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न्यायाधीशों को विधायी मंशा को नष्ट करने के लिए क़ानून के सादे शब्दों को विकृत नहीं करना चाहिए: पॉक्सो मामले में त्वचा से त्वचा के फैसले पर जस्टिस रवींद्र भट ने कहा
न्यायाधीशों को विधायी मंशा को नष्ट करने के लिए क़ानून के सादे शब्दों को विकृत नहीं करना चाहिए: पॉक्सो मामले में 'त्वचा से त्वचा' के फैसले पर जस्टिस रवींद्र भट ने कहा

न्यायमूर्ति भट के फैसले में कहा गया है कि हाईकोर्ट का मंतव्य बच्चे के प्रति अस्वीकार्य व्यवहार को महत्वहीन और वैध बनाता है।सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस विवादास्पद फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए 'त्वचा से त्वचा' (स्किन टू स्किन) का संपर्क आवश्यक है।न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एटर्नी...

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन सिस्टम से मुआवजे के वितरण और मोटर दुर्घटना के दावों के शीघ्र फैसले के संबंध में अतिरिक्त दिशा- निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन सिस्टम से मुआवजे के वितरण और मोटर दुर्घटना के दावों के शीघ्र फैसले के संबंध में अतिरिक्त दिशा- निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऑनलाइन सिस्टम से मुआवजे के वितरण और मोटर दुर्घटना के दावों के शीघ्र फैसले के संबंध में कई निर्देश जारी किए।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने बीमा कंपनी बजाज आलियांज द्वारा दायर रिट याचिका जिसमें मामले में दिशा-निर्देशों की मांग की थी, सुनवाई करते हुए इससे पहले याचिकाकर्ता को निर्देश दिया था कि वह उच्च न्यायालय के पिछले आदेशों के संदर्भ में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष मामलों में तेज़ी से मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के...

कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर प्रचलित अनुकंपा नियुक्ति नीति पर ही विचार किया जाएगा, बाद की नीति पर नहीं : सुप्रीम कोर्ट
कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर प्रचलित अनुकंपा नियुक्ति नीति पर ही विचार किया जाएगा, बाद की नीति पर नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि कर्मचारी की मृत्यु के समय प्रचलित नीति के तहत ही अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए विचार करने की आवश्यकता होगी।न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, "अनुकंपा नियुक्ति के लिए दावा केवल कर्मचारी के निधन की तारीख पर प्रचलित प्रासंगिक योजना के आधार पर तय किया जाना चाहिए और बाद की योजना पर विचार नहीं किया जा सकता है।"इस मामले में मृतक कर्मचारी (जो कार्यालय सहायक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंता, जिला टीकमगढ़, मध्य प्रदेश में चौकीदार के पद पर...

वास्तविक वादियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने से रोकने के लिए  एम्बुश याचिका; अनुच्छेद 32 के तहत पहले की एक रिट याचिका को संक्षिप्त रूप से खारिज करना रेस जुडिकेटा के रूप में काम नहीं करता : सुप्रीम कोर्ट
वास्तविक वादियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने से रोकने के लिए " एम्बुश याचिका; अनुच्छेद 32 के तहत पहले की एक रिट याचिका को संक्षिप्त रूप से खारिज करना रेस जुडिकेटा के रूप में काम नहीं करता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत पहले की एक रिट याचिका को संक्षिप्त रूप से खारिज करना रेस जुडिकेटा के रूप में काम नहीं करता है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा कि मीडिया में एक खुलासे के तुरंत बाद अदालत से खारिज करने का आदेश प्राप्त करने के लिए और वास्तविक वादियों को जनहित में अदालत का दरवाजा खटखटाने से रोकने के लिए खराब तरीके से जनहित याचिका दायर करने की प्रवृत्ति है।अदालत ने कहा कि इसे "एम्बुश जनहित याचिकाओं" की समकालीन वास्तविकता के लिए...

[ गुजरात दंगे ] सबूत इकट्ठा नहीं किए गए, अगर किए तो विश्लेषण नहीं किया गया, जिससे निष्कर्ष निकलता है कि एसआईटी कुछ छिपा रही है : जाकिया जाफरी मामले में सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
[ गुजरात दंगे ] सबूत इकट्ठा नहीं किए गए, अगर किए तो विश्लेषण नहीं किया गया, जिससे निष्कर्ष निकलता है कि एसआईटी कुछ छिपा रही है : जाकिया जाफरी मामले में सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के अन्य उच्च पदाधिकारियों को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता काबिल सिब्बल को सुना।जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच के समक्ष प्रस्तुतियां देते हुए, जाकिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जोर देकर कहा कि इस दुखद घटना के महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एसआईटी द्वारा नहीं की गई...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की रिट याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने याचिका में संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अधिकार क्षेत्र का आह्वान किया था, जिसमें सीबीआई को फाइल नोटिंग, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आंतरिक पत्राचार, कानूनी राय और उससे संबंधित अन्य दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने अनुच्छेद 32 के तहत रिट क्षेत्राधिकार को लागू करने वाली याचिका...

