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सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट प्रशांत भूषण को न्यायपालिका पर ट्वीट करने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट प्रशांत भूषण को न्यायपालिका पर ट्वीट करने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एडवोकेट प्रशांत भूषण को नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि वे कारण बताएं कि न्यायपालिका पर उनके ट्वीट पर अदालत की अवमानना के लिए उनके खिलाफ कार्यवाही ​​क्यों न की जाए। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि न्यायालय ने 27 जून को भूषण द्वारा किए गए एक ट्वीट का संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है: "जब भविष्य के इतिहासकार पिछले 6 वर्षों में वापस देखेंगे कि औपचारिक आपातकाल के बिना भी भारत में लोकतंत्र कैसे नष्ट हो गया तो वे विशेष रूप से इस...

सु्प्रीम कोर्ट ने वकील के कथित पेशागत कदाचार के खिलाफ शिकायत खारिज करने का बीसीआई का फैसला बरकरार रखा
सु्प्रीम कोर्ट ने वकील के कथित पेशागत कदाचार के खिलाफ शिकायत खारिज करने का बीसीआई का फैसला बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने, पिछले सप्ताह, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें उसने एक वकील के खिलाफ पेशागत कदाचार की शिकायत खारिज कर दी थी। हरमनभाई उम्मेदभाई पटेल ने एक व्यक्ति के खिलाफ वाद दायर किया था, जिसने कथित तौर पर गौचर भूमि का अतिक्रमण कर लिया था। बिंदु कुमार मोहनलाल शाह उस मुकदमे में बचाव पक्ष के वकील थे। बार काउंसिल के समक्ष शिकायत यह थी कि बचाव पक्ष के वकील बिंदु कुमार मोहनलाल शाह ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था, जिसने संबंधित सम्पत्ति की प्रकृति के बोर में...

अंतिम वर्ष की परीक्षा के अनिवार्य बनाने वाला MHA आदेश और UGC गाइडलाइन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन : सुप्रीम कोर्ट में याचिका
अंतिम वर्ष की परीक्षा के अनिवार्य बनाने वाला MHA आदेश और UGC गाइडलाइन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन : सुप्रीम कोर्ट में याचिका

महामारी की स्थिति के बीच अंतिम वर्ष की परीक्षा के अनिवार्य संचालन के लिए अधिसूचना जारी करने और संशोधित दिशानिर्देशों को रद्द करने के लिए केंद्र और यूजीसी को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। भोपाल स्थित बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के लॉ स्टूडेंट यश दुबे और यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से AOR राज कमल द्वारा दायर में न केवल याचिकाकर्ता के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के लिए उचित निर्देश जारी करने की मांग की गई है, बल्कि इसी तरह के...

क्या सीजेआई बोबडे के हार्ले डेविडसन मोटर बाइक की सवारी वाले फोटो पर ट्वीट करने के कारण  अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना का मुकदमा दर्ज हुआ?
क्या सीजेआई बोबडे के हार्ले डेविडसन मोटर बाइक की सवारी वाले फोटो पर ट्वीट करने के कारण अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना का मुकदमा दर्ज हुआ?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ के समक्ष यह मामला 22 जुलाई बुधवार को सूचीबद्ध किया गया है। ऐसा लगता है कि एडवोकेट प्रशांत भूषण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की आपराधिक अवमानना ​​मामले की कार्यवाही का कारण 29 जून को उनके द्वारा किया गया एक ट्वीट है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने हार्ले डेविडसन मोटर बाइक की सवारी...

आरोपी को 24 घंटे में एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
आरोपी को 24 घंटे में एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके यह मांग की गई है कि राज्यों के पुलिस महानिदेशक और संबंधित गृह सचिवों को दिशा-निर्देश जारी करके ऐसी कार्यविधि विकसित करने को कहा जाए, जिसमें कि आरोपी व्यक्ति द्वारा मांगे जाने पर एफआईआर की सर्टिफाइड कॉपी उसे 24 घंटे में उपलब्ध करवाए जाना सुनिश्चित किया जा सके।अविषेक गोयनका द्वारा दायर, जनहित याचिका (पीआईएल) में कहा गया है कि मौजूदा महामारी की स्थिति के कारण, एफआईआर उपलब्ध करवाने का महत्व बहुत अधिक है "क्योंकि न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालतें बंद हैं, आरोपी...

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया
सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ के समक्ष यह मामला 22 जुलाई बुधवार को सूचीबद्ध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, सू मोटो केस नंबर - SMC(Crl) 1/2020 के रूप में मंगवार दोपहर 3.48 बजे पंजीकृत किया गया है। इस सू मोटो कार्यवाही का कार्रवाई का कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो पाया है। इसके अलावा, तहलका पत्रिका के...

