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मैं व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक दिन एक्सपेंडयस लिस्ट के लिए सभी ई-मेल चेक करता हूं: न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने रजिस्ट्री द्वारा मामलों की गैर-सूचीबद्धता के बारे में शिकायत पर दुष्यंत दवे से कहा
'मैं व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक दिन एक्सपेंडयस लिस्ट के लिए सभी ई-मेल चेक करता हूं': न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने रजिस्ट्री द्वारा मामलों की गैर-सूचीबद्धता के बारे में शिकायत पर दुष्यंत दवे से कहा

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को बार को बताया कि वह हर सुबह व्यक्तिगत रूप से पिछली शाम तक एओआर से कोर्ट-मास्टर द्वारा प्राप्त की गई एक लिस्ट को सुरक्षित करने के लिए सभी ईमेल को देखतें हैं। वह यह "100 में से 99 बार" मामलों की शीघ्रता से सूचीबद्धता (लिस्टिंग) सुनिश्चित करने के लिए करते हैं।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने यह टिप्पणी तब की जब वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री की शिकायत को वकीलों को "अवरुद्ध" करने के लिए आवाज उठाई।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने...

विद्युत अधिनियम - किसी गलती का पता लगाने के बाद अतिरिक्त बिल दो साल की सीमा अवधि के बाद देय नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
विद्युत अधिनियम - किसी गलती का पता लगाने के बाद अतिरिक्त बिल दो साल की सीमा अवधि के बाद देय नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि एक बिजली वितरण कंपनी द्वारा विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत लाइसेंसधारी के रूप में किसी गलती का पता लगाने के बाद जारी अतिरिक्त बिल, अधिनियम की धारा 56 (2) के तहत दो साल की सीमा अवधि के बाद देय नहीं होगा।धारा 56(2) कहती है कि, "इस धारा के तहत किसी भी उपभोक्ता से देय कोई राशि उस तारीख से दो साल की अवधि के बाद वसूली योग्य नहीं होगी जब ऐसी राशि पहली बार देय हो गई थी।"सुप्रीम कोर्ट ने माना कि लाइसेंसधारी द्वारा गलती का पता लगाने के बाद किया गया कोई भी दावा शरारत के अंतर्गत...

NEET-SS 2021 परीक्षा पैटर्न में किए गए बदलाव शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से लागू किए जाएंगे: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
NEET-SS 2021 परीक्षा पैटर्न में किए गए बदलाव शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से लागू किए जाएंगे: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

केंद्र सरकार को NEET-SS 2021 पैटर्न में लाए गए बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। केंद्र सरकार ने बुधवार को कोर्ट से कहा कि संशोधित पैटर्न अगले साल से लागू किया जाएगा।अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET-SS 2021 मौजूदा पैटर्न के अनुसार आयोजित किया जाएगा।संशोधित पैटर्न केवल शैक्षणिक वर्ष 2022-2023 से प्रभावी होगा।एएसजी ने पीठ से कहा, "आपकी आधिपत्य टिप्पणियों और छात्रों के हित के लिए केंद्र ने फैसला लिया है कि...

एक छात्र को फटकारना उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की
एक छात्र को फटकारना उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुशासनहीनता के लिए किसी छात्र को फटकारन उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं होगा।जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने एक शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मामले को खारिज करते हुए कहा, "यदि किसी छात्र को अनुशासनहीनता के के लिए एक शिक्षक ने केवल फटकार लगाई और लगातार हो रही अनुशासनहीनता के कृत्यों को प्रधानाचार्य के ध्यान में लाया, जिसने स्कूल के अनुशासन और बच्चे को सुधारने के उद्देश्य से छात्र के माता-पिता को अवगत कराया, कोई भी छात्र जो बहुत भावुक है,...

