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E- कॉमर्स साइटों पर उत्पादों के "मूल देश" घोषित करने के निर्देश वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें केंद्र से निर्देश देने को कहा गया है कि वो ये सुनिश्चित करे कि ई-कॉमर्स साइटों और व्यापारिक घराने उत्पादों के "मूल देश" घोषित करें ताकि चीनी उत्पादों के बहिष्कार की सुविधा मिल सके। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे,जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने मामले को सुना और उस पर नोटिस जारी करने के लिए आगे बढ़ी। अधिवक्ता दिव्य ज्योति सिंह द्वारा दायर याचिका, भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में 15 जून को हुए संघर्ष को...
सचिन पायलट मामला : राजस्थान हाईकोर्ट ने तय किए कानून के 13 प्रश्न
राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस के बागी विधायकों के सचिन पायलट के नेतृत्व वाले समूह को राहत देते हुए स्पीकर द्वारा इस विधायक समूह को भेजे गए अयोग्यता नोटिस पर यथास्थिति रखने का आदेश दिया।सचिन पायलट खेमे को मिली राहत, राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर के नोटिस पर दिया यथास्थिति बनाए रखने का आदेशसाथ ही राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की पीठ ने सचिन पायलट और 18 विधायकों की याचिका पर कानून के 13 प्रश्न तय किए हैं जिन पर वो सुनवाई करेंगे।वे प्रश्न इस...
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ की जांच के लिए आयोग को 6 महीने का समय और दिया
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में 6 दिसंबर, 2019 को चार अभियुक्तों की कथित मुठभेड़ की जांच के लिए अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 6 महीने की अवधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना करने वाले जांच आयोग द्वारा दायर आवेदन को अनुमति दे दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता के परमेश्वर की याचिकाओं पर सुनवाई की और 6 महीने की मोहलत दी। पीठ ने अधिवक्ता प्रदीप यादव को भी सुना, जिन्होंने तमिलनाडु में हाल ही में हिरासत में यातना की घटना से अदालत को अवगत...
वकीलों को किसी अन्य माध्यम से आजीविका की अनुमति नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने महामारी के चलते वकीलों की वित्तीय कठिनाइयों पर टिप्पणी की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दोहराया कि अधिवक्ता किसी अन्य पेशे का अभ्यास नहीं कर सकते हैं और उन्हें "किसी अन्य माध्यम से" आजीविका अर्जित करने की अनुमति नहीं है।"मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने कहा कि हम इस तथ्य से अवगत हैं कि अधिवक्ता उन नियमों से बंधे हुए हैं, जो उनकी आय को केवल पेशे तक सीमित रखते हैं। उन्हें किसी अन्य माध्यम से आजीविका कमाने की अनुमति नहीं है। COVID-19 प्रेरित लॉकडाउन के बीच वकीलों की वित्तीय कठिनाइयों, जो काम के...
सचिन पायलट खेमे को मिली राहत, राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर के नोटिस पर दिया यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस के बागी विधायकों के सचिन पायलट के नेतृत्व वाले समूह को राहत देते हुए स्पीकर द्वारा इस विधायक समूह को भेजे गए अयोग्यता नोटिस पर यथास्थिति रखने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका पर फैसला तब तक के लिए टाल जा रहा है, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर कानून के सवालों पर फैसला नहीं दे देता। यथास्थिति आदेश का अनिवार्य रूप से मतलब है कि स्पीकर असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत नोटिसों पर आगे कार्रवाई...
एड-हॉक जज के तौर पर सेवा की अवधि वरीयता में सम्मिलित नहीं की जायेगी : सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की पुनरीक्षण याचिकाएं खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी हैं जिसमें कहा गया था कि तदर्थ जज के तौर पर सेवा की अवधि जिला जल के लिए वरीयता की गणना में शामिल नहीं की जायेगी। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति विनीत सरन की खंडपीठ ने कहा, "कोर्ट ने 29 अप्रैल 2020 को अपना फैसला सुनाते हुए संबंधित रिट याचिका में रखी गयी सभी दलीलों एवं इससे संबंधित मसले पर विस्तार से विचार किया था। हमने पुनर्विचार याचिका पढ़ी है और हमें रिकॉर्ड में कोई भी त्रुटि नजर नहीं आयी है कि पुनर्विचार...
