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S.27 Evidence Act | अलग-अलग आरोपियों के संयुक्त बयान तभी स्वीकार्य, जब उनसे अलग-अलग नई बातें सामने आती हों: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि अलग-अलग आरोपियों द्वारा दिए गए संयुक्त या एक साथ दिए गए खुलासे के बयान साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के तहत तभी स्वीकार्य हैं, जब ऐसे बयानों से अपराध से जुड़े अलग और प्रासंगिक तथ्यों का पता चलता हो।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने यह फैसला कर्नाटक से जुड़े हत्या के मामले में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाले दो दोषियों द्वारा दायर आपराधिक अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने अंततः अपीलकर्ताओं को बरी किया, लेकिन भारतीय साक्ष्य अधिनियम,...
उमेश पाल मर्डर केस | सुप्रीम कोर्ट ने अतीक अहमद के ड्राइवर की ज़मानत याचिका पर जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में फरवरी 2023 में वकील उमेश पाल और दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी कैश अहमद द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने अहमद की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसका जवाब 25 मई, 2025 तक देना है। अहमद ने अपनी याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट के 7 नवंबर, 2025 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार किया गया था।याचिकाकर्ता ने कहा कि वह दिवंगत गैंगस्टर और सह-आरोपी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता...
2026 SCBA चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2026 के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की कार्यकारिणी समिति चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए आगामी 2026 चुनाव के लिए उपाध्यक्ष पद सहित कुछ अन्य कार्यकारिणी पदों को महिला वकीलों के लिए आरक्षित किया।अदालत ने निर्देश दिया कि वर्तमान SCBA कार्यकारिणी समिति 29 मई तक चुनाव समिति का गठन अधिसूचित करे।...
7 साल तक की सजा वाले गैर-जमानती अपराधों में धारा 480(3) BNSS की शर्तें लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे गैर-जमानती अपराध जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष तक है, उनमें जमानत देते समय Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 480(3) के तहत निर्धारित शर्तें लागू नहीं की जा सकतीं।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी को Madhya Pradesh Excise Act (मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम) के तहत अवैध शराब रखने के आरोप में जमानत दी गई थी। इस अपराध में अधिकतम सजा तीन वर्ष निर्धारित है।मध्य...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने नए AORs को SCAORA चुनावों में वोट देने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के पदाधिकारियों के आगामी चुनावों में नए रजिस्टर्ड एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड (AORs) को अस्थायी रूप से वोट देने की अनुमति दी।कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश SCAORA चुनावों की वोटर लिस्ट से नए रजिस्टर्ड एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड को बाहर किए जाने को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका पर नोटिस जारी करते हुए पारित किया।कोर्ट ने आदेश दिया,"नोटिस जारी किया जाए। इस बीच जो एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड 16 अप्रैल को रजिस्टर्ड हुए, उन्हें अस्थायी रूप से अपना...
महिला एडवोकेट पर पति के बर्बर हमले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महिला अधिवक्ता पर हुए कथित बर्बर हमले के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की और उन आरोपों की जांच के निर्देश दिए, जिनमें कहा गया है कि तीन अस्पतालों ने उन्हें आपातकालीन उपचार देने से इनकार कर दिया।चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। यह मामला एडवोकेट स्नेहा कलिता द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें कड़कड़डूमा कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली उनकी सहयोगी पर हुए हमले का जिक्र किया गया था।सुनवाई के...
गुरुग्राम ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, आज ही हाईकोर्ट जाने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को गुरुग्राम में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आज ही हाईकोर्ट में मामले का त्वरित उल्लेख करने की अनुमति दी और मुख्य न्यायाधीश से इसे दोपहर 1 बजे या लंच के बाद सुनने का अनुरोध किया।मामला चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन द्वारा उल्लेखित किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर...
असम CM की पत्नी की FIR: अग्रिम जमानत रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के संबंध में थी, जिसमें खेड़ा ने उन पर कई पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।विवादित आदेश के ज़रिए गुवाहाटी हाईकोर्ट ने खेड़ा को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि खेड़ा ने राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए एक 'निर्दोष महिला' को इस विवाद में घसीटा है।इससे...
Article 227 | हाईकोर्ट ट्रायल कोर्ट द्वारा विचार किए गए सबूतों का दोबारा मूल्यांकन नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के लिए संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत अपने सुपरवाइजरी अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए निचली अदालतों के फैसलों में दखल देना गलत है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए यह बात कही, जिसमें हाईकोर्ट ने अपील कोर्ट का फैसले में दखल दिया था, जिसमें अपीलकर्ता को बेदखली के मुकदमे में संशोधन करने की इजाज़त दी गई थी।बेंच ने कहा, "यह बात अच्छी तरह से तय है कि इस तरह के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते समय...
मकान मालिक के कानूनी वारिस बेदखली के मुकदमे में 'वास्तविक ज़रूरत' जोड़ने के लिए संशोधन कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की है कि यदि कोई मकान मालिक, जिसने अपने और अपने परिवार के लिए 'वास्तविक ज़रूरत' (bona fide requirement) के आधार पर बेदखली का मुकदमा दायर किया था, उसका निधन हो जाता है तो उसके कानूनी वारिस मुकदमे की दलीलों में संशोधन करके 'वास्तविक ज़रूरत' के अतिरिक्त आधारों को शामिल कर सकते हैं; बशर्ते कि ऐसे संशोधन मुकदमे के मूल आधार से न तो टकराते हों और न ही उसे बदलते हों।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ ने मकान मालिक के कानूनी वारिसों (पत्नी और बच्चों)...