सुप्रीम कोर्ट ने हार्दिक पटेल पर गुजरात से बाहर जाने से पहले अदालत की पूर्व अनुमति लेने की शर्त को माफ किया
सुप्रीम कोर्ट ने हार्दिक पटेल पर गुजरात से बाहर जाने से पहले अदालत की पूर्व अनुमति लेने की शर्त को माफ किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल पर लगाई गई जमानत की उस शर्त को माफ कर दिया, जिसमें उन्हें गुजरात से बाहर जाने से पहले अदालत की पूर्व अनुमति लेनी होगी।न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली पटेल की याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उनके खिलाफ राजद्रोह के मामले में लगाई गई जमानत की शर्त को हटाने से इनकार कर दिया गया था।जबकि बेंच शुरू में केवल याचिका में नोटिस जारी करने के...

सार्वजनिक तौर पर फांसी देने, पॉक्सो त्वचा से त्वचा केस : दो मामले जब अटार्नी जनरल ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी
सार्वजनिक तौर पर फांसी देने, पॉक्सो' त्वचा से त्वचा' केस : दो मामले जब अटार्नी जनरल ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी

सुप्रीम कोर्ट ने आज बॉम्बे उच्च न्यायालय के उस विवादास्पद फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पॉक्सो अधिनियम की धारा 7 के तहत यौन उत्पीड़न का अपराध गठित करने के लिए त्वचा से त्वचा का संपर्क आवश्यक है।न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एस त्रिवेदी की बेंच ने बॉम्बे हाई कोर्ट के विवादित फैसले को चुनौती देते हुए भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल द्वारा दायर एक अपील में फैसला सुनाया।न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट के अपने निर्णयों के...

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई-आईसीएसई छात्रों की कक्षा दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए हाइब्रिड ऑप्शन की मांग खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई-आईसीएसई छात्रों की कक्षा दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए हाइब्रिड ऑप्शन की मांग खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छात्रों द्वारा दायर याचिका खारिज की। याचिका में 18 नवंबर, 2021 को होनी वाली सीबीएसई-आईसीएसई छात्रों की कक्षा दसवीं-बारहवीं की परीक्षा हाइब्रिड मोड में आयोजित करने के लिए तत्काल निर्देश देने की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज की कि सीबीएसई की सत्रीय परीक्षाएं 16 नवंबर से शुरू हो चुकी हैं और कोर्ट इस समय हस्तक्षेप करके प्रक्रिया को बाधित नहीं करेगा।पीठ ने अपने आदेश में यह भी नोट किया कि आईसीएसई की...

परम बीर सिंह कहां हैं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा, फरार अधिकारी को उसके ठिकाने का पता चलने तक कोई सुरक्षा नहीं
'परम बीर सिंह कहां हैं?' सुप्रीम कोर्ट ने कहा, फरार अधिकारी को उसके ठिकाने का पता चलने तक कोई सुरक्षा नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के ठिकाने के बारे में पूछताछ की। उन्हें हाल ही में मुंबई के एक मजिस्ट्रेट ने जबरन वसूली के एक मामले में पेश नहीं होने के बाद भगोड़ा घोषित किया है।न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ परम बीर सिंह द्वारा दायर याचिकाओं पर विचार कर रही थी। इन याचिकाओं में उनके खिलाफ दायर भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के मामलों में सुरक्षा की मांग की गई।न्यायमूर्ति कौल ने मामले की सुनवाई के तुरंत बाद सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ...

हाईकोर्ट के समक्ष उपचार : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार किया
"हाईकोर्ट के समक्ष उपचार" : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति द्वारा दाखिल डिफ़ॉल्ट जमानत के आवेदन पर विचार करने से इनकार कर दिया और कहा कि इस संबंध में उचित उपाय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष होगा। लखनऊ की एक विशेष अदालत ने प्रजापति को डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया था और प्रजापति के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी हिरासत में दे दिया था।ईडी के जोनल कार्यालय ने कथित तौर पर अप्रैल में प्रजापति और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम...

