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जजों की नियुक्ति पर Collegium की सिफारिशों में देरी का मामला: सुप्रीम कोर्ट याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने पर सहमत
सुप्रीम कोर्ट ने Centre for Public Interest Litigation (CPIL) की 2018 से लंबित उस याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है, जिसमें केंद्र सरकार को Collegium द्वारा जजों की नियुक्ति के लिए की गई सिफारिशों पर एक तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।एडवोकेट प्रशांत भूषण ने मंगलवार को मामले की तत्काल लिस्टिंग के लिए चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष इसका उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 के बाद से यह मामला सूचीबद्ध नहीं हुआ है, जब मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस...

'अनुबंध के पालन के मुकदमे में वादी को सबसे पहले संदिग्ध हालात को स्पष्ट करना होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब कोई वादी बिक्री के किसी ऐसे समझौते के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (अनुबंध के पालन) की मांग करता है, जिसकी असलियत पर संदिग्ध हालात के कारण शक हो, तो सबूत पेश करने की जिम्मेदारी प्रतिवादी पर आने से पहले वादी को उन हालात को संतोषजनक ढंग से समझाना होगा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और फर्स्ट अपीलेट कोर्ट के उन फैसलों को रद्द किया, जिन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा प्रतिवादी-वादी के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' के मुकदमे...

Sambhal Violence: आरोपी को NSA के तहत हिरासत में लेने पर सुप्रीम कोर्ट का राज्य सरकार से सवाल, आदेश सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि क्या नवंबर 2024 की संभल हिंसा के बाद एक व्यक्ति की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर पुलिस हिरासत में कथित तौर पर किए गए कबूलनामे के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत निवारक हिरासत (Preventive Detention) का आदेश पारित किया जा सकता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने 2024 की संभल हिंसा का मास्टरमाइंड होने के आरोपी मुल्ला अफरोज़ की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें NSA के तहत इस निवारक हिरासत को चुनौती...

केंद्र की मांग- बॉम्बे हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर किया जाए अनिल अंबानी के खिलाफ 'ब्लैक मनी एक्ट' का मामला
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि उद्योगपति अनिल अंबानी द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर उस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाए, जिसमें 'ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और टैक्स लगाने का कानून, 2015' को चुनौती दी गई।मंगलवार को ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से पूछा कि इसे दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग क्यों की जा रही है।CJI सूर्य कांत ने पूछा,"हम एक...

कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला सिर्फ इसलिए रद्द नहीं होगा कि किसी निदेशक या कर्मचारी को आरोपी नहीं बनाया गया: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों की आपराधिक जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि किसी कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को सिर्फ इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता कि कंपनी की ओर से काम करने वाले किसी निदेशक, अधिकारी या कर्मचारी को अलग से आरोपी नहीं बनाया गया है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने यह फैसला एक दवा कंपनी की याचिका पर सुनाया। कंपनी के खिलाफ भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के लिए दवाओं की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार और...

'पीड़िता ने कोर्ट में आरोपी की पहचान नहीं की': सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप के दोषी को बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) के दौरान आरोपी की पहचान को पहचान का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता है; इसका मकसद सिर्फ़ गवाह द्वारा बाद में कोर्ट में की गई पहचान की पुष्टि करना होता है।कोर्ट ने कहा,"TIP का मकसद गवाह की याददाश्त और किसी व्यक्ति को पहचानने की क्षमता की जांच करना है, जिसे गवाह ने घटना के समय देखा हो। बाद में कोर्ट के सामने की गई पहचान की पुष्टि करना है। जांच के दौरान की गई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन की कार्यवाही को पहचान का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता। पक्का सबूत...

बायो-मेडिकल वेस्ट फैसिलिटी के लिए एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस की अर्ज़ी देने से पहले ज़मीन का कब्ज़ा ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (7 सितंबर) को कहा कि कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) बनाने के मकसद से एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस (EC) के लिए अर्ज़ी जमा करते समय ज़मीन का पहले से अलॉटमेंट या कानूनी कब्ज़ा होना ज़रूरी नहीं है।कोर्ट ने कहा,"EIA, 2006 के क्लॉज़ 6 में कहा गया कि संभावित साइट(साइटों) की पहचान के बाद फॉर्म 1 में अर्ज़ी दी जा सकती है। इसलिए फॉर्म 1 के तहत अर्ज़ी देने के लिए ज़मीन का अलॉटमेंट एक ज़रूरी शर्त नहीं मानी जा सकती।" जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने...