राजस्थान हाईकोर्ट सचिन पायलट की याचिका पर 24 जुलाई को फैसला सुनाएगा, स्पीकर को तब तक अयोग्यता पर निर्णय लेने से रोका
राजस्थान हाईकोर्ट सचिन पायलट की याचिका पर 24 जुलाई को फैसला सुनाएगा, स्पीकर को तब तक अयोग्यता पर निर्णय लेने से रोका

राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को सचिन पायलट की अगुवाई में कांग्रेस के बागी विधायकों द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस याचिका में पायलट खेमे ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की कार्यवाही शुरू करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की पीठ 24 जुलाई को फैसला सुनाएगी। तब तक स्पीकर को उनके द्वारा नोटिस पर कोई निर्णय नहीं लेने को कहा है। जारी नोटिस के अनुसार विधायकों को नोटिस का जवाब देने का समय आज शाम...

सुप्रीम कोर्ट ने 21 साल पुराने मामले में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का आदेश दिया, मृतक की विधवा को दो लाख रुपये देने का  भी निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 21 साल पुराने मामले में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का आदेश दिया, मृतक की विधवा को दो लाख रुपये देने का भी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस निर्णय को बरकरार रखा है जिसमें उसने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को अपने पूर्व कर्मचारी की पत्नी को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी देने का आदेश दिया था। संबंधित कर्मचारी का 1999 में कंपनी परिसर में चोरी होने से बचाने के क्रम में अपहरण हो गया था, उसके बाद से उसका आज तक कोई अता-पता नहीं मिला। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 108 के प्रावधानों...

COVID19 : सुप्रीम कोर्ट ने बाल देखभाल संस्थानों में रखे गए बच्चों की सुरक्षा का जायजा लिया
COVID19 : सुप्रीम कोर्ट ने बाल देखभाल संस्थानों में रखे गए बच्चों की सुरक्षा का जायजा लिया

 पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने कोरोनोवायरस फैलने की स्थिति के मद्देनजर आश्रय घरों और बाल देखभाल संस्थानों में रखे गए बच्चों की सुरक्षा के मामले में देश भर के राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों का जायजा लिया। पीठ ने विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कानून के साथ संघर्ष में बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर भी ध्यान दिया, जो कोरोनोवायरस स्थिति के कारण उठाए गए हैं। जस्टिस एलएन राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने वकील गौरव अग्रवाल, नियुक्त एमिकस क्यूरी को...

विकास दुबे एनकाउंटर : याचिकाकर्ता ने न्यायिक आयोग में शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जजों की सूची दी 
विकास दुबे एनकाउंटर : याचिकाकर्ता ने न्यायिक आयोग में शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जजों की सूची दी 

विकास दुबे और उसके पांच साथियों की कथित मुठभेड़ की जांच के लिए न्यायिक आयोग में नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस आर भानुमति के नामों का सुझाव देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की गई है।यह आवेदन सुप्रीम कोर्ट की पीठ द्वारा दिए गए आदेश के मद्देनजर दायर किया गया है , जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस ए एस बोपन्ना ने उत्तर प्रदेश राज्य को विकास दुबे और उनके सहयोगियों की कथित मुठभेड़ की जांच...

इस बात की क्या गारंटी है कि आप भागेंगे नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को AGR भुगतान के लिए समय सीमा देनी अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा 
इस बात की क्या गारंटी है कि आप भागेंगे नहीं' : सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को AGR भुगतान के लिए समय सीमा देनी अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दूरसंचार विभाग (DoT) की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें दूरसंचार कंपनियों को 20 साल की समय सीमा में AGR बकाया का भुगतान करने की अनुमति देने की मांग की गई थी।जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अक्टूबर 2019 में शीर्ष अदालत द्वारा पारित निर्णय के आलोक में AGR के पुनर्मूल्यांकन / पुनः गणना के लिए किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं करेंगे। साथ ही आर कॉम, सिस्तेमा, श्याम टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन को 7...

(राजद्रोह केस) : पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर SG तुषार मेहता के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की
(राजद्रोह केस) : पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर SG तुषार मेहता के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर-जनरल (SG) तुषार मेहता के अनुरोध पर पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के अपराध की एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। सॉलिसिटर-जनरल ने "1 या 2 दिन" के स्थगन की मांग की थी। हालांकि, खंडपीठ ने यह कहते हुए कि एक और महत्वपूर्ण मामला दिन के लिए सूचीबद्ध किया गया है, याचिका पर सुनवाई अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। 7 जुलाई को सुप्रीम...

