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सुप्रीम कोर्ट ने फैकल्टी भर्ती, रिसर्च डिग्री एडमिशन में आरक्षण नीति का पालन करने के लिए आईआईटी को निर्देश देने की मांग वाली याचिका में नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और आईआईटी को एक रिट याचिका में नोटिस जारी कर सभी 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) को निर्देश देने की मांग की कि वे आईआईटी में अनुसंधान डिग्री कार्यक्रम में प्रवेश और शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण नीति का पालन करें।इस मामले को जस्टिस एलएन राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से डॉ सच्चिदा नंद पांडे (एक भू-तापीय ऊर्जा शोधकर्ता) द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि एससी (15%),...
गवाह की गवाही और मेडिकल साक्ष्य के बीच विसंगति: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की सजा को गंभीर चोट पहुंचाने की सजा के रूप में बदला
सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की मौखिक गवाही और मेडिकल साक्ष्य के बीच विसंगतियों के आधार पर अपीलकर्ताओं की सजा को भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या (एस.302/149) से खतरनाक हथियारों से स्वैच्छिक रूप से गंभीर चोट पहुंचाने (326/149) के रूप में बदल दिया।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीवी नागरत्न की बेंच ने अमर सिंह बनाम पंजाब राज्य पर भरोसा किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक साक्ष्य और चिकित्सा राय के बीच विसंगतियों से संबंधित बिंदु की जांच की गई थी। इस मामले में यह माना गया था कि रिकॉर्ड पर चिकित्सा...
वकीलों ने पूरी तरह से फिजिकल सुनवाई को फिर से शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
प्रैक्टिस करने वाले और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य 114 वकीलों ने 16 मार्च, 2021 से पहले पूरी तरह से फिर से फिजिकल सुनवाई को शुरू करने के लिए एक हस्तक्षेप आवेदन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।वर्चुअल कोर्ट सुनवाई को मौलिक अधिकार घोषित करने की मांग करते हुए ऑल इंडिया ज्यूरिस्ट एसोसिएशन द्वारा दायर रिट याचिका में हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया।आवेदन में कहा गया,"परंपरागत रूप से न्याय प्रशासन को वादियों के मामलों और शिकायतों को उनके कानूनी प्रतिनिधियों/अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों द्वारा...
भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 : धारा 17(4) के तहत यदि राज्य अत्यावश्यकता को सही ठहराने में विफल रहता है तो तात्कालिकता खंड की अधिसूचना रद्द की जा सकती है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 17 (4) के तहत तात्कालिकता खंड केवल असाधारण परिस्थितियों में ही लागू किया जा सकता है।भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 17 भूमि अधिग्रहण अधिकारियों को मुआवजे के अवार्ड से संबंधित कार्यवाही समाप्त होने से पहले भूमि पर तत्काल कब्जा करने की शक्ति देती है। धारा 17(4) के अनुसार, प्राधिकरण तत्काल अधिग्रहण के मामले में अधिग्रहण अधिसूचना के लिए धारा 5 ए के तहत भूमि मालिकों की आपत्तियों को सुनने की आवश्यकता को समाप्त कर सकता है।हामिद अली खान...
दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब होने का इंतजार न करें, वैज्ञानिक मॉडल के आधार पर अग्रिम उपाय करें : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के वायु गुणवत्ता संकट के संबंध में विभिन्न मौसमों में हवा के पैटर्न के अनुमान और वायु प्रदूषण के स्तर के आधार पर तैयार वैज्ञानिक मॉडल के आधार पर अग्रिम उपाय किए जाने चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कदम उठाने की मांग करने वाले एक मामले की सुनवाई कर रही थी।पीठ ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण संकट से...
सीएमए एग्जाम: सुप्रीम कोर्ट में ऑनलाइन मोड और कॉस्ट अकाउंटिंग एग्जाम के पैटर्न में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इंस्टिट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) द्वारा 8 दिसंबर को ऑनलाइन आयोजित की जाने वाली इंटरमीडिएट और फाइनल CMA परीक्षाओं के पैटर्न और मोड को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई।याचिकाकर्ताओं ने इंटरमीडिएट और फाइनल एग्जाम, 2021 को असंवैधानिक और शून्य के रूप में रद्द करने की मांग की है, क्योंकि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन करता है, इसलिए यह शुरू से ही शून्य है।याचिकाकर्ताओं ने ICMAI को इंटरमीडिएट और फाइनल एग्जाम, 2021 को ऑफलाइन मोड...
अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए आरोप अफवाहों पर आधारित: परमबीर सिंह के वकील ने जांच आयोग से कहा
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के वकील ने मंगलवार को जांच आयोग से कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप अपवाहों पर आधारित है और इसलिए अगर उन्होंने गवाह के रूप में गवाही दी तो भी इसका कोई मूल्य नहीं होगा।परम बीर सिंह का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ ने देशमुख के खिलाफ सिंह के भ्रष्टाचार के आरोपों की सत्यता की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय न्याय आयोग (सेवानिवृत्त) केयू चांदीवाल के समक्ष यह प्रस्तुत किया।अधिवक्ता...
" इतने सारे दस्तावेज दाखिल करने का क्या मतलब है? यह मामले को घसीटने या जजों को प्रताड़ित करने के लिए है? " सीजेआई ने अमेज़ॅन-फ्यूचर विवाद मामले में कहा
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने मंगलवार को अमेज़ॅन-फ्यूचर विवाद से संबंधित मामलों में पक्षकारों द्वारा दायर दस्तावेजों की भारी मात्रा पर नाराज़गी व्यक्त की।CJI रमाना ने टिप्पणी की, " यह कहते हुए खेद है, इतने सारे दस्तावेज दाखिल करने का क्या मतलब है? यह मामले को घसीटने या अन्यथा न्यायाधीशों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से है? क्या इतने सारे दस्तावेज दाखिल करने का कोई अन्य उद्देश्य है? क्या बात है?" भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने पक्षों...
तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का विधेयक 29 नवंबर को लोकसभा में पेश किया जाएगा
तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने का विधेयक 29 नवंबर को लोकसभा में पेश किया जाएगा, जब संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा।29 नवंबर के लिए लोकसभा के लिए प्रकाशित सूची से पता चला है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए "द फार्म लॉज रिपील बिल 2021" शीर्षक वाला बिल - (1) किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020; (2) आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020; और (3)कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020, 29 नवंबर को पेश किया जाएगा।सितंबर...
सिविल कोर्ट शहरी भूमि सीलिंग एक्ट के तहत पारित आदेशों को अवैध या गैर-स्थायी घोषित नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सिविल कोर्ट के पास ऐसी जमीन जो कि सीलिंग कार्यवाही, शहरी भूमि (सीमा और विनियमन) अधिनियम, 1976 का विषय है, उससे संबंधित मुकदमा चलाने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। अदालत ने कहा कि सिविल कोर्ट यूएलसी एक्ट के तहत अधिकारियों द्वारा पारित आदेशों को अवैध या गैर-स्थायी घोषित नहीं कर सकती है।इस मामले में वादी ने शहरी भूमि (सीमा और विनियमन) अधिनियम, 1976 के तहत एक अधिसूचना के खिलाफ इस आधार पर मुकदमा दायर किया कि शहरी भूमि (सीमा और विनियमन) निरसन अधिनियम 1999 के लागू होने से पहले...
सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव स्थगित करने से इनकार किया; शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा स्थानीय निकाय चुनाव को स्थगित करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। टीएमसी सदस्यों के खिलाफ हिंसा और धमकी के कथित कृत्यों के कारण उक्त याचिका दायर की गई थी। उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा स्थानीय निकाय चुनाव 25 नवंबर को प्रस्तावित है।हालांकि, अदालत ने त्रिपुरा पुलिस को मतदान के सुचारू संचालन और परिणामों की घोषणा के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निर्देश जारी किए।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने कहा, "चुनाव...
योग्यता सेवा में छूट देने के लिए सक्षम प्राधिकारी को निर्देश देने के लिए परमादेश की रिट जारी नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (22 नवंबर 2021) को दिए एक फैसले में कहा कि पदोन्नति के लिए योग्यता सेवा में छूट देने के लिए सक्षम प्राधिकारी को निर्देश देने के लिए परमादेश की रिट (mandamus) जारी नहीं की जा सकती।इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुख्य अभियंता (सिविल) स्तर- II के पद पर पदोन्नति के लिए रिट याचिकाकर्ताओं के नाम सहित अधीक्षण अभियंता (सिविल) की पात्रता सूची तैयार करने के लिए सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिया, जिसमें उन्हें यूपी सरकारी सेवक पदोन्नति नियमावली, 2006 के अनुसार सेवा की...
एनईईटी- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशिष्ट छूट का पालन ईमानदारी से करने के लिए बाध्य : सुप्रीम कोर्ट
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, "एनटीए को यह याद रखना चाहिए कि कानून के तहत सभी प्राधिकरण जिम्मेदारी के अधीन हैं और सबसे ऊपर जवाबदेही की भावना के अधीन है। यह कानून के शासन और निष्पक्षता का पालन करने की आवश्यकता द्वारा शासित है। एक जांच निकाय के रूप में, एनटीए ईमानदारी से बाध्य है कि वो परीक्षा के लिए दिशानिर्देशों को लागू करें जो दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशिष्ट छूट प्रदान करते हैं।"न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ डिस्ग्राफिया से पीड़ित एक छात्रा की...
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के 2015 के तांती/ ततवा जाति को अति पिछड़ा वर्ग से हटाने और अनुसूचित जाति में शामिल करने के फैसले के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार सरकार के 2015 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका में नोटिस जारी किया, जिसमें तांती/ ततवा जिसे पान/सवासी के पर्याय के रूप में घोषित किया गया था, जो कि अनुसूचित जाति की सूची में है, और तांती/ततवा को अति पिछड़ा वर्ग का सूची से हटा दिया गया है।विशेष अनुमति याचिका में नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने निर्देश दिया है कि सभी नियुक्तियां इन कार्यवाही के परिणाम के अधीन होंगी।वर्तमान विशेष अनुमति याचिका में पटना उच्च...
सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नए आधिकारिक आवासों के लिए सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्लॉट 1 के भूमि उपयोग को बदलने के खिलाफ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस रिट याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नए आधिकारिक आवासों के निर्माण के लिए सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्लॉट 1 के भूमि उपयोग को "मनोरंजक" से "आवासीय" में बदलने के प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने राजीव सूरी द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिन्होंने पहले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की अधिसूचनाओं को असफल तरीके से चुनौती दी थी।नवीनतम याचिका में,...
मध्यस्थता अधिनियम की धारा 33 के तहत दायर आवेदन पर मध्यस्थ किसी मध्यस्थता अवार्ड को संशोधित नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 33 के तहत दायर एक आवेदन पर मध्यस्थ किसी मध्यस्थता अवार्ड को संशोधित नहीं कर सकता है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि केवल अंकगणितीय और / या लिपिकीय त्रुटि के मामले में, अवार्ड को संशोधित किया जा सकता है और ऐसी त्रुटियों को केवल ठीक किया जा सकता है।इस मामले में, मध्यस्थ ने एक पक्ष को निर्देश दिया कि वह दावेदार को 3648.80 ग्राम शुद्ध सोना वापस करने के लिए 18% प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ 24.07.2004 से और सोने की...
मूल्य के भुगतान के बिना निष्पादित बिक्री विलेख अमान्य है; इसका कोई कानूनी प्रभाव नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कीमत का भुगतान बिक्री का एक अनिवार्य हिस्सा है।न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति अभय एस. ओका ने की पीठ ने कहा कि यदि अचल संपत्ति के संबंध में एक बिक्री विलेख कीमत के भुगतान के बिना निष्पादित किया जाता है और यदि इसमें भविष्य की तारीख में कीमत के भुगतान के लिए व्यवस्था नहीं की जाती है, तो यह कानून की नजर में बिक्री नहीं है।कोर्ट ने यह भी कहा कि एक दस्तावेज जो वैध नहीं है, उसे एक घोषणापत्र का दावा करके चुनौती देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उक्त याचिका को समानांतर...
'मानवीय दृष्टिकोण से निपटें': सुप्रीम कोर्ट ने IIT बॉम्बे को दलित छात्र को समायोजित करने के लिए कहा, समय पर शुल्क का भुगतान न करने के कारण नहीं हो पाया था उसका एडमिशन
सुप्रीम कोर्ट ने यह देखते हुए कि यह न्याय का एक बड़ा उपहास होगा यदि एक युवा दलित छात्र को केवल ऑनलाइन शुल्क भुगतान की प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटियों के कारण IIT की सीट से वंचित कर दिया जाता है, सोमवार को अनुच्छेद 142 के तहत एक असाधारण निर्देश पारित किया कि IIT, बॉम्बे में छात्र के लिए आवंटित सीट उसे दी जाए।कोर्ट ने ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JOSAA) को छात्र के लिए एक अतिरिक्त सीट निर्धारित करने का निर्देश दिया और पार्टियों को इस आदेश की प्रमाणित प्रति पर कार्रवाई करने और 48 घंटों के भीतर...
"राज्य में 12 रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं, राष्ट्र विरोधी गतिविधि में लिप्त होने और ISIS से जुड़े होने का अब तक कोई मामला नहीं" : केरल राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
केरल राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि वर्तमान में राज्य में 12 रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं, जिनमें 2 परिवार शामिल हैं और 2 नवजात बच्चे भी शामिल हैं जो वायनाड जिले के मुत्तिल में रह रहे हैं। राज्य ने शीर्ष न्यायालय को सूचित किया कि रोहिंग्याओं के किसी राष्ट्र विरोधी गतिविधि में लिप्त होने का कोई मामला नहीं है और राज्य में रोहिंग्याओं के आईएसआई या आईएसआईएस से जुड़े होने की कोई घटना सामने नहीं आई है।यह प्रस्तुत किया गया है कि पिछले 5 वर्षों की अवधि के दौरान, राज्य में रोहिंग्या या अवैध...
'आपके मुख्यमंत्री को कुछ नहीं पता?': सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को COVID-19 मुआवजे की प्रक्रिया पर फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को COVID-19 मौतों के लिए अनुग्रह मुआवजे के वितरण के लिए एक जांच समिति गठित करने के लिए गुजरात सरकार को फटकार लगाई।न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने 18 नवंबर को कहा था कि जांच समिति का गठन गौरव कुमार बंसल बनाम भारत संघ के मामले में फैसले में पारित "निर्देशों को खत्म करने का प्रयास" प्रतीत होता है।सोमवार को गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुरू में प्रस्तुत किया कि अदालत के निर्देश के अनुसार एक संशोधित प्रस्ताव जारी किया गया...















