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[छात्र बनाम यूजीसी] सॉलिसिटर-जनरल तुषार मेहता की दलील, विश्वविद्यालय परीक्षा कराए बिना डिग्री देने का फैसला नहीं ले सकते
[छात्र बनाम यूजीसी] सॉलिसिटर-जनरल तुषार मेहता की दलील, विश्वविद्यालय परीक्षा कराए बिना डिग्री देने का फैसला नहीं ले सकते

यूनिवर्स‌िटी यूजीसी दिशानिर्देशों के तहत समय सीमा के विस्तार की मांग कर सकती हैं, लेकिन वे परीक्षा कराए बिना डिग्री देने का फैसला नहीं ले सकती हैं। यूजीसी की ओर से पेश सॉलिसिटर-जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह दलील दी। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट उन या‌चिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें यूजीसी के 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं करा लेने के दिशानिर्देशों को चुनौती दी गई है। सॉलिसिटर-जनरल ने जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ के समक्ष मामले में अपनी...

 किसी राज्य में निश्चित स्थिति होने पर क्या UGC राज्य को ओवराराइड कर परीक्षा कराने को कह सकता है ? सुप्रीम कोर्ट ने छात्र बनाम UGC में फैसला सुरक्षित रखा
" किसी राज्य में निश्चित स्थिति होने पर क्या UGC राज्य को ओवराराइड कर परीक्षा कराने को कह सकता है ?" सुप्रीम कोर्ट ने छात्र बनाम UGC में फैसला सुरक्षित रखा

 सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को विश्वविद्यालयों को अंतिम सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 6 जुलाई के निर्देश को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह पर फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब चार घंटे तक पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।मंगलवार को पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी दातार (महाराष्ट्र राज्य के लिए), वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता (पश्चिम बंगाल...

दुष्यंत दवे के वरिष्ठ पदनाम (Senior Designation) वापस लेने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस लेने के लिए अर्ज़ी
दुष्यंत दवे के वरिष्ठ पदनाम (Senior Designation) वापस लेने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस लेने के लिए अर्ज़ी

 शरद भूषण यादव, जिन्होंने प्रशांत भूषण अवमानना ​​मामले में दलीलों के लिए दुष्यंत दवे के वरिष्ठ पद को वापस लेने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी, उन्होंंने अब अर्जी दायर की है और उपयुक्त अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी है। आवेदन में इस कारण का हवाला दिया गया है कि दवे को गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ पदनाम दिया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि याचिका इस धारणा के तहत दायर की गई थी कि दवे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरिष्ठ के रूप में...

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR को छोड़कर लॉकडाउन के चलते मार्च में पंजीकृत ना होने वाले BS-IV वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दी 
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR को छोड़कर लॉकडाउन के चलते मार्च में पंजीकृत ना होने वाले BS-IV वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दी 

सुप्रीम कोर्ट ने BS-IV वाहनों के पंजीकरण के संबंध में एक सीमित राहत दी है।जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिसबी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने आदेश दिया, "अभी भी बड़ी संख्या में बिक्री की बात कही गई है जिन्हें ई-वाहन पोर्टल पर अपलोड किया गया हैं, यहां तक ​​कि अस्थायी पंजीकरण भी किए गए थे। लॉकडाउन अवधि के दौरान उनका पंजीकरण नहीं किया जा सका। इसलिए, हम ऐसे वाहनों के पंजीकरण की अनुमति देते हैं, केवल जिसे मार्च, 2020 और किसी अन्य कारण से लॉकडाउन के दौरान पंजीकृत नहीं किया जा सका।"इसके...

National Uniform Public Holiday Policy
जब कोर्ट फ़िज़िकल रूप से कामकाज शुरू करने की तैयारियां कर रहा है तो परीक्षाएं आयोजित क्यों नहीं की जा सकती? सुप्रीम कोर्ट ने NEET-JEE याचिका पर कहा

NEET-JEE परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर विचार करते हुए, पीठ का नेतृत्व कर रहे न्यायाधीश, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कहा कि COVID-19 के दौरान भी जीवन को आगे बढ़ना चाहिए।न्यायमूर्ति मिश्रा ने याचिकाकर्ताओं के वकील अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव से पूछा, "क्या आप मांग नहीं कर रहे हैं कि न्यायालय खुलने चाहिए? जब अदालतें शारीरिक रूप से कामकाज शुरू करने के लिए तैयार हो रही हैं, तो आप कैसे कह सकते हैं कि परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकती? क्यों परीक्षाएं नहीं हो सकतीं?" न्यायमूर्ति...

