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स्कूल
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में छात्रों के माता-पिता को ऑब्जर्वेशन की अनुमति देने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस रवींद्र भट की पीठ ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में माता-पिता के ऑब्जर्वेशन से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई की।जनहित याचिका एडवोकेट एम. पुरुषोत्तमन की तरफ से दायर की गई थी, जिन्होंने माता-पिता के लिए देश भर के सभी स्कूलों में छात्रों को बारी-बारी से ऑब्जर्वेशन के लिए दिशा-निर्देश मांगे थे।याचिकाकर्ता ने कहा कि स्कूल सुरक्षा के मुद्दों से निपटने के लिए तीन सार्वभौमिक सुझाव दिए गए थे।उन्होंने कहा कि समाधानों में स्कूलों में...

आप प्रदूषण बढ़ाना क्यों चाहते हैं ? : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा
"आप प्रदूषण बढ़ाना क्यों चाहते हैं ?" : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली भाजपा सांसद मनोज तिवारी की याचिका पर विचार करते हुए दिल्ली में प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील शशांक शेखर झा से पूछा,"आप एनसीआर के स्थायी निवासी हैं, है ना? आप प्रदूषण क्यों बढ़ाना चाहते हैं?"वकील ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध कोई समाधान नहीं है और कम से कम ग्रीन पटाखों की अनुमति दी जानी चाहिए।पीठ ने पूछा,"क्या आपने दिवाली के बाद की स्थिति देखी है?"अंतत: पीठ ने मामले...

एससीबीए कार्यकारी समिति ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के खिलाफ पत्र की निंदा की, शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की
एससीबीए कार्यकारी समिति ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के खिलाफ पत्र की निंदा की, शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने एक राशिद खान पठान द्वारा प्रसारित उस पत्र की कड़ी निंदा की है, जिसमें डॉक्टर जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ को "अपमानित" करते हुए उन पीआर आरोप लगाए गए हैं।जस्टिस चंद्रचूड़ भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं।उक्त पत्र में आरोप लगाया गया है कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने एक मामले में कुछ आदेश पारित किए थे जो किसी तरह से बॉम्बे के हाईकोर्ट के समक्ष कार्यवाही से जुड़े हुए थे, जिसमें उनका बेटा पेश हुआ था।पठान ने यह भी आरोप लगाया कि जस्टिस चंद्रचूड़...

सुप्रीम कोर्ट ने यति नरसिंहानंद की कोर्ट पर की गई अपमानजनक टिप्पणी वाले साक्षात्कार के टेप पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने यति नरसिंहानंद की कोर्ट पर की गई अपमानजनक टिप्पणी वाले साक्षात्कार के टेप पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यति नरसिंहानंद के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर विचार करते हुए याचिकाकर्ता को यति नरसिंहानंद के उस साक्षात्कार के टेप पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जिसमें अदालत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई थी।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की पीठ एक्टिविस्ट शची नेल्ली द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी।उन्होंने भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल द्वारा जनवरी 2022 में न्यायपालिका पर उनकी टिप्पणी के लिए यती...

सोने की तस्करी मामले की सुनवाई ट्रांसफर करने के लिए ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को नोटिस जारी किया
सोने की तस्करी मामले की सुनवाई ट्रांसफर करने के लिए ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 20 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी, जिसमें केरल से सोने की तस्करी मामले में मुकदमे को ट्रांसफर करने की मांग की गई है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने ईडी की याचिका में केरल राज्य द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार कर लिया और राज्य को नोटिस जारी किया। राज्य को इस शुक्रवार तक अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई। पीठ ने कहा कि वह अगली सुनवाई की तारीख में मामले का निपटारा करेगी।ईडी ने...

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
जस्टिस चंद्रचूड़ ने नागरिकों के कष्टों को कम करने में कोई कसर नहीं रखीः अवध बार एसोसिएशन ने उनके खिलाफ लिखे पत्र की निंदा की

