है।हालांकि सुप्रीम कोर्ट में जरूरी मामलों की सुनवाई जारी है। SCAORA देशव्यापी तालाबंदी के दौरान मामलों की सुचारू सुनवाई को और बेहतर ढंग से करने के लिए सुझाव दिए हैं।हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रणाली के माध्यम से जरूरी याचिकाओं पर सुनवाई...

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ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 3 (बी) (i) के तहत मेड‌िकल ऑक्सीजन आईपी और नाइट्रस ऑक्साइड आईपी भी 'दवाएं' हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि 'मेडिकल ऑक्सीजन आईपी' और 'नाइट्रस ऑक्साइड आईपी' भी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 3 (बी) (i) के अर्थ में 'दवा' हैं। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि इन गैसीय पदार्थों पर आंध्र प्रदेश मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 की अनुसूची V की प्रविष्टि 88 के तहत 'दवाओं' के रूप में कर लगाया जाए। बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि ये पदार्थ अनुसूची IV के तहत दवाओं के...

भीमा कोरेगांव हिंसा : गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे ने  NIA के समक्ष आत्मसमर्पण किया
भीमा कोरेगांव हिंसा : गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे ने NIA के समक्ष आत्मसमर्पण किया

प्रसिद्ध शिक्षाविद और दलित अधिकार के विद्वान आनंद तेलतुंबडे और नागरिक स्वतंत्रता कार्यकर्ता गौतम नवलखा ने मंगलवार को भीमा कोरेगांव हिंसा के संबंध में माओवादी लिंक के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। डॉक्टर बी आर अम्बेडकर के पोते तेलतुंबडे ने एनआईए के मुंबई कार्यालय में आत्मसमर्पण किया और नवलखा ने नई दिल्ली में आत्मसमर्पण किया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें मामले में आत्मसमर्पण करने के लिए दी गई...

राज्यपाल की शक्ति किसी चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए नहीं , परिस्थितियों के मुताबिक  ही  विश्वास मत बुलाया जाए :  सुप्रीम कोर्ट
"राज्यपाल की शक्ति किसी चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए नहीं , परिस्थितियों के मुताबिक ही विश्वास मत बुलाया जाए :  सुप्रीम कोर्ट

मध्य प्रदेश के राज्यपाल के आदेश को बरकरार रखने वाले अपने फैसले में, जिन्होंने सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल की शक्तियों के दायरे और सीमाओं के बारे में कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं हैं। न्यायालय ने कहा कि राज्यपाल का अधिकार किसी राजनीतिक विवाद के समाधान के लिए नहीं है, जिसे उस दिन की चुनी हुई सरकार को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी द्वारा किया गया है। न्यायालय ने कहा कि एक राज्यपाल की शक्ति विधायी विधानसभा के लिए लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई और सामूहिक रूप...

COVID-19 : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टेलीफ़ोन कॉन्फ्रेंस से सुनवाई करने का फैसला किया
COVID-19 : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टेलीफ़ोन कॉन्फ्रेंस से सुनवाई करने का फैसला किया

COVID -19 महामारी के मद्देनजर, संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मई में टेलीफोन कॉन्फ्रेंस से मौखिक तर्क सुनने का फैसला किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आधिकारिक काम के लिए न्यायालय भवन खुला रहेगा, लेकिन अधिकांश न्यायालय के अधिकारी टेलीफोन पर काम करेंगे। राष्ट्रपति ट्रम्प के टैक्स रिटर्न से संबंधित दस मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। कथित तौर पर, यह पहली बार है कि न्यायालय टेलीफोन कांफ्रेंस द्वारा मामलों की सुनवाई और तर्कों की लाइव ऑडियो फीडिंग के लिए तैयार है। प्रेस...

 मेडिकल ऑक्सीजन IP और नाइट्रस ऑक्साइड IP पर वैट एक्ट की प्रविष्टि 88 के तहत दवाओं के रूप में टैक्स लगेगा : SC ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाई
 मेडिकल ऑक्सीजन IP और नाइट्रस ऑक्साइड IP पर वैट एक्ट की प्रविष्टि 88 के तहत दवाओं के रूप में टैक्स लगेगा : SC ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाई

 सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि 'मेडिकल ऑक्सीजन आईपी' और 'नाइट्रस ऑक्साइड आईपी' पर एपी वैल्यू एडेड टैक्स अधिनियम, 2005 की प्रविष्टि 88 के तहत दवाओं के रूप में कर लगाया जाना चाहिए, न कि 'अवर्गीकृत माल' के रूप में। प्रविष्टि 88 में समान पदार्थों की उद्देश्यपूर्ण व्याख्या प्रदान करते हुए, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा, जिस हद तक कि मेडिकल ऑक्सीजन आईपी और नाइट्रस ऑक्साइड आईपी 2005 अधिनियम में प्रविष्टि 88 के भीतर आते हैं। अदालत...