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लखमीपुर खीरी केस : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को घटना की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया
लखमीपुर खीरी केस : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को घटना की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को लखमीपुर खीरी हिंसा घटना की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया। लखमीपुर खीरी में 3 अक्टूबर की घटना में 4 किसानों सहित 8 लोगों की जान गई थी। कथित रूप से यह दावा किया गया था कि केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले के वाहनों से किसानों को कुचल दिया गया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि...

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को यूएपीए के तहत 2 वकीलों और 1 पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले में कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को यूएपीए के तहत 2 वकीलों और 1 पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले में कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि दो वकीलों और एक पत्रकार के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिन पर हाल ही में त्रिपुरा राज्य में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में पुलिस द्वारा उनके सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट को लेकर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की खंडपीठ ने दो वकीलों मुकेश और अंसारुल हक अंसार और पत्रकार श्याम मीरा सिंह द्वारा दायर रिट याचिका में...

[दिल्ली प्रदूषण] मीडिया में मेरे खिलाफ गलत बयान चलाया जा रहा कि मैंने पराली जलाने पर कोर्ट को गुमराह किया: सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने बताया
[दिल्ली प्रदूषण] 'मीडिया में मेरे खिलाफ गलत बयान चलाया जा रहा कि मैंने पराली जलाने पर कोर्ट को गुमराह किया': सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने बताया

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के बिगड़ते वायु प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बुधवार को बताया कि वायु प्रदूषण में पराली जलाने में योगदान के बारे में सोमवार को दिए गए उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से चलाया गया। इस संबंध में उनके खिलाफ "गैर जिम्मेदाराना और भद्दे बयान" दिए गए।मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना के नेतृत्व वाली पीठ से सॉलिसिटर जनरल ने कहा,"मुझे शुरुआत में ही कुछ कहना है। मैंने टेलीविजन मीडिया पर अपने खिलाफ कुछ गैर-जिम्मेदार और भद्दे बयान सुने कि...

मोटर वाहन अधिनियम धारा 163 A:  गैर- कमाऊ सदस्य के लिए प्रति वर्ष 15,000 की काल्पनिक आय निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं क्योंकि अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया : सुप्रीम कोर्ट
मोटर वाहन अधिनियम धारा 163 A:  गैर- कमाऊ सदस्य के लिए प्रति वर्ष 15,000 की काल्पनिक आय निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं क्योंकि अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया : सुप्रीम कोर्ट

झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के फैसले से पीड़ित अपीलकर्ता दावेदारों द्वारा दी गई एक दीवानी अपील से निपटने के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार-बार निर्देशों के बावजूद, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया है।न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कुर्वान अंसारी उर्फ ​​कुर्वान अली और अन्य बनाम श्याम किशोर मुर्मू और अन्य मामले में सिविल अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए यह कहा कि,"इस मामले में, यह ध्यान दिया जाना है कि दुर्घटना...

अनुशासनात्मक कार्यवाही में वकील या अपनी पसंद के एजेंट द्वारा प्रतिनिधित्व कराने का अधिकार पूर्ण नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
अनुशासनात्मक कार्यवाही में वकील या अपनी पसंद के एजेंट द्वारा प्रतिनिधित्व कराने का अधिकार पूर्ण नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुशासनात्मक कार्यवाही में किसी वकील या अपनी पसंद के एजेंट द्वारा प्रतिनिधित्व कराने का अधिकार 'पूर्ण अधिकार' नहीं है।कोर्ट ने कहा कि कानूनी रूप से प्रतिनिधित्व करने का ऐसा अधिकार इस बात पर निर्भर करता है कि नियम इस तरह के प्रतिनिधित्व को कैसे नियंत्रित करते हैं। बेंच ने कहा, हालांकि, यदि आरोप गंभीर और जटिल प्रकृति का है, तो वकील या एजेंट के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने के अनुरोध पर विचार किया जाना चाहिए (मामला: अध्यक्ष, भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बनाम एमजे जेम्स)।इस...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
संवैधानिक न्यायालय मंदिर के दैनिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता: तिरुपति मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा

तिरुपति तिरुमाला मंदिर में अनुष्ठानों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए एक भक्त द्वारा दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि संवैधानिक अदालत मंदिर के दैनिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केवल मंदिर प्रशासन से संबंधित मुद्दों को देख सकता है जो निर्धारित नियमों और विनियमों का पालन नहीं करते हैं। लेकिन न्यायालय के लिए कर्मकांडों और सेवा से संबंधित मुद्दों में हस्तक्षेप करना संभव नहीं है।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने पार्टी-इन-पर्सन...

आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट ने सूचना आयोगों में रिक्तियों से संबंधित मामले को जनवरी 2022 तक स्थगित किया
आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट ने सूचना आयोगों में रिक्तियों से संबंधित मामले को जनवरी 2022 तक स्थगित किया

सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई के जनवरी, 2022 के दूसरे सप्ताह तक के ‌लिए स्‍थगित कर दी। भारद्वाज ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फरवरी, 2019 में केंद्रीय सूचना आयोग में पदों और रिक्तियों के सबंध में दिए एक फैसले में जारी निर्देशों को केंद्र सरकार की ओर से अनुपाल की मांग की है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण के अनुरोध पर कोर्ट ने स्थगन स्वीकार कर लिया।जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने कर्नाटक को राज्य सूचना...

केंद्र का सीबीआई पर कोई नियंत्रण नहीं, पश्चिम बंगाल का वाद सुनवाई योग्य नहीं  : एजी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
'केंद्र का सीबीआई पर कोई नियंत्रण नहीं, पश्चिम बंगाल का वाद सुनवाई योग्य नहीं ' : एजी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

भारत के अटार्नी जनरल ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत सामान्य सहमति के वापस लेने के बावजूद सीबीआई द्वारा राज्य में अपराधों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने के खिलाफ दायर मूल वाद सुनवाई योग्य नहीं है।एजी केके वेणुगोपाल ने शीर्ष अदालत को बताया, "प्रतिवादी (भारत संघ) इनमें से किसी भी मुद्दे से संबंधित नहीं है। डीएसपीई अधिनियम नामक एक विशेष अधिनियम है और दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के अधिकारियों को मामले दर्ज करने...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"जमानत देने के लिए सख्त शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान": सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जमानत देने के लिए सख्त शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान है।कोर्ट ने कहा, "हमारा विचार है कि जमानत देने के लिए सख्त शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान है।" न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बीआर गवई की खंडपीठ ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को 20 लाख रुपये नकद जमा करने और जमानत के लिए 20 लाख रुपये की अचल संपत्ति को सिक्योरिटी के रूप में रखने पर जमानत देने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता भारतीय दंड संहिता की धारा 467,...

वाहन की मरम्मत में डीलर/अधिकृत सर्विस सेंटर की सेवा में कमी के लिए वाहन निर्माता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
वाहन की मरम्मत में डीलर/अधिकृत सर्विस सेंटर की सेवा में कमी के लिए वाहन निर्माता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वाहन की मरम्मत में डीलर या अधिकृत सर्विस सेंटर की सेवा में किसी भी कमी के लिए वाहन निर्माता को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है।इस मामले में शिकायतकर्ता ने वर्ष 1999 में एक 'होंडा सिटी' कार खरीदी। 2010 में कार एक दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई और मरम्मत के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर ले जाया गया।निर्माता के साथ-साथ डीलर और सर्विस सेंटर की ओर से कमी का आरोप लगाते हुए जिला फोरम के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिला फोरम ने शिकायत को स्वीकार कर लिया लेकिन यह माना कि निर्माता...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'कल्याणकारी राज्य यह सुनिश्चित करे कि कोई भूख से न मरे' : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को सामुदायिक रसोई पर नीति बनाने का आखिरी मौका दिया

इस बात पर जोर देते हुए कि एक कल्याणकारी राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोई भूख से न मरे, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को अंतिम अवसर के रूप में, विभिन्न राज्य सरकारों से विचार- विमर्श कर सामुदायिक रसोई पर अखिल भारतीय नीति तैयार करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली पीठ ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और लोक प्रशासन मंत्रालय के अवर सचिव द्वारा दायर हलफनामे पर नाखुशी दर्ज की। पीठ ने कहा कि प्रमुख सचिव को हलफनामा...

