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CJI पर निशिकांत दुबे की टिप्पणी के खिलाफ SCAORA ने पारित किया निंदा प्रस्ताव
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद निशिकांत दुबे द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों की गहरी निराशा और स्पष्ट निंदा व्यक्त की गई। बता दें कि अपने बयान में दुबे ने कहा था कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया "देश में सभी गृहयुद्धों के लिए जिम्मेदार हैं"।SCAORA के प्रस्ताव में कहा गया,"ऐसी टिप्पणियां न केवल तथ्यात्मक रूप से निराधार और बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि ये हमारे देश के सर्वोच्च संवैधानिक न्यायालय की स्वतंत्रता,...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार देने की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (22 अप्रैल) को वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें मांग की गई थी कि हाईकोर्ट को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट के समान अधिकार दिए जाएं, जिससे वे फुल जस्टिस करने के लिए आवश्यक कोई भी आदेश पारित कर सकें।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में की गई प्रार्थना गलत धारणा पर आधारित है और अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार केवल सुप्रीम कोर्ट को दिए गए हैं, उच्च न्यायालयों को नहीं।न्यायालय ने कहा,“इस याचिका में की गई प्रार्थना पूरी तरह से गलत धारणा...
हाईकोर्ट को बरी होने से बचने के लिए CrPC की धारा 313/BNSS की धारा 351 के अनुपालन की जल्द से जल्द जांच करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने उन मामलों में अभियुक्तों को बरी किए जाने पर चिंता जताई, जहां अभियोजन पक्ष के महत्वपूर्ण साक्ष्य अभियुक्त के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, जिससे उसे उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्पष्ट करने का अवसर मिल सके।इस कानूनी दोष को दूर करने के लिए न्यायालय ने सिफारिश की कि हाईकोर्ट को आपराधिक अपीलों की शुरुआत में CrPC की धारा 313 के अनुपालन की जांच करके और यदि कोई चूक होती है, तो प्रावधान के अनुपालन के लिए मामले को ट्रायल कोर्ट को वापस भेजकर एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।न्यायालय...
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों और कामगारों को मुआवज़ा सीधे बैंक अकाउंट में भेजने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश पारित किए कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 या कामगार मुआवज़ा अधिनियम, 1923 के तहत दावेदारों को दिया जाने वाला मुआवज़ा सीधे उनके बैंक अकाउंट्स में जमा हो।न्यायालय ने यह निर्देश इस बात पर गौर करने के बाद पारित किए कि इन कानूनों के तहत पारित मुआवज़े की बड़ी राशि न्यायालयों के समक्ष बिना दावे के पड़ी हुई है। गुजरात के रिटायर जिला जज बी.बी. पाठक से प्राप्त पत्र के आधार पर न्यायालय ने पिछले वर्ष "मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणों और श्रम न्यायालयों में जमा की...
न्यायपालिका और सीजेआई के खिलाफ निशिकांत दुबे की टिप्पणी की SCBA ने की निंदा, अटॉर्नी जनरल से जताई यह उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संसद सदस्य निशिकांत दुबे द्वारा न्यायपालिका और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना के खिलाफ की गई टिप्पणी की निंदा की और उम्मीद जताई कि अटॉर्नी जनरल दुबे के खिलाफ आपराधिक अवमानना की औपचारिक कार्यवाही की अनुमति देंगे।SCBA द्वारा पारित प्रस्ताव में दुबे की टिप्पणी को न केवल अपमानजनक बताया गया, बल्कि अवमानना की कार्यवाही भी करने योग्य बताया गया।SCBA ने कहा,"सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन BJP सांसद मिस्टर निशिकांत...
राज्य बार काउंसिल का मुस्लिम सदस्य बार काउंसिल में कार्यकाल समाप्त होने के बाद वक्फ बोर्ड में नहीं रह सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि राज्य बार काउंसिल का मुस्लिम सदस्य होने के कारण राज्य वक्फ बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया व्यक्ति बार काउंसिल का सदस्य न रहने के बाद राज्य वक्फ बोर्ड का सदस्य नहीं रह सकता।वक्फ एक्ट की धारा 14 (2025 संशोधन से पहले) के अनुसार, किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की बार काउंसिल का मुस्लिम सदस्य उक्त राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के वक्फ बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया जा सकता है।कोर्ट के समक्ष प्रश्न यह था कि "क्या राज्य या संघ राज्य क्षेत्र की बार काउंसिल का मुस्लिम सदस्य, जो वक्फ एक्ट,...