 जज राजनेता नहीं हैं जो खुद पर हमले या पक्षपात का आरोप लगने पर बचाव कर सकें : सुप्रीम कोर्ट में अदालतों में लंबित मामलों और फैसलों पर बोलने की स्वतंत्रता न होने की घोषणा की याचिका
" जज राजनेता नहीं हैं जो खुद पर हमले या पक्षपात का आरोप लगने पर बचाव कर सकें" : सुप्रीम कोर्ट में अदालतों में लंबित मामलों और फैसलों पर बोलने की स्वतंत्रता न होने की घोषणा की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई 15 दिनों के लिए टाल दी जिसमें घोषणा की मांग की गई है निष्पक्ष और सच्ची रिपोर्टिंग की सीमा को छोड़कर, कानून की अदालतों के सामने लंबित मामलों में बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता डॉ सुभाष विजयरान ने प्रस्तुत किया कि "न्यायाधीश राजनेता नहीं हैं और अपने खिलाफ हमलों पर, पक्षपात का आरोप लगाने पर वो खुद का बचाव नहीं कर सकते हैं।"पीठ ने उनकी सुनवाई के बाद, इस...

 जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार  के आरोपों को कब सार्वजनिक किया जा सकता है ?  सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण के 2009 अवमानना मामला में सवाल तय किए
" जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को कब सार्वजनिक किया जा सकता है ? " सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण के 2009 अवमानना मामला में सवाल तय किए

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ 11 साल पुराने स्वत: संज्ञान अवमानना ​​मामले में विचार करने के लिए बड़े सवाल तय किए हैं जिसमें उन्होंने 2009 में तहलका पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में आरोप लगाया था कि भारत के 16 मुख्य न्यायाधीशों में से कम से कम आधे भ्रष्ट थे। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि इस मामले में निम्न सवाल उठे हैं जिनका व्यापक असर होगा: 1. यदि न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार को लेकर सार्वजनिक बयान दिए जा सकते हैं, तो...

[राजस्थान राजनीतिक संकट ] कांग्रेस- BSP विलय के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 24 अगस्त को करेगा सुनवाई
[राजस्थान राजनीतिक संकट ] कांग्रेस- BSP विलय के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 24 अगस्त को करेगा सुनवाई

राजस्थान विधानसभा में बसपा विधायकों के कांग्रेस के साथ विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अगले हफ्ते तक टल गई है। अदालत ने सोमवार को राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा राजस्थान के स्पीकर डॉ सीपी जोशी के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करने की याचिका से संबंधित मामले को 24 अगस्त के लिए स्थगित कर दिया, जिसमें छह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के साथ विलय करने की मंज़ूरी दी गई।याचिकाकर्ता भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से पेश वरिष्ठ...

 जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना अवमानना के समान नहीं, आरोपों की जांच जरूरी : प्रशांत भूषण ने 2009 अवमानना केस में सुप्रीम कोर्ट में कहा 
" जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना अवमानना के समान नहीं, आरोपों की जांच जरूरी" : प्रशांत भूषण ने 2009 अवमानना केस में सुप्रीम कोर्ट में कहा 

अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दावा किया है कि जनहित में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की किसी भी कवायद को संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" के दायरे में रखा जाना चाहिए।भूषण द्वारा 2009 में न्यायाधीशों के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले उनके बयानों को लेकर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई अवमानना ​​कार्यवाही में ये लिखित दलील दाखिल की गई है। सोमवार को, शीर्ष अदालत ने उक्त मामले में भूषण द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए एक विस्तृत सुनवाई का निर्णय...

हाईकोर्ट द्वारा जारी सामान्य दिशानिर्देश न्यायिक पक्ष से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से ऊपर नहीं हो सकते : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट द्वारा जारी सामान्य दिशानिर्देश न्यायिक पक्ष से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से ऊपर नहीं हो सकते : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के एक मुकदमे का छह माह के भीतर निपटारा करने के आदेश के बावजूद ट्रायल पूरा करने में असफल रहने पर गत शुक्रवार को मध्य प्रदेश की एक स्थानीय अदालत को आड़े हाथों लिया। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट की ओर से दिये गये उस स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया जिसमें उसने कहा था कि कोरोना महामारी के संकट के कारण फिलहाल केवल अर्जेंट मामलों की ही सुनवाई की जा रही है। शीर्ष अदालत ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए...