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BREAKING| 'जन नायकन' फिल्म मामले में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, हाइकोर्ट से 20 जनवरी तक फैसला करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने तमिल फिल्म 'जन नायकन' के निर्माता द्वारा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से फिल्म को तत्काल प्रमाणित कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।कोर्ट ने कहा कि चूंकि यह मामला पहले से ही मद्रास हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष 20 जनवरी को सूचीबद्ध है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने फिल्म निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी की विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हाइकोर्ट की डिवीजन...
महंत नरेंद्र गिरि हत्याकांड में आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत से जुड़े मामले में आरोपी आद्य प्रसाद तिवारी को जमानत दी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने इलाहाबाद हाइकोर्ट के 14 अक्टूबर, 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।आद्य प्रसाद तिवारी को 22 सितंबर, 2021 को प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में दर्ज FIR संख्या 322/2021 के तहत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभ में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा...
RTE Act की कल्पना: जजों और रेहड़ी-पटरी वालों के बच्चे एक साथ पढ़ें, भाईचारे और समानता को बढ़ावा देता है – सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 ( RTE Act) के तहत कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए निजी गैर-अनुदानित स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण की प्रभावी क्रियान्विति भारत की सामाजिक संरचना को बदलने की क्षमता रखती है और इसे एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में देखा जाना चाहिए।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं है, बल्कि समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में उतारने का एक सशक्त माध्यम है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए.एस....
ईमानदार लोक सेवकों की आड़ में भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण : जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A को क्यों असंवैधानिक ठहराया?
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A को असंवैधानिक घोषित करते हुए कहा कि जांच या अन्वेषण शुरू करने से पहले पूर्व स्वीकृति की शर्त कानून के उद्देश्य के ही विपरीत है और यह प्रावधान ईमानदार लोक सेवकों की रक्षा करने के बजाय वास्तव में भ्रष्ट लोक सेवकों को बचाने का काम करता है।अपने पृथक निर्णय में जो कि जस्टिस के.वी. विश्वनाथन के साथ गठित पीठ के विभाजित फैसले का हिस्सा था जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि असली प्रश्न यह नहीं है कि धारा 17A के तहत स्वीकृति कौन...
क्या केंद्र सरकार द्वारा संदिग्ध वोटरों की नागरिकता तय होने तक वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने SIR सुनवाई में ECI से पूछा
राज्यों में चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) से पूछा कि क्या किसी व्यक्ति का वोट देने का अधिकार तब तक छीना जा सकता है, जब तक केंद्र सरकार नागरिकता का सवाल तय नहीं कर लेती।बेंच की ओर से यह सवाल ECI की इस दलील के जवाब में आया कि वह नागरिकता के मामले में 'जांच-पड़ताल' करने में सक्षम है। ECI ने यह भी कहा कि अगर कोई संदिग्ध मामला केंद्र सरकार के पास रेफरेंस के लिए पेंडिंग है, तब भी उसे रोल से...
आवारा कुत्ते सड़कों पर अनाथ बच्चों की रक्षा करते हैं, उन्हें सुरक्षित महसूस कराते हैं: सुप्रीम कोर्ट में वकील की दलील
आवारा कुत्तों के मामले में हस्तक्षेपकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील दी कि आवारा कुत्ते अनाथ बच्चों की "सड़कों पर आखिरी सुरक्षा पंक्ति" के तौर पर रक्षा करते हैं, और इसलिए, उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए। वकील ने सुझाव दिया कि कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने के बजाय, अधिकारियों को अनाथों को शेल्टर देने की कोशिश करनी चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई 20 जनवरी को दोपहर 2 बजे जारी रहेगी।अनाथ और कमजोर बच्चों का पक्ष रखते हुए...
सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों में 25% RTE कोटा को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, राज्यों को नियम बनाने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 12(1)(c) को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कई निर्देश जारी किए, जिसमें अनिवार्य है कि प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को अपनी कुल संख्या का 25% मुफ्त शिक्षा के लिए एडमिशन देना होगा।कोर्ट ने कहा कि "पड़ोस के स्कूलों" की अवधारणा वर्ग, जाति और लिंग की बाधाओं को तोड़ने के लिए बनाई गई।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने फैसला सुनाते हुए इस बात पर जोर दिया...
नामांकित व्यक्ति (Nominee) को जीपीएफ राशि पाने के लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी ने अपने General Provident Fund (GPF) खाते में किसी व्यक्ति को वैध रूप से नामांकित (nominee) किया है, तो उस नामांकित व्यक्ति को पूरी राशि पाने के लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate), प्रोबेट या लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी — भले ही राशि ₹5,000 से अधिक क्यों न हो।जस्टिस मनोज मिश्र और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला दिया।कोर्ट ने क्या...
ससुर की मृत्यु के बाद विधवा बहू भी उसकी संपत्ति से भरण-पोषण की हकदार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि जो बहू अपने ससुर की मृत्यु के बाद विधवा होती है, वह भी अपने ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण पाने की अधिकारी है। यह अधिकार हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत मिलता है।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस. वी. एन. भट्टी की खंडपीठ ने यह स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 21(vii) में प्रयुक्त शब्द “पुत्र की कोई भी विधवा” (any widow of his son) बिल्कुल स्पष्ट है और इसमें यह शर्त नहीं है कि पुत्र की मृत्यु ससुर से पहले हुई हो। इसलिए यह तय करना कि...
Order XXI Rule 102 CPC | मुकदमे के दौरान संपत्ति खरीदने वाले को डिक्री के एग्जीक्यूशन में रुकावट डालने का कोई अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कहा कि जो खरीदार मुकदमे के दौरान संपत्ति खरीदता है, यानी ट्रांसफर पेंडेंटे लाइट के तौर पर उसे डिक्री के एग्जीक्यूशन में रुकावट डालने का कोई अधिकार नहीं है और वह कार्यवाही के नतीजे से बंधा रहता है, और ट्रांसफर को सख्ती से डिक्री के अधीन माना जाएगा।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा, जिसमें एक ट्रांसफर पेंडेंटे लाइट द्वारा दायर अपील खारिज कर दी गई थी। उसने सिविल प्रोसीजर कोड (CPC) के ऑर्डर XXI नियम 97 के तहत स्पेसिफिक...
सुप्रीम कोर्ट ने NIA से कश्मीरी अलगाववादी शब्बीर शाह को टेरर फंडिंग केस में हिरासत में रखने को सही ठहराने के लिए 'ठोस सबूत' दिखाने को कहा
टेरर फंडिंग केस में कश्मीरी अलगाववादी शब्बीर अहमद शाह की ज़मानत याचिका पर विस्तार से सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह 10 फरवरी को उनकी ज़मानत पर फैसला लेगा।कोर्ट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से सह-आरोपी वानी के बयानों पर निर्भरता के बारे में यह देखते हुए सवाल किया कि उसे उसी आरोप में बरी कर दिया गया था जिस पर एजेंसी ने शाह को गिरफ्तार किया था।जस्टिस संदीप मेहता ने टिप्पणी की,"हम मामले की संवेदनशीलता को समझते हैं। लेकिन हम उपलब्ध तथ्यों से आंखें नहीं मूंद सकते। पहली नज़र में हम...
भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए युवा पीढ़ी अवैध संपत्ति को ठुकराए: जस्टिस बी.वी. नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने देश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से अपील की है कि वे अपने माता-पिता या अभिभावकों द्वारा अवैध या भ्रष्ट साधनों से अर्जित संपत्ति को अस्वीकार करें। उन्होंने कहा कि यदि युवा ऐसी संपत्ति के लाभार्थी बनने से इंकार कर दें, तो यह न केवल सुशासन बल्कि देश के प्रति भी एक बड़ी सेवा होगी।जस्टिस नागरत्ना ने कहा —“देश के युवाओं और बच्चों को अपने माता-पिता या अभिभावकों की ज्ञात आय से अधिक अर्जित संपत्ति को स्वीकार करने के बजाय उसे ठुकरा...
सुप्रीम कोर्ट का कोल इंडिया को बहु-दिव्यांग उम्मीदवार की नियुक्ति का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने आज (13 जनवरी) को कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन को निर्देश दिया कि वे एक महिला उम्मीदवार के लिए विशेष (Supernumerary) पद सृजित करें, जिसे वर्ष 2016 में इंटरव्यू में सफल होने के बावजूद नौकरी से वंचित कर दिया गया था क्योंकि वह एक से अधिक दिव्यांगताओं (Multiple Disabilities) से पीड़ित थी।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि यह आदेश विशेष परिस्थितियों में दिया गया है और इसे नज़ीर (precedent) नहीं माना जाएगा।अपीलकर्ता...
'फिजूल याचिका' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, संसद से सावरकर का चित्र हटाने की मांग ठुकराई
सुप्रीम कोर्ट ने आज संसद और अन्य सार्वजनिक संस्थानों से वी.डी. सावरकर के चित्र हटाने की मांग वाली याचिका पर कड़ी नाराज़गी जताई और इसे “फिजूल (frivolous)” करार दिया।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ इस जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी।यह याचिका एक सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी बालासुंदरम बालामुरुगन द्वारा दायर की गई थी, जो स्वयं याचिकाकर्ता के रूप में अदालत में उपस्थित हुए।याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए चीफ जस्टिस ने कहा—“आप इस तरह की फिजूल याचिकाएं...