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल मामलों पर FIR खारिज की, 'धोखाधड़ी' और 'अनुबंध के उल्लंघन' के बीच अंतर दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस द्वारा दीवानी विवादों को गलत तरीके से आपराधिक कार्यवाही में बदलने की अनुमति देने पर गंभीर चिंता व्यक्त की।न्यायालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि अनुबंध का उल्लंघन धोखाधड़ी या आपराधिक विश्वासघात के अपराध को तभी आकर्षित कर सकता है, जब अनुबंध के आरंभ से ही बेईमानी का कोई तत्व मौजूद हो।न्यायालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य से आने वाले कई मामलों में यह प्रवृत्ति देखी जा रही है।कोर्ट ने कहा,"पिछले कुछ महीनों के दौरान, इस न्यायालय द्वारा कई निर्णय/आदेश सुनाए गए, विशेष रूप से उत्तर...
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की लापरवाही के लिए अस्पताल की जिम्मेदारी बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने आज (22 अप्रैल) NCDRC के इस निष्कर्ष को बरकरार रखा कि अस्पताल डॉक्टर की चिकित्सा लापरवाही के लिए उत्तरदायी है, जिसके कारण मरीज की मौत हो गई। NCDRC ने कुल 20 लाख रुपये (अस्पताल पर 15 लाख रुपये और डॉक्टर पर 5 लाख रुपये) का मुआवजा लगाया, जिसके कारण अस्पताल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। NCDRC के निष्कर्षों की पुष्टि करते हुए, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने दावेदारों के पक्ष में फैसला सुनाया, जिनके बेटे का अपीलकर्ता के अस्पताल में एक डॉक्टर ने ऑपरेशन किया था, जिसके...
RFCTLARR Act | अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य धारा 11 अधिसूचना की तिथि के आधार पर निर्धारित किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 अप्रैल) को फैसला सुनाया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य उस तारीख से निर्धारित किया जाना चाहिए जिस दिन धारा 11 के तहत अधिग्रहण अधिसूचना जारी की गई है। इस प्रकार, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें मूल्यांकन तिथि को अधिग्रहण के लिए 2023 में जारी अधिसूचना की तारीख के बजाय 1 जनवरी, 2014 यानी अधिनियम की...
'तमिलनाडु के राज्यपाल के फैसले में विधेयकों की स्वीकृति पर केरल की दलील शामिल नहीं': अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल के मामले में हाल ही में दिया गया फैसला, जिसमें विधेयकों को स्वीकृति देने के लिए समयसीमा निर्धारित की गई, केरल के मामले को कवर नहीं करेगा।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ केरल राज्य द्वारा विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर निर्णय लेने में राज्यपाल की देरी के खिलाफ 2023 में दायर रिट याचिका पर विचार कर रही थी। केरल सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट केके वेणुगोपाल ने खंडपीठ को बताया कि...
CJI पर निशिकांत दुबे की टिप्पणी मामले में एक और याचिका दायर, सोशल मीडिया से अपमानजनक सामग्री हाटने की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका पर अगले सप्ताह विचार करने की सहमति जताई, जिसमें न्यायपालिका के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक और अवमाननात्मक पोस्ट व वीडियो हटाने का निर्देश देने की मांग की गई।याचिकाकर्ता के वकील ने जस्टिस बीआर गवई के समक्ष मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए त्वरित सुनवाई की मांग की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के खिलाफ दिए गए बयानों का हवाला दिया।ये बयान राष्ट्रपति/राज्यपालों को विधेयकों के संदर्भ में...
Maharashtra Ownership Flats Act | स्पष्ट रूप से अवैध न होने तक रिट कोर्ट को डीम्ड कन्वेयंस ऑर्डर में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
महाराष्ट्र स्वामित्व फ्लैट्स अधिनियम, 1963 (MOFA) से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 अप्रैल) को कहा कि MOFA के तहत सक्षम प्राधिकारी के पास डीम्ड कन्वेयंस का आदेश देने का अधिकार है। इसने आगे जोर दिया कि हाईकोर्ट को ऐसे आदेशों में तब तक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि उन्हें अवैध न पाया जाए।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने महाराष्ट्र स्वामित्व फ्लैट्स अधिनियम (MOFA) की धारा 11(4) के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप करने से...
मूल पक्ष के रिकॉल आवेदन दाखिल न होने तक कॉम्प्रोमाइज डिक्री के खिलाफ कानूनी उत्तराधिकारियों का मुकदमा कायम नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि आदेश 23 नियम 3 सीपीसी (Order 23 Rule 3 CPC) के तहत पारित कॉम्प्रोमाइज डिक्री की सत्यता पर हमला करने का एकमात्र विकल्प रिकॉल आवेदन दाखिल करना है।अदालत ने कहा,"कॉम्प्रोमाइज डिक्री के खिलाफ एकमात्र उपाय रिकॉल आवेदन दाखिल करना है।"इस प्रकार, न्यायालय ने अपील वह खारिज कर दी, जिसमें अपीलकर्ता एग्रीमेंट डीड को शून्य और अमान्य घोषित करने के लिए उनका मुकदमा खारिज करने के विवादित निर्णय से व्यथित थे। न्यायालय ने आदेश 23 नियम 3ए सीपीसी पर भरोसा किया, जिसमें कहा गया कि "इस...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए झुग्गी-झोपड़ियों को ढहाने वाले डिप्टी कलेक्टर को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 अप्रैल) को आंध्र प्रदेश के डिप्टी कलेक्टर को फटकार लगाई। बता दें कि डिप्टी कलेक्टर ने तहसीलदार के तौर पर हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की और गुंटूर जिले में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की झोपड़ियों को जबरन हटा दिया, जिससे वे विस्थापित हो गए।संदर्भ के लिए, याचिकाकर्ता-तहसीलदार को हाईकोर्ट ने अदालत की अवमानना का दोषी पाया और 2 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। उक्त आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस बीआर गवई और...
