ताज़ा खबरें
केंद्र के कोयला खदान की नीलामी के ख़िलाफ़ झारखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोयला खदान की नीलामी की शुरुआत करने के बाद झारखंड सरकार ने केंद्र के इस क़दम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह याचिका वक़ील तपेश कुमार सिंह ने दायर की है जिसमें उस नीलामी प्रक्रिया को चुनौती दी गई है जिसको इसलिए शुरू किया गया है कि देश में औद्योगिक गतिविधियां ज़ोर पकड़ें और उत्पादन बढ़ने से इसकी बाज़ार में क़ीमत में थोड़ी नरमी आए और भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाए। याचिका में कहा गया है कि इस क़दम से आदिवासी लोगों को नुक़सान होगा। याचिका के...
लॉकडाउन लागू करने में मनमानी की गई, सुप्रीम कोर्ट को अगली सुबह इस पर रोक लगा देनी चाहिए थी: वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली (एनएलयूडी) ने शुक्रवार को "सर्वोच्च न्यायालय और महामारी: श्री दुष्यंत दवे के साथ एक वार्तालाप" विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। एक घंटे तक चले सत्र में कोरोनोवायरस संकट के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों के पर चर्चा की गई। वेबिनार का आयोजन एनएलयूडी के अध्यापकों और छात्रों ने किया और श्री अनंत ने मॉडरेशन किया। सत्र की शुरुआत में वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे महामारी और उसके बाद के प्रवासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर चर्चा की। ...
नाराजी याचिका को खारिज करने पर पुनरीक्षण याचिका में आरोपी सुनवाई का हकदार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दोहराया कि अपने खिलाफ दायर शिकायत को खारिज करने के आदेश के खिलाफ एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करने वाली अदालत के समक्ष एक आरोपी व्यक्ति को सुनवाई का अधिकार है। न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित 8 अक्टूबर, 2007 के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता-अभियुक्तों के खिलाफ शिकायत को खारिज करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया गया था वो भी उसे सुनवाई का अवसर दिए बिना। पीठ ने 6 मार्च 2009 के...
सुप्रीम कोर्ट से ओडिशा में रथ यात्रा व संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश को वापस लेने का आग्रह
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 जून को जगन्नाथ यात्रा पर रोक लगाने के संदर्भ में दिए गए अपने आदेश को वापस लेने का आग्रह करते हुए शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर किया गया है। 18 जून को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि इस साल ओडिशा में भगवान जगन्नाथ मंदिर में किसी भी तरह की रथ यात्रा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि महामारी की स्थिति चल रही है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने ओडिशा विकास परिषद द्वारा राज्य में वार्षिक भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा को रोकने के लिए दायर एक याचिका...
विजय माल्या की तीन साल पहले दायर पुनर्विचार याचिका को सूचीबद्ध नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने एससी रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा
विजय माल्या की ओर से तीन साल पहले दायर पुनर्विचार याचिका को सूचीबद्ध नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने एससी रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा सुप्रीम कोर्ट ने एससी रजिस्ट्री से विजय माल्या की ओर से तीन साल पहले दायर पुनर्विचार याचिका को सूचीबद्ध नहीं करने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। माल्या ने पुनर्विचार याचिका तीन साल पहले दायर की थी, जिसे अब तक सुचीबद्ध नहीं किया गया, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने एससी रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा। जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने उन अधिकारियों के नाम...
सीमा अवधि बढ़ाने वाला शीर्ष अदालत का पूर्व का आदेश सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत आरोपी के डिफॉल्ट ज़मानत के अधिकार को प्रभावित नहींं करता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि 15 मार्च से सभी अपील दाखिल करने के लिए सीमा अवधि बढ़ाने वाला शीर्ष अदालत का पूर्व का आदेश, आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत पाने के लिए किसी अभियुक्त के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगा। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की बेंच ने इस प्रकार एस कासी बनाम पुलिस इंस्पेक्टर के माध्यम से राज्य मामले में मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि सीमा विस्तार और लॉकडाउन प्रतिबंध के...
"निराधार आरोप लगाकर रजिस्ट्री को हतोत्साहित न करें" : सुप्रीम कोर्ट ने केस लिस्ट करने में भेदभाव का आरोप लगाने वाले वकील से कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अधिवक्ता रीपक कंसल द्वारा लगाए गए आरोपों पर गंभीर आपत्ति जताई, जिन्होंने शिकायत की कि सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री सभी मामलों को लिस्ट करने के मामले में भेदभाव और अनुचित प्राथमिकताएं दिखा रही है।याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके द्वारा "वन नेशन वन राशन कार्ड" की मांग वाली याचिका को शीघ्र सूचीबद्ध नहीं किया गया। इस पर पीठ ने कहा कि याचिका में दोष थे। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने अर्णब गोस्वामी के मामले को 'अधिमान्य प्राथमिकता'...