अग्रिम ज़मानत खारिज करते समय कोर्ट आरोपी को सरेंडर करने का निर्देश नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि अग्रिम ज़मानत खारिज करते समय किसी आरोपी को ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने का निर्देश देने का अधिकार कोर्ट के पास नहीं है।कोर्ट ने टिप्पणी की,"अगर कोर्ट अग्रिम ज़मानत खारिज करना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन कोर्ट के पास यह कहने का अधिकार नहीं है कि याचिकाकर्ता को अब सरेंडर कर देना चाहिए।" जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ऐसे व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर धोखाधड़ी और जालसाज़ी का आरोप है। यह याचिका झारखंड...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (20 अप्रैल, 2026 से 24 अप्रैल, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मस्जिद से जुड़ी 'सर्विस इनाम' ज़मीन वक्फ़ संपत्ति, इसे बेचा नहीं जा सकता: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को कहा कि मस्जिदों से जुड़ी जिन ज़मीनों को 'सर्विस इनाम' कहा जाता है, वे वक्फ़ संपत्ति का हिस्सा होती हैं, और इसलिए उन्हें बेचा नहीं जा सकता।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और...
सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में कथित यातना की CBI जांच की याचिका पर असम सरकार से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में असम सरकार और पांच आरोपी पुलिस अधिकारियों को याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई, जिसमें दीपांकर गोगोई नाम के व्यक्ति को हिरासत में कथित तौर पर दी गई यातना की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराने से इनकार किया गया।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने 24 अप्रैल को नोटिस जारी किया और याचिकाकर्ता (मृतक की बहन) को CBI को भी इस मामले में एक पक्ष बनाने की अनुमति दी। बेंच ने फिलहाल...
क्या दोषी को सरेंडर किए बिना अपील/रिवीजन सुनी जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न बड़ी बेंच को भेजा कि क्या हाईकोर्ट किसी दोषी को जेल में आत्मसमर्पण किए बिना उसकी आपराधिक अपील या पुनरीक्षण याचिका सुन सकता है?जस्टिस पामिडिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न पीठों के फैसलों में मतभेद है, इसलिए स्पष्टता के लिए बड़ी पीठ का निर्णय आवश्यक है।यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें एक दोषी ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने उसकी पुनर्विचार याचिका...
बिहार क्रिकेट संघ को मिला नया लोकपाल: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस हृषिकेश रॉय की नियुक्ति की
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार क्रिकेट संघ के लोकपाल के रूप में रिटायर जज जस्टिस हृषिकेश रॉय की नियुक्ति की। यह नियुक्ति तब की गई जब पहले नियुक्त किए गए रिटायर जस्टिस अभय एस. ओक ने यह जिम्मेदारी निभाने से असमर्थता जताई थी।जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने यह आदेश बिहार क्रिकेट संघ के मामलों से जुड़ी लंबित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पारित किया।अदालत ने बताया कि 20 मार्च, 2026 को पहले जस्टिस अभय एस. ओक को लोकपाल नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए भूमिका...
चूहे खा गए रिश्वत की रकम: सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, कहा- राज्य को भारी राजस्व नुकसान
सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराई गई महिला को जमानत देते हुए उस दावे पर हैरानी जताई कि मामले में बरामद रिश्वत की रकम चूहों द्वारा नष्ट कर दी गई। अदालत ने कहा कि इस तरह की स्थिति राज्य के लिए भारी राजस्व नुकसान का कारण बन सकती है।जस्टिस जे. बी. पारडीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा,“हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि मुद्रा नोट चूहों ने नष्ट कर दिए। हम सोचते हैं कि ऐसे मामलों में बरामद कितनी रकम इसी तरह नष्ट हो जाती होगी। यह राज्य के लिए बड़ा राजस्व नुकसान...
देशभर में ICU मानकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में गहन मेडिकल यूनिट्स (ICU) के लिए न्यूनतम मानकों को लागू करने के उद्देश्य से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए तीन सप्ताह की समयसीमा तय की।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी विशेषज्ञों के साथ बैठक कर यथार्थवादी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें।अदालत ने...
सुप्रीम कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की प्रत्यर्पण संधि की धारा के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने अगस्तावेस्टलैंड VVIP चॉपर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उनकी उस अपील को खारिज किए जाने के खिलाफ है, जिसमें उन्होंने 1999 की भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने वकील अल्जो के. जोसेफ की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। इस मामले को अब जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष...
मस्जिद से जुड़ी 'सर्विस इनाम' ज़मीन वक्फ़ संपत्ति, इसे बेचा नहीं जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को कहा कि मस्जिदों से जुड़ी जिन ज़मीनों को 'सर्विस इनाम' कहा जाता है, वे वक्फ़ संपत्ति का हिस्सा होती हैं, और इसलिए उन्हें बेचा नहीं जा सकता।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा,"यह बात बिना किसी विवाद के तय है कि धार्मिक या चैरिटी के कामों के लिए 'सर्विस इनाम' के तौर पर दी गई ज़मीनें दान की गई संपत्ति (Endowed Property) का रूप ले लेती हैं और उन पर सार्वजनिक या धार्मिक ट्रस्ट का अधिकार होता है, जिससे उन्हें बेचने या किसी और को...
दूसरी शादी की सिर्फ़ जानकारी होना, रिश्तेदारों को द्विविवाह के अपराध में आरोपी बनाने के लिए काफ़ी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को फ़ैसला सुनाया कि रिश्तेदारों पर द्विविवाह (दो शादियां करने) के अपराध की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ इस आधार पर नहीं डाली जा सकती कि उन्हें दूसरी शादी के बारे में जानकारी थी। कोर्ट ने कहा कि जब तक यह साबित न हो जाए कि रिश्तेदारों ने दूसरी शादी करवाने में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, मदद की या उसे बढ़ावा दिया, तब तक उन्हें द्विविववाह के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A और...




















