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उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षकों की भर्ती पर SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में देने से किया इनकार, भर्तियां कर सकेगी राज्य सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश के साथ हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के स्कूलों में 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी थी।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने याचिकाकर्ता, अमिता त्रिपाठी द्वारा दायर एक विशेष अवकाश याचिका पर सुनवाई करते हुए, उस आदेश के साथ हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने चयन प्रक्रिया को रोकने एकल पीठ के 3 जून के आदेश पर रोक लगा दी थी।सुनवाई...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एडवोकेट्स वेलफेयर फंड ट्रस्ट और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली से कहा, COVID19 के कारण परेशान अधिवक्ताओं को सहायता प्रदान करने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने एडवोकेट्स वेलफेयर फंड ट्रस्ट और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली से कहा है कि वह एक रिपोर्ट पेश करके यह बताए कि COVID19 के कारण अधिवक्ताओं को जिन वित्तीय कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है, उनको दूर कैसे किया जाए और इसके लिए एक रोडमैप तैयार किया जाए।पीठ ने माना है कि चैरिटी करने के लिए ट्रस्ट को परमादेश जारी नहीं किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की डिवीजन बेंच ने वेलफेयर फंड और बीसीडी दोनों से अनुरोध किया है कि वे विभिन्न हितधारकों और...
केंद्र ने पतंजलि से कहा, COVID 19 के इलाज के लिए बनाई असत्यापित आयुर्वेद दवाई के विज्ञापन पर लगाएं रोक
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने COVID 19 के उपचार के लिए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा विकसित आयुर्वेदिक की दवाइयों के बारे में आई मीडिया रिपोर्ट पर स्वतःसंज्ञान लिया है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन कथित वैज्ञानिक अध्ययन के दावों और विवरणों के तथ्य के बारे में उनको जानकारी नहीं है और वह अप्रमाणित हैं। इसलिए उन्होंने कंपनी से कहा है कि वह ऐसे दावों के विज्ञापन पर रोक लगाए।मंत्रालय ने कंपनी से कहा है कि जब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा विधिवत रूप से इन दावों को सत्यापित नहीं कर लिया जाता है,तब...
दिल्ली दंगों के मामलों में दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कौन करे, इस रस्साकशी को समझिए
दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों में एक भी सुनवाई ऐसी नहीं हुई है, जिसमें केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच टकराव या असहमति न हुई हो। यह असहमति हमेशा इस बात पर होती है कि दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व किसे करना चाहिए?जैसा कि संबंधित वकीलों ने खुद कहा है कि यह विवाद हर गुजरते मामले के साथ बद से बदत्तर होता जा रहा है। भले ही हर सुनवाई में यह टकराव सामने आ जाता है परंतु मामले की सुनवाई कर रहे जजों ने इस मामले में कभी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।हालाँकि, एक अवसर पर दिल्ली हाईकोर्ट ने इस विवाद पर विशेष...
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के मामलों में जेल/लॉक-अप में डालने के बजाय जागरूकता लाने की कोशिश की जाए : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते शुक्रवार (19 जून) को 7 याचिकाकर्ता द्वारा दायर याचिका के मामले में, जिसमे उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, यह टिपण्णी की कि यह बेहतर होगा यदि Covid-19 के सामाजिक दूरी (Social Distancing) प्रोटोकॉल के विषय में लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाए, न कि लोगों को जेल या लॉक अप में डाला जाए जोकि पहले से ही भरे हुए हैं।न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की खंडपीठ ने यह टिपण्णी उस मामले में की जिसमे याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धारा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सफूरा जरगर की जमानत स्वीकार की, दिल्ली पुलिस ने मानवीय आधार पर ज़मानत देने पर सहमति जताई
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश के आरोप में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के 27 वर्षीय छात्र सफूरा ज़रगर की जमानत स्वीकार कर ली, क्योंकि केंद्र सरकार ने कहा कि उसे मानवीय आधार पर उसकी रिहाई पर कोई आपत्ति नहीं है। COVID-19 के बीच भीड़भाड़ वाली तिहाड़ जेल में, अपनी गर्भावस्था के 23 वें सप्ताह में प्रवेश कर चुकी ज़रगर को 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील के गुणों में जाए बिना, और इसे किसी मिसाल के रूप में विचार...
जुलाई में शेष बोर्ड परीक्षा कराने के CBSE के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 25 जून के लिए टाली, CBSE ने कहा चर्चा चल रही है, बुधवार तक लेंगे फैसला
एक जुलाई से बोर्ड (बारहवीं) की शेष परीक्षा आयोजित करने के सीबीएसई के फैसले के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 25 जून को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ये सुनवाई केंद्र और CBSE की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर टाली। तुषार मेहता ने जस्टिस ए एम खानविलकर की पीठ को बताया कि "ये चर्चा एक उन्नत स्तर पर है। कल शाम तक, निर्णय को अंतिम रूप दिया जाएगा।" उन्होंने कहा कि वो छात्रों की चिंता को समझते हैं। इसलिए अदालत फैसले के लिए एक दिन का ओर समय दे। याचिकाकर्ताओं के लिए वकील ऋषि...
बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ कदम उठाने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार किया : SC ने कहा, हाईकोर्ट के आदेश में संशोधन करने के लिए RBI स्वतंत्र
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने फरवरी माह में अपने आदेश में आरबीआई से कहा था कि वह बिना शर्त बैंक गारंटी के भुगतान से संबंधित बैंक ऑफ बड़ौदा के आचरण के लिए उसके लाइसेंस को निरस्त करने सहित बैंक के खिलाफ उचित कदम उठाने पर विचार करे। यद्यपि सुप्रीम कोर्ट ने BoB की अपील को खारिज कर दिया है, उसने कलकत्ता हाईकोर्ट के लंबित निर्देशों को संशोधित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक को इस...
चेक बाउंस के मामलों को अपराध के दायरे से बाहर करने का प्रस्तावित कदम वकीलों आजीविका, करियर और अस्तित्व को प्रभावित करेगा : बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा
दिल्ली बार काउंसिल के बाद, बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा ने भी निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 को अपराध के दायरे से बाहर करने के प्रस्ताव पर " कड़ी आपत्ति और विरोध " जताया है। "प्रस्तावित कदम से बड़े पैमाने पर निवेशकों, व्यापारियों और व्यावसायियों पर भारी कष्ट होगा, जो न्यायिक और लोकतांत्रिक प्रणाली में आशा खो देंगे और ये कदम अंततः उन्हें वसूली के पुराने तरीकों का सहारा लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा।वित्त मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा गया है कि"प्रस्तावित अपराध के दायरे से...
मौत की सजा से बरी होने तक : मद्रास हाईकोर्ट ने 2016 उदुमलपेट शंकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी चिन्नास्वामी को बरी किया
मद्रास उच्च न्यायालय ने प्रमुख तिरुपुर जिला और सत्र न्यायालय द्वारा 2016 के 'उदुमलपेट' शंकर हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त बी चिन्नास्वामी के खिलाफ पारित दोषसिद्धि के आदेश को रद्द कर दिया है और आदेश दिया है कि उन्हें हिरासत से रिहा किया जाए। चिन्नासामी (A1) अनुसूचित जाति [SC] समुदाय से संबंधित इंजीनियरिंग के छात्र शंकर की ऑनर किलिंग में प्रमुख संदिग्ध था, जिसने चिन्नास्मी की बेटी, सी कौसल्या से शादी की थी। कथित तौर पर, चिन्नास्वामी के निर्देश पर 7 व्यक्तियों ने, उदुमलपेट में एक बस स्टैंड के...
सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथ यात्रा को शर्तों के साथ अनुमति दी
ओडिशा में जगन्नाथ रथ यात्रा के संचालन पर पूर्ण रोक को हटाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पुरी में रथ यात्रा को शर्तों के तहत अनुमति दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि केंद्र और राज्य को मिलकर काम करना चाहिए। विस्तृत निर्देश जारी किए जाने वाले आदेश में बताए जाएंगे। केंद्र सरकार ने आवश्यक सावधानी बरतने के बाद रथ यात्रा की अनुमति देने के लिए स्थगन आदेश में संशोधन का समर्थन किया। सॉलिसिटर जनरल ने प्रस्तुत किया कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देश हैं, जिसके अनुसार...
बार काउंसिल ऑफ़ गुजरात ने ज़रूरतमंद वकीलों को 31 दिसंबर 2020 तक वैकल्पिक काम/व्यवसाय करने की अनुमति दी
अपने सदस्य वकीलों को राहत देते हुए बार काउंसिल ऑफ़ गुजरात ने लॉकडाउन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसे ज़रूरतमंद वकीलों को जो आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं, इस वर्ष के अंत तक कोई वैकल्पिक काम/व्यवसाय करने की छूट दे दी है। राज्य बार काउन्सिल ने रविवार को एक प्रस्ताव पारित कर एडवोकेट अधिनियम की धारा 35 में तात्कालिक छूट देने का फ़ैसला किया है। यह अधिनियम लाइसेन्सधारी प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को क़ानूनी प्रैक्टिस के अलावा कोई और काम करने से रोकता है।प्रस्ताव में कहा गया है, "रविवार को...
गुजरात हाईकोर्ट ने COVID 19 का हवाला देते हुए जगन्नाथ यात्रा पर रोक लगाई
23 जून, 2020 को होने वाली भगवान जगन्नाथ मंदिर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रथयात्रा पर रोक लगाने के दो दिन बाद, गुजरात उच्च न्यायालय ने भी इसी तरह का आदेश पारित किया है, जिससे यात्रा या किसी अन्य संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला की पीठ ने यह आदेश शनिवार को शाम 7:15 बजे एक आवश्यक सुनवाई के दौरान पारित किया है। यात्रा में धार्मिक मण्डली की भीड़ की संभावना के मद्देनज़र COVID 19 स्थिति को ध्यान में रखते हुए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के...
गुप्त मतदान का सिद्धांत संवैधानिक लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण संकेतक : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गुप्त मतदान का सिद्धांत संवैधानिक लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने लक्ष्मी सिंह और अन्य बनाम रेखा सिंह और अन्य मामले में कहा, "यह देखा जाना चाहिए कि चुनाव कानून के मूलभूत सिद्धांतों में से एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के कायम रखने से संबंधित है, जो चुनाव की शुचिता को सुनिश्चित करता है। मतपत्रों की गोपनीयता का सिद्धांत संवैधानिक लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण...
तब्लीगी जमात गतिविधियों' में कथित संलिप्तता के लिए ब्लैकलिस्ट करने के MHA के फैसले के खिलाफ विदेशी नागरिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
'तब्लीगी जमात गतिविधियों' में कथित संलिप्तता के लिए विभिन्न देशों के विदेशियों को ब्लैकलिस्ट करने के गृह मंत्रालय (MHA ) के फैसले से दुखी सात विदेशी नागरिकों ने इस कदम की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।2 अप्रैल को, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने 35 देशों के 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट करने के सरकार के फैसले की सूचना दी, जो भारत में मौजूद थे। साथ ही, ऐसे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों...
सरकार जब मन हो तब कोर्ट नहीं आ सकती : सुप्रीम कोर्ट ने काफ़ी देर हो जाने के कारण पश्चिम बंगाल सरकार की विशेष अनुमति याचिका ख़ारिज की
सरकार को कभी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाने का अधिकार नहीं है, यह कहते हुए शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार की विशेष अनुमति याचिका इस आधार पर खारिज कर दी कि अब इसमें काफ़ी देर हो चुकी है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसफ़ की पीठ विशेष अनुमति याचिका दायर करने में हुई देरी को नज़रंदाज़ करने के बारे में एक याचिका की सुनवाई कर रही थी। याचिका में 1697 दिनों की देरी को माफ़ करने का आग्रह किया गया था और इसका कारण यह बताया गया था कि इसमें आम लोगों का हित है और इसके अलावा कुछ और मामले...
सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के माध्यम से तलाक के मामलों में डिक्री पारित की
सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल हियरिंग प्रणाली के माध्यम से कई मामलों में फैसले दिए हैं ,जिनमें आपसी सहमति से तलाक लेने के मामले भी शामिल हैं। 3 जून, 2020 को जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनीशा अर्जुन राज बनाम अरविंद सुंदर राज नामक मामले में आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की। उक्त मामले में याचिकाकर्ता-पत्नी ने एडवोकेट स्वाति बंसल के माध्यम से शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसने मांग की थी कि प्रतिवादी-पति की तरफ...
केंद्र के कोयला खदान की नीलामी के ख़िलाफ़ झारखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोयला खदान की नीलामी की शुरुआत करने के बाद झारखंड सरकार ने केंद्र के इस क़दम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह याचिका वक़ील तपेश कुमार सिंह ने दायर की है जिसमें उस नीलामी प्रक्रिया को चुनौती दी गई है जिसको इसलिए शुरू किया गया है कि देश में औद्योगिक गतिविधियां ज़ोर पकड़ें और उत्पादन बढ़ने से इसकी बाज़ार में क़ीमत में थोड़ी नरमी आए और भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाए। याचिका में कहा गया है कि इस क़दम से आदिवासी लोगों को नुक़सान होगा। याचिका के...
लॉकडाउन लागू करने में मनमानी की गई, सुप्रीम कोर्ट को अगली सुबह इस पर रोक लगा देनी चाहिए थी: वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली (एनएलयूडी) ने शुक्रवार को "सर्वोच्च न्यायालय और महामारी: श्री दुष्यंत दवे के साथ एक वार्तालाप" विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। एक घंटे तक चले सत्र में कोरोनोवायरस संकट के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों के पर चर्चा की गई। वेबिनार का आयोजन एनएलयूडी के अध्यापकों और छात्रों ने किया और श्री अनंत ने मॉडरेशन किया। सत्र की शुरुआत में वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे महामारी और उसके बाद के प्रवासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर चर्चा की। ...


















![[सीपीसी की धारा 25] ट्रांसफर पिटीशन का निर्णय करते वक्त पहले मुकदमा करने वाले को प्राथमिकता का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [सीपीसी की धारा 25] ट्रांसफर पिटीशन का निर्णय करते वक्त पहले मुकदमा करने वाले को प्राथमिकता का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/11/20/500x300_366856-365684-supreme-court-new-7.jpg)