अवध बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को बदनाम करने की कोश‌िशों की निंदा की है।एसोसिएशन के अध्यक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू को लिखे पत्र में ‌आरके पठान नामक शख्स द्वारा जस्टिस चंद्रचूड़ के खिलाफ लिखे गए पत्र को निंदनीय, प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण प्रयास बताया।पठान के कृत्य की निंदा करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके चौधरी ने राष्ट्रपति मुरमू से अनुरोध किया है कि वे जस्टिस चंद्रचूड़ को बदनाम करने के प्रयास में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के जजों के फैसलों की जांच और मैरिट का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा आज जारी किए गए बयान में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के जजों के फैसलों की जांच के लिए एक प्रक्रिया शुरू की है, जो सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए विचाराधीन हैं।कॉलेजियम ने एक ऑब्जेक्टिव मानदंड पर उम्मीदवारों की मैरिट का आकलन करने के लिए भी प्रक्रिय शुरू की है। हालांकि, उद्देश्य मानदंड के सटीक पैरामीटर ज्ञात नहीं हैं।भारत के चीफ जस्टिस यूयू ललित के नेतृत्व में 26 सितंबर को हुई कॉलेजियम की बैठक में पहली बार इस प्रक्रिया को पेश किया गया...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने तलाक-ए-बाइन और तलाक-ए-किनाया को असंवैधानिक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तलाक-ए-बाइन (Talaq-e-Bain) और तलाक-ए-किनाया (Talaq-e-Kinaya) को असंवैधानिक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।अदालत तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन से जुड़ी याचिकाओं के साथ कल सुनवाई करेगी।तलाक-ए-किनाया और तलाक-ए-बाइन की वैधता और एकतरफा अतिरिक्त-न्यायिक तलाक के सभी रूपों को चुनौती देते हुए एक महिला डॉक्टर सैयदा अमरीन ने दायर की है।जनहित याचिका (पीआईएल) ने केंद्र को सभी नागरिकों के लिए लिंग तटस्थ, धर्म तटस्थ, तलाक के समान आधार और तलाक की एक समान प्रक्रिया...

धर्म संसद
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म संसद में हेट स्पीच मामले में अवमानना का आरोप लगाने वाली याचिका पर उत्तराखंड, दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने धर्म संसद (Dharma Sansad) में हेट स्पीच (Hate Speech) मामले में अवमानना का आरोप लगाने वाली याचिका पर उत्तराखंड, दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।डीजीपी, उत्तराखंड पुलिस और डीजीपी, दिल्ली पुलिस द्वारा उत्तराखंड राज्य में धर्म संसद में प्रमुख व्यक्तियों द्वारा दिए गए हेट स्पीच और दिल्ली में हिंदू युवा वाहिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के में दिए गए हेट स्पीच से संबंधित मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की गई थी।कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
क्या किसी जानवर को राष्ट्रीय पशु घोषित करना कोर्ट का काम है? सुप्रीम कोर्ट ने गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु (National Animal) घोषित करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।याचिका में गायों की रक्षा करने की भी मांग की गई थी।जस्टिस एसएस कौल और जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को याचिका वापस लेने की अनुमति दी।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि भारत सरकार के लिए गायों की सुरक्षा बहुत जरूरी है।कोर्ट ने कहा,"क्या किसी जानवर को राष्ट्रीय पशु घोषित करना अदालत का काम है? आप ऐसी याचिकाएं क्यों दायर करते हैं...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
ब्रेकिंग- दो जजों ने प्रक्रिया पर आपत्ति जताई, 30 सितंबर की बैठक खारिज की जाती है: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बयान जारी किया

30 सितंबर को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक को लेकर अटकलों के बीच कॉलेजियम के सदस्यों द्वारा एक संयुक्त बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि केंद्रीय कानून मंत्री द्वारा भारत के चीफ जस्टिस यूयू ललित (CJI UU Lalit) को 7 अक्टूबर में लिखे गए पत्र के मद्देनजर अपने उत्तराधिकारी घोषित करने को लेकर उक्त बैठक खारिज की जाती है। जारी बयान में कहा गया,"ऐसी परिस्थितियों में, आगे कोई कदम उठाने की जरूरत नहीं है और 30 सितंबर, 2022 को बुलाई गई बैठक में बिना किसी विचार-विमर्श के बंद कर दिया जाता...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyender Jain) द्वारा दायर याचिका को कल सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने जैन की जमानत याचिका को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने को बरकरार रखा था।सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कल मामले की तुरंत सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस यूयू ललित के समक्ष मामले का उल्लेख किया।सीजेआई कल मामले को पहले आइटम के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हुए। 22 सितंबर को, दिल्ली के पटियाला...