"पहले से ही पर्याप्त निर्देंश जारी किए गए हैं" : सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे में आरोपी को FIR की कॉपी सुनिश्चित करने के निर्देश वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्यों के पुलिस महानिदेशक और संबंधित गृह सचिवों को दिशा-निर्देश जारी करने की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें 24 घंटे के भीतर अभियुक्तों को एफआईआर की प्रमाणित प्रति की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार करने की मांग की गई थी। जस्टिस अशोक भूषण,जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने जनहित याचिका के माध्यम से अविषेक गोयनका द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के लिए अनिच्छा जताई जिसमें कहा गया था कि मौजूदा महामारी की स्थिति के...
[ आयकर अधिनियम की धारा 260-A] हाईकोर्ट केवल अपने द्वारा तय कानून के ठोस सवाल का जवाब दे सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक उच्च न्यायालय आयकर अधिनियम की धारा 260-ए के तहत दायर एक अपील पर विचार करते हुए, केवल अपने द्वारा तय किए गए कानून के ठोस प्रश्न का उत्तर दे सकता है।इस मामले में, उच्च न्यायालय ने राजस्व द्वारा दायर अपील की अनुमति दी थी। अपील के ज्ञापन में, राजस्व ने कानून के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को तैयार किया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कानून के एक अलग सवाल का जवाब दिया और राजस्व के पक्ष में फैसला दिया।शीर्ष अदालत के सामने निर्धारिती ने प्रारंभिक प्रस्तुतिकरण...
सुप्रीम कोर्ट ने COVID योग प्रोटोकॉल विकसित करने और प्रसारित करने की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मधुमेह, बुखार, संक्रमण और हृदय, श्वसन और पाचन रोगों जैसी अधिकांश सामान्य बीमारियों को नियंत्रित करने के अलावा, लोगों में COVID प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए मानक योग प्रोटोकॉल विकसित करने के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय को निर्देश देने की याचिका खारिज कर दी।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने यहां उस याचिका पर सुनवाई से इनकार किया तो याचिकाकर्ता के इशारे पर वापस ले ली गई थी।भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में...
केंद्र सरकार ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने की औपचारिक मंजूरी दी
केंद्र सरकार ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन के अनुदान को औपचारिक मंजूरी पत्र जारी किया है।यह आदेश जज और एडवोकेट जनरल (JAG) और आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स (AEC) की मौजूदा धाराओं के अलावा भारतीय सेना के सभी दस धाराओं में स्थायी सेवा आयोग (SSC) के महिला अधिकारियों को दिए जाने वाले अनुदान को निर्दिष्ट करता है। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने कहा कि यह महिला अधिकारियों को संगठन में बड़ी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस महीने की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय...
सेंट्रल विस्टा परियोजना के खिलाफ याचिका: सुप्रीम कोर्ट 29 जुलाई को करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सेंट्रल विस्टा परियोजना के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई टाल दी जिसे लुटियंस दिल्ली में एक नई संसद और केंद्र सरकार के अन्य कार्यालयों के निर्माण के लिए निर्धारित किया गया है। जस्टिस एएम खानविलकर , जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल की दलील पर ध्यान दिया कि वह आज बहस करने के लिए समय नहीं दे पाएंगे।इसके आलोक में, इस मामले को स्थगित कर दिया गया, जिसमें पक्षों को अंतरिम में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को अपना उत्तर (यदि कोई...
30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराने के यूजीसी के दिशा निर्देशों के खिलाफ छात्रों की याचिका पर जस्टिस अशोक भूषण की एससी बेंच अगले दो दिनों में सुनवाई करेगी
Pleas Challenging UGC Directive To Wrap Final Year Exams By September 30 To Be Taken Up In Two Days By Bench Headed By Justice Ashok Bhushan
राजस्थान स्पीकर बनाम सचिन पायलट : सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा स्पीकर द्वारा जारी किए गए अयोग्यता नोटिस के खिलाफ सचिन पायलट खेमे द्वारा दायर याचिका पर आदेश पारित करेगा। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हाईकोर्ट के निर्देश के खिलाफ स्पीकर की चुनौती पर विस्तार से सुनवाई की। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि स्पीकर द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर सोमवार को सुनवाई की जाएगी, जिसमें "लोकतंत्र से संबंधित गंभीर प्रश्न" मामले में शामिल हैं। पीठ ने हालांकि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की...