लॉ स्कूल के पाठ्यक्रम के लिए उपयुक्त मामला  : 50 साल पुराने वाद को रोकने के पांचवे दौर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा
"लॉ स्कूल के पाठ्यक्रम के लिए उपयुक्त मामला " : 50 साल पुराने वाद को रोकने के पांचवे दौर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा

एक सिविल डिक्री के निष्पादन को रोकने के लिए पांच दशकों में एक वादी (और उसके उत्तराधिकारियों) द्वारा शुरू की गई मुकदमेबाजी के पांच दौर से हैरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह एक अध्ययन सामग्री के रूप में छात्रों को निष्पादन से संबंधित सिविल प्रक्रिया संहिता के विभिन्न प्रावधानों से लैस करने के लिए लॉ स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए एक उपयुक्त मामला है।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की पीठ द्वारा दिए गए फैसले में कहा गया है, "...मामला लॉ स्कूल के पाठ्यक्रम...

आश्रित अनुकम्पा के आधार पर मृतक कर्मचारी की तुलना में ऊंचे पद पर नियुक्ति की मांग नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
आश्रित अनुकम्पा के आधार पर मृतक कर्मचारी की तुलना में ऊंचे पद पर नियुक्ति की मांग नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक आश्रित/आवेदक मृतक कर्मचारी द्वारा धारित पद की तुलना में अधिक उच्च पद पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग नहीं कर सकता है।कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति एक रियायत है न कि अधिकार। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि यह सार्वजनिक सेवाओं में नियुक्ति के सामान्य नियम के लिए एक अपवाद है और उस मृतक के आश्रितों के पक्ष में है जो अपने परिवार को बदहाली में और आजीविका को कोई साधन छोड़े बिना दुनिया छोड़ देते हैं।इस मामले में मृतक कर्मचारी अपनी...

कोवैक्सिन का टीका लगवा चुके लोगों को विदेशों में गैर-टीकाकरण के रूप में माना जा रहा है: सुप्रीम कोर्ट में पुन: टीकाकरण की मांग वाली याचिका दायर
'कोवैक्सिन का टीका लगवा चुके लोगों को विदेशों में गैर-टीकाकरण के रूप में माना जा रहा है': सुप्रीम कोर्ट में पुन: टीकाकरण की मांग वाली याचिका दायर

COVID-19 टीकाकरण की वर्तमान प्रणाली में कोवैक्सिन (COVAXIN) प्रशासित व्यक्तियों के लिए स्वैच्छिक पुन: टीकाकरण के प्रावधानों की अनुपस्थिति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है।भारत के सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले एक वकील कार्तिक सेठ द्वारा जनहित याचिका में कहा गया है कि वर्तमान परिदृश्य में, किसी व्यक्ति को भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट "COWIN" पर पंजीकरण करके कोवैक्सिन का टीका लगवाने के बाद कोविशील्ड के टीकाकरण की अनुमति नहीं है।याचिका में यह बताया गया...

कोई और स्थगन नहीं: सुप्रीम कोर्ट गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा
'कोई और स्थगन नहीं': सुप्रीम कोर्ट गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य उच्च पदाधिकारियों को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी रिपोर्ट को चुनौती देने वाली जकिया अहसान जाफरी की याचिका को मंगलवार को 26 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया।जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से किए गए अनुरोध के आधार पर स्थगन को मंजूरी दी।याचिकाकर्ता को कंपाइलेशन दायर करने की स्वतंत्रता देते हुए बेंच ने स्पष्ट किया कि भविष्य की तारीखों पर किसी...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'चिकित्सा शिक्षा और नियमन एक व्यवसाय बन गया है; पूरी जल्दबाजी सीटें भरने के ‌लिए की गई': सुप्रीम कोर्ट ने NEET-SS 2021 परीक्षा में बदलाव पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को कड़ी फटकार लगाई। सु्प्रीम कोर्ट ने कहा, मालूम होता है कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा- सुपर स्पेशियलिटी (NEET-SS) 2021 पैटर्न में बदलाव यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि निजी मेडिकल कॉलेज में सीटें खाली नहीं पड़े।सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पुरानी टिप्पणियों को दोहराया कि बदलाव ने उन छात्रों के साथ, जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, पूर्वाग्रह किया है।पीठासीन जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश...