देश भर में दर्ज FIR की एक एजेंसी द्वारा जांच की शरजील इमाम की याचिका पर SC ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर को जवाब दाखिल करने के लिए और वक्त दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर राज्यों को दो सप्ताह का और समय दिया है ताकि वे देश भर में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पर एक ही एजेंसी द्वारा जांच के लिए शरजील इमाम की याचिका पर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करें।जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने यूपी राज्य और दिल्ली सरकार द्वारा दायर जवाब को रिकॉर्ड में लिया और तीन सप्ताह बाद मामले को सूचीबद्ध किया। वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे इमाम के लिए पेश हुए और उन्होंने इमाम के लिए अंतरिम राहत की मांग करते हुए कहा...
क्या फैमिली कोर्ट को मुस्लिम महिलाओं (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत भरण- पोषण याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार है ? सुप्रीम कोर्ट में विभाजित फैसला
सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की पीठ ने इस मुद्दे पर अलग- अलग फैसला दिया है कि क्या एक पारिवारिक न्यायालय को मुस्लिम महिलाओं (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत भरण- पोषण के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार है।न्यायमूर्ति आर बानुमति ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय के पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, जबकि न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी ने विचार व्यक्त किया कि यह अधिकार क्षेत्र है। इसलिए, इस मुद्दे को तय करने के लिए एक बड़ी पीठ का गठन किया जाएगा।केस की पृष्ठभूमियह अपील...
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा, "क्या हम अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करने से रोक सकते हैं?"
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र की प्रस्तावित महत्वकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना के काम पर रोक लगाने की याचिका ठुकरा दी।केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह यह आश्वासन नहीं दे सकती है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के संबंध में कोई काम नहीं किया जाएगा। जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इस बात की कोई ग्यारंटी नहीं ली जा सकती कि कोई ज़मीनी काम नहीं होगा।सुप्रीम कोर्ट ने राजीव सूरी द्वारा दायर...
[मोटर वाहन अधिनियम] दुर्घटना की तारीख में जिसके नाम वाहन पंजीकृत है, वो ही ' मालिक' माना जाएगा : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, वह व्यक्ति जिसके नाम पर मोटर वाहन पंजीकृत है, उसे ही मोटर वाहन अधिनियम के प्रयोजनों के लिए वाहन के मालिक के रूप में माना जाएगा। यह मामला सुरेंद्र कुमार भिलावे द्वारा किए गए बीमा दावे से उत्पन्न हुआ है। बीमा कंपनी ने इस दावे को इस आधार पर निरस्त कर दिया कि भिलावे ने उक्त ट्रक को पहले ही उक्त मोहम्मद इलियास अंसारी (लगभग तीन साल पहले) को बेच दिया था। भिलावे ने उपभोक्ता शिकायत दायर की जिसे जिला फोरम द्वारा अनुमति दी गई थी। बीमा कंपनी द्वारा दायर अपील राज्य आयोग द्वारा...
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 'द स्क्रॉल' की पत्रकार सुप्रिया शर्मा के खिलाफ दर्ज की एफआईआर, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र पर की गई रिपोर्टिंग में गलत बयान छापने का आरोप
वेबसाइट स्क्रॉल डॉट इन की कार्यकारी संपादक सुप्रिया शर्मा के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। शर्मा ने लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक गांव की हालत पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रामनगर पुलिस थाने में एफआईआर दज कराने वाली माला देवी ने आरोप लगाया है कि सुप्रिया शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में उनके बयान को गलत तरीके से प्रकाशित किया है और झूठे दावे किए हैं। पुलिस ने शर्मा के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण)...
"स्वतंत्रता और हमारे न्यायालय" विषय पर लाइव लॉ का ई- सेमिनार, जानिए Zoom, Facebook,Youtube पर कैसे जुड़ेंं
लाइव लॉ 19/6/2020 को शाम 6 बजे ई-सेमिनार आयोजित कर रहा है, जिसमें अधिवक्ता चिंतन चंद्रचूड़, गौतम भाटिया, गुलनार मिस्त्री, जाह्नवी सिंधु और सुहृद पार्थसारथी "स्वतंत्रता और हमारे न्यायालय" ("Freedom and our Courts") विषय पर चर्चा करेंगे। डॉक्टर चिंतन चंद्रचूड़ लंदन मेंं वकील हैं। वह "Balanced Constitutionalism: Courts and Legislatures in India and the United Kingdom" और "The Cases that India Forgot" के लेखक हैं। वह पत्रिकाओं, ब्लॉग और समाचार पत्रों के लिए अक्सर लिखते हैं। गौतम भाटिया ने...