अदालत में सीमित कार्य होने की वजह से वकीलों को क़ानूनी पेशे से बाहर ढूंढना पड़ रहा है काम
COVID-19 महामारी का असर अन्य व्यवसायों पर पड़ा है और क़ानूनी पेशा भी उससे अछूता नहीं है और इस पेशे से जुड़े लोग बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं । महामारी के कारण अदालत की कार्यवाही ऑनलाइन हो रही है और सिर्फ उन्हीं मामलों की सुनवाई हो रही है जो बहुत ही ज़रूरी हैं। अदालत में सीमित सुनवाई की वजह से वहां कामकाज सामान्य से काफ़ी कम हो गया है, जिससे भारी संख्या में वकीलों को कोई काम नहीं मिल रहा है। देश भर में महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन के बाद क़ानूनी पेशे से जुड़े लोगों को लग रहा था कि...
COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने महामारी के कारण वकीलों को पेश आ रही वित्तीय कठिनाइयों का स्वतः संज्ञान लिया, BCI, राज्य बार काउंसिल को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 महामारी के कारण वकीलों को पेश आ रही वित्तीय कठिनाइयों का स्वत: संज्ञान लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक बेंच बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश सरकारों को महामारी के चलते मुकदमेबाजी के घटते कार्य के कारण हुए नुकसान पर वकीलों की वित्तीय सहायता के लिए दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। बेंच ने 2 सप्ताह के भीतर केंद्र, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राज्य बार काउंसिल,...
स्पीकर ने राजस्थान हाईकोर्ट के 24 जुलाई तक पायलट व 18 विधायकों पर अयोग्यता कार्यवाही टालने के अनुरोध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने 24 जुलाई तक सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के बागी विधायकों के खिलाफ लंबित अयोग्यता की कार्यवाही पर फैसला टालने के राजस्थान उच्च न्यायालय के 21 जुलाई के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वकील सुनील फर्नांडिस के माध्यम से दायर याचिका में दलील दी गई है कि दसवीं अनुसूची के तहत स्पीकर के समक्ष अयोग्यता कार्यवाही "विधानमंडल की कार्यवाही" है और इस तरह न्यायालयों द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है।दलील में कहा गया है कि दिया गया आदेश सुप्रीम...
विकास दुबे एनकाउंटर की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व SC जज जस्टिस बीएस चौहान के नेतृत्व में आयोग का गठन किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी एस चौहान की अध्यक्षता में एक जांच आयोग के गठन को मंज़ूरी दे दी। न्यायमूर्ति चौहान का नाम सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुझाया था, जो उत्तर प्रदेश सरकार के लिए पेश हुए थे। एसजी ने सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि न्यायमूर्ति चौहान आयोग का हिस्सा बनने के लिए सहमत हो गए हैं।एसजी ने जांच टीम का हिस्सा बनने के लिए यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल...
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट प्रशांत भूषण को न्यायपालिका पर ट्वीट करने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एडवोकेट प्रशांत भूषण को नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि वे कारण बताएं कि न्यायपालिका पर उनके ट्वीट पर अदालत की अवमानना के लिए उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों न की जाए। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि न्यायालय ने 27 जून को भूषण द्वारा किए गए एक ट्वीट का संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है: "जब भविष्य के इतिहासकार पिछले 6 वर्षों में वापस देखेंगे कि औपचारिक आपातकाल के बिना भी भारत में लोकतंत्र कैसे नष्ट हो गया तो वे विशेष रूप से इस...









![[ आयकर अधिनियम की धारा 260-A] हाईकोर्ट केवल अपने द्वारा तय कानून के ठोस सवाल का जवाब दे सकता है : सुप्रीम कोर्ट [ आयकर अधिनियम की धारा 260-A] हाईकोर्ट केवल अपने द्वारा तय कानून के ठोस सवाल का जवाब दे सकता है : सुप्रीम कोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/05/04/500x300_374190-370285-supreme-court-of-india-001.jpg)