सुप्रीम कोर्ट ने छूट के मामलों को संभालने के तरीके को लेकर दिल्ली सरकार की खिंचाई की
सुप्रीम कोर्ट ने स्थायी छूट की मांग करने वाले कैदी के मामले को संभालने के तरीके को लेकर दिल्ली सरकार की आलोचना की।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने कहा कि कैदियों की समयपूर्व रिहाई के मुद्दे से निपटने के तरीके में दिल्ली सरकार “दुखद स्थिति” बना हुआ है।न्यायालय ने कहा,“शायद इस मामले में दिल्ली सरकार द्वारा अदालती कार्यवाही को संभालने के तरीके और समयपूर्व रिहाई के लिए प्रार्थनाओं से निपटने के तरीके के बारे में गहन जांच की आवश्यकता है।”यह मामला आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक...
रेस्तराओं में गानों पर कॉपीराइट का दावा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी है, जिसमें एज़्योर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को फोनोग्राफिक परफॉरमेंस लिमिटेड (PPL) को रिकॉर्डेड म्यूजिक परफॉरमेंस लिमिटेड (RMPL) के टैरिफ के अनुसार भुगतान करने का निर्देश दिया गया था, जैसे कि PPL RMPL का सदस्य हो, जिससे PPL के कैटलॉग से गाने बजाए जा सकें।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने PPL की विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने अपने इस फैसले...
OTT विनियमन के लिए याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम पर कार्यकारी और विधायी कार्यों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है, हम यह नहीं कर सकते
नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, ऑल्ट बालाजी (और अन्य) जैसे OTT प्लेटफॉर्म के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें उनके माध्यम से "अश्लील" सामग्री के वितरण पर आरोप लगाया गया।यह मामला जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया, जो इस पर विचार करने के लिए अनिच्छुक दिखाई दिए, क्योंकि उनका मानना था कि यह मुद्दा नीतिगत क्षेत्र में आता है।जस्टिस गवई ने टिप्पणी की,"हम यह कैसे कर सकते हैं...? यह नीतिगत क्षेत्र में आता है। विनियमन तैयार करना केंद्र का काम है।...
मंदिर समिति में गुटों के बीच कानूनी लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा- ईश्वर के नाम पर दुर्भाग्यपूर्ण लड़ाई
सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर विचार करेगा कि क्या CrPC की धारा 482 के अधिकार क्षेत्र के तहत हाईकोर्ट मंदिर के मामलों के प्रबंधन और मूर्तियों की स्थापना के संबंध में निर्देश पारित कर सकते हैं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें CrPC की धारा 482 याचिका के तहत मामले की सुनवाई करते हुए सदियों पुरानी दुर्गा मूर्ति को नवनिर्मित मंदिर परिसर में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए थे।CrPC की धारा 482 में...
सुप्रीम कोर्ट ने अवैध विध्वंस का आरोप लगाने वाली अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया; यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के अधिकारियों पर संपत्ति के अवैध विध्वंस का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया और एक अवमानना याचिका पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार की यह कार्यवाही 'बुलडोजर मामले' में कोर्ट के 13 नवंबर के फैसले का उल्लंघन है।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।सुनवाई की शुरुआत में जस्टिस गवई ने सवाल किया कि याचिकाकर्ता ने अधिकार क्षेत्र...
समय रैना की विकलांगों पर असंवेदनशील टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा – "यह चिंताजनक है"
मैसर्स क्योर एसएमए फाउंडेशन ने विकलांग व्यक्तियों के संबंध में कॉमेडियन समय रैना द्वारा की गई कुछ असंवेदनशील टिप्पणियों की निंदा करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।आरोप यह है कि एक शो के दौरान, रैना ने 2 महीने के बच्चे के मामले में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) के लिए एक उच्च लागत वाले उपचार विकल्प का मजाक उड़ाया। एक अन्य उदाहरण में, यह आरोप लगाया गया है कि उसने एक अंधे और क्रॉस-आइड व्यक्ति का उपहास किया। रैना के अलावा, फाउंडेशन का आरोप है कि कुछ क्रिकेटरों ने कथित तौर पर विकलांग...




















