4 साल में 7 बार ट्रांसफर का सामना करने वाले प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज को सुप्रीम कोर्ट से राहत
Shahadat
30 Jan 2026 9:47 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के मूल रैंक, वेतन और प्रशासनिक दर्जे की रक्षा की, जिन्हें 2021 से सात बार ट्रांसफर का सामना करना पड़ा है। अब उन्हें लेबर कोर्ट-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात किया गया।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने राजस्थान के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश कुमार गुप्ता को यह राहत दी, जिन्होंने पिछले साल कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उन्हें टारगेट किया जा रहा है और लागू ट्रांसफर पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए बार-बार ट्रांसफर किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, जिसमें हाईकोर्ट से उनके प्रतिनिधित्व पर विचार करने का अनुरोध किया गया था, उन्हें लेबर कोर्ट, जयपुर मेट्रोपॉलिटन-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। हालांकि, याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि यह पोस्टिंग प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के रूप में उनके रैंक, दर्जे और कद के अनुरूप नहीं है।
इस चिंता को दूर करते हुए कोर्ट ने आदेश में निर्देश दिया –
“(i) याचिकाकर्ता का मूल रैंक प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज का ही रहेगा।
(ii) याचिकाकर्ता लेबर कोर्ट-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी के रूप में अपनी पोस्टिंग के दौरान भी, एक प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज को मिलने वाले सभी भत्तों का हकदार होगा।
(iii) याचिकाकर्ता किसी भी जूनियर और/या डिस्ट्रिक्ट जज को रिपोर्ट नहीं करेगा। उसका प्रशासनिक नियंत्रण सीधे उस सेशंस डिवीजन के प्रशासनिक/पोर्टफोलियो जज के पास होगा, जिसके तहत लेबर कोर्ट-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल, जहां याचिकाकर्ता को तैनात किया गया, स्थित है।”
राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा इन निर्देशों को स्वीकार करने के बाद आवेदन का निपटारा कर दिया गया।
Case Title – Dinesh Kumar Gupta v. High Court of Judicature for Rajasthan at Jodhpur & Anr.