दूसरे देश में हुए हमले के बाद लापता भारतीय की तलाश के लिए केंद्र की कानूनी ज़िम्मेदारी क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा
यूक्रेन के पास ब्लैक सी में कार्गो जहाज MV AGN Ragnar पर हमले के बाद लापता हुए भारतीय नाविक दीपक कुमार गुप्ता से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज याचिकाकर्ता से जांच की मांग करने वाली उनकी अर्ज़ी के लिए कानूनी प्रावधान के बारे में पूछा।यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए।सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए...

बिना किसी अधिकारी का नाम लिए भी कंपनियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (7 सितंबर) को कहा कि किसी कंपनी पर ऐसे अपराध के लिए आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है, जिसके लिए 'मेन्स रिया' (अपराध करने का इरादा) ज़रूरी है, भले ही उस कर्मचारी या अधिकारी की पहचान न हुई हो या उसे आरोपी न बनाया गया हो जिसके ज़रिए कथित अपराध किया गया।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि किसी असली व्यक्ति (Natural Person) की पहचान न होने या उसे आरोपी न बनाने के आधार पर ही सीआरपीसी (Code of Criminal Procedure) की धारा 482 के तहत शुरुआती चरण में ही...

स्वीकार्य दस्तावेज़ को साबित करने के लिए प्रतिवादी को गवाह के कटघरे में जाने की ज़रूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब बचाव पक्ष का आधार पहले से रिकॉर्ड पर मौजूद किसी निर्विवाद दस्तावेज़ पर टिका हो, तो प्रतिवादी को गवाह के कटघरे में जाने की ज़रूरत नहीं है।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपीलकर्ता-वादी ने प्रतिवादी-किरायेदार के खिलाफ़ अनिवार्य निषेधाज्ञा और कब्ज़े का मुकदमा दायर किया। वादी का दावा था कि वह संपत्ति का मालिक है और उसने प्रतिवादी को लाइसेंसधारी के तौर पर संपत्ति का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी।ट्रायल कोर्ट ने...

नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिए और NDPS कोर्ट बनाने के निर्देश
पूरे देश में NDPS Act के तहत अपराधों में "दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बढ़ोतरी" को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की तेज़ी से सुनवाई के लिए ज़रूरी खास कोर्ट (Exclusive Special Courts) बनाने के लिए कदम उठाएं और कोशिश करें कि यह काम छह हफ़्ते के अंदर हो जाए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच NIA Act, NDPS Act जैसे खास कानूनों के तहत खास कोर्ट बनाने...

NSA Detention: नोएडा डीएम को हाईकोर्ट की फटकार, कहा- 'तानाशाह' अफ़सर राज्य को 'ऑर्वेलियन डिस्टोपिया' बना देंगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी (24) की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत रद्द करते हुए नोएडा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) द्वारा हिरासत का आदेश जारी करने के तरीके की कड़ी आलोचना की।बेंच ने साफ़ तौर पर चेतावनी दी कि अगर अफ़सरशाही का 'तानाशाही' रवैया जारी रहा तो उत्तर प्रदेश एक "ऑर्वेलियन डिस्टोपिया" (एक ऐसी जगह जहां सरकार का पूरा नियंत्रण हो और लोगों की आज़ादी न हो) में बदल सकता है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की...

अरावली पर विशेषज्ञ समिति को छह महीने की मोहलत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 30 नवंबर तक रिपोर्ट देने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा और संरक्षण की समीक्षा कर रही हाई-पावर कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय देने से इनकार किया। अदालत ने समिति को 30 नवंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और साफ किया कि इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष समिति ने रिपोर्ट के लिए 28 फरवरी 2027 तक का समय मांगा। इस पर चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की कि समिति की मांग से ऐसा लग रहा है जैसे वह उनके रिटायरमेंट के...