टच या शारीरिक संपर्क को केवल स्किन टू स्किन टच तक सीमित करना बेतुका: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के POCSO फैसले को रद्द किया
'टच' या 'शारीरिक संपर्क' को केवल 'स्किन टू स्किन' टच तक सीमित करना बेतुका: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के POCSO फैसले को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस विवादास्पद फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए 'स्किन टू स्किन' टच आवश्यक है।न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ भारत के महान्यायवादी, राष्ट्रीय महिला आयोग और महाराष्ट्र राज्य द्वारा दायर अपीलों में फैसला सुनाया।सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियांन्यायमूर्ति बेला...

कानून असहमति को दबाने के लिए पूर्व अफसरों ने यूएपीए के प्रावधानों को चुनौती दी, सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया 
"कानून असहमति को दबाने के लिए" पूर्व अफसरों ने यूएपीए के प्रावधानों को चुनौती दी, सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया 

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उन याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया - जो सभी पूर्व आईएएस / आईपीएस / आईएफएस अधिकारी रहे हैं - उन्होंने आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 के विभिन्न प्रावधानों की वैधता को चुनौती दी है।बुधवार को, भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि इसे इसी तरह की याचिका के साथ टैग किया जाए।वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर उदय...

मद्रास हाईकोर्ट
केंद्र सरकार ने जस्टिस एम. दुरईस्वामी की मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को अधिसूचित किया; जब तक जस्टिस भंडारी पद ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक वे इस पद पर बने रहेंगे

केंद्र सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम. दुरईस्वामी की मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को अधिसूचित किया। जब तक न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी उनसे पदभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक वे इस पद पर बने रहेंगे।गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट में अपने हालिया स्थानांतरण के बाद न्यायालय में शामिल होने के बाद न्यायमूर्ति एमएन भंडारी मद्रास उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश बन जाएंगे और इसलिए वह न्यायमूर्ति दुरईस्वामी से एसीजे का पद...

5 स्टार में बैठे लोग किसानों को दोष देते हैं, गैस, उत्सर्जन, हाई फाई कारों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण केस में कहा
"5 स्टार में बैठे लोग किसानों को दोष देते हैं, गैस, उत्सर्जन, हाई फाई कारों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं" : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण केस में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को किसानों को दिल्ली के प्रदूषण में योगदान देने के लिए उनकी दुर्दशा और उनकी परिस्थितियों पर विचार किए बिना दोषी ठहराए जाने के खिलाफ कड़ी मौखिक टिप्पणी की।सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की गई है।किसानों द्वारा पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के प्रतिशत के संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और...

टीवी डिबेट अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं; हर किसी का अपना एजेंडा है: सीजेआई एनवी रमाना
टीवी डिबेट अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं; हर किसी का अपना एजेंडा है: सीजेआई एनवी रमाना

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना ने दिल्ली में वायु प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान टीवी चैनल की डिबेट के बारे में कुछ आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अदालत में कहे गए बयानों को एक एजेंडा के संदर्भ में लेते हैं।सीजेआई ने कहा कि टीवी डिबेट अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं।मुख्य न्यायाधीश ने कहा,"टीवी पर होने वाली डिबेट दूसरों ज्यादा प्रदूषण पैदा कर रहे हैं। वे समझ नहीं पाते हैं। बयानों को संदर्भ से बाहर कर दिया जाता है। हर किसी का अपना एजेंडा है।" सीजेआई ने ये टिप्पणी दिल्ली की...

सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवंबर तक दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई; एनजीटी से नए सिरे से फैसला करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवंबर तक दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई; एनजीटी से नए सिरे से फैसला करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर 26 नवंबर तक रोक लगाई और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को नए सिरे से कार्रवाई की वैधता तय करने का निर्देश दिया।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने 6 अक्टूबर, 2021 को पारित नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ एनजीओ 'सिटिजन्स फॉर दून' द्वारा दायर एक अपील में आदेश पारित किया, जिसने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।एनजीओ ने दावा किया कि परियोजना के लिए 11,000 से अधिक...

लखमीपुर खीरी केस : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को घटना की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया
लखमीपुर खीरी केस : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को घटना की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को लखमीपुर खीरी हिंसा घटना की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया। लखमीपुर खीरी में 3 अक्टूबर की घटना में 4 किसानों सहित 8 लोगों की जान गई थी। कथित रूप से यह दावा किया गया था कि केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले के वाहनों से किसानों को कुचल दिया गया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि...

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को यूएपीए के तहत 2 वकीलों और 1 पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले में कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को यूएपीए के तहत 2 वकीलों और 1 पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले में कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि दो वकीलों और एक पत्रकार के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिन पर हाल ही में त्रिपुरा राज्य में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में पुलिस द्वारा उनके सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट को लेकर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की खंडपीठ ने दो वकीलों मुकेश और अंसारुल हक अंसार और पत्रकार श्याम मीरा सिंह द्वारा दायर रिट याचिका में...