भारत में साइबर सुरक्षा पर उस तरह ध्यान नहीं दिया गया जैसा कि दिया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हैकिंग, साइबर अपराध, डेटा चोरी से निपटने के लिए दिशानिर्देशों की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित की
'भारत में साइबर सुरक्षा पर उस तरह ध्यान नहीं दिया गया जैसा कि दिया जाना चाहिए': सुप्रीम कोर्ट ने हैकिंग, साइबर अपराध, डेटा चोरी से निपटने के लिए दिशानिर्देशों की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 26 नवंबर, 2021 के लिए हैकिंग, साइबर अपराध, डेटा चोरी और संबद्ध मुद्दों से निपटने के लिए नए दिशानिर्देश तैयार करने की मांग वाली रिट याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा को याचिका की एडवांस कॉपी केंद्र (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) के स्थायी वकील को देने का निर्देश दिया।याचिका में डेटा की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश मांगे गए:1. सोशल मीडिया...

आपराधिक अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि अपीलकर्ता ने सजा काट ली है: सुप्रीम कोर्ट
आपराधिक अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि अपीलकर्ता ने सजा काट ली है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषसिद्धि के खिलाफ अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है कि दोषी अपीलकर्ता ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को पूरा कर लिया है।न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है कि दोषी अपीलकर्ता ने सजा काट ली है।इस मामले में अपीलकर्ता-दोषी द्वारा दायर एक नियमित आपराधिक अपील को पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि अपीलकर्ता के लिए कोई भी पेश नहीं हुआ था। अदालत...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक के रूप में दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को बरकरार रखने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं को खारिज कर दिया।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय और मोहम्मद मुस्तफा की याचिकाओं को खारिज किया, जिन्होंने 7 फरवरी, 2019 को दिनकर गुप्ता को पंजाब डीजीपी नियुक्त करने के आदेश को चुनौती दी थी।पीठ ने 15 सितंबर,2021 को याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया...

सांसदों/ विधायकों के लिए विशेष अदालतें: सुप्रीम कोर्ट परीक्षण करेगा कि क्या मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय मामले सत्र न्यायालय भेजे जा सकते हैं?
सांसदों/ विधायकों के लिए विशेष अदालतें: सुप्रीम कोर्ट परीक्षण करेगा कि क्या मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय मामले सत्र न्यायालय भेजे जा सकते हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौखिक रूप से कहा कि जब कोई क़ानून कहता है कि ट्रायल मजिस्ट्रेट के सामने होना है, तो सुप्रीम कोर्ट की अदालत अनुच्छेद 142 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए यह नहीं कहती कि क़ानून के बावजूद, सत्र न्यायालय द्वारा अधिकार क्षेत्र का प्रयोग किया जाएगा।सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट स्थापित करने का निर्देश देने की...

एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट
एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (13 नवंबर) को माना कि एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस ए एस बोपन्ना ने अपीलकर्ताओं, जजशिप ऑफ मुरादाबाद में तीन स्टेनोग्राफरों द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिनकी नियुक्तियों को शुरू में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा रद्द कर दिया गया था और बाद में डिवीजन बेंच द्वारा इसकी पुष्टि की गई थी।तथ्यात्मक पृष्ठभूमिमामला 1987 का है जब जजशिप ऑफ मुरादाबाद में...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में आठ वकीलों और तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों की फिर से सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 11 नवंबर, 2021 को हुई अपनी बैठक में पुनर्विचार पर निम्नलिखित हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने के लिए अपनी पिछली सिफारिशों को दोहराते हुए प्रस्ताव पारिता लिया है:दिल्ली हाईकोर्ट1. वकील तारा वितस्ता गंजू,2. वकील अनीश दयाल,3. वकील अमित शर्मा, और4. वकील मिनी पुष्करणा।केरल हाईकोर्ट1. वकील शोबा अन्नम्मा ईपेन,2. वकील संजीता कल्लूर अरक्कल, और3. वकील अरविंद कुमार बाबू थावरक्कटिल।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट1. वकील सचिन सिंह राजपूतउपरोक्त के अलावा, कॉलेजियम ने...

देश भर में सड़कों पर 15-20 लाख बच्चे, एनसीपीसीआर का अनुमान; सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को तुरंत पहचान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया
देश भर में सड़कों पर 15-20 लाख बच्चे, एनसीपीसीआर का अनुमान; सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को तुरंत पहचान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया

देश भर में सड़कों पर 15-20 लाख बच्चे, एनसीपीसीआर का अनुमान; सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को तुरंत पहचान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी जिलाधिकारियों / कलेक्टरों को सड़कों पर आ गए बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए एनसीपीसीआर द्वारा 2020 में तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया।बेंच वर्तमान में एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन बच्चों के...