दिल्ली सरकार बनाम एलजी: सुप्रीम कोर्ट दशहरा की छुट्टियों के बाद सेवाओं के मुद्दे पर फैसला करने के लिए तीन-न्यायाधीशों की पीठ का गठन करेगा
दिल्ली सरकार बनाम एलजी: सुप्रीम कोर्ट दशहरा की छुट्टियों के बाद 'सेवाओं' के मुद्दे पर फैसला करने के लिए तीन-न्यायाधीशों की पीठ का गठन करेगा

वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष सेवाओं के नियंत्रण को लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच कानूनी विवाद से संबंधित मामले का उल्लेख किया।सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने फरवरी 2019 में सेवाओं पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की शक्तियों के सवाल पर एक विभाजित फैसला दिया और मामले को तीन-न्यायाधीशों की पीठ के पास भेज दिया।दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए मेहरा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना के समक्ष इस लंबित संदर्भ...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
कोर्ट बॉयकॉट: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर को अवमानना नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के पदाधिकारियों को हाईकोर्ट की एक पीठ का बहिष्कार करने के आरोप में अवमानना का ​​​​नोटिस जारी किया। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अदालतों के ब‌हिष्कार और वकीलों हड़ताल के खिलाफ दिए बार-बार के फैसलों के बावजूद राजस्‍थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन 27 सितंबर को हड़ताल पर चला गया।बार काउंसिल ऑफ इंडिया अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा ने पीठ को बताया कि बीसीआई ने जयपुर बार एसोसिएशन को बहिष्कार...

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों के लंबित रहने पर स्वतः संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों के लंबित रहने पर स्वतः संज्ञान लिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आपराधिक अपीलों के लंबे समय से लंबित रहने के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। अदालत उन दोषियों को जमानत देने के संबंध में दिशा-निर्देश देने पर विचार कर रही है, जो अपनी आपराधिक अपीलों की सुनवाई में देरी के कारण लंबे समय तक सजा काट चुके हैं।न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा हलफनामे में दिए गए सुझावों को "बोझिल" बताते हुए स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने का आदेश...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
अभियुक्‍त का आचरण, अपराध की गंभीरता, सामाजिक प्रभाव आदि जमानत रद्द करने के आधार हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी को दी गई जमानत को सुपीरियर कोर्ट ही रद्द कर सकता है, यदि अदालत ने अप्रासंगिक कारकों पर विचार किया है, या रिकॉर्ड पर उपलब्ध प्रासंगिक सामग्री की अनदेखी की है, जो जमानत देने के आदेश को कानूनी रूप से अस्थिर बनाता है।सीजेआई एनवी रमाना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने एक फैसले में कहा, "अपराध की गंभीरता, आरोपी का आचरण और जब जांच सीमा पर हो तो न्यायालय द्वारा अनुचित क्षमा का सामाजिक प्रभाव भी कुछ स्थितियों में से हैं, जहां एक सुपीरियर कोर्ट...

पोंजी स्कीम में कई राज्यों में कई FIR: क्या किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग शाखा द्वारा जांच कराई जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को हल खोजने को कहा
पोंजी स्कीम में कई राज्यों में कई FIR:' क्या किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग शाखा द्वारा जांच कराई जा सकती है?' सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को हल खोजने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (एक अक्टूबर 2021) को एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को उन मामलों से निपटने के लिए समाधान के साथ आने के लिए कहा है जिसमें कई राज्यों में किसी पोंजी घोटाले में एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। ये कदम उस याचिका पर उठाया गया है जिसमें आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज 29 एफआईआर को एक साथ जोड़ने और किसी भी उचित जांच एजेंसी या हरियाणा राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की है, जो लोगों से झूठा वादा कर करोड़ों हड़पने के मामले में हिरासत में है।न्यायमूर्ति एलएन...