सिटीजन्स कमेटी
2020 के दंगों के मामलों की जांच करने में दिल्ली पुलिस की विफलता, हेट स्पीच देने वालों की भूमिका को नजरअंदाज किया: सिटीजन्स कमेटी की रिपोर्ट

पूर्व न्यायाधीशों और सेवानिवृत्त सिविल सेवक की सिटीजन्स कमेटी द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने दिल्ली पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार को फरवरी में 2020 उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से निपटने में उनकी विफलता के लिए दोषी ठहराया है।'अनिश्चित न्याय: उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा 2020 पर सिटीजन्स कमेटी की रिपोर्ट' शीर्षक वाली रिपोर्ट कमेटी ने जारी। इसमें पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर (पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज), जस्टिस एपी शाह (पूर्व सीजे दिल्ली हाईकोर्ट), जस्टिस आर.एस. सोढ़ी...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर मुंबई नगर निगम को तटीय सड़क परियोजना से संबंधित विकास कार्य करने की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ग्रेटर मुंबई नगर निगम द्वारा दायर एक आवेदन को आंशिक रूप से अनुमति दी, जिसमें मुंबई तटीय सड़क परियोजना से संबंधित कुछ कार्य करने की अनुमति के लिए पहले के अंतरिम आदेश में संशोधन की मांग की गई थी।उक्त तटीय सड़क परियोजना एक बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसे 'दक्षिण और उत्तरी मुंबई को निर्बाध रूप से जोड़ने' के लिए विकसित किया जा रहा है। यह लगभग 29 किलोमीटर लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जो दक्षिण में मरीन लाइन्स को उत्तर में कांदिवली से जोड़ेगा। वर्तमान में मरीन...

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
जस्टिस चंद्रचूड़ पर देश को पूरा विश्वास: बीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ पत्र को दुर्भावनापूर्ण और निराधार बताया

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की छवि खराब करने के लिए "निहित स्वार्थ वाले कुछ लोगों" द्वारा किए गए प्रयासों की निंदा की है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं।जस्टिस चंद्रचूड़ के खिलाफ आरोप लगाने वाले राशिद खान पठान द्वारा प्रसारित एक पत्र की निंदा करते हुए बीसीआई ने कहा,"यह न्यायपालिका के कामकाज और न्याय के प्रशासन में हस्तक्षेप करने के लिए एक घृणित और दुर्भावनापूर्ण प्रयास के अलावा कुछ भी नहीं...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
क्या वित्त अधिनियम के तहत कर्मचारियों को अस्‍थायी स्‍थानंतरण पर दिया जाने वाला वेतन कर योग्य सेवा? सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक सीमित मुद्दे पर विचार के लिए एक याचिका में एक नोटिस जारी किया कि क्या कर्मचारियों अस्‍थायी स्‍थानांतरण (Secondment) पर दिया गया वेतन वित्त अधिनियम, 1994 की धारा 65 (105) (के) के तहत कर योग्य सेवा है।जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस जेके माहेश्वरी ने रजिस्ट्री को सेवा कर आयुक्त, दिल्ली-IV बनाम मेसर्स नॉर्टेल नेटवर्क्स इंडिया प्रा लिमिटेड नामक एक अन्य याचिका के साथ याचिका को सूचीबद्ध करने और टैग करने का निर्देश दिया। पहली याचिका में इसी मुद्दे को उठाया गया है और वह...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
मोटर दुर्घटना दावा - अविवाहित की मृत्यु के मामले में आश्रितों की उम्र के बजाय मृतक की उम्र गुणक का आधार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि किसी अविवाहित की मृत्यु के मामले में आश्रितों की उम्र के बजाय मृतक की उम्र गुणक का आधार है। यह आदेश जस्टिस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने पारित किया।यह मुद्दा हाईकोर्ट के एक फैसले से संबंधित है, जिसके तहत अपीलकर्ता (ओं) दावेदारों को देय मुआवजे को कम कर दिया गया था। उनके बेटे को मोटरसाइकिल दुर्घटना में घातक चोटें आई थीं, जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। पहले उदाहरण में, ट्रिब्यूनल 3,683/- प्रति माह का आंकड़ा दिया था, जिसके आधार पर यह मानते हुए कि उपयुक्त...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
परिस्थितिजन्य साक्ष्य के मामले में, अभियोजन पक्ष पर अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने का गंभीर दायित्व होता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में दोहराया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर विचार करते हुए मामले को उचित संदेह से परे साबित करना अभियोजन पक्ष अहम कर्तव्य है।चीफ ज‌स्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा,"परिस्थितिजन्य साक्ष्य के मामले में, न्यायालय को प्रत्येक परिस्थितिजन्य संभावना की जांच करनी होती है, जिसे साक्ष्य के रूप में उसके सामने रखा जाता है और साक्ष्य को केवल एक निष्कर्ष की ओर इशारा करना चाहिए, जो आरोपी का अपराध है। दूसरे शब्दों में, उचित संदेह से परे अपने...