कानून का शासन स्थापित करना राज्य का कर्तव्य : सुप्रीम कोर्ट ने  विकास दुबे की मुठभेड़ की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की नियुक्ति का सुझाव दिया 
"कानून का शासन स्थापित करना राज्य का कर्तव्य ": सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे की मुठभेड़ की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की नियुक्ति का सुझाव दिया 

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि विकास दुबे और उसके पांच सहयोगियों की कथित मुठभेड़ की जांच के लिए आयोग में शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज और पुलिस अफसर का नाम सुझाते हुए एक मसौदा अधिसूचना दाखिल करे। एक बेंच जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस ए एस बोपन्ना शामिल हैं, 2 जुलाई को कानपुर, यूपी में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या और इसके बाद दुबे और उसके सहयोगियों की कथित मुठभेड़ के संबंध में याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रही थी। ...

(आईपीसी की धारा 498ए) सुप्रीम कोर्ट ने समझौते के आधार पर खारिज किए  वैवाहिक क्रूरता के आरोप
(आईपीसी की धारा 498ए) सुप्रीम कोर्ट ने समझौते के आधार पर खारिज किए वैवाहिक क्रूरता के आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक पत्नी द्वारा अपने पति के एक रिश्तेदार के खिलाफ लगाए क्रूरता के आरोपों को खारिज कर दिया है क्योंकि इस मामले में पति-पत्नी के बीच पहले ही एक सौहार्दपूर्ण समझौता हो चुका है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता पत्नी और आरोपी पति ने पहले ही इस मामले में समझौता कर लिया है। इसलिए आपराधिक मामले में धारा 498ए,506,323 और 406 के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द किया जा रहा है। इसके अलावा अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में अपीलकर्ता ...

30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराने के यूजीसी के दिशा निर्देशों के खिलाफ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचि‌का
30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराने के यूजीसी के दिशा निर्देशों के खिलाफ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचि‌का

देश भर के एक दर्जन से अधिक छात्रों ने 6 जुलाई को जारी किए गए यूजीसी दिशानिर्देशों को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यूजीसी के दिशानिर्देशों में, सभी विश्वविद्यालयों / कॉलेजों को 30 सितंबर, 2020 तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ताओं, जिनमें एक COVID पॉजिटिव छात्र भी शामिल है, ने कहा है कि ऐसे कई अंतिम वर्ष के छात्र हैं, जो या तो खुद या उनके परिवार के सदस्य COVID पॉजिटिव हैं। उनकी दलील है, "ऐसे छात्रों को 30 सितंबर, 2020 तक अंतिम...

हाईकोर्ट पार्टियों के बीच समझौते में वर्णित प्रक्रिया को नजरंदाज करके स्वत: मध्यस्थ नियुक्त नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट पार्टियों के बीच समझौते में वर्णित प्रक्रिया को नजरंदाज करके स्वत: मध्यस्थ नियुक्त नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट पार्टियों के बीच समझौते में मध्यस्थकार नियुक्त करने को लेकर वर्णित प्रक्रिया को नजरंदाज करके खुद से मध्यस्थ नियुक्त नहीं कर सकता।इस मामले में, स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसटीसी) और जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के बीच समझौते के उपबंध 19 के माध्यम से इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन (आईसीए) के मध्यस्थता नियमों के तहत दोनों पक्षों के बीच विवाद के निपटारे के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गयी थी।दोनों पक्षों के बीच विवाद पैदा हुआ और जेएसपीएल ने...

सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने कहा, मजिस्ट्रेट के सामने आरोपियों को पेश करने के लिए 24 घंटे के समय को कम किया जाए
सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने कहा, मजिस्ट्रेट के सामने आरोपियों को पेश करने के लिए 24 घंटे के समय को कम किया जाए

हिरासत में हिंसा से बचाव के लिए वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपियों को पेश करने के लिए 24 घंटे के समय को कम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, "तकनीकी विकास के इन दिनों में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए 24 घंटे का समय कम किया जा सकता है। अभियुक्त अब कुछ ही मिनटों में पेश किया जा सकता है।" दवे मद्रास उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जे रविंद्रन द्वारा आयोजित "लॉ ऑन कस्टोडियल वायलेंस" विषय पर एक वेबिनार में बोल रहे थे। ...

जस्टिस यू यू ललित 20 जुलाई से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सदस्य होंगे
जस्टिस यू यू ललित 20 जुलाई से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सदस्य होंगे

सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस आर बानुमति की सेवानिवृत्ति के साथ जस्टिस यूयू ललित 20 जुलाई से पांचवें वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का हिस्सा बन जाएंगे।मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस आर एफ नरीमन कॉलेजियम के अन्य सदस्य हैं।सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और हाईकोर्ट न्यायाधीशों का स्थानांतरण सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर किया जाता है। कॉलेजियम में तीसरे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अरुण मिश्रा 5...