अगर अनुबंध में ब्याज के भुगतान पर प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट उपबंध है, तो मध्यस्थ वादकालीन ब्याज मंजूर नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
अगर अनुबंध में ब्याज के भुगतान पर प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट उपबंध है, तो मध्यस्थ वादकालीन ब्याज मंजूर नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक मध्यस्थ वादकालीन ब्याज मंजूर नहीं कर सकता है, यदि अनुबंध में एक विशिष्ट उपबंध होता है जो स्पष्ट रूप से ब्याज के भुगतान को रोकता है।न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि ऐसा संविदात्मक उपबंध भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 की धारा 28 का उल्लंघन नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996, स्पष्ट रूप से एक मध्यस्थ की शक्ति को पूर्व-संदर्भ और वादकालीन ब्याज देने से प्रतिबंधित करता है, जब दोनों पक्ष स्वयं इसके विपरीत सहमत...

कोविड से मौत- मृतकों के परिजनों को जरूरत पड़ने पर अस्पताल तमाम दस्तावेज मुहैया कराएंगे: सुप्रीम कोर्ट
कोविड से मौत- मृतकों के परिजनों को जरूरत पड़ने पर अस्पताल तमाम दस्तावेज मुहैया कराएंगे: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन सभी अस्पतालों, जो कोविड ​​​​रोगियों को इलाज प्रदान करते हैं, उन्हें निर्देश दिया की मांग किए जाने पर महामारी से मरने वालों के परिवार के सदस्यों को इलाज आदि के सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।कोविड पीड़ितों के परिवारों को प्रदान की जा रही अनुग्रह राशि प्राप्त करने में परिजनों को सक्षम करने के लिए मृत्यु के कारण के रूप में कोविड को स्थापित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में ये अवलोकन किए गए हैं।न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाए: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने अजेश लूथरा, अध्यक्ष केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ("कैट") बार एसोसिएशन द्वारा 4 जनवरी, 2021 के आदेश का पालन न करने के संबंध में एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिब्यूनल, अपीलीय न्यायाधिकरण और अन्य प्राधिकरण (सदस्यों की योग्यता, अनुभव और सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2020 के अनुसार कैट में 4 पदों पर नियुक्ति करे।कोर्ट ने आगे कहा कि केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में रिक्तियों को भरा जाना चाहिए, भले ही इसके बारे में कोई विवाद हो। पीठ के...

हॉट सीट पर रहे बिना सरकार और अदालत की आलोचना करना बहुत आसान है: सुप्रीम कोर्ट ने महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के संबंध में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज की
'हॉट सीट पर रहे बिना सरकार और अदालत की आलोचना करना बहुत आसान है': सुप्रीम कोर्ट ने महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के संबंध में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महामारी की दूसरी लहर के दौरान मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता की कमी के संबंध में सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग गठित करने की भी मांग की गई थी।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने यह कहते हुए कि याचिका उस धारणा के साथ शुरू होती है जो अपने आप में संदिग्ध है, कहा कि शीर्ष न्यायालय...

प्रथम अपीलीय न्यायालय  सभी मुद्दों और साक्ष्यों से निपटे, सीपीसी की प्रक्रिया का पालन करे: सुप्रीम कोर्ट
प्रथम अपीलीय न्यायालय सभी मुद्दों और साक्ष्यों से निपटे, सीपीसी की प्रक्रिया का पालन करे: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम अपीलीय न्यायालय का कर्तव्य है कि वह अपने निष्कर्षों को दर्ज करने से पहले सभी मुद्दों और पक्षकारों द्वारा दिए गए साक्ष्यों से निपटे।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का पालन करने के बाद पहली अपील पर फैसला किया जाना चाहिए।इस मामले में, ट्रायल कोर्ट ने वादी द्वारा दायर एक विशिष्ट प्रदर्शन सूट को इस आधार पर खारिज कर दिया कि उसने किरायेदारों के साथ ही संपत्ति खरीदने की इच्छा नहीं दिखाई थी और...