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दिल्ली के विरासत स्मारकों के संरक्षण की निगरानी करेगा सुप्रीम कोर्ट, शेख अली गुमटी मामले का दायरा बढ़ा
दिल्ली के विरासत स्मारकों के संरक्षण की निगरानी करेगा सुप्रीम कोर्ट, शेख अली 'गुमटी' मामले का दायरा बढ़ा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत स्थलों के रखरखाव और संरक्षण की निगरानी करना चाहता है, क्योंकि कई ऐसे स्मारक सरकारी लापरवाही के कारण उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।यह टिप्पणी कोर्ट ने लोदी कालीन शेख अली 'गुमटी', जो लगभग 500 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मकबरा है, उससे जुड़े अवैध अतिक्रमण के मामले की सुनवाई के दौरान की।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन. के. सिंह की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।शेख अली 'गुमटी' का मामलागुमटी पर लंबे...

RWA को IBC कार्यवाही में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं, जब तक वह स्वयं वित्तीय लेनदेन की पक्षकार न हो: सुप्रीम कोर्ट
RWA को IBC कार्यवाही में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं, जब तक वह स्वयं वित्तीय लेनदेन की पक्षकार न हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को यह स्पष्ट किया कि रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या होमबायर्स की कोई संस्था कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती, जब तक कि वह स्वयं धनराशि का भुगतान करने वाली इकाई (financial creditor) न हो या सीधे वित्तीय लेनदेन की पक्षकार न हो।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा:“कोई सोसायटी या रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, जो अपने अधिकार में स्वयं लेनदार नहीं है और जिसे IBC के तहत अलॉटीज़ का अधिकृत...

उमीद पोर्टल को लेकर वक्फ मुतवल्ली की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, प्राधिकरण के समक्ष शिकायत रखने की छूट
उमीद पोर्टल को लेकर वक्फ मुतवल्ली की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, प्राधिकरण के समक्ष शिकायत रखने की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उमीद पोर्टल में कथित तकनीकी खामियों को लेकर वक्फ मुतवल्ली द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की स्वतंत्रता दी।चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले में सीधे तौर पर रिट याचिका पर विचार करने का कोई आधार नहीं बनता।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान या स्पष्टीकरण के लिए निर्धारित प्राधिकरण से संपर्क कर...

मुकुल रॉय की विधानसभा की सदस्यता से अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई
मुकुल रॉय की विधानसभा की सदस्यता से अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें मुकुल रॉय को दलबदल कानून के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया था।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश मुकुल रॉय के पुत्र शुभ्रांशु रॉय द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए पारित किया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव को अगली सुनवाई तक स्थगित (abeyance) रखा जाएगा।मामले की पृष्ठभूमिमुकुल रॉय ने 2021 के विधानसभा चुनाव में...

फेक ट्रैफिक चालान SMS का निशाना बने जज जस्टिस एससी शर्मा, साइबर फ्रॉड के खतरे पर जताई चिंता
फेक ट्रैफिक चालान SMS का निशाना बने जज जस्टिस एससी शर्मा, साइबर फ्रॉड के खतरे पर जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने खुलासा किया कि हाल ही में उन्हें SMS के ज़रिए फेक ट्रैफिक चालान भेजकर धोखा देने की कोशिश की गई। जब उन्होंने लिंक पर क्लिक किया तो उन्हें एक ऐसी वेबसाइट पर ले जाया गया, जो बिल्कुल ऑफिशियल वेबसाइट जैसी दिखती थी।यह कहते हुए कि वह फ्रॉड का पता लगाने में कामयाब रहे, जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी की कि अगर जजों को भी ऐसे सुनियोजित फ्रॉड का निशाना बनाया जा रहा है तो आम नागरिकों के लिए खुद को बचाना बहुत मुश्किल होगा।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की...

लंबे समय तक चलने वाले सेवा विवाद नियुक्तियों में बाधा बन रहे हैं: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक आत्ममंथन की जरूरत बताई
लंबे समय तक चलने वाले सेवा विवाद नियुक्तियों में बाधा बन रहे हैं: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक आत्ममंथन की जरूरत बताई

सुप्रीम कोर्ट ने सेवा मामलों से जुड़ी लंबी और बार-बार होने वाली मुकदमेबाजी पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह के विवाद सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं को “लगातार अनिश्चितता” की स्थिति में धकेल रहे हैं।अदालत ने कहा कि न्यायालयों को सेवा नियमों की व्याख्या इस तरह करनी चाहिए, जिससे चयन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके और योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति में अनावश्यक देरी न हो।यह टिप्पणी जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 15 जनवरी को दिए गए फैसले में की।अदालत ने कहा कि...

जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज: जांच समिति गठन को चुनौती देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज: जांच समिति गठन को चुनौती देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। यह समिति उनके आधिकारिक आवास से अघोषित नकदी बरामद होने के आरोपों से जुड़े महाभियोग प्रस्ताव के संदर्भ में गठित की गई थी।यह फैसला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने सुनाया। इस मामले में 8 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा गया था, जब जस्टिस वर्मा की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और...

टैक्स बचाने के लिए किया गया ट्रांजैक्शन: सुप्रीम कोर्ट ने फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील में टाइगर ग्लोबल को इनकम टैक्स में राहत देने से किया इनकार
'टैक्स बचाने के लिए किया गया ट्रांजैक्शन': सुप्रीम कोर्ट ने फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील में टाइगर ग्लोबल को इनकम टैक्स में राहत देने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट की सिंगापुर होल्डिंग कंपनी को वॉलमार्ट को बेचने से जुड़े टैक्स विवाद पर फैसला सुनाया, जिसमें मॉरीशस स्थित टाइगर ग्लोबल संस्थाओं ने इस ट्रांजैक्शन से काफी कैपिटल गेन कमाया था।कोर्ट ने कहा कि अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स ने टाइगर ग्लोबल के उन गेन पर टैक्स लगने के बारे में फैसला मांगने वाले आवेदनों को शुरुआती तौर पर खारिज करके सही किया था, क्योंकि यह पाया गया कि यह ट्रांजैक्शन पहली नज़र में टैक्स बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के...

AP Stamp Act | एग्रीमेंट टू सेल पर स्टैंप ड्यूटी तभी लगेगी, जब उसके साथ पज़ेशन भी दिया जाए: सुप्रीम कोर्ट
AP Stamp Act | एग्रीमेंट टू सेल पर स्टैंप ड्यूटी तभी लगेगी, जब उसके साथ पज़ेशन भी दिया जाए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को फैसला सुनाया कि आंध्र प्रदेश स्टैंप एक्ट के अनुसार, 'बिक्री के एग्रीमेंट' पर स्टैंप ड्यूटी तब तक नहीं देनी होगी, जब तक उसमें पज़ेशन देने की शर्त न हो।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने आंध्र प्रदेश स्टैंप एक्ट के संदर्भ में यह फैसला सुनाया। साथ ही हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि बिक्री का एग्रीमेंट एक तरह का ट्रांसफर है। इसके लिए एक्ट के शेड्यूल I-A के आर्टिकल 47A के एक्सप्लेनेशन I के तहत स्टैंप ड्यूटी और पेनल्टी...

जब मरने से पहले दिए गए बयान के रूप में सीधा सबूत मौजूद हो तो मकसद अहम नहीं: सुप्रीम कोर्ट
जब मरने से पहले दिए गए बयान के रूप में सीधा सबूत मौजूद हो तो मकसद अहम नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को एक आदमी को अपनी पत्नी की हत्या के लिए दोषी ठहराने का फैसला बहाल कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब मरने से पहले दिए गए बयान जैसे साफ और भरोसेमंद सीधे सबूत हों तो मकसद का न होना अभियोजन पक्ष के लिए नुकसानदायक नहीं होता।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए कहा,"मकसद मुख्य रूप से उन मामलों में अहम होता है, जो हालात के सबूतों पर आधारित होते हैं। जहां एक भरोसेमंद और विश्वसनीय मरने से पहले दिए गए बयान के रूप...

क्या न्यायिक सेवा के लिए 3-साल के प्रैक्टिस नियम से दिव्यांग उम्मीदवारों को छूट मिलनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या न्यायिक सेवा के लिए 3-साल के प्रैक्टिस नियम से दिव्यांग उम्मीदवारों को छूट मिलनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ से न्यायिक सेवा में एंट्री के लिए दिव्यांग व्यक्तियों को 3-साल के प्रैक्टिस नियम से छूट देने के मुद्दे पर अपने सुझाव देने को कहा है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच न्यायिक परीक्षाओं में शामिल होने के लिए PwD वकीलों को 3-साल के प्रैक्टिस नियम से छूट देने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।मई, 2025 में सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने यह शर्त बहाल कर दी...

सॉलिसिटर जनरल ने वकीलों के पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपने केस पर चर्चा करने पर आपत्ति जताई, कपिल सिब्बल ने दिया जवाब
सॉलिसिटर जनरल ने वकीलों के पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपने केस पर चर्चा करने पर आपत्ति जताई, कपिल सिब्बल ने दिया जवाब

पश्चिम बंगाल में I-PAC रेड से जुड़ी ED की याचिका की सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वकीलों के पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपने केस के बारे में बात करने पर आपत्ति जताई।सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, जो YouTube पर एक शो होस्ट करते हैं और कुछ ज़रूरी मामलों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, उन्होंने SG का जवाब देते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले, एक बार सुनाए जाने के बाद पब्लिक प्रॉपर्टी बन जाते हैं और उन पर चर्चा की जा सकती है।यह बातचीत तब हुई, जब जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने कोर्ट के नए लागू किए...