सरकार CAA-NRC-NPR के खिलाफ किसी भी विरोध को कुचलने की कोशिश कर रही है; महिला कार्यकर्ताओं पर दुर्भावनापूर्ण मुकदमो के मामले में NHRC से हस्तक्षेप की मांग
सौ से अधिक नागरिकों ने, जिनमें महिला आंदोलनों से जुड़े लोग, नारीवादी कार्यकर्ता, पत्रकार, फिल्म निर्माता, आदि शामिल हैं, ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) एचएल दत्तू को पत्र लिखा है कि महिला कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार कर्मी जैसे सफुरा जरगर, देवांगना कलिता, नताशा नरवाल, गुलफिशा फातिमा और इशरत जहां, के खिलाफ "राजनीतिक प्रतिशोध और दुर्भावना" के तहत दर्ज किए जा रहे मुकदमों के मुद्दे पर वह हस्तक्षेप करें। पत्र में कहा गया है, "हम नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ...
एजीआर : सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियो से अपने वित्तीय दस्तावेज़ जमा करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दूरसंचार विभाग (डीओटी) के आवेदन, जिसमें 20 साल से अधिक समय में एजीआर से संबंधित बकाया का निपटान करने की अनुमति लेने की मांग की गई है, उस पर विचार करते हुए टेलीकॉम कंपनियों को अपने वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दूरसंचार कंपनियों के प्रस्तावों पर विचार करने के लिए डीओटी को समय दिया। केस जुलाई के तीसरे सप्ताह के दौरान सुनवाई के लिए लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान, पीठ ने सुरक्षा और गारंटी के बारे में...
"अगर रथ यात्रा को मंजूरी देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे " : सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 के चलते ओडिशा में रथ यात्रा व संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आदेश दिया कि इस साल ओडिशा में भगवान जगन्नाथ मंदिर में किसी भी तरह की रथ यात्रा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि महामारी की स्थिति चल रही है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने ओडिशा विकास परिषद द्वारा राज्य में वार्षिक भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा को रोकने के लिए दायर एक याचिका पर आदेश पारित किया, जो 23 जून को होने वाली थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने प्रस्तुत किया कि भुवनेश्वर में लगभग 10 लाख लोगों के एकत्रीकरण को...
PSU से AGR संबंधी बकाया की 96 फीसदी मांग वापस लेने का फैसला किया : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने गैर-दूरसंचार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, (जैसे गेल ) के खिलाफ समायोजित सकल राजस्व की 4 लाख करोड़ रुपये की 96 प्रतिशत राशि को वापस लेने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने अक्टूबर 2019 के फैसले में ये कहा था। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस एमआर शाह की एक बेंच को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि "हमने एक निर्णय लिया है क्योंकि वे आम जनता को टेलीकॉम सेवाएं प्रदान करने के व्यवसाय में नहीं...
किराया विलेख में प्रतिवर्ष किराया बढ़ाने के आकस्मिक उपबंध का अर्थ यह नहीं कि किरायेदारी एक साल से अधिक अवधि के लिए थी : सुप्रीम कोर्ट
उच्चतम न्यायालय ने पाया है कि, केवल इसलिए कि रेंट डीड में एक खंड होता है जो किरायेदार को प्रत्येक वर्ष कुछ प्रतिशत तक किराया बढ़ाने के लिए बाध्य करता है, इसका मतलब यह नहीं पढ़ा जा सकता है कि किरायेदारी एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए थी। इस मामले में, शीर्ष अदालत के समक्ष विचार करने के लिए मुद्दा था कि क्या किरायेदार द्वारा हस्ताक्षरित किराये विलेख को पंजीकरण अधिनियम 1908 की धारा 17(1)(डी) के तहत पंजीकृत कराने की आवश्यकता है? कोर्ट ने कहा कि पंजीकरण अधिनियम की धारा 17(1)(डी) के तहत साल-दर-साल,...


![[सीपीसी की धारा 25] ट्रांसफर पिटीशन का निर्णय करते वक्त पहले मुकदमा करने वाले को प्राथमिकता का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [सीपीसी की धारा 25] ट्रांसफर पिटीशन का निर्णय करते वक्त पहले मुकदमा करने वाले को प्राथमिकता का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/11/20/500x300_366856-365684-supreme-court-new-7.jpg)









![[मोटर वाहन अधिनियम] दुर्घटना की तारीख में जिसके नाम वाहन पंजीकृत है, वो ही मालिक माना जाएगा : सुप्रीम कोर्ट [मोटर वाहन अधिनियम] दुर्घटना की तारीख में जिसके नाम वाहन पंजीकृत है, वो ही मालिक माना जाएगा : सुप्रीम कोर्ट](https://hindi.livelaw.in//356963-justice-bhanumati-and-justice-indira-banerjee.jpg)