महाराष्ट्र में डॉक्टर्स पर एक और हमला: चिंतित सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसे लोगों को सड़कों पर घूमने का हक नहीं
अस्पताल में डॉक्टरों पर कथित हमले के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश सुखर्या म्हात्रे की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर हमले की एक और घटना का जिक्र करते हुए कड़ी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के सहयोगियों से जुड़े लोगों में इस तरह की घटनाओं की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि ठीक एक दिन पहले भी इसी तरह की घटना सामने आई, जिसमें उसी समूह के लोगों द्वारा पालघर के निजी अस्पताल में कथित तौर पर...

TMC के बिलबोर्ड हटाने का मामला: सुप्रीम कोर्ट का कलकत्ता हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई का अनुरोध
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका पर जल्द फैसला करने का अनुरोध किया, जिसमें कोलकाता नगर निगम द्वारा पार्टी कार्यालय से बिलबोर्ड हटाए जाने को चुनौती दी गई है।मामला कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय के ऊपर लगे कथित अवैध बिलबोर्ड को हटाने से जुड़ा है। TMC ने हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम राहत देने से इनकार किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में Special Leave Petition (SLP) दाखिल की थी।मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और...

X से पत्रकार की कौन-सी जानकारी मांग रही UP Police? सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में Twitter) से किस तरह की जानकारी मांगी गई है और वह जानकारी किस FIR की जांच के लिए आवश्यक है।यह मामला उपाध्याय के खिलाफ दर्ज एक रोड-रेज FIR से जुड़ा है। उन्होंने गाजियाबाद पुलिस की FIR को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसी मामले में उन्होंने हाल ही में UP Police द्वारा 'X' को भेजे गए नोटिस को भी चुनौती दी थी, जिसमें...

चीन जाने की अनुमति के लिए वीवो अधिकारी को दूतावास से वापसी की गारंटी लाने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने दिया एक महीने का समय
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वीवो मोबाइल कम्युनिकेशंस के अधिकारी गुआंगवेन कुआंग को अपने 82 वर्षीय बीमार पिता से मिलने चीन जाने की अनुमति के मामले में चीनी दूतावास से भारत लौटकर मुकदमे का सामना करने की गारंटी लेने के लिए एक महीने का समय दिया। कुआंग के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन चल रहा है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। कुआंग की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल कंपनी के कर्मचारी हैं।इस पर जस्टिस संजय कुमार ने कहा कि अदालत यात्रा की अनुमति...

हटाने की कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफा देने वाले संवैधानिक पदाधिकारियों को सुविधाएं क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने उन संवैधानिक पदाधिकारियों जिसमें जज भी शामिल हैं, उनको इस्तीफे के बाद मिलने वाली सुविधाओं और अन्य लाभों पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।याचिका में मांग की गई कि जो संवैधानिक पदाधिकारी हटाने की कार्रवाई से बचने के लिए कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देते हैं, उन्हें कोई विशेष सुविधा, भत्ता, आवास या अन्य लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी...

पहली बार नाबालिग होने का दावा करने वाले मामलों से पुलिस और ट्रायल कोर्ट द्वारा JJ Act को लागू करने में 'बड़ी कमी' का पता चलता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या पर ध्यान दिलाया, जिनमें पहली बार उसके सामने नाबालिग होने का दावा किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि यह ट्रेंड पुलिस और अदालतों द्वारा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJA) को समझने और लागू करने में एक गंभीर कमी की ओर इशारा करता है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने बुधवार (2 सितंबर, 2026) को सुनाए गए एक फैसले में एक व्यक्ति की 21 साल पुरानी सज़ा रद्द की, क्योंकि अपराध के समय वह नाबालिग पाया गया। कोर्ट ने कहा कि एक बार जब जुवेनाइल जस्टिस...

संगठित अपराध और जबरन वसूली का मामला: पूर्व RJD MLA रितुलाल यादव की ज़मानत याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (3 सितंबर) संगठित अपराध और जबरन वसूली के आरोपों के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक रितलाल यादव की ज़मानत याचिका खारिज करने वाले पटना हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार किया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अगर एक साल के भीतर उनके मुकदमे में कोई खास प्रगति नहीं होती है तो वह पटना हाईकोर्ट के सामने ज़मानत के लिए फिर से अर्ज़ी दे सकते हैं, बशर्ते वह मुकदमे में सहयोग करें।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने यादव की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल...