क्या अदालत जंतर-मंतर है? : ED की याचिका की सुनवाई में बाधा डालने वाले हंगामे से सुप्रीम कोर्ट चिंतित
"क्या अदालत जंतर-मंतर है?' : ED की याचिका की सुनवाई में बाधा डालने वाले हंगामे से सुप्रीम कोर्ट चिंतित

प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा I-PAC कार्यालय पर की गई छापेमारी में पश्चिम बंगाल सरकार की कथित दखलअंदाजी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आज कलकत्ता हाईकोर्ट में 9 जनवरी को हुई अव्यवस्था (हंगामे) पर गहरी चिंता जताई।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ के समक्ष ED ने बताया कि 9 जनवरी को जब उसका मामला हाईकोर्ट में सूचीबद्ध था, उससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लीगल सेल द्वारा व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर लोगों को कोर्ट में जुटने के लिए कहा गया था।“जब...

ED बनाम ममता बनर्जी | केंद्रीय जांच में राज्य एजेंसियों का हस्तक्षेप गंभीर मुद्दा: सुप्रीम कोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ बंगाल की FIR पर रोक लगाई
ED बनाम ममता बनर्जी | 'केंद्रीय जांच में राज्य एजेंसियों का हस्तक्षेप गंभीर मुद्दा': सुप्रीम कोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ बंगाल की FIR पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर कोलकाता स्थित I-PAC (TMC के राजनीतिक रणनीतिकार) के कार्यालय में की गई छापेमारी में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने इस मामले को “बेहद गंभीर” बताते हुए कहा कि इसमें कानून के शासन और केंद्रीय एजेंसियों की स्वतंत्रता से जुड़े बड़े सवाल शामिल हैं।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने कहा कि...

स्थायी वेजिटेटिव अवस्था में पड़े व्यक्ति से लाइफ सपोर्ट हटाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
स्थायी वेजिटेटिव अवस्था में पड़े व्यक्ति से लाइफ सपोर्ट हटाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें 32 वर्षीय एक व्यक्ति के जीवनरक्षक उपचार (life support) को हटाने की अनुमति मांगी गई है। यह व्यक्ति पिछले 12 वर्षों से अपरिवर्तनीय स्थायी वेजिटेटिव अवस्था (irreversible permanent vegetative state) में है, जब वह एक इमारत से गिर गया था। कोर्ट द्वारा गठित दो मेडिकल बोर्डों ने रिपोर्ट दी है कि उसके ठीक होने की कोई संभावना नहीं है।जस्टिस जे.बी. परडीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ इस मामले में पिता द्वारा...

केरल SIR: सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने पर ECI से विचार को कहा, हटाए गए नाम प्रकाशित करने का निर्देश
केरल SIR: सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने पर ECI से विचार को कहा, हटाए गए नाम प्रकाशित करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्देश दिया कि केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद जारी किए गए ड्राफ्ट मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची को सार्वजनिक कार्यालयों और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) से यह भी कहा कि वह नाम हटाए जाने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने पर विचार करे।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ केरल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही...

Digital Arrest | पीड़ितों का नुकसान बैंकों या टेलीकॉम कंपनियों की लापरवाही से हुआ तो उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा: MHA समिति
Digital Arrest | पीड़ितों का नुकसान बैंकों या टेलीकॉम कंपनियों की लापरवाही से हुआ तो उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा: MHA समिति

“डिजिटल अरेस्ट” घोटालों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान (suo motu) मामले के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इन मामलों के सभी पहलुओं की व्यापक जांच के लिए एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समिति गठित की है।यह समिति गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में कार्य करेगी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), दूरसंचार विभाग (DoT), विदेश मंत्रालय (MEA), वित्तीय सेवाएं विभाग, कानून एवं न्याय मंत्रालय, उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक...

कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़े जाने चाहिए दिव्यांग अधिकार, तभी कार्यस्थल पर सच्ची समानता संभव: सुप्रीम कोर्ट
कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़े जाने चाहिए दिव्यांग अधिकार, तभी कार्यस्थल पर सच्ची समानता संभव: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए, ताकि ऐसे वर्गों के मानवाधिकारों की प्रभावी सुरक्षा हो सके और कार्यस्थल पर वास्तविक समानता सुनिश्चित की जा सके।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग अधिकार केवल कल्याण का विषय नहीं हैं, बल्कि वे मानवाधिकार हैं, जिनका सम्मान और संरक्षण कॉरपोरेट संस्थाओं की जिम्मेदारी है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें...