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अगर बीमा प्रीमियम तय तारीख पर नहीं जमा किया गया है तो बीमा दावा खारिज किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट
अगर बीमा प्रीमियम तय तारीख पर नहीं जमा किया गया है तो बीमा दावा खारिज किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीमा पॉलिसी की शर्तों की व्याख्या करते हुए अनुबंध को फिर से लिखने की अनुमति नहीं है।न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि बीमा पॉलिसी की शर्तों को सख्ती से समझा जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि बीमा के अनुबंध में उबेरिमा फाइड्स यानी बीमित व्यक्ति की ओर से पूरे विश्वास की आवश्यकता होती है।शिकायतकर्ता के पति ने जीवन सुरक्षा योजना के तहत 14.04.2021 को जीवन बीमा निगम से एक जीवन बीमा पॉलिसी ली थी, जिसके तहत निगम द्वारा 3,75,000/- रुपये का आश्वासन...

जनता की असहिष्‍णुता के कारण करवा चौथ का विज्ञापन वापस लेना पड़ाः ज‌स्टिस डीवाई चंद्रचूड़
जनता की असहिष्‍णुता के कारण करवा चौथ का विज्ञापन वापस लेना पड़ाः ज‌स्टिस डीवाई चंद्रचूड़

जटिस डीवाई ने शनिवार को एक कार्यक्रम में डाबर के एक विज्ञापन पर हुए हालिया विवाद पर टिप्पणी की। एक समारोह में उन्होंने कहा कि "जनता की असहिष्‍णुता" के कारण विज्ञापन को हटाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि डाबर के विज्ञापन में लेस्‍बियन जोड़े को करवा चौथ मनाते दिखाया गया था।राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से नालसा द्वारा कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम, जिसका विषय 'कानूनी जागरूकता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण' था, में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, "आप सभी को...

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
महिला अधिकारों के बारे में जागरूकता तभी सार्थक हो सकती है, जब यह जागरूकता युवा पुरुषों के बीच पैदा होः जस्टिस चंद्रचूड़

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने नालसा द्वारा आयोजित कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ के अवसर पर कहा, "महिलाओं की एक समूह या वर्ग के रूप में पहचान नहीं है। एक वर्ग के रूप में महिलाओं के भीतर कई पहचान हैं...। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि जिस भेदभाव और हिंसा का सामना महिलाएं करती हैं, उसे समझने के लिए एक इंटरसेक्‍शनल अप्रोच होना चाहिए।"नालसा ने राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया है, मौजूदा कार्यक्रम का विषय 'कानूनी जागरूकता के माध्यम से महिलाओं...

पटाखा प्रतिबंध का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई आज दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित की
पटाखा प्रतिबंध का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई आज दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ पश्चिम बंगाल राज्य में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ पटाखा निर्माताओं द्वारा दायर याचिका पर आज सुनवाई करेगी।जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की खंडपीठ ने आगामी उत्सवों के दौरान पूरे पश्चिम बंगाल राज्य में हरित पटाखों सहित सभी प्रकार के पटाखों के उपयोग और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया...

साक्ष्य अधिनियम की धारा 91/92 : जब पक्ष लिखित रूप में अपना समझौता करते हैं, तो यह निश्चित रूप से इरादों का पूर्ण और अंतिम विवरण माना जाता है - सुप्रीम कोर्ट
साक्ष्य अधिनियम की धारा 91/92 : जब पक्ष लिखित रूप में अपना समझौता करते हैं, तो यह निश्चित रूप से इरादों का पूर्ण और अंतिम विवरण माना जाता है - सुप्रीम कोर्ट

"यह माना गया है कि जब पार्टियां सोच समझकर अपने समझौते को लिखित रूप में रखती हैं, तो यह निश्चित रूप से माना जाता है तो उनका इरादा लिखित बयान को एक पूर्ण और अंतिम बयान बनाना है, ताकि उसे भविष्य के विवाद, अविश्वास और विश्वासघाती स्मृति की पहुंच" से परे रखा जा सके।"न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की बेंच ने पार्टनरशिप डीड की अवधि की वैधता से जुड़े एक मामले से निपटने के दौरान उपरोक्त टिप्पणियां कीं। न्यायमूर्ति बी.आर.गवई द्वारा 'वी अनंत राजू और अन्य बनाम...