हर आवारा कुत्ते के हमले पर प्रशासन और डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी तय करेंगे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर गंभीर चिंता जताते हुए संकेत दिया कि यदि किसी व्यक्ति — विशेषकर बच्चों और बुज़ुर्गों — को कुत्तों के हमले से चोट या मृत्यु होती है, तो इसके लिए न केवल नगर निकाय बल्कि कुत्तों को खाना खिलाने वाले लोग भी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ आवारा कुत्तों से जुड़ी एक सुओ मोटो याचिका की सुनवाई कर रही थी।जस्टिस विक्रम नाथ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा—“अगर किसी बच्चे या बुज़ुर्ग...
पर्सनल ज़िम्मेदारी तय न होने तक बिल्डर कंपनी के खिलाफ़ डिक्री को डायरेक्टर्स/प्रमोटर्स के खिलाफ़ तब तक लागू नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (12 जनवरी) को कहा कि घर खरीदार सिर्फ़ बिल्डर कंपनी के खिलाफ़ मिली डिक्री को उसके डायरेक्टर्स या प्रमोटर्स के खिलाफ़ पर्सनली लागू नहीं कर सकते, जब तक कि ओरिजिनल कार्यवाही में उनके खिलाफ़ ज़िम्मेदारी का कोई खास फ़ैसला न दिया गया हो।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने घर खरीदार की याचिका खारिज करते हुए कहा,"यह साफ़ है कि डिक्री को लागू करने की प्रक्रिया से ज़िम्मेदारी को बदला या बढ़ाया नहीं जा सकता ताकि उन लोगों को बांधा जा सके जो न तो डिक्री के...
Right To Education Act | प्राइवेट स्कूलों में गरीब स्टूडडेंट को मुफ्त शिक्षा मिले, यह सुनिश्चित करें: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) की व्याख्या करते हुए कहा कि संबंधित राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि समाज के कमज़ोर और वंचित वर्गों के स्टूडडेंट्स को आस-पड़ोस के स्कूलों में एडमिशन से मना न किया जाए।कोर्ट ने यह भी कहा कि आस-पड़ोस के स्कूलों की भी यह समान ज़िम्मेदारी है कि वे RTE Act और संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) के तहत अनिवार्य रूप से 25% छात्रों को एडमिशन दें।...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने जांच से पहले मंज़ूरी को अनिवार्य बनाने वाले PC Act की धारा 17A की वैधता पर सुनाया खंडिता फैसला
सुप्रीम कोर्ट की दो-जजों की बेंच ने आज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 17A की संवैधानिकता पर खंडित फैसला सुनाया, जिसे 2018 के संशोधन द्वारा जोड़ा गया था, जिसमें यह अनिवार्य है कि अधिनियम के तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार से पूर्व मंज़ूरी लेनी होगी।जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि धारा 17A असंवैधानिक है, वहीं जस्टिस केवी विश्वनाथन ने ऐसा करने से इनकार किया। इसके बजाय उन्होंने इसे इस तरह से पढ़ा कि मंज़ूरी का सवाल लोकपाल या लोकायुक्त द्वारा तय किया जाना...
सुप्रीम कोर्ट ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज़ (आपत्तिजनक विज्ञापन) एक्ट के तहत आयुष डॉक्टरों को 'मेडिकल प्रैक्टिशनर' घोषित करने की याचिका पर करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज़ (आपत्तिजनक विज्ञापन) एक्ट, 1954 के मुख्य प्रावधानों को कम करने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर इस आधार पर नोटिस जारी किया कि यह कानून संवैधानिक रूप से पुराना हो गया है और मनमाने और असंगत तरीके से काम करता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने इस मामले पर विचार किया।याचिका एक्ट की धारा 2(cc) और 3(d) को यह तर्क देते हुए चुनौती देती है कि वे मेडिकल विज्ञापनों पर पूरी तरह से रोक लगाते हैं, बिना किसी अंतर के कि यह...
'निराशाजनक': पूर्व सुप्रीम कोर्ट जजों ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत न देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस सुधांशु धूलिया ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की आलोचना की, जिसमें दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया।जहां जस्टिस लोकुर ने कहा कि वह ज़मानत न मिलने से "दुखी" हैं, वहीं जस्टिस धूलिया ने कहा कि यह फैसला "निराशाजनक" है। वे सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल द्वारा होस्ट किए गए एक टॉक शो में हिस्सा ले रहे थे, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में खालिद का प्रतिनिधित्व किया। इस चर्चा में सीनियर...


