लाइसेंस देने की पहले आओ पहले पाओ की नीति मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण : सुप्रीम कोर्ट
लाइसेंस देने की 'पहले आओ पहले पाओ' की नीति मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर लाइसेंस देने की नीति में बुनियादी खामी है।न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ ने कहा कि यह सुनिश्चित करना सरकार का गंभीर कर्तव्य है कि एक गैर-भेदभावपूर्ण तरीका अपनाया जाए, चाहे वह अपनी जमीन पर लाइसेंस के वितरण या आवंटन के लिए हो, या संपत्ति के हस्तांतरण के लिए। इस मामले में, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि हरियाणा विकास और शहरी क्षेत्रों के नियमन अधिनियम, 1975 की योजना के लिए 'पहले आओ पहले पाओ' के सिद्धांत पर...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
कर्मचारी द्वारा जन्मतिथि में बदलाव का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी कर्मचारी द्वारा जन्मतिथि में बदलाव के लिए आवेदन केवल प्रासंगिक प्रावधानों/विनियमों के अनुसार ही हो सकता है। कोर्ट ने दोहराया कि जन्मतिथि में बदलाव का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता।जस्टिस एमआर शाह और एएस बोपन्ना की बेंच वर्तमान मामले (कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड वीटीपी नटराज और अन्य) में कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड ("निगम") द्वारा दायर एक अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट के निगम को दिए गए उस निर्देश...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'एससी-एसटी के खिलाफ अत्याचार बीते जमाने की बात नहीं' : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, घटिया जांच के कारण अनेक बरी

"अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार अतीत की बात नहीं है। वे आज भी हमारे समाज में एक वास्तविकता बने हुए हैं," सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह टिप्पणी करते हुए कहा कि एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 15ए के तहत पीड़ित या आश्रित को अदालत की कार्यवाही का नोटिस जारी करना अनिवार्य है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि एससी-एसटी अधिनियम के तहत कई लोगों को बरी करना घटिया जांच और अपराध के अभियोजन का परिणाम है, जिसके कारण...

भारतीय टीम पर पाकितान की जीत का जश्न मनाना निश्चित रूप से राजद्रोह नहीं है : जस्टिस दीपक गुप्ता
भारतीय टीम पर पाकितान की जीत का जश्न मनाना निश्चित रूप से राजद्रोह नहीं है : जस्टिस दीपक गुप्ता

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीपक गुप्ता ने हाल ही में कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप क्रिकेट के मैच में हराने के बाद पाकिस्तान टीम की जीत का जश्न मनाना निश्चित रूप से राजद्रोह (Sedition) का अपराध नहीं है। जस्टिस दीपक गुप्ता ने द वायर के लिए करण थापर को दिए इंटरव्यू के दौरान यह बात कही।जस्टिस गुप्ता ने कहा,"यह निश्चित रूप से राजद्रोह नहीं है, लेकिन यह सोचना निश्चित रूप से हास्यास्पद है कि यह राजद्रोह के बराबर है ... इन लोगों पर उन अपराधों के के तहत आरोप लगाने से बेहतर चीजें हैं,...

सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंधित पटाखों के निर्माण/इस्तेमाल पर जारी किए नए निर्देश, राज्य एजेंसियों, अधिकारियों की निजी जवाबदेही तय की
सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंधित पटाखों के निर्माण/इस्तेमाल पर जारी किए नए निर्देश, राज्य एजेंसियों, अधिकारियों की निजी जवाबदेही तय की

सुप्रीम कोर्ट ने बेरियम आधारित रसायनों से बने पटाखों पर प्रतिबंध‌ लगाने के पहले के आदेश के कार्यान्वयन और केवल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के संबंध में कई निर्देश जारी किए। जस्टिस एमआर शाह और ज‌स्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि यदि प्रतिबंधित पटाखों का निर्माण, बिक्री और उपयोग किसी विशेष क्षेत्र में पाया जाता है तो संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव, सचिव (गृह) संबंधित क्षेत्र के पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और संबंधित पुलिस स्टेशन के प्रभारी एसचओ/पुलिस अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी...

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 15ए के तहत पीड़ित को आरोपी के खिलाफ अदालती कार्यवाही को नोटिस अनिवार्य : सुप्रीम कोर्ट
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 15ए के तहत पीड़ित को आरोपी के खिलाफ अदालती कार्यवाही को नोटिस अनिवार्य : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 15ए के तहत पीड़ित या आश्रित को अदालत की कार्यवाही का नोटिस जारी करना अनिवार्य है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की पीठ ने कहा कि इस आवश्यकता के अनुसार, पीड़ित या उनके आश्रित को एक उचित और समय पर नोटिस जारी किया जाना चाहिए।धारा 15ए(3) के तहत, पीड़ित या उसके आश्रित को जमानत याचिका सहित किसी भी अदालती कार्यवाही के उचित, सटीक और समय पर नोटिस का अधिकार होगा और विशेष लोक अभियोजक या राज्य सरकार पीड़ित को इस...

सुरक्षा के रूप में जारी किए गए चेक के अनादर पर भी एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध आकर्षित हो सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुरक्षा के रूप में जारी किए गए चेक के अनादर पर भी एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध आकर्षित हो सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा के रूप में जारी किए गए चेक के अनादर पर भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध को आकर्षित हो सकता है।न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि ऐसा सख्त नियम नहीं हो सकता है कि सुरक्षा के तौर पर जारी किए गए चेक को अदाकर्ता कभी पेश नहीं कर सकता।अदालत ने कहा कि इस तरह का विवाद केवल उस स्थिति में उत्पन्न होगा जहां ऋण वसूली योग्य नहीं हो पाया है और जमानत के रूप में जारी किया गया चेक राशि की वसूली के लिए प्रस्तुत करने के लिए...

सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और अन्य दो खिलाफ रेप केस में जांच पर रोक लगाने से इनकार किया, गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और अन्य दो खिलाफ रेप केस में जांच पर रोक लगाने से इनकार किया, गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा बढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय, आरएसएस सदस्य जिस्नू बसु और प्रदीप जोशी के खिलाफ रेप के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को गुण-दोष के आधार पर अभियुक्त व्यक्तियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर आगे विचार करने की अनुमति दी। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने आगे आदेश दिया कि हाईकोर्ट द्वारा पहले दी गई गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई की अगली तारीख यानी 16 नवंबर तक जारी रखी...

शक्तिशाली राज्य एक स्वीपर के खिलाफ लड़ रहा है : सुप्रीम कोर्ट ने नियमितीकरण के खिलाफ चुनौती पर कानूनी खर्च के रूप में 50,000 रुपये जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया
'शक्तिशाली राज्य एक स्वीपर के खिलाफ लड़ रहा है' : सुप्रीम कोर्ट ने नियमितीकरण के खिलाफ चुनौती पर कानूनी खर्च के रूप में 50,000 रुपये जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने "एक सफाईकर्मी के खिलाफ ताकतवर राज्य की लड़ाई" पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए शुक्रवार को एक नगर पालिका को सेवा के नियमितीकरण के लिए हाईकोर्ट के निर्देश के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी करने की शर्त के तहत कानूनी खर्च के रूप में 50,000 रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ एक सफाई कर्मचारी की सेवाओं को नियमित करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट (मदुरै पीठ) के निर्देश के खिलाफ तमिलनाडु के बोदिनायकनूर नगर पालिका के आयुक्त द्वारा...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों को जारी किए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में निर्देश जारी किया।पीठ एक रिट याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें मान्यता प्राप्त स्कूलों में ऐसे शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर बिना कार्यकाल की निश्चितता के नियोजित करने में अवैधता का आरोप लगाया गया था।अदालत ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:-केंद्र सरकार को विशेष विद्यालयों के लिए छात्र शिक्षक अनुपात के मानदंडों और मानकों को तत्काल अधिसूचित करना चाहिए और विशेष शिक्षकों के लिए अलग मानदंड हों, जो...

कर्नाटक में प्रवेश के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट की शर्त व्यापक जनहित में : सुप्रीम कोर्ट ने केरल विधायक की याचिका खारिज की
कर्नाटक में प्रवेश के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट की शर्त 'व्यापक जनहित' में : सुप्रीम कोर्ट ने केरल विधायक की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल विधासभा सदस्य (एमएलए) एकेएम अशरफ की ओर से दायर एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, कर्नाटक सरकार ने केरल के नागरिकों को कर्नाटक में प्रवेश के लिए नेगेटिव आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया था, जिसे अशरफ ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद अशरफ ने हाईकोर्ट के फैसले के ख‌िलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि व्यापक जनहित को देखते...

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक भूषण को NCLAT का अध्यक्ष नियुक्त किया
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक भूषण को NCLAT का अध्यक्ष नियुक्त किया

केंद्र सरकार ने भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक भूषण को चार साल की अवधि के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।जस्टिस अशोक भूषण इस साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट के जज के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने सुप्रीम कर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक भूषण की राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की तारीख से चार साल की अवधि के लिए...